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मार्च 2026 तक मोबाइल कॉल पर दिखेगा कॉलर का असली नाम

नई दिल्ली/मीडिया खबर/ 30/10/2025

अब मोबाइल पर आने वाली कॉल में कॉल करने वाले व्यक्ति का असली नाम दिखाई देगा। दूरसंचार नियामक ट्राई ने इस सुविधा को लेकर दूरसंचार विभाग के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। कॉलर नेम डिस्प्ले यानी कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सुविधा का परीक्षण देश की प्रमुख मोबाइल कंपनियों ने शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि यह सेवा मार्च 2026 तक देशभर में लागू हो जाएगी। इसका उद्देश्य फर्जी कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी और वित्तीय धोखाधड़ी जैसी बढ़ती साइबर अपराध गतिविधियों पर रोक लगाना है।

केवल 4जी और 5जी नेटवर्क पर मिलेगी सुविधा
ट्राई के अधिकारियों के अनुसार, सीएनएपी सुविधा केवल 4जी और 5जी नेटवर्क वाले उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध हो सकेगी, क्योंकि पुराने 2जी और 3जी नेटवर्क में तकनीकी सीमाएं हैं। सरकार ट्राई की उस सिफारिश पर भी विचार कर रही है जिसके तहत ‘कॉलिंग लाइन पहचान निषेध’ (CLIR) फीचर का उपयोग करने वाले ग्राहकों का नाम प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। यह कदम गोपनीयता और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

मोबाइल कंपनियों ने शुरू किया ट्रायल
ट्राई की हरी झंडी मिलने के बाद मोबाइल कंपनियों ने सीएनएपी फीचर का ट्रायल शुरू कर दिया है। ट्राई की फरवरी 2024 की सिफारिशों के अनुसार, यह सुविधा केवल इच्छुक उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक रूप में दी जानी थी, लेकिन दूरसंचार विभाग चाहता है कि यह सेवा स्वचालित रूप से सभी उपभोक्ताओं के लिए सक्रिय की जाए ताकि यह डिफॉल्ट रूप से काम करे।

छह महीने में अमल की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, अंतिम निर्णय के बाद दूरसंचार विभाग मोबाइल फोन निर्माताओं और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर इस सुविधा को छह महीने के भीतर लागू करने की रूपरेखा तैयार करेगा। चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में इसे शुरू किया जाएगा जिससे धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।


“ऑपरेशन सिंदूर: पहलगाम हमले पर NIA सख्त, चार्जशीट में नामों का खुलासा जल्द”

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राष्ट्रीय समाचार/पहलगाम आतंकी घटना/30/10/2025

राष्ट्रीय जांच एजेंसी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने अंतिम तैयारी में है। जांच में यह सामने आया है कि 22 अप्रैल को बैसरन घाटी में हुए हमले में पाकिस्तान के तीन आतंकवादियों—सुलेमान शाह, हमजा अफगानी उर्फ अफगान और जिब्रान—के अलावा आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसकी प्रॉक्सी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का हाथ था। इन तीनों आतंकवादियों ने मिलकर 26 निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। जम्मू की अदालत ने 18 सितंबर को NIA को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया था, जो इस सप्ताह समाप्त हो रहा है।

आरोपियों में बाशिर अहमद जोथार और परवेज अहमद जोथार शामिल हैं,यह तीन पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह देने में शामिल थे। NIA ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी या नहीं, लेकिन जांच के दौरान इन दोनों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपपत्र तैयार करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। दोनों आरोपियों से जम्मू की जेल में 18 अक्तूबर को महत्वपूर्ण पूछताछ की गई थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 जुलाई को सुरक्षाबलों ने दाचीगम जंगल क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान इन तीनों पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में पुष्टि की थी कि हमले में लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के आतंकी शामिल थे।

हमले के बाद भारतीय सेना ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू कर नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तानी इलाके में आतंकियों के कई ठिकानों को नष्ट किया।चार दिन के ऑपरेशन में ऑपरेशन पाकिस्तान के अनुरोध पर संघर्ष विराम लागू किया गया। सरकार ने इस कार्रवाई को आतंकी हमलों के खिलाफ ‘सटीक और प्रभावी प्रतिक्रिया’ बताया है।

🛠️ सीमेंट प्लांट के खिलाफ 1500 मजदूरों का आमरण अनशन — प्रशासन और प्रबंधन के अड़ियल रवैए से भड़के श्रमिक

तिल्दा नेवरा / राजधानी रायपुर | 30 अक्टूबर 2025

बैकुंठ स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के लगभग 1500 मजदूर पिछले 25 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। मजदूरों का आरोप है कि 30 अगस्त 2025 को प्रबंधन ने 150 श्रमिकों को बिना किसी पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया, जिससे श्रमिक परिवारों पर संकट के बादल मंडरा गए हैं।

