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नोटों के पहाड़ से हिली वर्दी की साख: CBI की कार्रवाई से रक्षा गलियारों में हलचल

यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी सवाल है जो वर्दी और व्यवस्था पर टिका होता है।एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस कथित रिश्वत के बदले देश की सुरक्षा से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी साझा की गई।

नईदिल्ली/21/12/2025

दिल्ली के एक बंद कमरे में फैला नकदी का अंबार, अलमारियों में कपड़ों से ज्यादा गुलाबी नोटों की गड्डियां और नोट गिनते-गिनते थकी जांच टीम—यह दृश्य किसी फिल्मी पटकथा जैसा नहीं, बल्कि CBI की उस कार्रवाई का हिस्सा है जिसने देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के आवास पर छापेमारी के दौरान करीब 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं।

CBI के अनुसार, यह कार्रवाई 19 दिसंबर 2025 को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। एजेंसी का आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा एक कथित रिश्वत नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसके तार दुबई स्थित एक निजी कंपनी से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया है, जो वर्तमान में राजस्थान के श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। श्रीगंगानगर स्थित परिसर से भी लगभग 10 लाख रुपये नकद और कुछ संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

छापेमारी के दौरान इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिली कि नोट गिनने की मशीनों का सहारा लेना पड़ा और गिनती में घंटों लग गए। जांच एजेंसी का मानना है कि यह रकम लंबे समय से चल रही कथित अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करती है।

CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और कथित रिश्वत देने वाले विनोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर 2025 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब जांच का फोकस उस दुबई आधारित कंपनी और इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर है।

धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान: 800 करोड़ क्लब से बस कदम भर दूर, विदेशों में बनी नोटों की मशीन

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मुंबई _21/12/2025

2025 के अंत में रिलीज हुई स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि आंकड़े खुद कहानी कह रहे हैं। दमदार अभिनय, सशक्त सिनेमेटोग्राफी और बेजोड़ निर्देशन के सहारे फिल्म ने न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी खौफ कायम रखा है। शुरुआती रुझानों और ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘धुरंधर’ वर्ल्डवाइड 700 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है और 800 करोड़ क्लब में शामिल होने से अब कुछ ही दूरी पर है।

पहले दिन करीब 32 करोड़ की वर्ल्डवाइड ओपनिंग के साथ फिल्म ने संकेत दे दिए थे कि यह लंबी रेस की घोड़ी है। पहले वीकेंड में ही 200 करोड़ पार करने के बाद इसकी रफ्तार थमी नहीं, बल्कि हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती चली गई। 15वें दिन तक फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 737.5 करोड़ तक पहुंचने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म बीते दो हफ्तों से रोजाना 35–40 करोड़ की कमाई कर रही है।

दिलचस्प बात यह है कि ‘धुरंधर’ की स्पीड घरेलू बॉक्स ऑफिस की तुलना में ओवरसीज मार्केट में कहीं ज्यादा तेज है। ऑस्ट्रेलिया से लेकर नॉर्थ अमेरिका तक, फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। खास तौर पर यूएस मार्केट में यह फिल्म नोटों की मशीन साबित हुई है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई ‘धुरंधर’ ने 12 दिसंबर तक अमेरिका में 70 करोड़ के करीब का बिजनेस कर लिया। वहीं यूके में इसका कलेक्शन 14 करोड़ के आसपास बताया जा रहा है।

केवल विदेशी बाजार की बात करें तो ‘धुरंधर’ पहले ही कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ चुकी है। जहां ‘छावा’ का ओवरसीज कलेक्शन करीब 91 करोड़ रहा था, वहीं आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने 15 दिन से पहले ही 158 करोड़ का ओवरसीज बिजनेस कर लिया है। ट्रेड पंडितों की मानें तो मौजूदा ट्रेंड बरकरार रहा, तो 800 करोड़ का आंकड़ा जल्द इतिहास बन सकता है।

महा-जंगलराज’ से मुक्ति और विकास का संकल्प: नदिया की रैली में पीएम मोदी का हुंकार

पीएम ने तंज कसा कि विपक्ष को ‘गो-बैक मोदी’ के बजाय ‘गो-बैक घुसपैठिए’ के नारे लगाने चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि बंगाल के गौरव को वापस लाने के लिए एक बार ‘डबल इंजन सरकार’ को मौका दें।

नदिया (पश्चिम बंगाल): 20/12/2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नदिया में आयोजित एक विशाल जनसभा को फोन के माध्यम से संबोधित किया। खराब मौसम और कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर लैंड न कर पाने की वजह से पीएम व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने रैली में आ रहे उन भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की, जिनकी एक दुखद रेल हादसे में मृत्यु हो गई।

