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Friday, October 30, 2026
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नाम की गलतफहमी:बाइक चेकिंग पर पुलिस की बेरहमी

कन्नौज/ यूपी /07/11/2025

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में पुलिस की लापरवाही और बेरहमी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सौरिख थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक निर्दोष युवक को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी हालत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि वह खुद पर काबू नहीं रख सका और टॉयलेट निकल गया। युवक के शरीर पर लाठियों के गहरे निशान हैं।

घटना का विवरण:

पीड़ित युवक कैलाश राजपूत बाइक से खड़नी जा रहे थे। रास्ते में चौकी इंचार्ज अंकित यादव और सिपाही अरविंद यादव तथा विशाल मिश्रा चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने कैलाश राजपूत को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह आगे निकल गया। बाद में जब पुलिस ने उसका नाम पूछा और उसने ‘कैलाश राजपूत’ बताया तो पुलिसकर्मियों ने सोचा कि वह विधायक कैलाश राजपूत का नाम लेकर धौंस दिखा रहा है। इसी गलतफहमी में पुलिसवालों ने उसे बेरहमी से लाठियों से पीटना शुरू कर दिया।

विधायक ने की कार्रवाई की मांग:

घटना की जानकारी विधायक कैलाश राजपूत तक पहुंचते ही वह तुरंत पीड़ित को लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की पूरी जानकारी लेते हुए एसपी विनोद कुमार से फोन पर बात कर दोषी पुलिस वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ नाम की गलतफहमी में एक निर्दोष युवक को जानवरों की तरह पीटा गया, यह अमानवीय है।’

तीनों आरोपी पुलिसवाले निलंबित:

पुलिस मीडिया सेल द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, जांच में चौकी इंचार्ज अंकित यादव और सिपाही अरविंद यादव व विशाल मिश्रा की गलती पाई गई है। तीनों पुलिसवालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच सीओ तिर्वा को सौंपी गई है।

शिक्षा की ओर मज़बूत कदम: कांकेर में ग्रामीण छात्राओं को मिली साइकिलें

कांकेर, 7 नवंबर 2025 –

ग्रामीण बेटियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उनके आत्मनिर्भर भविष्य की नींव को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और मे. दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में नरहरपुर तहसील के ग्राम दाबीपानी में साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में कुल 70 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं, जिससे उनके विद्यालय आवागमन को सरल और सुरक्षित बनाया जा सके। एन.एच.ए.आई. अभनपुर परियोजना कार्यान्वयन इकाई के परियोजना निदेशक शमशेर सिंह ने कहा, “बेटियां देश का भविष्य हैं, उनके लिए शिक्षा की राह को आसान बनाना हमारा कर्तव्य है। साइकिल से उन्हें न केवल स्कूल जाने में सहूलियत होगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना भी विकसित होगी।”

इस अवसर पर परियोजना कार्यान्वयन इकाई अभनपुर के टेक्निकल मैनेजर प्रखर अग्रवाल, मनीष तिवारी, संजीव कुमार सिंह और उमेश कुमार सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस पहल को स्थानीय समुदाय द्वारा अत्यंत सकारात्मक रूप से सराहा गया, जिसे ग्रामीण बेटियों के शिक्षा अधिकार और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भागलपुर से पीएम मोदी का तीखा हमला: “विनाश की राजनीति करने वाली RJD-कांग्रेस को नहीं पसंद बिहार का विकास”

एनडीए को दिया गया वोट बिहार की स्थिरता और समृद्धि के लिए दिया गया वोट है: भागलपुर में पीएम मोदी

बिहार चुनाव 2025/6th नवम्बर 2025

भागलपुर में हुई विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास को रोकने वाली RJD-कांग्रेस की जोड़ी अब फिर से जंगलराज लाना चाहती है, लेकिन बिहार की जनता विकास के साथ है।

पीएम मोदी ने कहा,

“आपका सपना ही मेरा संकल्प है। एनडीए का लक्ष्य सबको पढ़ाई, सबको दवाई, सबकी कमाई, सबकी सुनवाई और हर खेत तक सिंचाई है।”

