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Friday, October 30, 2026
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बिहार चुनाव 2025: अमित शाह ने संभाली कमान, तीन रैलियों से भरी सियासी गरमी

बिहार चुनाव/केंद्रीयमंत्री अमित शाह/25/10/2025

बिहार में विधानसभा चुनावी माहौल अब अपने चरम पर है। सभी सियासी दलों ने वोटरों को आकर्षित करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्तीपुर और बेगूसराय में महागठबंधन और लालू यादव की सरकार के तथाकथित ‘जंगल राज’ पर तीखा हमला बोला था। आज चुनाव प्रचार की कमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संभाली है। शाह आज बिहार के तीन जिलों — खगड़िया, मुंगेर और नालंदा — में चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।

खगड़िया की जननायक कर्पूरी ठाकुर मैदान में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव तय करेगा कि बिहार फिर से जंगल राज की ओर लौटेगा या विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में बिहार में जघन्य अपराधों की संख्या में कमी आई है और कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है।

गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का उल्लेख कर कहा मोदी सरकार ने देश को सुरक्षित और समृद्ध बनाया है। “पीएम मोदी हमारे देश की अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान से चौथे स्थान पर ले आए हैं, और 2027 तक भारत तीसरे स्थान पर होगा। यूपीए सरकार के दौरान पाकिस्तान हर दिन हमला करता था, लेकिन मोदी सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिए आतंक को जवाब दिया।” मोदी सरकार ने देश की सीमाओं को सुरक्षित किया है और भारत की वैश्विक साख को बढ़ाया है।

छठ महापर्व की भी शुरुआत हो गई है, जिससे राज्य का माहौल और भी उत्सवी बन गया है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधन मतदाताओं को साधने के लिए मैदान में पूरी ताकत से उतर चुके हैं। आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और तेज़ होने की संभावना है।

बात एक लाख की: भिखारिन के झोले से बरामद हुए लाखों रुपये, 13 साल से मकान के बाहर रह रही थी महिला

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रुड़की/उत्तराखंड_25 अक्टूबर 2025

उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र के मंगलौर मोहल्ला पठानपुरा में उस समय अफरा-तफ़री मच गई जब एक भिखारिन महिला के झोले से करीब एक लाख रुपये नकद बरामद हुए। बताया जा रहा है कि यह महिला पिछले लगभग 13 वर्षों से एक ही मकान के बाहर अपना जीवन गुजार रही थी।

स्थानीय निवासियों ने जब महिला को वहां से हटाने का प्रयास किया, तो उसके झोले के अंदर रखे नोटों के बंडल देखकर सभी दंग रह गए। देखते ही देखते वहां भीड़ जुट गई और लोगों ने तुरंत इस मामले की सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और झोले में मिली नकदी की गिनती शुरू की। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, रकम करीब एक लाख रुपये के आसपास है। पुलिस फिलहाल महिला से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि इतने बड़ी राशि उसके पास कैसे आई।

मोहल्ले में इस घटना के बाद से तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोगों का कहना है कि महिला ने वर्षों में धीरे-धीरे यह रकम जुटाई होगी, जबकि कुछ इसे किसी छिपे रहस्य से जोड़कर देख रहे हैं।

जम्मू_कश्मीर राज्य सभा चुनाव में बीजेपी की 1 सीट पर जीत

जम्मू _कश्मीर /चुनाव परिणाम/ 25/10/2025

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने नए सियासी समीकरणों को जन्म दे दिया है। कुल चार सीटों पर हुए इस चुनाव में नेशनल कॉन्फ़्रेंस (एनसी) ने तीन सीटें जीतीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक सीट पर नाटकीय अंदाज़ में जीत दर्ज की।बीजेपी की अप्रत्याशित जीतबीजेपी प्रत्याशी सत शर्मा ने एनसी के उम्मीदवार इमरान नबी डार को हराया।

सबसे ध्यान आकर्षित करने वाली बात यह रही कि बीजेपी के पास विधानसभा में केवल 28 विधायक हैं, लेकिन सत शर्मा को 32 वोट मिले। वहीं, इमरान नबी डार को 22 वोट ही मिले।बीजेपी को मिले ये चार अतिरिक्त वोट जम्मू-कश्मीर की राजनीति में चर्चा का विषय बन गए हैं। यह सवाल उठाया जा रहा है कि ये वोट किन विधायकों ने दिए।