सांस्कृतिक अस्मिता और ‘वंदे मातरम्’

प्रधानमंत्री ने बंगाल की धरती को नमन करते हुए कहा कि चैतन्य महाप्रभु और मतुआ समाज के संतों ने यहाँ सामाजिक एकता की लौ जलाई। उन्होंने ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के ‘वंदे मातरम्’ का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण का मंत्र बताया। पीएम ने कहा, “वंदे मातरम् की पावन भावना ही पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा का रोडमैप है। हमें इसे 21वीं सदी में विकसित बंगाल की चेतना बनाना है।”

कनेक्टिविटी और विकास पर जोर

राज्य के विकास का खाका खींचते हुए पीएम ने कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बराजगुड़ी से कृष्णानगर और बारासात से बराजगुड़ी तक के फोर-लेन हाईवे प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा का समय 2 घंटे कम होगा, जिससे पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

TMC पर तीखा प्रहार: “बाचते चाई… बीजेपी ताई”

प्रधानमंत्री ने ममता सरकार पर ‘कट और कमीशन’ की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार केंद्र की योजनाओं को रोककर बंगाल की जनता का हक मार रही है। बिहार चुनाव के परिणामों का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा, “बिहार ने जंगलराज को नकार दिया है, अब बंगाल को यहाँ के ‘महा-जंगलराज’ से मुक्ति पानी है। आज बंगाल का हर कोना कह रहा है— बाचते चाई, बीजेपी ताई (जीना चाहते हैं, इसलिए भाजपा चाहिए)।”

घुसपैठ और सुरक्षा का मुद्दा

पीएम मोदी ने टीएमसी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा सुरक्षा की बात करती है, तो टीएमसी नेता गाली-गलौज करते हैं।

छत्तीसगढ़ को बड़ी रेल सौगात: हथबंध–बैकुंठ के बीच चौथी रेल लाइन को हरी झंडी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रयास सफल

रायपुर छत्तीसगढ़ _20/12/2025

छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है। रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल के निरंतर प्रयासों के बाद रेलवे बोर्ड ने हथबंध और बैकुंठ स्टेशनों के बीच 17.24 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।

​सांसद की सक्रियता से मिली सफलता

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस परियोजना की आवश्यकता को रेलवे की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों और रेल मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकातों के दौरान प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि बढ़ते यात्री दबाव और औद्योगिक माल ढुलाई के कारण मौजूदा लाइनों पर बोझ काफी अधिक है। उनके ठोस तर्कों और सतत फॉलो-अप के परिणामस्वरूप ही इस परियोजना को स्वीकृति मिल सकी है।

​परियोजना के मुख्य लाभ:

  • ​समय की बचत: चौथी लाइन बनने से ट्रेनों की क्रॉसिंग और भीड़भाड़ (Congestion) कम होगी, जिससे यात्री ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चल सकेंगी।
  • ​माल ढुलाई में गति: कोयला और इस्पात उद्योगों के लिए माल परिवहन अधिक सुगम और तीव्र होगा।
  • ​आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय उद्योगों और व्यापार को मजबूती मिलेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
  • ​नेटवर्क मजबूती: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) का नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे राज्य की परिवहन क्षमता में व्यापक सुधार होगा।

​श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि यह परियोजना न केवल रेलवे के संचालन को सुगम बनाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास में एक संजीवनी का कार्य करेगी। इस सौगात से क्षेत्र के यात्रियों और उद्योगपतियों में खुशी की लहर है।

​बांग्लादेश में भारी बवाल: मीडिया संस्थानों पर हमला, पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश

नई दिल्ली/ढाका

नई दिल्ली/ढाका: पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा और उपद्रव की आग में झुलस रहा है। राजधानी ढाका सहित कई हिस्सों में कल देर रात प्रदर्शनकारियों ने जमकर तांडव मचाया। इस हिंसा की सबसे भयावह तस्वीर तब सामने आई जब भीड़ ने मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया और कई पत्रकारों को जिंदा जलाने का प्रयास किया।

​हिंसा की मुख्य वजह: शरीफ उस्मान हादी की मौत

​हालिया तनाव की जड़ में इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत है। गौरतलब है कि:12 दिसंबर: ढाका के बिजॉयनगर में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने हादी को गोली मार दी थी।

  • ​15 दिसंबर: हालत बिगड़ने पर उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया।
  • ​कल देर रात: सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।