पीएम मोदी ने RJD के 15 साल के शासन को“जीरो रिपोर्ट कार्ड” बताया

और कहा कि उस दौर में न विकास था, न स्थिरता। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आज भी बिहार का “सबसे भ्रष्ट परिवार” सत्ता में होता, तो जन-धन योजना के पैसे गरीबों के खातों में नहीं, नेताओं की तिजोरियों में जाते।

भागलपुर की ऐतिहासिक धरती को नमन करते हुए पीएम ने कहा कि विक्रमशिला की भूमि ने हमेशा देश को दिशा दी है। उन्होंने भागलपुर के रेशम, मंजूषा आर्ट, मधुबनी पेंटिंग, दरभंगा के मखाने और मुजफ्फरपुर की लीची को बिहार की शान बताया।

मोदी ने कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि “RJD के पोस्टरों में कांग्रेस गायब है, और कांग्रेस की रैलियों में RJD का नाम तक नहीं लिया जाता। ऐसी छूआछूत वाली जोड़ी बिहार को क्या देगी?”

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए बिहार को टेक्सटाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी का हब बनाएगा।
सभा के अंत में उन्होंने जनता से अपील की —
“बिहार की स्थिरता और समृद्धि के लिए एनडीए को आशीर्वाद दीजिए।”

खेसारीलाल यादव विवादों में, राम मंदिर बयान और अवैध निर्माण नोटिस बना नया सिरदर्द

बिहार चुनाव 2025:06/11/2025

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में छपरा सीट से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे भोजपुरी सुपरस्टार खेसारीलाल यादव इन दिनों एक के बाद एक विवादों में घिरते जा रहे हैं। उनके सामने भाजपा प्रत्याशी छोटी कुमारी और निर्दलीय उम्मीदवार राखी गुप्ता मैदान में हैं। लेकिन चुनावी माहौल के बीच खेसारीलाल अब गैर-राजनीतिक कारणों से सुर्खियों में हैं।
हाल ही में उन्होंने राम मंदिर पर एक विवादित बयान दिया था — “राम मंदिर में पढ़कर कोई प्रोफेसर नहीं बन सकता।” इस बयान के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया गया।

इसी बीच एक और मामला सामने आया है, जिसमें मीरा भायंदर महानगरपालिका ने उनके मीरा रोड स्थित आवास पर अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है।

नोटिस के अनुसार, खेसारीलाल यादव के रो हाउस नंबर 1 और 2 पर ग्राउंड फ्लोर, पहले फ्लोर और दूसरे फ्लोर पर लोहे के एंगल और नालीदार चादरों से शेड बनाए गए हैं, जो कि बिना अनुमति के निर्माण किए गए हैं। नगर निगम ने आदेश दिया है कि वे इस अवैध निर्माण को स्वयं हटा दें, अन्यथा महानगरपालिका इसे ध्वस्त कर देगी।

चुनावी व्यस्तता के चलते खेसारीलाल यादव इन दिनों बिहार में हैं, जिसके कारण नोटिस मिलने के बाद भी उनके घर पर कोई मौजूद नहीं था। महानगरपालिका ने यह कार्रवाई अतिक्रमण जांच के दौरान की। इस बीच, खेसारीलाल यादव ने जनता से अपील की है कि वे उन्हें वोट देकर जीत दिलाएं, क्योंकि “यह चुनाव बच्चों का भविष्य तय करेगा।”

अब देखना यह है कि भोजपुरी सिनेमा के इस सुपरस्टार और अब आरजेडी प्रत्याशी खेसारीलाल यादव इन विवादों के बीच चुनावी जंग में क्या नया मोड़ लाते हैं।

बिहार चुनाव: पहले चरण में वोटिंग जारी, गिरिराज सिंह के बयान से मचा सियासी तूफान

बिहार चुनाव/ प्रथम चरण _06/11/2025

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 121 सीटों के लिए मतदान जारी है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलेगा। राज्य भर के 45,341 मतदान केंद्रों में से लगभग 36,733 ग्रामीण इलाकों में हैं। इस चरण में 3.75 करोड़ मतदाता 1,314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मैदान में इंडिया ब्लॉक के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव और भाजपा के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जैसे बड़े चेहरे हैं।

उधर, मतदान के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। सिंह ने बुर्काधारी मतदाताओं की सख्त पहचान जांच की मांग करते हुए कहा कि “यह भारत है, पाकिस्तान या बांग्लादेश नहीं।” उन्होंने जोर दिया कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत पहचान सत्यापन आवश्यक है और यह धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

गिरिराज सिंह ने कहा, “जब कोई महिला आधार कार्ड बनवाने, हवाई यात्रा करने या सरकारी लाभ लेने जाती है, तब भी उसे पहचान दिखानी होती है। फिर वोटिंग में क्यों नहीं?”