अनशन पर बैठे मजदूरों का कहना है कि जब तक सभी बर्खास्त श्रमिकों को पुनः बहाल नहीं किया जाता और बकाया वेतन का भुगतान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लेकिन प्रशासन और प्रबंधन की अड़ियल चुप्पी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। मजदूरों का कहना है कि यह संघर्ष सिर्फ 150 श्रमिकों का नहीं, बल्कि पूरे मज़दूर वर्ग के सम्मान और हक़ की लड़ाई है।

भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) ने मजदूरों की मांगों का पुरजोर समर्थन किया है। यूनियन के तिल्दा ब्लॉक अध्यक्ष भारत वर्मा, उपाध्यक्ष हरीश वर्मा, सचिव संजय यादव और ब्लॉक सचिव आकाश सिरमौर धरना स्थल पर पहुँचे और मजदूरों के साथ एकजुटता प्रकट की। उन्होंने कहा कि मजदूरों की जायज़ माँगों को तुरंत स्वीकार किया जाए, अन्यथा यूनियन राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने पर मजबूर होगी।

यूनियन नेताओं ने प्रशासन से अपील की कि वह सीमेंट प्लांट प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगाए और न्याय के लिए संघर्षरत श्रमिकों की आवाज़ सुने। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह आंदोलन प्रदेश के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल सकता है। उनका कहना है कि “पेट की रोटी के लिए लड़ना कोई अपराध नहीं, यह हक़ की लड़ाई है — और यह लड़ाई आख़िरी दम तक जारी रहेगी।”


🌿 उत्सव, पर्यावरण और जिम्मेदारी:_तय करने का समय

सिर्फ उन्नत तकनीक नहीं, बल्कि धरती को बचाने के लिए उन्नत सोच भी जरूरी है।

नई दिल्ली:_ 30/10/2025
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एस. ओका ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा कि पटाखे फोड़ना, मूर्ति विसर्जन या धार्मिक आयोजनों में लाउडस्पीकर का अत्यधिक उपयोग करना संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का हिस्सा नहीं है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कोई भी धर्म पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं देता। उलटे, सभी धर्म जीवों के प्रति दया, करुणा और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देते हैं। जस्टिस ओका ने यह भी कहा कि प्रदूषण को अनुच्छेद 21, यानी जीवन और मानवीय गरिमा के अधिकार का उल्लंघन माना जाना चाहिए — क्योंकि जब तक वातावरण शुद्ध नहीं होगा, तब तक सम्मानजनक जीवन संभव नहीं है।

आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की मार झेल रही है, तब यह प्रश्न उठाना स्वाभाविक है कि क्या हमारी आस्थाएँ हमें पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित कर रही हैं। किसी भी धर्म का सार प्रेम, करुणा और सह-अस्तित्व है। यदि हमारे उत्सवों में जीवों पर अत्याचार, जल का प्रदूषण, वायु को विषाक्त करना या ध्वनि से दूसरों को कष्ट देना शामिल हो जाए, तो यह गंभीर आत्मचिंतन का विषय है।

यह विचार किसी पर्व या त्योहार को रोकने का नहीं, बल्कि उन्हें नए और संवेदनशील तरीके से मनाने का संदेश है। क्या हम यह सोचते हैं कि हमारी खुशी किसी अन्य जीव या इंसान के कष्ट का कारण न बने? उत्सव का असली उद्देश्य आत्मिक शांति और समाज में सद्भाव फैलाना है — न कि प्रकृति को नुकसान पहुँचाकर उसे असंतुलित करना। जल, वायु और भूमि का संतुलन ही हमारे अस्तित्व की नींव है। यदि हम उसे ही नष्ट करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें क्षमा नहीं करेंगी।

जस्टिस ओका ने सही कहा कि हमें वैज्ञानिक सोच विकसित करने की जरूरत है। केवल कानून या अदालतों पर निर्भर रहकर पर्यावरण की रक्षा नहीं की जा सकती; यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक कर्तव्य है। हमें यह समझना होगा कि स्वच्छ हवा और जल का अधिकार सिर्फ एक वर्ग का नहीं, बल्कि सभी का है — खासकर उन गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों का, जो प्रदूषण का सबसे अधिक शिकार हैं। यही सच्चा धर्म है — जो दया, विवेक और प्रकृति के प्रति सम्मान का पाठ पढ़ाए।


अस्वीकरण: यह लेख किसी धर्म का अनादर नहीं करता; इसका उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ वातावरण और जीव हिंसा के निषेध का संदेश देना है।


🇮🇳 ऐतिहासिक क्षण! ‘अभूतपूर्व’ विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे PM मोदी