​हादी की मौत की खबर फैलते ही उनके समर्थक और प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाते हुए हिंसा पर उतारू हो गए।

​मीडिया संस्थानों पर सुनियोजित हमला

​गुस्साई भीड़ ने अभिव्यक्ति की आजादी के स्तंभों पर हमला बोला:

  1. ​द डेली स्टार (The Daily Star): कारवान बाजार स्थित इस प्रतिष्ठित अखबार की इमारत को आग के हवाले कर दिया गया।
  2. ​प्रथम आलो (Prothom Alo): प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की और फर्नीचर व अन्य सामानों को आग लगा दी।
  3. ​पत्रकारों पर हमला: खबरों के अनुसार, कवरेज कर रहे पत्रकारों को भीड़ ने घेर लिया और उन पर जानलेवा हमला किया।

​राजनीतिक दफ्तरों को भी बनाया निशाना

​हिंसा केवल मीडिया तक सीमित नहीं रही। प्रदर्शनकारियों ने राजशाही में अवामी लीग के कार्यालयों को भी फूंक दिया। शाहबाद चौराहे पर हजारों की संख्या में लोग जमा हुए और तख्तियां लहराते हुए अंतरिम सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

​मोहम्मद यूनुस ने बुलाई आपात बैठक

​देश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को देखते हुए अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने एक हाई लेवल इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। सरकार ने शांति की अपील करते हुए उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और सिंगापुर के अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर हादी की मौत की पुष्टि कर दी है।

​नोट: स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रभावित इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

VB-जी राम जी’ मिशन पर बृजमोहन अग्रवाल का कांग्रेस को जवाब; बोले- “राम नाम से आएगी गवर्नेंस में सुचिता”

VB–जी राम जी मिशन देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और पलायन जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करेगा।

नई दिल्ली/रायपुर_19/12/2025

‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 2025’ यानी VB–जी राम जी विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इस विवाद के केंद्र में महात्मा गांधी बनाम प्रभु श्री राम का नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश की जा रही है, जिस पर रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इसे तर्कहीन विरोध कहा कि सरकार महात्मा गांधी के प्रति द्वेष भावना के कारण मनरेगा का नाम बदल रही है। अग्रवाल ने यदि किसी जन-कल्याणकारी योजना का संक्षिप्त नाम “जी राम जी” पड़ता है, तो यह देश के लिए गर्व का विषय होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “राम केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के प्राण हैं। वे घट-घट में विराजमान हैं। जब प्रशासन और योजनाओं के साथ ‘राम’ का नाम जुड़ता है, तो उसमें नैतिकता और जवाबदेही का समावेश स्वतः हो जाता है। कोई भी अधिकारी या बिचौलिया भ्रष्टाचार करने से पहले सौ बार सोचेगा।”

श्री अग्रवाल ने विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा कि जो लोग गांधी जी के नाम की दुहाई दे रहे हैं, वे शायद भूल गए कि गांधी जी की आत्मा में राम बसते थे, जोर देकर कहा कि गांधी जी का सपना ‘ग्राम स्वराज’ और ‘राम राज्य’ का था, और यह विधेयक उसी दिशा में एक ठोस कदम है।

बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा कि यदि कांग्रेस इस विधेयक से इतनी ही असहज थी, तो उसने सदन में हुई मैराथन चर्चा में भाग क्यों लिया? उन्होंने बताया कि विधेयक पर 8 से 12 घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, जहाँ विपक्ष ने अपने सुझाव दिए।

अंत में, उन्होंने सत्र के सफल संचालन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

डिजिटल सेंधमारी: 1500 की आबादी वाले गांव में 27,397 बच्चों का जन्म पंजीकरण, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

शेणदुरसनी/यवतमाल:_19/12/2025

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का शेणदुरसनी गांव आज एक ऐसी ‘डिजिटल डकैती’ का गवाह बना है, जिसने सरकारी तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मात्र 1,500 की आबादी वाले इस गांव में महज तीन महीनों के भीतर 27,397 जन्म पंजीकरण दर्ज होना कोई तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साइबर अपराध है। यह घटना दर्शाती है कि हमारे प्रशासनिक सर्वर कितने असुरक्षित हैं।

इस घोटाले के तार जिस तरह से मुंबई से जुड़े पाए गए हैं और पंजीकृत लोगों में से 99 प्रतिशत का उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल से संबंध सामने आया है, वह मामले को बेहद संवेदनशील बनाता है। जन्म प्रमाण पत्र किसी भी नागरिक का प्राथमिक दस्तावेज होता है। इसी के आधार पर आधार, पासपोर्ट और मतदाता पहचान पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार किए जाते हैं।

