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अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नए संवाद मंच की चर्चा, ‘C5’ प्रस्ताव पर वैश्विक निगाहें

“वैश्विक क्षितिज पर विकास के साथ नए कूटनीतिक संबंधों की संभावनाओं का उभरता संकेत”

खबर मीडिया सूत्र _13/12/2025

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के क्षेत्र में इन दिनों एक नई चर्चा उभरती नजर आ रही है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (National Security Strategy) के एक अब तक प्रकाशित न हुए ड्राफ्ट में ‘Core-5’ या ‘C5’ नामक एक संभावित विचार का उल्लेख किया गया है। इस प्रस्ताव में अमेरिका, भारत, चीन, रूस और जापान जैसे प्रमुख वैश्विक देशों को एक साझा संवाद मंच पर लाने की परिकल्पना बताई जा रही है।

हालाँकि, यह जानकारी केवल मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है और अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस तरह की किसी पहल की आधिकारिक घोषणा या पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस विचार का उद्देश्य प्रमुख वैश्विक शक्तियों के बीच रणनीतिक संवाद को मजबूत करना और उभरते भू-राजनीतिक मुद्दों पर सहयोग की संभावनाएँ तलाशना हो सकता है।

मीडिया सूत्रों के अनुसार, यदि इस प्रकार का कोई संवाद मंच भविष्य में आकार लेता है, तो उसकी शुरुआती बैठकों में मध्य-पूर्व की स्थिरता, क्षेत्रीय संघर्षों में कमी और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा सकती है। यह विचार ऐसे समय सामने आया है जब वैश्विक राजनीति में बहुध्रुवीयता (Multipolar World Order) की भूमिका लगातार बढ़ रही है और पारंपरिक कूटनीतिक ढाँचों पर पुनर्विचार की बातें हो रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मानते हैं कि यह चर्चा अमेरिकी विदेश नीति में संभावित वैचारिक मंथन को दर्शा सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि यह प्रस्ताव केवल एक ड्राफ्ट स्तर का विचार बताया जा रहा है।

पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना: अब 125 दिनों का रोजगार गारंटी — मनरेगा का नाम बदला

मनरेगा का नाम हुआ पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना

नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2025

सरकारी ग्रामीण रोजगार योजना में बड़ा बदलाव: मनरेगा का नाम अब ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ कर दिया गया है। केंद्रीय कैबिनेट की शुक्रवार को हुई बैठक में योजना के नाम के साथ-साथ इसके ढांचे में भी व्यापक सुधार का ऐलान किया गया। इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाना तथा रोजगार की वास्तविक गारंटी सुनिश्चित करना है।

मोदी सरकार ने मनरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष मिलने वाले रोजगार की अवधि को भी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है। इससे विशेष रूप से जंगली और आपदा-प्रवण इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को स्थिर आय और बेहतर आजीविका का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिये यह योजना सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा जाल में से एक मानी जाती है।

सरकार ने न केवल नाम और रोजगार अवधि में बदलाव किया है, बल्कि योजना के कार्यान्वयन में सुधार लाने की दिशा में भी कई कदम उठाए हैं। डिजिटल हाजिरी (डिजिटल अटेंडेंस) प्रणाली को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि फर्जी जॉब कार्ड, गलत फोटो और अन्य मनरेगा से जुड़े कदाचारों को रोका जा सके। इसके अलावा, गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता देने तथा अप्रासंगिक गतिविधियों को हटाने की भी योजना बनाई जा रही है।
मनरेगा की शुरुआत 2005 में यू.पी.ए. शासनकाल में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के रूप में हुई थी और 2009 में इसका नाम ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ रखा गया।

आज यह योजना लगभग 15 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराती है, जिसमें करीब एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएँ हैं।
सरकार का कहना है कि ये बदलाव योजना की पारदर्शिता बढ़ाने, ग्रामीण-शहरी पलायन घटाने और खासकर महिलाओं की भागीदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। ये प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेंगे।