उमर अब्दुल्ला का तीखा प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ़्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी नाराज़गी जताई। उन्होंने लिखा कि एनसी के किसी विधायक ने क्रॉस वोटिंग नहीं की, इसलिए बीजेपी को अतिरिक्त वोट कहां से मिले, यह जांच का विषय है।उमर ने यह भी कहा कि इस चुनाव में “कुछ न कुछ गड़बड़” जरूर हुई है।

विधायक विधानसभा की स्थिति की आंकड़े को देखते हुए जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा में दलों का वर्तमान आधार पर बीजेपी की जीत को “संख्या से बड़ी जीत” कहा जा रहा है। परिणाम यह संकेत देता है कि या तो कुछ निर्दलीय या छोटे दलों के विधायकों ने बीजेपी को समर्थन दिया है, या विपक्षी खेमे में मतों का बिखराव हुआ।

वहीं विपक्षी खेमे का आरोप है कि बीजेपी ने किसी तरह सदन के छोटे दलों या निर्दलीयों के समर्थन से “समीकरण पलट” दिए।

भारतीय मजदूर संघ, पंडरिया: हमारी आवाज सुनो? क्या सच में बिना मजदूर के विकास सम्भव है?

अनिश्चितकालीन टूल-डाउन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।

कबीरधाम/कवर्धा/पंडरिया 24/10/2025

वर्तमान परिस्थितियों और श्रमिकों की लगातार उपेक्षा को देखते हुए, भारतीय मजदूर संघ ने निर्णय लिया है कि 27 अक्टूबर 2025 से श्रमिक हितों की रक्षा के लिए अनिश्चितकालीन टूल-डाउन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।

संघ की 11 मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1. सभी श्रमिकों की तत्काल पूरी वापसी की जाए—चाहे वे सीजनल हों या ऑफसीजनल।
2. साप्ताहिक अवकाश (रेस्ट) भुगतान की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए।
3. पिछले वर्ष हुए हड़ताल समझौते को तत्काल लागू किया जाए।
4. हड़ताल अवधि का भुगतान, जो एक वर्ष से लंबित है, तुरंत जारी किया जाए।
5. कारखाने को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए गन्ना विकास अधिकारी मेघराज को तत्काल हटाया जाए।

6. समझौते के अनुसार योग्य और अनुभवी कर्मचारियों का वेतन तुरंत बढ़ाया जाए।
7. ओम इंटरप्राइजेस को कारखाने से हटाया जाए ताकि आर्थिक क्षति पर रोक लगे।
8. सभी श्रमिकों—ठेका, संविदा या भूमि—का मासिक भुगतान एक साथ और बिना भेदभाव के किया जाए।
9. विभागीय आदेश के बावजूद क्षेत्र सहायकों का जो भुगतान लंबित है, उसे तुरंत जारी किया जाए।

10. ओम इंटरप्राइजेस के कार्यकाल की जांच कर पंचिंग शीट व अवकाश विवरणों की समीक्षा की जाए।
11. टाइम ऑफिस प्रभारी द्वारा किए जा रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार पर रोक लगाई जाए और सभी सूचनाएँ पारदर्शिता से दी जाएँ।

भारतीय मजदूर संघ का यह आंदोलन न केवल श्रमिकों के अधिकारों के लिए, बल्कि कारखाने की आर्थिक स्वच्छता और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए भी आवश्यक कदम है।संघ सभी श्रमिक भाइयों-बहनों से अपील करता है कि वे शांतिपूर्ण, अनुशासित और एकजुट रहकर इस संघर्ष में भाग लें।

– भारतीय मजदूर संघ,पंडरिया

🌿 जरा सोचिए, हम समाज को क्या दे रहे हैं?

ये ना सोचो जमाने से हमको मिला क्या?यह देखो जमाने को हमने दिया क्या?!

लेख/janchoupal36/25/10/2025

मनुष्य इस धरती पर बुद्धिमान प्राणी कहलाता है क्योंकि उसके पास सोचने, समझने और विवेक से निर्णय लेने की क्षमता है। बुद्धिमान वही होता है जो दूसरों के अनुभवों से सीखता है, जबकि हर गलती खुद करके सीखने वाला व्यक्ति मूर्खता के मार्ग पर चलता है।

एक बार मैंने समय से पूछा— “मेरा क्या कसूर था?”
तो समय मुस्कुराया और बोला— “तू हर किसी को अपना समझ लेता है।”
यह वाक्य जीवन का बड़ा सत्य है— दुनिया में सबसे बड़ा साथी हमारा दिमाग ही है। यही वह शक्ति है जिसमें पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है। दिमाग है तो ज्ञान है, विवेक है, सोच है, पहचान है— और यही हमें जानवर से श्रेष्ठ बनाता है।

