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Friday, October 30, 2026
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डॉ. जय प्रकाश यादव बने BJMTUC के राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष, श्रमिक हितों को नई गति देने का संकल्प

प्रेस न्यूज़ / भिलाई_21।11।2025
भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भिलाई निवासी श्रमिक नेता डॉ. जय प्रकाश यादव को संगठन का राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह आदेश Ref. No. NP01/BJMTUC/25 दिनांक 14 नवम्बर 2025 को जारी हुआ, जो तत्काल प्रभाव से लागू माना गया है।

राष्ट्रीय महासचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, डॉ. यादव को तीन माह के भीतर राष्ट्रीय युवा समिति का गठन कर कार्यकारिणी के अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करना होगा। साथ ही देशभर में संगठित-असंगठित श्रमिक वर्ग की यूनियनों के पंजीयन कार्य को गति देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, ताकि मजदूरों को उनके वैधानिक अधिकार सुनिश्चित हो सकें।

भव्य स्वागत समारोह
पद ग्रहण के बाद भिलाई में संगठन कार्यालय में डॉ. यादव का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। अतिथियों का माल्यार्पण, ढोल-नगाड़े, आतिशबाज़ी और जयकारों के बीच समारोह में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष गोपी किशन यादव, शहर अध्यक्ष नीलकंठ धुर्वे, गलविंदर सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने अभिनंदन पत्र और शॉल भेंट कर स्वागत किया।

डॉ. यादव का उद्बोधन
अपने संबोधन में डॉ. जय प्रकाश यादव ने कहा—
“मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, वह मेरे लिए सम्मान की बात है। मजदूर वर्ग देश की रीढ़ है और हमारा दायित्व है कि उन्हें उनका पूरा हक और सम्मान दिलाया जाए।”
उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा देशव्यापी स्तर पर नई ऊर्जा के साथ श्रमिक हितों और सामाजिक न्याय की दिशा में ठोस कार्य करेगा। श्रमिकों को श्रम कानून, अधिकारों और सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक बनाना उनकी प्राथमिकता होगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि मजदूर आंदोलन को आधुनिक तकनीक और जनसंचार माध्यमों से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

संगठन की शुभकामनाएं और रणनीतिक बैठक
राष्ट्रीय नेतृत्व ने आशा व्यक्त की कि नए युवा मोर्चा अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठनात्मक मजबूती और श्रमिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम के उपरांत राधाकृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद विस्तृत बैठक हुई, जिसमें आने वाले महीनों के संगठन विस्तार और मजदूर हितों में चलाए जाने वाले अभियानों की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में गोपी किशन यादव, सोनि गायकी बोवकर, नामवर बोकर, स्नोबल डोंगरे, सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

औपचारिक सूचना
डॉ. जय प्रकाश यादव की नियुक्ति की औपचारिक सूचना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, मुख्य श्रम आयुक्त तथा BJMTUC के राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भेजी गई है।

छत्तीसगढ़ में ISIS का सोशल मीडिया नेटवर्क सक्रिय”

ISIS से प्रभावित दो नाबालिग ATS की गिरफ्त में

रायपुर, छत्तीसगढ़ | जनचौपाल36.कॉम |दीपक पाण्डेय

छत्तीसगढ़ एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने रायपुर में दो नाबालिग लड़कों को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से प्रभावित होने और उससे कथित रूप से जुड़े रहने के आरोप में हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लगातार साइबर निगरानी और तकनीकी सबूतों के आधार पर की गई है।

राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि ATS ने विस्तृत जांच के बाद दोनों युवकों को पकड़ा। उन्होंने कहा कि नाबालिग पाकिस्तान में सक्रिय ISIS मॉड्यूल से जुड़कर फेक आईडी के जरिए सोशल मीडिया पर सक्रिय थे और भारत में कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा फैलाने की कोशिश कर रहे थे।