शिवमहापुराण कथा में भक्ति शक्ति और करुणामय महादेव का संदेश है_ज्योतिर्मयानंद सरस्वती

स्वामी ज्योतिर्मयानंद बोले—अनजाने में भी की गई भक्ति मोक्ष का मार्ग खोल देती है।

बेमेतरा :_शिव महापुराण/ 12/12/2025

बेमेतरा की कृषि उपज मंडी में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान कथा-स्थल में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का गहन वातावरण बना रहा।

स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी ने शिव महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव संसार के सबसे करुणामय देव हैं—

“भोलेनाथ पर यदि भूलवश भी बिल्वपत्र या जल अर्पित हो जाए, तो वे पापी से पापी जीव को भी पावन कर देते हैं।”

स्वामी जी ने पुराणों में वर्णित व्याध प्रसंग को सामने रखते हुए कहा कि एक दुष्ट प्रवृत्ति वाला शिकारी शिवरात्रि की रात्रि में बिल्व वृक्ष पर बैठा था और अनजाने ही उसके द्वारा जल तथा बिल्वपत्र शिवलिंग पर चढ़ते रहे। तीन पहर बीतने पर स्वयं भगवान शिव प्रकट हुए और व्याध को आशीष देते हुए कहा कि अनजाने ही की गई पूजा भी उद्धार का मार्ग बन जाती है। शिव ने उसे अगले जन्म में पुण्यात्मा निषादराज बनने का वरदान दिया।
स्वामी जी ने कहा कि यह प्रसंग बताता है कि,

“शिव भाव के भूखे हैं, कर्मकांड के नहीं”

उनके लिए भक्ति की पवित्रता ही सर्वोपरि है।

कथा को आगे बढ़ाते हुए स्वामी जी ने ब्रह्मा–नारद संवाद और सूत जी और ऋषियों की जिज्ञासा के साथ बारह ज्योतिर्लिंगों की महिमा का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि—

“ज्योतिर्लिंगों का प्रत्यक्ष दर्शन न हो, तो केवल इनके नामों का स्मरण भी मोक्षकारी माना गया है।”

दक्ष की 27 कन्याओं और चंद्रमा के विवाह प्रसंग का उल्लेख करते हुए स्वामी जी ने सामाजिक संदेश देते हुए कहा कि नेतृत्व वही है जो सभी का समान पालन-पोषण करे। परिवार से लेकर शासन तक, सभी को समान अवसर और सुरक्षा देना ही सच्चा धर्म है।

अंत में स्वामी जी ने शिव के औघड़, दिगंबर और करुणामय स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा—

“जो शिव को स्मरण करता है, वह रोग, शोक और भय से मुक्त होकर शांति के मार्ग पर अग्रसर होता है।”

पुतिन–मोदी मुलाकात के बाद ट्रंप की एंट्री! फोन कॉल में क्या बोले, क्यों बदली अमेरिका की चाल?

12 दिसंबर 2025 | नई दिल्ली।

वैश्विक राजनीति में घटनाएँ यूँ ही नहीं घटतीं, वे संकेत छोड़ती हैं—और यही संकेत भारत की बदलती सामरिक हैसियत को पूरी दुनिया के सामने रख रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिल्ली यात्रा के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर भारत–अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। यह कॉल केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि आने वाले समय की भू-राजनीतिक दिशा का संकेत थी।

दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर गहराई से चर्चा की। ट्रंप ने विशेष रूप से AI, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर्स और क्लीन एनर्जी जैसे भविष्य-निर्धारक सेक्टरों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। विश्लेषकों का मानना है कि यह अमेरिका का स्पष्ट संकेत है कि एशिया में शक्ति-संतुलन का केंद्र भारत है और उसे साथ रखना अब अमेरिका की रणनीतिक बाध्यता बन चुका है।