आशंका है कि इस फर्जी वाड़े का उपयोग अवैध रूप से नागरिकता हासिल करने या पहचान बदलने के लिए किया जा रहा था। यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौती है।प्रशासनिक जांच में यह खुलासा होना कि ग्राम पंचायत की आईडी को मुंबई से एक्सेस किया जा रहा था, हमारे ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के सुरक्षा मानकों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

क्या ग्राम स्तर के पोर्टल्स के लिए ‘जियोग्राफिकल फेंसिंग’ या ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ जैसे बुनियादी सुरक्षा उपाय अनिवार्य नहीं होने चाहिए?अगर आज हम अपने डिजिटल किलों की दरारों को नहीं भरेंगे, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं पूरे लोकतांत्रिक ढांचे की विश्वसनीयता को खत्म कर देंगी।

PM इंटर्नशिप योजना से युवाओं का मोहभंग? 1.25 लाख के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 2066 ने पूरी की ट्रेनिंग

12 महीने की इंटर्नशिप आज के भागदौड़ भरे करियर दौर में युवाओं के लिए बहुत लंबी है? बजट में कटौती और गिरते आंकड़े इस योजना के भविष्य पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।

नई दिल्ली 19 दिसंबर 2025

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना’ (PM Internship Scheme) के पहले साल के आंकड़े उम्मीदों के उलट नजर आ रहे हैं। कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में युवाओं की रुचि रजिस्ट्रेशन के वक्त तो दिखी, लेकिन उसे पूरा करने में भारी कमी आई है।

​रजिस्ट्रेशन लाखों में, सफलता हजारों में भी नहीं

​सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि योजना के प्रति शुरुआती उत्साह तो था, लेकिन जमीन पर नतीजे इसके विपरीत रहे:

  • ​रजिस्ट्रेशन का सैलाब: पहले और दूसरे राउंड को मिलाकर करीब 7.37 लाख युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया।
  • ​लक्ष्य बनाम हकीकत: सरकार ने 1.25 लाख इंटर्नशिप का लक्ष्य रखा था, लेकिन आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार अब तक केवल 2,066 उम्मीदवार ही अपनी ट्रेनिंग पूरी कर पाए हैं।
  • ​ऑफर स्वीकार करने में हिचकिचाहट: पहले राउंड में 1.27 लाख अवसरों के मुकाबले केवल 28,141 उम्मीदवारों ने ही ऑफर स्वीकार किए।

​बीच में इंटर्नशिप छोड़ने का बढ़ता ग्राफ

​एक बड़ी चिंता का विषय ‘ड्रॉपआउट’ (बीच में छोड़ना) है। रिपोर्ट के मुताबिक:

  1. ​पहले राउंड में 4,565 उम्मीदवारों ने बीच में ही काम छोड़ दिया।
  2. ​दूसरे चरण में भी नवंबर के अंत तक 2,053 उम्मीदवार बाहर हो गए।
  3. ​कंपनियों द्वारा 1.18 लाख से अधिक अवसर पोस्ट किए जाने के बावजूद, केवल 24,600 प्रस्ताव ही स्वीकार किए गए।

​बजट में भारी कटौती और लंबी अवधि

​योजना की सुस्त रफ्तार का असर इसके बजट पर भी पड़ा है। सरकार ने इसके लिए आवंटित 840 करोड़ रुपये के बजट को घटाकर अब 380 करोड़ रुपये कर दिया है।

​विशेषज्ञों का मानना है कि 12 महीने की लंबी अवधि युवाओं को अखर रही है। चूंकि पहले चरण के इंटर्न की ट्रेनिंग नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक पूरी होनी है, इसलिए फिलहाल ‘सफलता’ का आंकड़ा बेहद कम दिखाई दे रहा है। इसके अलावा, कम वजीफा और कार्यस्थल की दूरी भी युवाओं के पीछे हटने का बड़ा कारण हो सकती है।

22 दिसंबर इस्पात संयंत्र के खिलाफ जनसुनवाई: शिवनाथ की अस्मिता और पर्यावरण बचाने की जंग

नेवनारा में ‘अरहम इस्पात’ के खिलाफ उठी विरोध की बुलंद आवाज। “अगर आज हम नहीं जागे, तो हमारी उपजाऊ भूमि और पानी दोनों जहरीले हो जाएंगे। हमें अपनी खेती और सेहत बचाने के लिए 22 दिसंबर को एकजुट होना ही होगा।” — ग्रामीण प्रतिनिधि।