उनकी इस टिप्पणी पर विपक्षी दलों ने नाराजगी जताई। लोजपा (रामविलास) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “यह अनावश्यक रूप से हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बनाने की कोशिश है।” उन्होंने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पर्व में शांतिपूर्वक शामिल होने की अपील की।

खूबसूरती सिर्फ चेहरे की नहीं, सेहत की भी होती है!

असली सुंदरता चेहरों से नहीं, ऊर्जा और स्वभाव से झलकती है। जब आप खुद से प्रेम करना शुरू करते हैं।आपकी चाल, मुस्कान, और सोच सबमें सुंदरता उतर आती है।

जनचौपाल36/06/11/2025

सच्ची खूबसूरती केवल चेहरे की रंगत या सजावट में नहीं छिपी होती, बल्कि यह हमारे शरीर, मन और आत्मा की समग्र ऊर्जा से झलकती है। जब मन प्रसन्न होता है, शरीर तंदरुस्त रहता है और विचार सकारात्मक होते हैं – तभी चेहरे की चमक अपने आप बढ़ती है।

मन की सुंदरता

संगीत सुनिए:मधुर संगीत से ही संसार का सृजन हुआ है।दिन की शुरुआत हल्के संगीत से करें। यह मन को पुलकित करता है और आंतरिक तनाव कम करता है।
खुलकर हँसिए: हंसी अनमोल है और खुशी अनमोल खजाना।सौ तनावों पर विजय पाना है तो हंसिए जो इंसान हँस सकता है वही जीवन को समझ सकता है और अच्छे से जी सकता है।हँसी तनाव की सबसे सस्ती और असरदार दवा है। यह सुस्ती मिटाकर मन में हल्कापन भर देती है।

शरीर की सुंदरता

सुबह टहलना और दौड़ना: रोज सुबह टहलने और 10 मिनट दौड़ने की आदत डालें। यह शरीर को सक्रिय रखता है, दिल को स्वस्थ बनाता है और स्किन को ऑक्सीजन से भरपूर करता है।
डांस कीजिए: रोज थोड़ा डांस करें। इससे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है, फिटनेस सुधरती है और आत्मविश्वास स्वाभाविक रूप से बढ़ता है।
ताली बजाइए: ताली बजाने से शरीर में एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय होते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और एनर्जी का प्रवाह गतिशील रहता है।
तलवा और हथेली मलिए:इनसे ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है, स्किन टिश्यू तक ऑक्सीजन पहुँचती है और चेहरे पर नैचुरल ग्लो आता है।
नाखून रगड़िए:यह सरल क्रिया बालों की ग्रोथ को बढ़ाती है और त्वचा की उम्र घटाती है।

अब त्वचा पर ध्यान दीजिए खूबसूरती एक जादू है और सुंदरता के सभी दीवाने है।

त्वचा की सुंदरता

संतरे का जादू: संतरे का रस और ग्लिसरीन मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह दाग-धब्बों को हल्का करता है और त्वचा में ताजगी लाता है।
मुल्तानी मिट्टी का पैक:एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी में ग्लिसरीन और गुलाब जल मिलाकर 20 मिनट तक लगाएं। प्राकृतिक ग्लो तुरंत दिखाई देगा।
कच्चे दूध के निखार: कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरे पर लगाएं। यह रंग को निखारता है, डार्क सर्कल्स घटाता है और थकान मिटाता है।
नींबू, शहद और केसर के साथ: नींबू और दूध त्वचा का टोन समान करते हैं, शहद उसे मुलायम बनाता है और केसर हल्का सुनहरा आभा देता है।

सुझाव: इन घरेलू नुस्खों को हफ्ते में 2-3 बार अपनाएं और भरपूर पानी पीना न भूलें। क्योंकि जब शरीर भीतर से हाइड्रेटेड रहता है, तो त्वचा स्वाभाविक रूप से चमकदार बन जाती है।

