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युवा शक्ति के 25 स्वर्णिम वर्ष — छत्तीसगढ़ की रजत जयंती, “एक गौरवगाथा”:_बृजमोहन अग्रवाल

संपादकीय लेख/बृजमोहन अग्रवाल _27/10/2025

छत्तीसगढ़ अपने स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। एक युवा राज्य, जिसने अपनी संस्कृति, संसाधन और संघर्ष की शक्ति के बल पर नए भारत के विकास का प्रतीक बनने का गौरव पाया है। यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि उन सपनों को याद करने का भी है जिनके बीज भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने बोए थे। उनकी दूरदृष्टि और आत्मविश्वास ने इस धरती को उसकी विशिष्ट पहचान “छत्तीसगढ़ राज्य” के रूप में दी।

पौने तीन दशक की यह यात्रा मेहनत, आत्मसम्मान और निरंतर प्रगति की कहानी है।छग अब केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि ऊर्जा, अनुभव और आत्मविश्वास से भरा हुआ युवा राज्य बन चुका है। यहां की मिट्टी ने हर चुनौती को अवसर में बदला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में जिस मजबूती से छत्तीसगढ़ ने लाल आतंक पर निर्णायक प्रहार किया है, वह इतिहास बन गया है। अब यह प्रदेश आत्मनिर्भरता, सुशासन और सुरक्षा के तीन स्तंभों पर मजबूती से खड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में जिस मजबूती से छत्तीसगढ़ ने लाल आतंक पर निर्णायक प्रहार किया है, वह इतिहास बन गया है।

“1 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी जी रायपुर में रजत जयंती समारोह में शामिल होंगे—यह सभा छत्तीसगढ़ को पहचान देने वाले स्वप्नदृष्टाओं को सम्मान है। 5 नवंबर को सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का हवाई प्रदर्शन इस उत्सव को नयी ऊंचाई देगा, और आत्मविश्वास व संभावनाओं के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।”

इस रजत जयंती पर हम सब संकल्प लें कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के रास्ते पर छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए। युवा, मातृशक्ति, किसान और उद्यमियों का योगदान मिलकर प्रदेश को देश की तरक्की की राह में अग्रणी बनाएगा। यही रजत जयंती का असली अर्थ और छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम भविष्य है।”

बेमेतरा में हंगामा खड़ा करने वाले लापरवाह चालक पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज

वाहन चालक आया पुलिस के गिरफ्त में

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ _27/10/2025

रविवार रात जिले में एक युवक द्वारा तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी भीखम राम साहू (27), ग्राम बगौद, थाना चंदनू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 अक्टूबर की रात लगभग 8 बजे वे छट्ठी कार्यक्रम से लौट रहे थे। इस दौरान बेमेतरा-दुर्ग मार्ग पर कसार पेट्रोल पंप के पास डिफेंडर वाहन (CG 25 P 9988) के चालक मेहर सिंह सलूजा उर्फ क्रिश (19) ने तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उनके वाहन (CG 07 CA 7581) को पीछे से टक्कर मारी।

हादसे में जीवन राम साहू (29), निवासी ग्राम बगौद, की गंभीर चोटों के कारण मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी घटना के बाद भी रफ्तार पर नियंत्रण नहीं रख सका और सिंघौरी, कर्मा माता चौक, संदीपनी स्कूल व जय सुपर मार्केट के सामने कई वाहनों और राहगीरों को टक्कर मारी, जिससे कई लोग हताहत हुए।

थाना बेमेतरा पुलिस ने आरोपी मेहर सिंह सलूजा के खिलाफ धारा 281, 125(ए), 105 बीएनएस, तथा 112/183 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी बालिग है और उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



डिफेंडर कार की चपेट में युवक की मौत, बेमेतरा में बवाल: शहर बंद, छावनी में तब्दील इलाका

बेमेतरा | 26 अक्टूबर 2025

रविवार रात बेमेतरा शहर में हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया। शहर के मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार डिफेंडर कार ने एक के बाद एक पांच वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे 29 वर्षीय जीवन साहू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है।

शहर में आक्रोश और हिंसा का माहौल
हादसे के बाद रात में ही सैकड़ों लोग आक्रोशित होकर कार मालिक—स्थानीय कपड़ा व्यापारी बंटी मालक सिंह—के घर के बाहर जुट गए। भीड़ ने वहां तोड़फोड़ कर दी, जिससे घर के शीशे फूट गए। स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस बल तैनात किया गया और शहर को देर रात से ही छावनी में बदल दिया गया। सोमवार सुबह बेमेतरा में बंद का असर साफ दिखा—रायपुर रोड, दुर्ग रोड, सदर बाजार, कवर्धा रोड समेत कई इलाके पूरी तरह बंद रहे।