जानवर भी खाते हैं, सोते हैं, प्रजनन करते हैं। हम भी वही करते हैं। पर अंतर है— हम सोच सकते हैं।इसी सोच को सही दिशा देना ही मानवता है।

🧠 दिमाग — हमारी सबसे बड़ी संपत्ति
दिमाग शरीर का सबसे मूल्यवान अंग है। इसे हमेशा सकारात्मक (positive) रखें। कोई भी गलती करने से पहले सौ बार सोचिए, क्योंकि आज के समाज में लोग अपनी गलती स्वीकारना ही नहीं चाहते। जो व्यक्ति अपनी भूल नहीं मानता, वह किसी और को “अपना” कैसे मानेगा?

☠️ नशा — विनाश की जड़
आज समाज में नशा नई पीढ़ी का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है। नशा केवल शराब या ड्रग्स तक सीमित नहीं है —दौलत का नशा, धर्म का नशा, अहंकार का नशा, श्रेष्ठता का नशा, और दूसरों को छोटा समझने का नशा — ये सब धीरे-धीरे मानवता को खा रहे हैं।
नशा व्यक्ति से उसका संतुलन छीन लेता है। जब आदमी अपना संतुलन खो देता है, तब वह आदमी नहीं रह जाता — उसमें पशुता आने लगती है।
इसलिए नशे से ही नहीं, नशे के आदी लोगों से भी दूरी बनाए रखें।

🌱 संयम ही उपाय है
इन सभी प्रकार के नशों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है — संयम।
संयमित जीवन ही सच्चा सुख देता है। सादा जीवन, उच्च विचार — यही सबसे बड़ा नशामुक्त समाज बना सकता है। साधारण मनुष्य अधिक सुखी होता है क्योंकि वह दिखावे की दौड़ में नहीं पड़ता।

⚖️ आज की विडंबना
आज की सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि नशा सत्ता और व्यवस्था द्वारा भी परोसा जा रहा है।टीवी, सोशल मीडिया, विज्ञापन — सब जगह नशे का महिमामंडन हो रहा है। हमारी आने वाली पीढ़ी इसे “प्रसाद” समझकर ग्रहण कर रही है, मानो यही आधुनिकता की निशानी हो।
पर ज़रा ठहरिए… सोचिए…

हम आने वाली पीढ़ी को क्या दे रहे हैं?
क्या हम उन्हें स्वस्थ, सशक्त और सजग समाज दे रहे हैं — या एक भ्रमित, नशाग्रस्त और दिशाहीन पीढ़ी?

🔔 अब जागने का समय है
यदि हम सच में “मानव” कहलाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने विचारों का शुद्धिकरण करें।अपने दिमाग को, अपने विवेक को, और अपने बच्चों के भविष्य को बचाना अब हमारी जिम्मेदारी है।संयम अपनाइए, नशे से दूर रहिए, सकारात्मक सोचिए — क्योंकि यही सच्ची मानवता है।

दिल्ली की दशा और दिशा: धुएं और मदिरा के बीच डगमगाती राजधानी

नई दिल्ली _25/10/2025

देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों दो चरम स्थितियों से जूझ रही है—एक हवा में घुलता जहर और दूसरी शराब की बढ़ती खपत। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार 300 के पार ,जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। प्रदूषण चेतावनी सीमा को पार कर चुका डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। बावजूद इसके, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय वही पुराने हैं—गाड़ियाँ बंद करने या निर्माण कार्य रोकने जैसे अस्थायी कदम। सवाल यह है कि क्या दिल्ली हर साल सिर्फ ‘धुंध और दमघोंटू हवा’ के लिए याद रखी जाएगी?

दीवाली पर शराब आंकड़ा चौंकाता है की बिक्री नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। त्योहारी मौसम में दिल्ली सरकार को लगभग 600 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है, जो पिछले साल से करीब 15 प्रतिशत अधिक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में उत्पाद शुल्क और वैट से कुल राजस्व 4,192 करोड़ रुपए पहुंच गया है। यानी जहां हवा में जहर घुल रहा है, वहीं शराब के जरिए सरकारी खजाना लगातार भर रहा है।