डिस्क्लेमर:
यह जानकारी सामान्य जागरूकता पर है। बताए गए उपाय हर व्यक्ति की त्वचा, स्वास्थ्य या शारीरिक स्थिति पर समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकते। किसी भी घरेलू नुस्खे या रूटीन को अपनाने से पहले त्वचा या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।


चेतना का श्रृंगार नहीं: पूर्णिमा के प्रकाश में साक्षी भाव का रहस्य

श्रृंगार तो जड़ का होता है चेतना का नहीं,चेतना ही ईश्वर का स्वरूप है:

कार्तिक पूर्णिमा विशेष/लेख

चेतना का श्रृंगार कोई नहीं कर सकता, क्योंकि चेतना स्वयं पूर्ण है। श्रृंगार तो अपूर्णता की खोज है, और जो पूर्ण है उसे किसी सजावट की आवश्यकता नहीं। जब हम किसी वस्तु, रूप या देह को सजाते हैं—वह आत्मा का नहीं, जड़ का स्पर्श है। चेतना न तो रूप मांगती है, न आभूषण; वह निर्लिप्त, निराकार, और प्रकाशमान है। उसमें कोई जोड़-घटाव नहीं, केवल साक्षी भाव है।

यह साक्षी भाव ही ईश्वर का प्रतिबिंब है। जब देह इच्छाओं से भारी होती है—तब सूक्ष्म चेतना उसके भीतर बंधन अनुभव करती है। परंतु इच्छाओं के मिटते ही चेतना फिर स्वतंत्र उड़ान भरती है। शरीर मिटता है, चेतना नहीं। वह तो मौन के पार की एक अनहद ध्वनि है, जो स्वयं को और ब्रह्मांड को एक साथ जानती है। देह जहां समाप्त होती है, वहां से चेतना का नृत्य आरंभ होता है।

विज्ञान देह का विश्लेषण करता है; धर्म चेतना का। दोनों अपने-अपने मार्गों से सत्य की खोज करते हैं, पर उस क्षण जब अनुभव की सीमा से पार जाना होता है, वहां दोनों रुक जाते हैं। चेतना की अनुभूति किसी प्रमाण की मोहताज नहीं—वह स्वयं प्रमाण है। तत्व चाहे पांच कहो या सौ, चेतना उन्हें प्रत्यक्ष करती है, और स्वयं अछूती रहती है। यही उसका परम रहस्य है।

जब सूर्य उगता है, चेतना जागृत होती है। जब रात उतरती है, वह सुषुप्ति में चली जाती है। क्या यह नहीं दर्शाता कि हमारी चेतना का संबंध किसी सार्वभौमिक प्रकाश से है? शायद सूर्य, ईश्वर का वह दृश्यमान रूप है जो चेतना को ऊर्जा देता है। वह भीतर भी है, बाहर भी—और जब उसकी किरण भीतर उतरती है, तब मनुष्य तत्व नहीं, तेज बन जाता है—जड़ नहीं, जागरण।

अस्वीकरण:यह लेख विशुद्ध रूप से आध्यात्मिक, दार्शनिक और अनुभव-आधारित चिंतन पर आधारित है। इसे किसी भी धार्मिक या वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

राज्योत्सव पर गूंजा आसमान: ‘सूर्यकिरण’ टीम ने दिखाया वायु सेना का शौर्य

रायपुर, 5 नवम्बर 2025

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की “सूर्यकिरण” टीम ने रोमांचक एयर शो प्रस्तुत किया। उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित शासन के मंत्रीगण और हजारों दर्शकों ने इस शानदार प्रदर्शन का आनंद लिया। विमानों द्वारा आकाश में तिरंगा उकेरे जाने पर पूरा परिसर “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

“सूर्यकिरण” टीम के नौ हॉक एमके-132 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर और कॉम्बैट तेजस जैसे आकर्षक फार्मेशन बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने अपने कॉकपिट से ‘जय जोहार’ और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ का संदेश देते हुए राज्यवासियों का अभिवादन किया। वहीं हेलीकॉप्टर यूनिट ने स्काई-ऑपरेशन और स्लिपरी रेस्क्यू जैसे करतबों से वायु सेना की दक्षता का अद्भुत प्रदर्शन किया।