वर्तमान विधायक दीपेश साहू ने सोशल मीडिया पर कहा, “यह अत्यंत निंदनीय व दर्दनाक हादसा है। जिला अस्पताल जाकर घायलों से मिला हूँ। दोषी चाहे जो भी हो, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।”*
उन्होंने प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए और दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की।

पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने भी इस घटना को “निर्दोषों की असमय मौत” बताते हुए दुख जताया और कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं, दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। न्याय ही पीड़ित परिवार के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”घायलों में शामिल हैं —
कविता साहू (19), सुशीला साहू (50), माखन साहू (70, रायपुर रेफर), दीपेश साहू (15, रायपुर रेफर), हिमांशी साहू (8), रेवती साहू (48), शेष नारायण सिंह (60) और टिकेश्वर साहू (25)।





प्रकृति का चमत्कार या छत्तीसगढ़ के घने जंगलों में छिपा स्वर्ग

रानीदाह जलप्रपात:

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025:

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के घने जंगलों के बीच बसा रानीदाह जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों, रोमांच के शौकीनों और फोटोग्राफी के दीवानों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
मानसून के मौसम में जब झरना अपने पूरे शबाब पर होता है, तब इसका नजारा अद्भुत हो जाता है — चारों ओर हरियाली, जल की गूंज और पहाड़ियों का मोहक सौंदर्य हर आगंतुक को मंत्रमुग्ध कर देता है।

🌳 कहाँ स्थित है रानीदाह जलप्रपात
रानीदाह जलप्रपात जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 15–25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यहां तक पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग, ट्रेन या हवाई यात्रा का उपयोग कर सकते हैं।
सड़क मार्ग: जशपुर से आरा मार्ग पर 18 किमी की दूरी
रेलवे स्टेशन: रांची व अंबिकापुर
हवाई अड्डा: रायपुर या रांची एयरपोर्ट
मुख्य सड़क से लगभग 5 किमी अंदर जंगल के बीच यह झरना स्थित है।


💧 प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच
बरसात के दौरान झरने की धाराएं विशाल चट्टानों से गिरकर एक बड़े जलकुंड में मिलती हैं।
आसपास फैले जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते और ऊंची-नीची पहाड़ियाँ इसे रोमांचक बनाती हैं।
यहाँ जिला प्रशासन द्वारा व्यू प्वाइंट, सीढ़ियाँ और पिकनिक स्पॉट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।


👑 रानीदाह की कथा
स्थानीय किंवदंती के अनुसार, उड़ीसा की रानी शिरोमणि अपने प्रेमी के साथ यहाँ आई थीं और अपने भाईयों से बचते हुए इसी स्थान के पास आत्मसमर्पण किया था।
उसी के नाम पर इस झरने का नाम पड़ा — रानीदाह।
आज भी यहाँ रानी की समाधि और पंचमैया स्थल देखा जा सकता है, जो रानी के पाँच भाईयों का प्रतीक है।
निकट ही स्थित शिव मंदिर इस स्थल के धार्मिक महत्व को और बढ़ाता है।

🌈 कब जाएं
रानीदाह जलप्रपात जून से फरवरी तक अपने पूरे सौंदर्य पर होता है।
यह पिकनिक, ट्रेकिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए आदर्श स्थल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ऐलान – रायपुर में बनेगा दिव्यांग पार्क

रायपुर, 26 अक्टूबर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। वे रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के दीपावली मिलन समारोह में शामिल हुए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद दिव्यांग बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं और घोषणा की कि रायपुर में 5 एकड़ भूमि पर सर्व-सुविधायुक्त दिव्यांग पार्क बनाया जाएगा।
उन्होंने दिव्यांग बच्चों से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
कोंपलवाणी और अर्पण संस्थाओं के बच्चों ने साइन लैंग्वेज में सुंदर प्रस्तुति दी, जिसे देखकर मुख्यमंत्री ने खुद भी साइन लैंग्वेज के कुछ शब्द सीखे।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि
राज्य में दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ऋण सुविधा भी दी जा रही है।
उन्होंने इस आयोजन के लिए एसोसिएशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था समाजसेवा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का 25वां वर्ष है, जिसे रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे।
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए “विकसित छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट” तैयार किया है।
कार्यक्रम में
पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, वनमंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा,कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब
ने भी संबोधन दिया।

इस मौके पर पैरों से पेंटिंग करने वाले दिव्यांग कलाकार श्री गोकर्ण पाटिल ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की।
कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों को गर्म कपड़े वितरित किए गए।
विधायक इंद्र कुमार साहू, महापौर मीनल चौबे, एसोसिएशन अध्यक्ष अंजय शुक्ला सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