श्री शर्मा ने जानकारी दी कि नाबालिग खुद भी भड़काऊ और चरमपंथी सामग्रियों से प्रभावित थे और इंस्टाग्राम पर दूसरों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि उन्हें छत्तीसगढ़ में ISIS का मॉड्यूल बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

ATS अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान से संचालित हैंडलर्स भारतीय युवाओं को टारगेट कर उन्हें रेडिकलाइज कर रहे थे। ये हैंडलर्स सोशल मीडिया, खासतौर पर इंस्टाग्राम ग्रुप चैट्स के माध्यम से नाबालिगों तक पहुंचे और उन्हें हिंसक व जिहादी कंटेंट फैलाने के लिए उकसाया।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों पर **गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम – UAPA, 1967** के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह राज्य में इस तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।

विजय शर्मा ने कहा कि ATS की साइबर निगरानी क्षमताएं और बढ़ाई जाएंगी ताकि ऐसे अन्य मामलों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध या एंटी-नेशनल सोशल मीडिया कंटेंट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।


सीमा क्षेत्र में दो दिन की कार्रवाई में 13 नक्सली ढेर

न्यूज़ डेस्क।दीपक पांडे_ 20/11/2025
छत्तीसगढ़

–आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बीते 24 घंटे में दो मुठभेड़ों में कुल 13 नक्सली मारे जाने की पुष्टि हुई है। मंगलवार को हुई पहली कार्रवाई में 6 और बुधवार सुबह मारेडुमिल्ली क्षेत्र में हुए एनकाउंटर में 7 नक्सलियों को ढेर किया गया।

आंध्र प्रदेश के इंटेलिजेंस एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि बुधवार सुबह 6.30 से 7 बजे के बीच हुए मुठभेड़ में मेटूरू जोगा राव उर्फ टेक शंकर सहित 7 नक्सली मारे गए। घटनास्थल से 4 पुरुष व 3 महिला नक्सलियों के शव और 2 एके-47 सहित कुल 8 हथियार बरामद किए गए।

अधिकारियों के अनुसार मारे गए नक्सलियों में साउथ जोनल कमेटी सदस्य, आंध्रा–ओडिशा बॉर्डर इंचार्ज, एरिया कमेटी सदस्य सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे नाम शामिल हैं। सभी पर लाखों का इनाम घोषित था।

सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को हुई पहली मुठभेड़ से बचकर निकले कुछ नक्सली भी इस कार्रवाई में मारे गए। सुरक्षाबलों ने जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, जो फिलहाल जारी है। पुलिस ने माओवादी केंद्रीय समिति के सचिव देवजी के मारे जाने की जानकारी को खारिज किया है।

एसीबी–EOW की बड़ी कार्रवाई: बेमेतरा जिला पंचायत CEO के सरकारी आवास सहित 7 जिलों में छापेमारी

एसीबी–EOW की यह समन्वित कार्रवाई प्रदेश में अब तक की प्रमुख छापेमार कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

बेमेतरा/छत्तीसगढ़, 20 नवंबर 2025।

छत्तीसगढ़ में एसीबी–ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने बुधवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर, गरियाबंद और महासमुंद सहित कुल 7 जिलों में करीब 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई कथित आरआई पदोन्नति (प्रमोशन) परीक्षा घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है।

सूत्रों के मुताबिक, इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें सामने आई थीं। 90 पदों की इस पदोन्नति परीक्षा में एक ही जगह बैठाकर कई पटवारियों से प्रश्नपत्र हल करवाए जाने और एक ही परिवार के 22 लोगों के चयन जैसे गंभीर आरोप मीडिया में पहले से चर्चा में रहे हैं। यही कारण है कि एसीबी–EOW ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की तलाश में एक साथ कई जगह कार्रवाई की।

बेमेतरा में जिला पंचायत CEO प्रेमलता पद्माकर के शासकीय आवास पर भी छापा
बेमेतरा में EOW की टीम ने बुधवार सुबह करीब 7 बजे जिला पंचायत CEO प्रेमलता पद्माकर के सरकारी आवास पर भी दबिश दी। तीन वाहनों में पहुंची टीम ने उनके निवास की तलाशी लेकर दस्तावेजों की पड़ताल की।