पुतिन–मोदी मुलाकात ने यह दिखाया कि भारत–रूस संबंध अब भी विश्वास और रणनीतिक निरंतरता पर आधारित हैं। यही कारण है कि ट्रंप का फोन यह स्वीकारोक्ति भी माना जा रहा है कि बदलते वैश्विक गठबंधनों में भारत को नज़रअंदाज़ कर अमेरिका कोई खेल नहीं खेल सकता। भारत अपनी स्वतंत्र, संतुलित और बहुपक्षीय विदेश नीति के चलते आज दोनों ध्रुवों से संवाद बनाए रखने में सक्षम है।

इसी बीच चर्चा है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी आने वाले महीनों में भारत की यात्रा कर सकते हैं। यदि यह होता है तो रूस, अमेरिका और यूक्रेन—तीनों के बीच भारत की मध्यस्थ भूमिका और अधिक मजबूत हो जाएगी।


समाचार निष्कर्ष —भारत अब ‘पिवट स्टेट’ नहीं, एक ‘पावर स्टेट’ बनकर उभर रहा है, और वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में उसकी भूमिका निर्णायक होती जा रही है।

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 : महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए सभी जिलों में होगी कविता–कहानी प्रतियोगिता

30 दिसंबर तक जमा होंगी प्रविष्टियाँ, विजेताओं को मिलेगा राज्य स्तरीय मंच और आकर्षक पुरस्कार।

रायपुर, 11 दिसंबर 2025।

नवा रायपुर में जनवरी 2026 में होने वाले रायपुर साहित्य उत्सव से पहले प्रदेश के सभी जिलों में महाविद्यालयीन छात्र–छात्राओं के लिए कहानी एवं कविता प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य युवाओं में साहित्य सृजन की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाना है।

प्रत्येक जिले में प्रतियोगिता का संचालन करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थी अपनी मौलिक, अप्रकाशित और टंकित कहानी या कविता 30 दिसंबर 2025 तक संबंधित जिले के नोडल अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकेंगे। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियाँ शामिल नहीं की जाएँगी।

जिला स्तर पर विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे और प्रथम स्थान प्राप्त प्रविष्टियाँ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भेजी जाएँगी। राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ कहानी और कविता की घोषणा रायपुर साहित्य उत्सव (23–25 जनवरी 2026) में की जाएगी, जहाँ विजेताओं को मुख्य मंच पर सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार राशि
जिला स्तर:
प्रथम पुरस्कार : ₹5,100
द्वितीय पुरस्कार : ₹3,100
तृतीय पुरस्कार : ₹1,500
तीन प्रोत्साहन पुरस्कार : ₹1,000-₹1,000

राज्य स्तर:
प्रथम पुरस्कार : ₹21,000
द्वितीय पुरस्कार : ₹11,000
तृतीय पुरस्कार : ₹7,000
तीन प्रोत्साहन पुरस्कार : ₹5,100-₹5,100

कविता न्यूनतम 8 छंदों की और कहानी 1200 शब्दों के भीतर होनी चाहिए। प्रतिभागी किसी महाविद्यालय/विश्वविद्यालय का विद्यार्थी हो तथा उसकी आयु 40 वर्ष से कम हो। प्रविष्टि के साथ संस्थान का परिचय पत्र या प्राचार्य का प्रमाणपत्र अनिवार्य है।

जिला और राज्य स्तर पर चयनित कहानियों एवं कविताओं का विशेष संकलन प्रकाशित किया जाएगा, जिसका विमोचन रायपुर साहित्य उत्सव के मंच पर किया जाएगा।

लिफाफे या प्रविष्टि के प्रारंभ में “युवा हिंदी कविता–कहानी लेखन प्रतियोगिता” अंकित करना अनिवार्य है।

लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड पर तत्काल कार्रवाई की मांग की

सांसद ने आग्रह किया कि नागरिकों की मेहनत की कमाई को बचाने के लिए AI-बेस्ड सुरक्षा तंत्र तुरंत लागू किए जाएँ।

