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देव ऋण : लेने की नहीं, देने की संस्कृति:_

देव ऋण वह मौन ऋण है, जो मनुष्य प्रकृति से जीवन, श्वास और ऊर्जा के रूप में बिना मूल्य चुकाए प्राप्त करता है।

धार्मिक स्तंभ/26/12/2025/लेख

मनुष्य सामान्यतः जीवन को अधिकारों की सूची समझ लेता है—सुख का अधिकार, सुविधा का अधिकार, सफलता का अधिकार। किंतु वह यह भूल जाता है कि जिस जीवन से हम सुख पाने का दावा करते हैं, उसी जीवन को हम दुख स्वीकार करने की अनुमति भी स्वयं देते हैं। जीवन हमें कुछ थोपता नहीं, हम जैसा व्यवहार करते हैं वैसा ही जीवन का स्वरूप बन जाता है। जो देना सीख लेता है, वही देवत्व को अनुभव करता है।

भारतीय दर्शन में मनुष्य को जन्म से ही तीन ऋणों से बंधा माना गया है—देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण। इनमें देव ऋण सबसे व्यापक और सूक्ष्म है। सामान्य धारणा में देवता किसी मंदिर में विराजमान मूर्ति तक सीमित कर दिए गए हैं, जबकि वेदों में देव का अर्थ है—जो निरंतर देता है, जो प्रकाश और जीवन प्रदान करता है। वायु, सूर्य, जल, पृथ्वी और अग्नि—ये सभी दैविक शक्तियाँ हैं, जिनके सहारे हमारा संपूर्ण जीवन संचालित होता है।

मनुष्य प्रतिदिन इन शक्तियों से बिना मूल्य चुकाए सब कुछ लेता है—श्वास, ऊर्जा, अन्न और जल। जब यही सुविधाएँ कृत्रिम रूप से उपलब्ध करानी पड़ती हैं, तब उनका वास्तविक मूल्य समझ में आता है।

श्रीमद्भगवद्गीता में स्पष्ट कहा गया है कि जो मनुष्य देवताओं से प्राप्त साधनों का उपभोग करता है पर बदले में कुछ अर्पित नहीं करता, वह संतुलन भंग करता है। यह असंतुलन ही जीवन में अशांति का कारण बनता है।
जब देव ऋण बढ़ता है, तो उसके संकेत शरीर, मन और परिस्थितियों में दिखाई देने लगते हैं। स्वास्थ्य का असंतुलन, अनावश्यक बाधाएँ और लगातार दुर्भाग्य—ये केवल संयोग नहीं, बल्कि प्रकृति से कटते संबंध के लक्षण होते हैं।

इस ऋण का समाधान किसी जटिल कर्मकांड में नहीं, बल्कि सरल यज्ञ में है—त्याग और कृतज्ञता में। भोजन का अंश अन्य जीवों को देना, सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना और संसाधनों का सम्मानपूर्वक उपयोग करना—ये छोटे कर्म व्यक्ति और प्रकृति के बीच टूटे संतुलन को पुनः स्थापित करते हैं।

देवता हमसे धन नहीं, संवेदना चाहते हैं। जैसे ही मनुष्य लेना कम और देना अधिक सीखता है, जीवन स्वयं सहज और प्रवाहमय हो जाता है।

अस्वीकरण:
यह लेख लेखक के निजी विचार एवं पौराणिक आस्था पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है, इसे किसी आधिकारिक या ऐतिहासिक तथ्य के रूप में न लिया जाए।
(लेखक दीपक पांडे)

छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘सनातन’ और ‘हिंदुत्व’ पर बहस तेज, शास्त्री–बघेल के बयानों से बढ़ा सियासी तापमान

सनातन और राजनीति:_धर्म भक्ति और आस्था तो बहुत प्राचीन सनातन धर्म का हिस्सा है लेकिन गुलामी के बाद की राजनीति को तो 100 साल भी नहीं हुआ है।