टीम के पायलटों ने तिरंगे के रंगों से आकाश में दिल और डीएनए जैसी आकृतियाँ बनाकर राज्योत्सव की शुभकामनाएँ दीं। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने लाइव कमेंट्री के माध्यम से पायलटों के अनुशासन, समर्पण और तकनीकी कौशल की जानकारी दी। पूरा शो एक घंटे तक चला और दर्शक विमानों की सटीक फॉर्मेशन और साहसिक करतबों को देखकर रोमांचित होते रहे।

एशिया की एकमात्र नौ-विमान वाली एरोबैटिक टीम “सूर्यकिरण” 1996 से अब तक भारत और विदेशों में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है।इस टीम का उद्देश्य देश के युवाओं में देशभक्ति और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा का उत्साह जगाना है। सूर्यकिरण वायु सेना की उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क की जीवंत मिसाल है।

सांसद बृजमोहन ने ‘सूर्यकिरण’ की सफलता पर जनता, रक्षा मंत्री और उपराष्ट्रपति का जताया आभार

रायपुर, 5 नवम्बर 2025

राजधानी रायपुर में सम्पन्न ‘सूर्यकिरण’ कार्यक्रम ने अपनी भव्यता और ऐतिहासिक सफलता से छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा में नया अध्याय जोड़ा। देश की सैन्य शक्ति, अनुशासन और जनसहभागिता के इस अनोखे संगम को देखने हजारों लोग एकत्र हुए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी आयोजकों, सैनिक बलों और नागरिकों का आभार जताया। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कार्यक्रम में सहयोग और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया तथा बताया कि उनके आमंत्रण पर ही रक्षा मंत्री ने इस आयोजन को स्वीकृति दी थी।

सांसद अग्रवाल ने उपराष्ट्रपति महोदय का भी धन्यवाद किया कि उन्होंने ‘सूर्यकिरण’ रजत जयंती समारोह में शामिल होकर इसकी गरिमा बढ़ाई। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देशभक्ति और नवयुवाओं की राष्ट्रसेवा भावना को नई दिशा देने वाला रहा है और आने वाले वर्षों में यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की पहचान और भारत की एकता का प्रतीक बना रहेगा।

अंग्रेजी हुकूमत के विरोधी: बस्तरीहा क्रांतिकारी गुण्डाधुर

रायपुर /बस्तर/ छत्तीसगढ़_ 05/11/2025

वीर शहीद गुण्डाधुर छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के एक महान आदिवासी क्रांतिकारी थे जिन्होंने 1910 में अंग्रेज शासन के विरुद्ध भूमकाल आंदोलन की शुरुआत की। वह नेतानार गाँव के धुरवा आदिवासी समुदाय से थे और अपने नेतृत्व, बहादुरी और संगठन क्षमता के लिए प्रसिद्ध थे।

गुण्डाधुर ने बस्तर के आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा। उन्होंने आम की टहनियों में लाल मिर्च बांधकर विद्रोह का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया था। उनका विद्रोह इतना प्रबल था कि अंग्रेजों को कुछ समय के लिए जंगलों की गुफाओं में छिपना पड़ा। उनके नेतृत्व में हजारों आदिवासियों ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और अत्याचारों का सामना किया और इसका खामियाजा अंग्रेजों को भारी नुकसान के रूप में भुगतना पड़ा।

अंग्रेजों द्वारा बस्तर के कई गांव जलाए गए, और सैकड़ों आदिवासी शहीद हो गए, मगर गुण्डाधुर अंत तक लड़ते रहे। 35 साल की उम्र में उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी और बस्तर की अस्मिता को बचाने के लिए संघर्ष किया। आज भी छत्तीसगढ़ के आदिवासी उन्हें महान नायक और शहीद के रूप में याद करते हैं, और उनके नाम पर आदिवासी क्षेत्रों में तीरंदाजी के उत्कृष्ट पुरस्कार भी दिए जाते हैं। गुण्डाधुर की गाथाएं और भूमकाल विद्रोह की कहानियां आज भी लोकगीतों और जनश्रुतियों में जीवित हैं।

संक्षेप में, गुण्डाधुर का नाम उस वीरता, संघर्ष और आदिवासी अधिकारों के लिए लड़ी गई लड़ाई के प्रतीक के रूप में अमर है, जिसने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ बस्तर को एक पहचान दिलाई। उनकी कहानियां आज भी आदिवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनका बलिदान इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।