बेमेतरा | 19 दिसंबर 2025

बेमेतरा जिले के नेवनारा में प्रस्तावित ‘अरहम इस्पात प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ जन-आक्रोश फूट पड़ा है। प्रदूषणकारी संयंत्र की स्थापना को रोकने के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आगामी 22 दिसंबर को होने वाली जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र के 8 गांवों के सरपंचों और प्रबुद्ध नागरिकों ने रणनीति तैयार की है।

जल संकट और पर्यावरण पर गहराता खतरा
बैठक में ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि बेमेतरा जिला पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है। जिले की जीवनदायिनी शिवनाथ नदी पिछले वर्ष सूख गई थी, जिससे भूजल स्तर 400 फीट से नीचे गिर चुका है। वनाच्छादित क्षेत्र न होने के कारण यहाँ हरियाली की भारी कमी है। ऐसे में भारी उद्योग लगने से न केवल जलस्तर और गिरेगा, बल्कि वायु प्रदूषण से ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा मंडराने लगेगा।

8 पंचायतों के सरपंचों ने भरी हुंकार
नेवनारा में डॉ. शिरीष शर्मा के निवास पर आयोजित विशेष बैठक में आसपास की 8 पंचायतों के सरपंचों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में बेरला ब्लॉक पर्यावरण बचाओ सर्वदलीय समिति के नेतृत्व में जनसुनवाई के दिन भारी भीड़ जुटाने और लाउडस्पीकर के माध्यम से पुरजोर विरोध दर्ज कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
सरपंचगण: देवनारायण परगनीहा (देवादा), रोहित यादव (लाता), रोहित शिवारे (कोहड़िया), प्रहलाद सारथी (खमतराई), कमल बघेल (खंगारपाठ), घनाराम निषाद (राका), और सरपंच देशलहरे।अन्य गणमान्य: पूर्व सरपंच राघवेंद्र (सत्तू) परगनिहा, कल्याणी संतोष परगनिहा, भीखम साहू, डॉ. शिरीष शर्मा, अजीताभ मिश्र, और कई पंच व ग्रामीण।

बेमेतरा पुलिस का ‘डिजिटल प्रहार’: सायबर प्रहरी की मदद से 20 मिनट में मिला मासूम, परिजनों की आँखों में आए खुशी के आँसू

डिजिटल बीट पुलिसिंग की ताकत देखिए कि फोटो पोस्ट होने के महज 15 से 20 मिनट के भीतर ग्राम ओटेबंध के ग्रामीणों ने बच्चे को पहचान लिया।

छत्तीसगढ़/ बेमेतरा | 18 दिसंबर, 2025

बेमेतरा पुलिस की ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ और तकनीकी सूझबूझ ने एक बार फिर मानवता की रक्षा की मिसाल पेश की है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) दुर्ग रेंज, श्री रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में शुरू किए गए ‘सायबर प्रहरी अभियान’ ने एक मासूम बच्चे को उसके परिजनों से मिला कर यह साबित कर दिया है कि तकनीक और तत्परता का संगम किसी भी चुनौती को हरा सकता है।

महज 20 मिनट में सुलझी गुत्थी।
मामला सिटी कोतवाली बेमेतरा क्षेत्र का है, जहाँ ग्राम खिलोरा के कोटवार घासीदास ने एक लावारिस बच्चे को थाने पहुँचाया। बच्चा घबराया हुआ था और अपना नाम-पता बताने में असमर्थ था। थाना प्रभारी मयंक मिश्रा ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन और अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह व श्रीमती कौशिल्या साहू (SDOP) के मार्गदर्शन में बच्चे की तस्वीर ‘सायबर प्रहरी’ व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा की गई।

बीमारी और अनहोनी के बीच ‘देवदूत’ बनी पुलिस
परिजनों ने बताया कि बालक मिर्गी का मरीज है और सुबह बिना बताए कहीं निकल गया था। परिजनों की स्थिति बेहद नाजुक थी, वे अनहोनी की आशंका से डरे हुए थे। जैसे ही पुलिस ने बच्चे को उनके सुपुर्द किया, माता-पिता की आँखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने बेमेतरा पुलिस की त्वरित कार्यवाही के लिए एसएसपी रामकृष्ण साहू और पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।

क्या है ‘सायबर प्रहरी’ अभियान?
यह अभियान दुर्ग रेंज में सायबर अपराधों के नियंत्रण और त्वरित सूचना तंत्र विकसित करने के लिए चलाया जा रहा है। इसके तहत बीट स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जो पुलिस और जनता के बीच ‘रियल-टाइम’ सूचना के आदान-प्रदान का माध्यम बन रहे हैं।