रायपुर/नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025।

लोकसभा के शून्यकाल में रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी को गंभीर राष्ट्रीय संकट बताते हुए तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में AI-आधारित सेफ्टी-होल्ड गाइडलाइंस, एस्क्रो मैकेनिज्म, तथा AI-Enabled Banking Friction जैसे सुरक्षा उपाय तुरंत लागू किए जाएँ।

अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम अब केवल साइबर अपराध नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक आतंक का उन्नत रूप बन चुका है। अपराधी वीडियो कॉल के जरिए खुद को CBI या पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को घंटों नहीं, बल्कि कई दिनों तक “डिजिटल बंदी” बनाकर रखते हैं। झूठी कानूनी धमकियों के बीच पीड़ित मानसिक दबाव में आकर अपनी जीवनभर की कमाई तक ट्रांसफर कर देते हैं।

उन्होंने एक हालिया घटना का उल्लेख किया जिसमें एक महिला ने सितंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच ₹32 करोड़ गँवा दिए। अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ केवल आर्थिक चोरी नहीं, बल्कि नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा हमला हैं।उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही डिजिटल अरेस्ट को राष्ट्रीय चुनौती घोषित कर चुका है और अब तक खासकर वरिष्ठ नागरिक ₹3,000 करोड़ से अधिक की राशि खो चुके हैं।

उन्होंने कहा, “जब कोई पीड़ित दबाव में आकर मिनटों में अपनी जमा-पूंजी का 80–90% ट्रांसफर कर देता है, तो वर्तमान बैंकिंग सिस्टम उसे सामान्य ट्रांजैक्शन की तरह प्रोसेस करता है। यह प्रणाली बदले बिना सुधार संभव नहीं।”सिंगापुर के मनी-लॉक फीचर और कूलिंग ऑफ पीरियड का उदाहरण देते हुए अग्रवाल ने कहा कि भारत को भी ऐसे AI-सक्षम सुरक्षा ढाँचे अपनाने होंगे।

“लगातार 3 बार वोट न करने पर नाम हटाने का सुझाव” — सांसद के बयान पर बहस तेज

नई दिल्ली_11/12/1025

संसद में चुनाव सुधारों पर चल रही चर्चा के दौरान राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल ने यह सुझाव दिया कि जो मतदाता लगातार तीन बार मतदान में हिस्सा नहीं लेते, उनके नाम को मतदाता सूची से हटाने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। उनके इस प्रस्ताव ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर नई बहस को जन्म दिया है।

सांसद ने कहा कि मतदान लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल जिम्मेदारी है और लगातार अनुपस्थित रहने वालों पर कुछ “जवाबदेही” तय होनी चाहिए। संसद में मौजूद सदस्यों ने इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की। कुछ सदस्यों का कहना था कि यह मतदान प्रतिशत बढ़ाने का एक तरीका हो सकता है, जबकि अन्य ने इसे अत्यधिक कठोर बताया।

विशेषज्ञों की राय
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए वर्तमान में स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया तय है, जिसमें मतदाता को नोटिस देना अनिवार्य है। वे कहते हैं कि किसी भी बदलाव के लिए पूर्व सूचना, विस्तृत कानूनी संशोधन और व्यापक सहमति आवश्यक होगी।

चुनाव आयोग का प्रावधान
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल
निर्धारित कारणों,सत्यापन,और नोटिस जारी होने
के बाद ही की जा सकती है। इसलिए किसी भी नए प्रस्ताव पर विचार करने से पहले विधिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

लोकतांत्रिक संदर्भ
विशेषज्ञों का मानना है कि मतदान के प्रति जागरूकता और सुविधा बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए, ताकि लोग स्वेच्छा से मतदान केंद्रों तक पहुंचें। मतदाता शिक्षा, सुविधा और डिजिटल सेवाओं को सशक्त करना अधिक प्रभावी कदम माने जाते हैं।