मन की बात:_युवाओं और किसानों को मोदी का संदेश

मोदी का संदेश – हर नागरिक बने परिवर्तन का वाहक छोटी पहलें बनें बड़े बदलाव की ताकत

पीएम मोदी /मन की बात /रविवार 26/10/2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विकास में हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने दायित्व को समझते हुए आगे बढ़ता है तो सरकार के प्रयासों को नई दिशा मिलती है। मोदी जी ने कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषयों पर जनता की सहभागी भावना ही राष्ट्र निर्माण की असली शक्ति है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि भारत के युवा अपनी प्रतिभा से स्टार्टअप्स और नई तकनीकों के जरिये देश की अर्थव्यवस्था को नया आयाम दे रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती, मिलेट्स के उत्पादन और सतत कृषि की दिशा में अग्रसर होने की अपील की। मोदी ने कहा कि “स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना आत्मनिर्भर भारत की मजबूत बुनियाद है।”

त्योहारी सीजन के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और सशक्त बनाने की बात कही। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों की मेहनत को प्राथमिकता दें। यह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा को भी जीवंत रखेगा।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि हर छोटा प्रयास बड़ा परिवर्तन ला सकता है, बस आवश्यक है कि हम सब अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएं। *मन की बात* के इस संस्करण के माध्यम से प्रधानमंत्री ने युवाओं, किसानों और समाज के हर वर्ग को राष्ट्र निर्माण की साझा जिम्मेदारी की ओर प्रेरित किया।



ऑस्ट्रेलिया में ‘हिटमैन’ का धमाका: रोहित शर्मा ने रचा इतिहास, कोहली-संगकारा का तोड़ा रिकॉर्ड

तीसरे वनडे में 121 रनों की शानदार पारी; ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने वाले पहले विदेशी बने रोहित, भारत ने 9 विकेट से दर्ज की यादगार जीत।

क्रिकेट/ऑस्ट्रेलिया vs भारत_26/10/2025

रोहित शर्मा का बल्ला एक बार फिर अपने रंग में दिखा, जैसे ही वह तीसरे वनडे में बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए। लंबे वक्त बाद हिटमैन का क्लासिक स्टाइल सभी दर्शकों का दिल जीत ले गया। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ सिर्फ देखते रह गए, मैदान के हर कोने में गेंदों की धुनाई हुई। इस शानदार अंदाज ने दर्शकों को पुराने रोहित की याद दिला दी।

125 गेंदों में 13 चौके और 3 छक्के जमाते हुए रोहित ने 121 रनों की जबरदस्त पारी खेली। विकेट्स गिरते रहे, लेकिन उनका बल्ला ठहरा रहा— टीम इंडिया को 9 विकेट से जीत दिलाई और “प्लेयर ऑफ द मैच” का अवॉर्ड पक्का कर लिया। यह सिर्फ क्रिकेटिंग आंकड़ा नहीं, आत्मविश्वास की वापसी और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ा संदेश था।

इस ऐतिहासिक पारी के साथ रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर छठा वनडे शतक ठोककर इतिहास रच डाला। उन्होंने विराट कोहली और कुमार संगकारा दोनों का रिकॉर्ड पछाड़ दिया, जो इस ज़मीन पर पांच-पांच शतक तक ही पहुंचे थे। अब रोहित ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर सबसे अधिक वनडे शतक जड़ने वाले पहले विदेशी बल्लेबाज हैं।

भारतीय टीम ने इस मुकाबले में हर विभाग में अपना दमखम दिखाया। ऑस्ट्रेलिया की टीम सिर्फ 236 रन ही बना सकी, जिसमें हर्षित राणा की धमाकेदार गेंदबाजी ने चार विकेट झटके। जवाब में कोहली (74*), कप्तान शुभमन गिल (24) और रोहित के शानदार प्रदर्शन ने जीत को यादगार बना दिया। टीम इंडिया की यह जीत आने वाले मुकाबलों के लिए भी फुल जोश का पैगाम है।



कार्तिक मास विशेष :अंधकार पर प्रकाश का विजय:_

ब्रह्म अद्वैत है — न स्त्री, न पुरुष; न प्रकृति, न ईश्वर।
न दिन, न रात; न प्रकाश, न अंधकार — केवल अस्तित्व अमर।

रविवार _26/10/2025_जनचौपाल 36

दीपावली केवल दीयों की उत्सव_मय चमक नहीं है—यह स्वयं के भीतर के अंधकार को पहचानने और उसे प्रकाश में रूपांतरित करने की साधना है। जब भीतर का दीप जलता है, तब ही बाहर का उत्सव सार्थक होता है।