प्रेमलता पद्माकर राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) 2014 बैच की अधिकारी हैं और 6 महीने पहले ही बेमेतरा जिला पंचायत में CEO के रूप में पदस्थ हुई हैं। इससे पहले वे उपायुक्त, भू-अभिलेख के रूप में कार्यरत थीं, और इसी कार्यालय से आरआई भर्ती/पदोन्नति प्रक्रिया संचालित होती है। इसी कारण उनकी भूमिका की जांच के सिलसिले में टीम उनके आवास पहुंची।

बेमेतरा में कार्रवाई के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा। टीम द्वारा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।


पर्यावरण सुधार को ऐतिहासिक अनुदान: सांसद बृजमोहन ने कहा—यह सिर्फ राशि नहीं, सेहत की ढाल”

रायपुर/नई दिल्ली _19/11/2025

सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयासों से राजधानी समेत कोरबा और दुर्ग-भिलाई को पर्यावरण सुधार के लिए 301.69 करोड़ रुपये का स्वच्छ वायु अनुदान स्वीकृत हुआ है। इसमें रायपुर को अकेले 151.59 करोड़ मिले—जो अब तक का सबसे बड़ा पैकेज माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पत्र जारी कर बताया कि तीनों शहर वायु गुणवत्ता मानकों में पीछे रहने के कारण राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) में शामिल किए गए हैं, जिसके बाद मूल्यांकन के आधार पर यह राशि स्वीकृत हुई।

अनुदान पर आभार जताते हुए सांसद अग्रवाल ने कहा कि यह “सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सेहत का सुरक्षा कवच है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर रुपये का उपयोग पारदर्शिता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए किया जाएगा।

NEERI और CPCB की रिपोर्ट में सिलतरा व रायपुर औद्योगिक क्षेत्र को क्रिटिकली पोल्यूटेड बताया गया है। इसी आधार पर राज्य पर्यावरण मंडल को उरला, सिलतरा, कोरबा और भिलाई औद्योगिक क्लस्टरों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सांसद अग्रवाल की पहल से संसद में उठी जनता की आवाज़ अब जमीनी स्तर पर बड़े बदलाव का रास्ता खोल रही है।

बेमेतरा में धान खरीदी रफ्तार पर — दूसरे दिन 19,172 क्विंटल की रिकॉर्ड खरीदी

बेमेतरा/छत्तीसगढ़_18।11।2025

धान उपार्जन सीजन 2025-26 में बेमेतरा जिले में खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है। दूसरे दिन जिले के 129 केंद्रों में से 56 केंद्रों पर कुल 19,172 क्विंटल धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई। कलेक्टर रणबीर शर्मा की सतत निगरानी और सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते सभी केंद्रों पर खरीदी निर्बाध रही।
धान खरीदी के प्रमुख आंकड़े:
मोटा धान: 10,212.40 क्विंटल
पतला धान: 3,312.80 क्विंटल
सरना धान: 5,646.80 क्विंटल
कुल खरीदी: 19,172 क्विंटल

केंद्रों में सुबह से किसानों की सक्रिय भीड़ रही। टोकन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक तुलाई, छाया-पेयजल सहित सभी सुविधाओं ने प्रक्रिया को सहज बनाया। किसानों ने बताया कि इस बार व्यवस्थाएँ अधिक पारदर्शी व समयबद्ध हैं।

कलेक्टर शर्मा पूरे दिन खरीदी केंद्रों की मॉनिटरिंग करते रहे। अधिकारियों को खरीदी की गति और तेज करने निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
आँकड़े बताते हैं कि इस सीजन में धान खरीदी शुरू से ही सकारात्मक रफ्तार पर है, और आने वाले दिनों में खरीदी और बढ़ने की उम्मीद है।