बलौदा बाजार–बेमेतरा अंचल में अवैध शराब कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार

छत्तीसगढ़/11/12/2025

बलौदा बाजार जिले के पलारी और बेमेतरा जिले के नवागढ़ क्षेत्र में पुलिस ने अवैध कच्ची महुआ शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित नेटवर्क को तगड़ा झटका दिया है। एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर पलारी थाना क्षेत्र में और एसडीओपी नवागढ़ के मार्गदर्शन में हुई दो अलग-अलग कार्यवाहियों ने महीनों से सक्रिय अवैध कारोबारियों की कमर तोड़ दी है।

पलारी: घने जंगलों में छिपी अवैध डिस्टिलरियों का भंडाफोड़
पलारी थाना अंतर्गत खैरी गांव और आसपास के जंगल लंबे समय से कच्ची महुआ शराब के निर्माण का सुरक्षित ठिकाना बने हुए थे। यहां से हर महीने लाखों रुपये की शराब की तस्करी पूरे अंचल में संचालित की जाती थी। गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने जंगलों में छापेमारी की और बड़ी मात्रा में अवैध शराब उत्पादन को धराशायी कर दिया।

पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। कार्रवाई में
500 लीटर तैयार महुआ शराब,
500 क्विंटल से अधिक महुआ पास (कच्चा माल),
शराब बनाने में उपयोग होने वाले बर्तन, गैस चूल्हे और उपकरण जब्त किए गए।

पिछले छह महीनों से पलारी पुलिस विशेष रणनीति के साथ इस नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी। लगातार जांच, गुप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई और जंगलों में सर्च अभियान के चलते अवैध माफिया पर कड़ा प्रहार किया गया है।

नवागढ़: 50 लीटर कच्ची शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार

नवागढ़ पुलिस ने भी अलग कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के खिलाफ सख्ती दिखाई। मुखबिर की सूचना पर कटोद निवासी सुख सागर टंडन उर्फ सागर उर्फ डोडिया को 50 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। मौके पर पुलिस ने शराब बनाने की प्रक्रिया भी चलते हुए देखी और उपयोग होने वाले बर्तन, तबेला और सामान जब्त किए।
जब्त की गई शराब की कीमत लगभग ₹5000 बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
कार्रवाई का प्रभाव: अवैध नेटवर्क पर बड़ी चोट
दोनों स्थानों पर की गई कार्यवाहियों से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा है। महीनों से सक्रिय कच्ची शराब उत्पादन और तस्करी के नेटवर्क को पुलिस ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसे अवैध कारोबार पर आगे भी सख्त और निरंतर कार्यवाही जारी रहेगी।



शिव महापुराण कथा का दिव्य प्रवाह — शिव–पार्वती विवाह प्रसंग ने भक्तों को भाव-विभोर किया

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ _10/12/2025

बेमेतरा की कृषि उपज मंडी इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान है, जहां दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी द्वारा शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन जारी है। कथा का पांचवा दिन भी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण रहा। बेमेतरा के साथ ही कवर्धा, खमरिया और नवागढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर दिव्य कथा श्रवण का लाभ ले रहे हैं।

आज के प्रवचन में स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी ने शिव–पार्वती विवाह प्रसंग को अत्यंत भावपूर्ण और शास्त्रोक्त विधि से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—ये चारों पुरुषार्थ शिव आराधना से सहजता से प्राप्त होते हैं, क्योंकि शिव ही ज्ञान, ऊर्जा, प्राण और समग्र सृष्टि के आधार हैं।

स्वामी जी ने कहा कि शिव ने शक्ति को आदिशक्ति जगदम्बा के रूप में प्रकट कर सृष्टि की रचना का शुभारंभ किया। आदिशक्ति की अष्टभुजाएं अपार सामर्थ्य का प्रतीक हैं, जिनकी उपासना से मनुष्य को दिव्य बल प्राप्त होता है।