भव्य लोकार्पण समारोह के दौरान, PM मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे।

रायपुर /छत्तीसगढ़ /लोकार्पण_29/10/2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक गौरव का क्षण लेकर आ रहे हैं। इस दिन वह नवा रायपुर में निर्मित अत्याधुनिक और भव्य नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे। यह भवन छत्तीसगढ़ की वास्तुकला, संस्कृति और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया एक अभूतपूर्व निर्माण है, जिसके सामने अब तक राज्य में कोई दूसरा भवन नहीं टिकता।

क्यों है यह भवन ऐतिहासिक?
नवा रायपुर के सेक्टर-19 में 52 एकड़ में फैला, लगभग 324 करोड़ रुपये की लागत से बना यह गोलाकार भवन लोकतंत्र के चक्र का प्रतीक है और इसे देश की चुनिंदा अत्याधुनिक विधानसभाओं में शामिल किया गया है।
भविष्य की जरूरतें: इसे अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।

बढ़ी क्षमता: सदन में वर्तमान 90 विधायकों के बजाय 200 विधायकों के बैठने की क्षमता है।
सांस्कृतिक समावेश: भवन के अंदरूनी हिस्से की सीलिंग में धान की बालियों का इंटीरियर और बस्तर के शिल्पकारों द्वारा तैयार फर्नीचर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखाएंगे।

पर्यावरण अनुकूल: इसमें सौर ऊर्जा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन एनर्जी जैसी आधुनिक पर्यावरण-अनुकूल तकनीकें लगाई गई हैं।
अन्य सुविधाएँ: परिसर में 700 वाहनों की पार्किंग और 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ में पीएम मोदी:_ अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रायपुर

रायपुर 36 गढ़/राज्योत्सव 1 नवंबर 2025

राज्योत्सव के ऐतिहासिक अवसर को देखते हुए, नवा रायपुर को आज से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया है।जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री के इस बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त दौरे के लिए नवा रायपुर को अभेद्य सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है, ताकि कोई चूक न हो।

बल की तैनाती:
PM मोदी की सुरक्षा के लिए 30 IPS और 100 से अधिक अन्य रैंक के अधिकारियों सहित 5,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।
सख्त निगरानी: एडीजी रैंक के अधिकारी सुरक्षा इंतजामों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

प्रमुख रूटों और नया रायपुर में यातायात में व्यापक बदलाव किए गए हैं।

शीर्ष नेतृत्व: पूरे सुरक्षा तंत्र का जिम्मा एडीजी रैंक के वरिष्ठ अधिकारी संभाल रहे हैं, जो पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
विशेष व्यवस्था: नया रायपुर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी। एयरपोर्ट से लेकर सत्य साईं हॉस्पिटल, विधानसभा भवन और राज्योत्सव स्थल तक PM का रूट पूरी तरह से सील रहेगा।

यातायात में बदलाव: आम जनता और भारी वाहनों के लिए वन-वे रूट और विशेष पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। 1 नवंबर को नवा रायपुर में भारी वाहनों की नो-एंट्री रहेगी।यह दौरा छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस (रजत जयंती वर्ष) के अवसर पर हो रहा है, जो राज्य के लिए एक यादगार पल होगा।

भारतीय रेलवे 12,000 से ज़्यादा विशेष ट्रेनें चला रहा है

त्योहारों के मौसम में सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित कर रहा है भारतीय रेलवे

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025 (PIB दिल्ली):

त्योहारों की भीड़-भाड़ के बीच भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएँ की हैं। छठ पूजा के बाद यात्रियों की वापसी यात्रा के लिए 12 लाख से अधिक रेलवे कर्मचारी चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं।

त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए रेलवे ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 12,000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं, जिनसे अब तक 1.6 करोड़ से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं।

यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें कन्फर्म टिकट, साफ-सुथरे स्टेशन, सुरक्षा और समय पर ट्रेन सेवाएँ मिलीं। हावड़ा, नई दिल्ली, भागलपुर और पुणे जैसे स्टेशनों पर यात्रियों ने रेलवे कर्मचारियों की तत्परता और सहयोग की प्रशंसा की।
भारतीय रेलवे ने कहा है कि वह त्योहारों के मौसम में हर यात्री को सहज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हर कोई अपने प्रियजनों के साथ त्योहार खुशी और सुविधा से मना सके।

हर आदमी का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना: कबीरधाम में 60 हज़ार ग्रामीण घरों का निर्माण

24 हज़ार से अधिक परिवारों को मिली खुशहाली सीएम विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा की सार्थक पहल