“मोह का प्रभाव और बढ़ता असंतोष”

लेख आलेख/जनचौपाल 36 _18/11/2025

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोह और तुलना लोगों के भीतर असंतोष और बेचैनी बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब इंसान अपने पास मौजूद चीज़ों से संतुष्ट न होकर दूसरों की उपलब्धियों और वस्तुओं पर मोहित होता है, तो चेतना में दूरी और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है।
मुख्य कारण:
सोशल मीडिया और सामाजिक तुलना
तात्कालिक लाभ की प्रवृत्ति
अभाव और भय की मानसिकता
उपाय:
रोज़ाना तीन आभारी बातें लिखें
ज़रूरत और चाह में अंतर समझें
सोशल मीडिया का समय कम करें
अपनी उपलब्धियों को स्वीकारें
छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें

जब भी हम किसी वस्तु या स्थिति के कारण असंतोष अनुभव करें, एक पल रुकें, गहरी सांस लें, और पूछें—”क्या यह वाकई हमारे अभी के अहंकार को संतुष्ठ कर रहा है?” – संतोष का अभ्यास: जो है उसी में पूर्णता ढूंढना, न कि जो नहीं है उसे पाने की मानसिकता।

निष्कर्ष:
असंतोष का हल बाहरी चीज़ों में नहीं, बल्कि आत्म-स्वीकृति और संतोष के अभ्यास में है।

{Tapeworms (फीताकृमि)} का खतरा: ठंड में हरी सब्ज़ियों से होने वाले ‘घातक’ स्वास्थ्य खतरे को जानें

टेपवर्म {Tapeworms} की फेवरेट हैं ये 5 सब्ज़ियां: सावधान!

लेख आलेख जनचौपाल36_18/11/2025

ठंड का मौसम अपने साथ ढेर सारी हरी, ताज़ी सब्ज़ियां लाता है। इन रंगीन और पोषण से भरपूर सब्ज़ियों को देखकर ही मन करता है कि इन्हें ज़रूर खरीदा जाए, ताकि सेहत को फ़ायदा मिल सके। लेकिन क्या आप जानते हैं, कुछ सब्ज़ियां ऐसी भी होती हैं, जिन्हें ठीक से साफ़ न किया जाए, तो वे आपके शरीर में घातक बीमारियों को जन्म दे सकती हैं?

खतरे की घंटी: इन कीड़ों को वैज्ञानिक भाषा में टेपवर्म (Tapeworm) या फीताकृमि कहा जाता है। ये दिमाग में पहुँचकर न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस जैसी घातक बीमारियाँ, साथ ही लिवर और मसल्स को भी डैमेज कर सकते हैं।

1. फूलगोभी और बंदगोभी (Cauliflower and Cabbage)
सबसे बड़ा खतरा: फीताकृमि के लिए ये दोनों सबसे ‘पसंदीदा’ सब्ज़ियां हैं। इनमें बेहद छोटे-छोटे कीड़ें लग सकते हैं, जो अक्सर नंगी आँखों से दिखाई भी नहीं देते।कैसे खाएं: सबसे बुरी बात यह है कि इनमें से कुछ कीड़े अधिक तापमान पर भी ज़िंदा रह जाते हैं। इसलिए इन्हें हमेशा गर्म पानी से अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएं।

2. बैंगन (Brinjal/Eggplant)
खतरे की जगह: बैंगन के बीज फीताकृमि (कीड़ों) के चिपकने के लिए ख़ास जगह होते हैं।कैसे खाएं: बैंगन को हमेशा काटकर अंदर से अच्छी तरह देख लेना चाहिए, ताकि कोई कीड़ा या लार्वा न हो। इसे हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए।3. शिमला मिर्च (Capsicum)
बचने का तरीका: शिमला मिर्च को कच्ची (Salad में) या कम पकाकर खाने से बचें। कुछ लोग क्रंची फ्लेवर के लिए इसे सब्ज़ी में सबसे आखिर में डालते हैं और ज़्यादा नहीं पकाते, जो खतरनाक साबित हो सकता है।