आने वाले महीनों में कमाई और बढ़ने की उम्मीद है। नवंबर-दिसंबर शादी सीज़न शराब की मांग बढ़ेगी और नए साल के जश्न पर चरम छुएगी। आबकारी विभाग अस्थायी लाइसेंस से थोक बिक्री को बढ़ावा भी दे रहा है। दूसरी ओर, शराब कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखी जा रही है कंपनियां निवेशकों के लिए फायदे का सौदा बन रही हैं।

दिल्ली की यह विडंबना सोचने पर मजबूर करती है— हवा जहरीली हो रही है, सरकार की आय शराब से बढ़ रही है। जनता की सांसें घुट रही हैं, खजाने में पैसा बढ़ रहा है।

भारत में सामाजिक हित और नवाचार के लिए एआई का प्रभावी उपयोग

भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करेगा एमईआईटीवाई

नई दिल्ली:_24/10/2025

भारत भविष्य में समावेशी और परिवर्तनकारी विकास की गति के लिए (एआई) को सामाजिक हित में एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में विकसित कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव श्री एस. कृष्णन ने 23 अक्टूबर 2025 को एक कार्यक्रम में कहा, “यदि हम एक विकसित राष्ट्र बनना चाहते हैं, तो हमें तकनीक की लहर पर सवार होना होगा, और एआई यही तकनीक है जो इस बदलाव को गति दे सकती है। हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक तक एआई की पहुंच सुनिश्चित की जाए और इसका लाभ सभी तक पहुंचे।”

मंत्रालय 4 नवंबर को उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) 2025 में ‘सामाजिक प्रभाव के लिए एआई’ विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित करेगा, जिसमें भारत के लिए जिम्मेदार, समावेशी और जन-केंद्रित एआई इको-सिस्टम के निर्माण पर चर्चा होगी। इस सत्र में सरकार, शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान जगत के प्रमुख विशेषज्ञ एक मंच पर आयेंगे।

आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर डॉ. गणेश रामकृष्णन ने कहा, “भारत का डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और उसकी विविधता देश को वैश्विक स्तर पर एआई समाधानों के विकास के लिए खास प्राथमिकता देते हैं। आधार, यूपीआई, भाषिणी और अन्य सार्वजनिक प्लेटफॉर्म इस दिशा में क्रांति ला रहे हैं। साथ ही भारतजेन और राष्ट्रीय संप्रभु एआई पहलें यह सुनिश्चित करेंगी कि एआई की पहुंच समाज के अंतिम छोर तक पहुंच सके।”

ईएसटीआईसी 2025 सम्मेलन 3-5 नवंबर को नई दिल्ली में होगा, जहां विशेषज्ञ एआई की भविष्य रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसी दिशा में, फरवरी 2026 में भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा, जो देश में एआई आधारित नवाचार और विकास को नया आयाम देगा.



छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में दर्दनाक सड़क हादसे, तीन की मौत – तीन गंभीर घायल

छत्तीसगढ़ समाचार | जनचौपाल36 | 23 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़। बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 का दिन राज्य के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ। प्रदेश के तीन जिलों – बेमेतरा, गरियाबंद और जशपुर में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई,

बेमेतरा : आबकारी विभाग की स्कॉर्पियो की टैंकर से भिड़ंत, एक की मौत
बेमेतरा जिले के जेवरा मार्ग (राजमार्ग 30A) पर बुधवार शाम एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई।
आबकारी विभाग की स्कॉर्पियो वाहन की पेट्रोल टैंकर से आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर शराब की बोतलें बिखर गईं, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
हादसे में एक आबकारी कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

गरियाबंद : हिट एंड रन में चाचा-भतीजे की दर्दनाक मौत
गरियाबंद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 130C पर बुधवार को एक हिट एंड रन की घटना में चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, दोनों बाइक से यात्रा कर रहे थे और किनारे उतरते समय एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और फरार हो गया।

जशपुर : स्टंट के दौरान KTM बाइक और स्कॉर्पियो की भिड़ंत, दो युवक घायल
जशपुर जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र के गम्हरिया चौक पर एक तेज रफ्तार KTM बाइक और स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि बाइक सवार युवक सड़क पर स्टंट कर रहे थे।
टक्कर में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। एक को जिला चिकित्सालय जशपुर में भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरे को रांची रेफर किया गया है।
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।

अब मंत्रालय में हाजिरी होगी डिजिटल, एक दिसंबर से लागू नया सिस्टम

रायपुर | छत्तीसगढ़ _23 अक्टूबर 2025

नवा रायपुर स्थित महानदी मंत्रालय में अब हाजिरी लगाने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है।1 दिसंबर से आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AE-BAS)** लागू की जाएगी। यह व्यवस्था मंत्रालय के कर्मचारियों और अधिकारियों को मंत्रालय के बाहर से भी उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा देगी।