कबीरधाम कवर्धा छत्तीसगढ़ 28/10/2025

कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और जनमन आवास योजना के तहत 60,000 से अधिक ग्रामीण मकानों का निर्माण में तेज़ी । प्रशासनिक पहल और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की निगरानी में इन योजनाओं के ज़रिए 24,000 से अधिक घरों का वितरण भी लाभार्थियों तक किया जा चुका है। जिले के मैदानी और वनांचल क्षेत्रों की अनेक पंचायतों—जैसे खैरबनाकला, राजा नवागांव, केसली और भागुटोला—में सैकड़ों परिवार अपने पक्के घरों में बसकर नया जीवन शुरू कर चुके हैं।

बैगा समुदाय के लिए विशेष राहत
जनमन आवास योजना के तहत वनांचल के 9,625 बैगा परिवारों को दो लाख रुपए प्रति परिवार की सहायता स्वीकृत की गई है, जिनमें से 3,500 से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं। इन परिवारों को मनरेगा के ज़रिए 95 दिवस का रोज़गार भी मिला है। केसमर्दा, ढोलबज्जा, तेलियापानी लेदार और डालामहुआ जैसे दुर्गम गांवों में ये घर अब सुरक्षित जीवन और सम्मान का आधार बन गए हैं। साथ ही, लाभार्थियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन और उज्ज्वला जैसी योजनाओं से भी जोड़ा गया है।

योजनाओं से मिली मजबूती व रोजगार
कलेक्टर गोपाल वर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों को अन्य योजनाओं—जैसे 90-95 दिन का रोजगार, सस्ता राशन, पेयजल, शौचालय और गैस कनेक्शन—का भी लाभ मिल रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।

‘डीलर दीदी’ और महिलाओं की भागीदारी
मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत महिलाएं ‘डीलर दीदी’ के नाम से निर्माण सामग्री की आपूर्ति का कार्य कर रही हैं। इससे उन्हें नई आजीविका मिली है और निर्माण लागत भी घटी है। मनरेगा के तहत पशु शेड, कूप और डबरी निर्माण से ग्रामीणों को पशुपालन व खेती के नए साधन मिले हैं, जिससे उनकी आय और आत्मनिर्भरता बढ़ी है।


सिरपुर : संस्कृति, इतिहास और अध्यात्म का संगम

रायपुर/छत्तीसगढ़ जनसंपर्क/27 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर (श्रीपुर) भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है। यह नगर महान सम्राट महाशिवगुप्त बालार्जुन की राजधानी रहा है और अपनी स्थापत्य कला, बौद्ध धरोहरों तथा प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। सिरपुर का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और अभिलेखों में मिलता है। सातवीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी सिरपुर का वर्णन किया था, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय ख्याति सिद्ध होती है।

सिरपुर में भगवान शिव, विष्णु, बुद्ध और जैन धर्म के उपासना स्थलों के अवशेष प्राप्त हुए हैं।yqhqn 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 3 जैन विहार और एक विशाल बौद्ध विहार के प्रमाण मौजूद हैं। लक्ष्मण मंदिर, जो भारत का पहला ईंटों से निर्मित मंदिर माना जाता है, यहां की स्थापत्य कला का अनुपम उदाहरण है। आनंद प्रभु कुटीर विहार बौद्ध भिक्षुओं का प्रमुख केंद्र रहा है, जबकि गंधेश्वर मंदिर शिव आराधना का प्राचीन प्रतीक है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा सिरपुर में लगातार संरक्षण और मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। अब यहां डिजिटल टूर, क्यू_आर कोड आधारित जानकारी और थ्रीडी गाइडेंस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। हर वर्ष आयोजित सिरपुर महोत्सव अब छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है, जिसमें देश-विदेश के कलाकार शास्त्रीय नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ देते हैं।

राज्य सरकार ने विजन 2047 के तहत सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटक कॉरिडोर, सड़कों और प्रकाश व्यवस्था सहित आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है — एक ऐसा स्थल, जहाँ इतिहास बोलता है, संस्कृति मुस्कुराती है और अध्यात्म सांस लेता है।

भ्रष्टाचार के आरोप: श्रम निरीक्षक निलंबित

बलौदा बाजार :शिकायत पर तत्काल कार्रवाई

रायपुर, 28:_अक्टूबर 2025

(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग अंतर्गत  कार्यालय श्रम पदाधिकारी  बलौदाबाजार में कार्यरत श्रम निरीक्षक श्री रामचरन कौशिक को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।  श्रम निरीक्षक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही के आरोप लगाए गए थे।

श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को एक जांच समिति गठित की गई। समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि श्रम निरीक्षक कौशिक द्वारा कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली और अनियमितताएँ की गई हैं। इसी के आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी तथा निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर निर्धारित किया गया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना प्रेषित कर अनुपालन कराने निर्देशित किया गया है।

श्रमायुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी तथा जांच आगे भी जारी रहेगी