4. अरबी के पत्ते (Taro Leaves/Patra)
पसंदीदा ठिकाना: अरबी के पत्ते भी टेपवर्म या फीताकृमि कीड़ों की फेवरेट जगह होते हैं।कैसे खाएं: इनका इस्तेमाल करने से पहले इन्हें गर्म पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए।5. परवल (Pointed Gourd)
छिपा हुआ खतरा: कई लोग सोचते हैं कि इसमें कोई कीड़ा नहीं होता, लेकिन इसमें भी टेपवर्म का लार्वा होने का रिस्क रहता है।
कैसे खाएं: बेहतर होगा कि आप इसके बीज को निकालकर और इसे अच्छे से पकाकर ही खाएं। यह आपके लिए सबसे सुरक्षित तरीका है।




सुप्रीम कोर्ट ने टेट्रा पैक में शराब की बिक्री पर जताई गंभीर चिंता

नई दिल्ली: 18 नवंबर 2025

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में शराब को टेट्रा पैक में बेचने की प्रथा पर सख्त टिप्पणी करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की पैकेजिंग आम लोगों और खासकर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक और भ्रमित करने वाली हो सकती है।

🚨 सुप्रीम कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां:
जूस जैसा दिखना :_ कोर्ट ने टेट्रा पैक में रखी व्हिस्की को देखकर आश्चर्य व्यक्त किया और टिप्पणी की, “यह क्या है, जूस का पैकेट?” जजों ने कहा कि पैकेजिंग देखने में बिल्कुल भी शराब जैसी नहीं लगती, बल्कि जूस या अन्य पेय पदार्थों के पैकेट जैसी दिखती है।

👉 बच्चों तक आसान पहुँच का खतरा: माननीय पीठ ने चिंता जताई कि इस भ्रामक पैकेजिंग के कारण स्कूली बच्चे इसे आसानी से अपने बैग में ले जा सकते हैं, और माता-पिता भी इसका पता नहीं लगा पाएंगे।

राजस्व बनाम जन स्वास्थ्य: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि वे जन स्वास्थ्य के बजाय राजस्व (Revenue) को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि सरकारें लोगों के स्वास्थ्य के साथ व्यापार कर रही हैं।

चेतावनी का अभाव: पीठ ने यह भी नोट किया कि टेट्रा पैक पर शराब से संबंधित वैधानिक (Statutory) चेतावनियां भी नहीं हैं।
यह टिप्पणी दो शराब कंपनियों के बीच ट्रेडमार्क विवाद की सुनवाई के दौरान की गई, जब कोर्ट के सामने व्हिस्की के टेट्रा पैक प्रदर्शित किए गए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इस मुद्दे को ‘बहुत गंभीर’ सार्वजनिक हित का मामला बताया और पक्षों से आग्रह किया कि वे जनहित में टेट्रा पैक के मुद्दे पर विचार करें।

राज्य में अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी, प्रशासन सख्त

रायपुर, 17 नवंबर 2025

राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने अवैध धान परिवहन पर रोक लगाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। सीमावर्ती चेकपोस्टों पर निगरानी तेज कर दी गई है ताकि बाहरी राज्यों से धान की अवैध आवक पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

जशपुर जिले में कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने झारखंड सीमा से लगे चेकपोस्टों का देर रात औचक निरीक्षण किया। टीम में तहसीलदार जयश्री राजनपथे, नायब तहसीलदार अरुण कुमार, फूड इंस्पेक्टर आलोक टोप्पो, मंडी निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक और पटवारी शामिल थे। अधिकारियों ने भलमंडा, सकरडेगा और साईंटांगाटोली चेकपोस्टों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, वाहन जांच प्रक्रिया और निगरानी प्रणाली की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। स्थानीय सरपंचों और सचिवों से भी अपील की गई कि सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल दें।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती इलाकों में चौबीसों घंटे निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।