पहले की तरह अब सिर्फ मंत्रालय स्थित मशीन से ही हाजिरी नहीं लगानी होगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य से बाहर गया है, तो वह लॉगिन कर “कार्य पर बाहर” वाला विकल्प चुनकर उपस्थिति दर्ज कर सकेगा।

ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग के बाद यह मंत्रालय में दूसरा बड़ा डिजिटल सुधार है।

आने वाले दिनों में यह प्रणाली पीएचक्यू, अरण्य भवन और एचओडी कार्यालयों में भी लागू की जाएगी। हर विभाग का लिंक पोर्टल पर अलग-अलग रहेगा ताकि उपयोगकर्ताओं को कोई भ्रम न हो।

सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिए हैं कि 7 नवंबर तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का स्व-पंजीयन पूरा किया जाए। पंजीकरण के लिए नाम, जन्म तिथि, लिंग, आधार संख्या या वीआईडी, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, विभाग, अनुभाग, पदनाम, कार्यस्थान, कर्मचारी कोड (यदि उपलब्ध हो) और पासपोर्ट साइज फोटो (.jpeg, अधिकतम 150kb) जैसी जानकारी देनी होगी।




छत्तीसगढ़ राज्योत्सव: विकास और स्वाभिमान की नई उड़ान

जहाँ कभी गूँजती थीं गोलियाँ, वहाँ अब गूँज रहा है प्रगति का जयघोष।”

राज्योत्सव/36 गढ़/23/10/2025

छत्तीसगढ़ स्थापना महोत्सव इस वर्ष दिवाली की तरह पाँच दिनों तक जगमगाएगा — यह सिर्फ उत्सव नहीं, राज्य की आत्मा का उत्सव है। 1 नवंबर को जब छत्तीसगढ़ अपने 25वें स्थापना दिवस की दहलीज़ पर कदम रखेगा, तब पूरा देश इस नवोदित राज्य की चमक को नमन करेगा। प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति का इस महोत्सव में उपस्थित होना, इस धरती की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में पहली बार राज्योत्सव पर भव्य एयर शो का आयोजन होगा, जो भारतीय वायुसेना की वीरता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा।

वह छत्तीसगढ़, जो कभी नक्सल छाया में सिमटा ‘बीमारू’ राज्य कहा जाता था, आज विकास और स्थिरता के मार्ग पर दृढ़ता से आगे है। यहां की सरकार ने जनकल्याण योजनाओं का ऐसा तंत्र तैयार किया है, जिसका सीधा लाभ गांवों से लेकर शहरों तक लोगों को मिल रहा है। यह परिवर्तनभरा दौर है जहाँ छत्तीसगढ़ अब करवट नहीं बदल रहा, बल्कि अपने पैरों पर खड़ा होकर देश के सामने विकास की मिसाल बन रहा है। इस जनशक्ति और प्रशासनिक इच्छाशक्ति का संगम ही नए युग का छत्तीसगढ़ रच रहा है।

कभी ‘अन्न के लिए तरसने वाला’ यह प्रदेश आज अन्नदाता के नाम से पहचाना जा रहा है। खेतों में लहलहाती हरियाली और घर-घर तक पहुँचता मुफ्त राशन राज्य की समृद्धि का प्रतिबिंब है। अब छत्तीसगढ़ किसी और की पहचान पर नहीं टिका, उसने अपनी पहचान स्वयं गढ़ ली है। यही कारण है कि जब भी राज्य ने सहयोग माँगा, प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक सबने छत्तीसगढ़ की पुकार को प्राथमिकता दी — क्योंकि यह राज्य सिर्फ भूगोल नहीं, एक जीवंत विकास यात्रा है।

आज छत्तीसगढ़ संभावनाओं का गढ़ है — जहाँ युवाओं के हाथों में रोजगार की ताकत है, महिलाओं में आत्मनिर्भरता का उजाला है, और समाज में शांति की नई चेतना प्रस्फुटित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में राज्य नक्सल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह संकल्प कि “2026 की शुरुआत तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह नक्सल-मुक्त होगा” अब साकार रूप लेने जा रहा है। वाकई, जब प्रशासन चुस्त हो, संकल्प स्पष्ट हो और जनता एकजुट हो — तो फिर कोई ताकत छत्तीसगढ़ को ‘विकास का गढ़’ बनने से नहीं रोक सकती।