सूत जी महाराज के पुराण वचनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिशक्ति जगत को मोहिनी रूप में संचालित करती हैं, वहीं शिव कर्पूर-गौर रूप धारण कर कामदेव को भी मोहित कर देते हैं। धतूरा, शमीपत्र, अक्षत और जलाभिषेक शिव को अत्यंत प्रिय हैं, जो उनके सर्वांग पूजा का आधार है।

गौ महिमा पर बोलते हुए स्वामी जी ने कहा कि गौ सेवा ही देव सेवा है, क्योंकि 33 करोड़ देवता गौ माता के शरीर में वास करते हैं। उन्होंने बताया कि मृत्यु के समय मनुष्य का कोई साथ न दे, परंतु गौ माता का दर्शन और स्पर्श ही जीव को मोक्ष की ओर ले जाता है।

स्वामी जी ने बताया कि सलधा स्थित सपाद लक्ष्मेश्वर धाम में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का विराट आयोजन चल रहा है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपने और अपने परिजनों के नाम से शिवलिंग अर्पित कर रहे हैं। यहां एक शिवलिंग से सवा लाख शिवलिंगों का जलाभिषेक होने का अद्भुत पुण्य प्राप्त होगा। धाम में गौ सेवा, विद्यार्थी शिक्षा और लोककल्याण के विविध कार्य भी संचालित हैं।

कथा के समापन में स्वामी जी ने कहा कि शिव स्मरण मात्र से ही जीव को पुण्य प्राप्त होता है, और पार्थिव पूजा करने वाला भक्त सायुज्य मुक्ति का अधिकारी बन जाता है। उन्होंने बताया कि काशी शिव को अत्यंत प्रिय है और उसका निर्माण स्वयं भगवान शिव ने किया है।
भक्तों ने स्वामी जी के दिव्य प्रवचनों का आनंद लिया और कथा स्थल पूरे दिन शिवमय माहौल से आलोकित रहा।

“भारत के न्यूक्लियर भविष्य की दिशा — लोकसभा में सांसद बृजमोहन ने उठाया स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) का मुद्दा”

नई दिल्ली/रायपुर, 10 दिसंबर 2025 —

रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) के महत्व को लेकर एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि SMR भारत के ऊर्जा भविष्य में हरित, सुरक्षित और उद्योग केंद्रित समाधान के रूप में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। सांसद ने सरकार से छत्तीसगढ़ में NTPC के साथ 2025 में किए गए परमाणु प्रोजेक्ट्स के MoU के तहत परियोजनाओं की स्थिति और क्षमता पर विस्तृत जानकारी मांगी।

अग्रवाल ने SMR के वित्तीय एवं परिचालन मॉडल, बीओटी, पीपीए गारंटी और निजी निवेश के माध्यम से तैनाती बढ़ाने के उपायों पर केंद्र से जवाब मांगा। साथ ही, उन्होंने स्थानीय विनिर्माण के लक्ष्यों, सुरक्षा मानकों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों और नियामक पारदर्शिता के बारे में विवरण की मांग की। सांसद ने यह भी पूछा कि कैसे SMR आधारित ऊर्जा प्रतिस्पर्धी टैरिफ पर उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उद्योग प्रोत्साहित हो सकें।

राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर ने 200 मेगावाट के भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (BSMR-200) का डिजाइन शुरू किया है। इसके अलावा, 5 मेगावाट हाई-टेंपरेचर गैस-कूल्ड रिएक्टर भी विकसित किया जा रहा है, जो हाइड्रोजन उत्पादन और औद्योगिक डीकार्बनाइजेशन में मदद करेगा।

एनटीपीसी ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों के साथ भी MoU किए हैं, जिनका उद्देश्य राज्य में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के विकास के नए अवसर तलाशना है। सांसद अग्रवाल ने कहा, “SMR तकनीकी क्रांति के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और भारत के उद्योगों का ऊर्जा भविष्य हैं। यह कदम आर्थिक विकास और पर्यावरण सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित करेगा।”