शरीर जड़ है, अंधकार है, क्योंकि वह संसार से बंधा हुआ है क्योंकि जहां अंधकार है वही संसार है हम आते तो अंधकार से प्रकाश में है इसलिए चिल्लाते हैं रोते हैं। अब उसकी गति बाहरी है। इंद्रियों का आकर्षण और संसार की आसक्ति उसे निरंतर चक्र में बांधते हैं। इसके विपरीत चेतना प्रकाश है—स्वतंत्र, अचल, शाश्वत। वह देखती है, पर स्वयं देखी नहीं जा सकती। यही आत्मा है, वही अलौकिक ज्योति जो कभी नहीं बुझती पर वह एक दिव्य पुंज बन शरीर को गहरे अंधकार में छोड़ चली जाती है।

पर प्रश्न उठता है—चेतना और शरीर,अंधकार और प्रकाश साथ कैसे रहते हैं? जब एक आता है तो दूसरा नष्ट क्यों नहीं होता? शायद क्योंकि यह एक ही सत्ता के दो आयाम हैं—जैसे सागर की तरंग और गहराई। शरीर बिना चेतना के केवल मिट्टी है; पर चेतना भी बिना शरीर के अनुभव का रंग नहीं भरती। यही योग का रहस्य है—जहां प्रकाश और अंधकार का संगम होता है, जहां सीमित और असीम मिलते हैं।

मन उजियारा जब जब फैले, जग उजियारा होय
जब मन निर्मल होता है, तब आत्मा का प्रकाश उसमें सहज प्रकट होता है। आत्मा साक्षी भाव से मन को देखती है, और मन उस साक्षी का दर्पण बन जाता है। जैसा मन का उजाला, वैसा ही जग का उजियारा — भीतर का प्रकाश ही बाहर की सौंदर्यता को जन्म देता है।

अस्वीकरण:_यह कथन स्व_व्याख्या हेतु है, किसी धार्मिक या दार्शनिक मत का अंतिम निर्णय नहीं समझें ना ही कोई विवाद का विषय वस्तु है।


बस्तर ओलंपिक 2025’ का भव्य शुभारंभ – बस्तर में खेल और एकता का उत्सव शुरू

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नारायणपुर के कच्चापाल में किया उद्घाटन, तीन लाख से अधिक प्रतिभागियों के साथ युवा टैलेंट को मिलेगा नया मंच


बस्तर, छत्तीसगढ़ | 25 अक्टूबर 2025


छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की युवा खेल प्रतिभा को राज्य के विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का शुभारंभ आज नारायणपुर जिले के कच्चापाल गांव में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की महिलाओं की रस्साकसी प्रतियोगिता ने ग्रामीण उल्लास को चरम पर पहुंचाया, जिसमें ईरकभट्टी की टीम विजेता रही। उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ टी-शर्ट भेंट की।

यह प्रतियोगिता तीन चरणों में विकासखंड, जिला एवं संभाग स्तर पर आयोजित हो रही है, जिसमें कुल 3 लाख 80 हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। सिर्फ नारायणपुर जिले से ही 47 हजार से ज्यादा प्रतिभागी जुड़े हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ओलंपिक केवल खेल नहीं, बल्कि बस्तर की एकता, विश्वास और समरसता का प्रतीक भी है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

‘बस्तर ओलंपिक 2025’ 25 अक्टूबर से 30 नवंबर तक विभिन्न खेल आयोजनों – एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, फुटबॉल, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, बैडमिंटन, कराटे और वेटलिफ्टिंग – में जूनियर, सीनियर, दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली खिलाड़ियों के लिए भी मंच तैयार करेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं

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नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2025

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी हिमवीरों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के प्रति आईटीबीपी की अनुकरणीय सेवा की सराहना करते हुए कहा कि यह बल साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ आईटीबीपी ने हर परिस्थिति में अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कठिन जलवायु और दुर्गम पर्वतीय इलाकों में सेवा देने वाले आईटीबीपी के जवानों ने अपनी दृढ़ता और देशभक्ति से पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा:

“आईटीबीपी के सभी हिमवीरों और उनके परिवारों को आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई। यह बल अद्वितीय साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। सबसे कठिन जलवायु और दुर्गम भूभागों में सेवा करते हुए, वे अटूट संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हैं। आपदा राहत और बचाव अभियानों के दौरान उनकी करुणा और तत्परता सेवा और मानवता की उत्कृष्ट परंपराओं को दर्शाती है।”