रायपुर_26/12/2025

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों ‘सनातन’ और ‘हिंदुत्व’ को लेकर बहस तेज हो गई है। धार्मिक कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हालिया बयानों के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। उनके वक्तव्यों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पलटवार ने इस विवाद को और हवा दे दी है।

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने एक बयान में कहा कि हिंदुओं को जोड़ने और ‘भक्ति-राष्ट्रवाद’ की बात करना अंधविश्वास नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शास्त्री पर टोटके और अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की बातें समाज को गुमराह करती हैं।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब छत्तीसगढ़ में धर्म और राजनीति के मुद्दों पर पहले से ही मतभेद दिखाई दे रहे हैं। शास्त्री के कार्यक्रमों और उनके बयानों को लेकर प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ वर्ग इसे धार्मिक जागरण से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण का कारण मान रहे हैं।

धर्मांतरण के मुद्दे पर भी धीरेंद्र शास्त्री ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का हिंदू समाज अब जागृत हो रहा है। भविष्य में वे सरगुजा और जशपुर क्षेत्र में कथा आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, जहां बड़े चर्च के सामने मंच लगाए जाने की बात भी कही गई है। उन्होंने धर्मांतरण के तीन कारण बताए—अशिक्षा, आर्थिक कमजोरी और अंधविश्वास—और इनके समाधान के लिए शिक्षा, सामाजिक सहयोग और धार्मिक आयोजनों की आवश्यकता बताई।

कुल मिलाकर, ‘सनातन’ और ‘हिंदुत्व’ की बहस ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई सियासी चर्चा को जन्म दिया है, जिसका असर आने वाले समय में राजनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है।

85 हजार खिलाड़ियों की सहभागिता के साथ रायपुर सांसद खेल महोत्सव का ऐतिहासिक समापन

रायपुर, 25 दिसंबर।

सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल के नेतृत्व में 29 अगस्त से आयोजित रायपुर सांसद खेल महोत्सव का भव्य समापन छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती “सुशासन दिवस” के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मंडावीया जी ने वर्चुअल माध्यम से आयोजन से जुड़कर खिलाड़ियों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि खिलाड़ियों के जोश, अनुशासन और आत्मविश्वास में उन्हें सशक्त भारत का भविष्य दिखाई देता है।

सांसद खेल महोत्सव आज केवल आयोजन नहीं, बल्कि खेल, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा एक जनआंदोलन बन चुका है।

इस महोत्सव में 13 खेल विधाओं—कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, शतरंज, तैराकी, भारोत्तोलन, रस्सा-कसी, रस्सी कूद, फुगड़ी, गेड़ी-दौड़ एवं शरीर शौष्ठव—में 85 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने सहभागिता की। अकेले रायपुर शहर से लगभग 22 हजार खिलाड़ी शामिल हुए। विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता सामाजिक समरसता रही, जिसमें छोटे बच्चों से लेकर 60 वर्ष तक की महिलाओं तथा ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की सहभागिता शामिल रही। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच का प्रतिबिंब है, जिसमें खेलों के माध्यम से युवाओं को फिट, अनुशासित और नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफल आयोजन के लिए सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के श्रेष्ठ खिलाड़ी प्राप्त होंगे।

समारोह में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, खेल प्रेमी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 115 शहरों में अटल परिसरों का वर्चुअल लोकार्पण किया।

रायपुर/छत्तीसगढ़ _25/12/2025

रायपुर के फुंडहर चौक पर अटलजी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी 115 नगरीय निकायों के अटल परिसरों को समर्पित किया। उन्होंने 186.98 करोड़ रुपये के 23 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया, जिसमें 17 कार्यों का भूमिपूजन (185.49 करोड़) और 6 का लोकार्पण (1.49 करोड़) शामिल रहा। कार्यक्रम में पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के 5 हितग्राहियों को अनुज्ञा-पत्र तथा स्वनिधि योजना के तहत 5 महिलाओं को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।

अटलजी को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने अटलजी को अजातशत्रु, प्रखर वक्ता और संवेदनशील कवि बताते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, किसान क्रेडिट कार्ड तथा आदिम जाति मंत्रालय गठन जैसे योगदानों का उल्लेख किया। अटल जन्म-शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में परिसर बनाने का संकल्प दोहराया गया, ताकि छत्तीसगढ़ के निर्माता की स्मृतियां चिरस्थायी रहें।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, इंद्रकुमार साहू, अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंदकुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं रायपुर नगर निगम के अधिकारी -कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

विधायक किरण सिंह देव ने छत्तीसगढ़ गठन का श्रेय अटलजी को दिया, जबकि मोतीलाल साहू ने विकास कार्यों पर जोर दिया। महापौर मीनल चौबे ने रायपुर के सर्वांगीण विकास की सराहना की। नगरीय प्रशासन सचिव डॉ. बसवराजु एस ने परियोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया।


पीएम मोदी आज लखनऊ में अटल जी की 101वीं जयंती पर ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ उद्घाटित करेंगे

लखनऊ में 65 फुट प्रतिमाओं वाला 230 करोड़ का भव्य स्मारक साथ ही पीएम 2:30 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे।

लखनऊ:_25 दिसंबर 2025, (PIB लखनऊ पर आधारित)

देश की महान विभूतियों की अमर विरासत को संरक्षित करने की कटिबद्धता के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ पहुंचेंगे। दोपहर करीब 2:30 बजे वे ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

अटल-श्यामा प्रसाद-दीनदयाल की विरासत संजोए कमलाकार संग्रहालय।

यह भव्य परिसर 65 एकड़ में फैला है, जिसकी निर्माण लागत लगभग 230 करोड़ रुपये है। यहां अटल जी के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। ये प्रतिमाएं राष्ट्र निर्माण, एकात्म मानववाद और राष्ट्रवाद की प्रेरणा का प्रतीक हैं। परिसर का केंद्र बिंदु कमल के आकार का अत्याधुनिक संग्रहालय है, जो 98,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। उन्नत डिजिटल तकनीक और आकर्षक अनुभव के जरिए यह भारत की स्वतंत्रता यात्रा, नेताओं के योगदान और राष्ट्रीय मूल्यों को जीवंत करेगा।

पीएम मोदी की दूरदर्शिता से प्रेरित यह स्थल न केवल ऐतिहासिक स्मारक है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। अटल जी के काव्यात्मक नेतृत्व, पोखरण परीक्षण, गोल्डन क्वाड्रिलेटरल जैसी उपलब्धियों को यहां संजोया गया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कश्मीर एकीकरण और दीनदयाल जी के अंत्योदय दर्शन को भी प्रमुखता दी गई है।

यह उद्घाटन सुशासन और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को मजबूत करेगा। लाखों लोग इस स्मृति स्थल का दौरा कर राष्ट्रभक्ति की भावना ग्रहण करेंगे।

सर्व समाज बेमेतरा का फूटा आक्रोश, धर्मांतरण के खिलाफ प्रदर्शन; बस्तर एवं जनजाति सुरक्षा की उठी मजबूत आवाज

सर्व समाज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

दिनांक : 24 दिसंबर 2025

सर्व समाज छत्तीसगढ़ एवं बस्तर एवं जनजाति सुरक्षा मंच, कांकेर के आह्वान पर आज छत्तीसगढ़ बंद का आयोजन किया गया, जिसे छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, समस्त व्यापारी संगठनों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। यह बंद किसी एक वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि संविधान, कानून-व्यवस्था और जनजातीय संस्कृति की रक्षा के लिए किया गया है।

हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में 15 से 18 दिसंबर 2025 के बीच घटित घटनाक्रम अत्यंत गंभीर, संवैधानिक और सामाजिक संतुलन से जुड़ा विषय है। आमाबेड़ा क्षेत्र संविधान की पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित जनजातीय क्षेत्र है, जहाँ आदिवासी समाज की परंपराएँ, आस्थाएँ और सांस्कृतिक अधिकार संवैधानिक रूप से संरक्षित हैं।

घटना की पृष्ठभूमि
15 दिसंबर 2025 को बड़ेतेवड़ा गांव निवासी चमरा राम सलाम का निधन कांकेर जिला अस्पताल में हुआ। उसी रात उनके पुत्र रजमन सलाम (वर्तमान सरपंच) द्वारा शव गांव लाया गया। 16 दिसंबर की सुबह गांव में उपसरपंच, मांझी, गायता, सर्व समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और परंपरागत जनजातीय रीति से अंतिम संस्कार की सहमति बनी।

इसी दौरान बाहरी तत्वों के रूप में भीम आर्मी से जुड़े कुछ पदाधिकारी एवं कुछ पादरी-पास्टरों की उपस्थिति सामने आई, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई। ग्रामीणों द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि श्मशान स्थल जनजातीय परंपरा के अनुसार ही उपयोग में लाया जाएगा।

इसके विपरीत मृतक के पुत्र एवं उसके भाई द्वारा खुले तौर पर धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे गांव में भय और तनाव का माहौल बना।स्थिति के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस बल की उपस्थिति के बावजूद जबरन शव दफनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान ग्रामीणों के साथ धक्का-मुक्की हुई तथा एक पुलिस जवान के साथ भी हाथापाई की घटना सामने आई। यह घटनाक्रम न केवल सामाजिक सौहार्द, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

सर्व समाज का आक्रोश और शांतिपूर्ण विरोध
इसी के विरोध में आज बेमेतरा सहित प्रदेशभर में सर्व समाज द्वारा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। धरने में विजय सिन्हा पालिका अध्यक्ष,जितेंद्र शुक्ला, प्रीतपाल सिंह,दीपक पाण्डेय,महेश शर्मा,आशीष तिवारी, नारद साहू साहू समाज जिलाध्यक्ष,नीलू राजपूत, जितेंद्र यदु, रीना देवी साहू, होरीलाल सिन्हा, अरुण राठी,विकास तंबोली, पोषण वर्मा, परमेश्वर वर्मा, लालाराम साहू सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह विषय किसी एक धर्म या व्यक्ति का नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, सनातन परंपरा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का है। यदि समय रहते इस पर गंभीर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएँ सामाजिक ताने-बाने को गहरा नुकसान पहुँचा सकती हैं।

छुईपाली मंडल में महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पलता चौहान का भव्य स्वागत

संगठन भाजपा महिला मोर्चा/24/12/2025

छुईपाली। भारतीय जनता पार्टी मंडल छुईपाली में नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती पुष्पलता चौहान के प्रथम मंडल आगमन पर आत्मीय एवं गरिमामय स्वागत-वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंडल अध्यक्ष श्री अनिल साहू के नेतृत्व में मल्दामाल सोसाइटी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में मंडल के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ एवं पुष्पहार से उनका अभिनंदन किया।

अपने ही मंडल से एक सहज, सरल, मिलनसार, कर्मठ एवं शिक्षित महिला को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व मिलने पर पूरे मंडल में उत्साह और हर्ष का वातावरण देखने को मिला। मंडल पदाधिकारियों ने इस नियुक्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यकर्ताओं ने इसे क्षेत्र की महिला शक्ति को नई दिशा और ऊंचाइयों तक ले जाने वाला प्रेरक संदेश बताया।

इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पलता चौहान ने कहा कि वे पार्टी की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी। उन्होंने सभी वर्गों को साथ लेकर अपने नए दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया।

इसी क्रम में छुईपाली मंडल द्वारा नवनियुक्त भाजपा जिला प्रवक्ता श्री प्रदीप साहू एवं नवनियुक्त जिला मंत्री श्रीमती सीता सतपथी का भी पुष्पहार से स्वागत किया गया। सभी कार्यकर्ताओं ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल कार्यकाल की कामना करते हुए समाज, संगठन और राष्ट्र निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान की अपेक्षा जताई।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्राधिकृत अध्यक्ष श्री रमेश नायक, महामंत्री श्री संजय प्रधान, उपाध्यक्षगण श्री नीलांबर पटेल, श्री दयानिधि जाल, श्री सीताराम पटेल, मंत्री श्री नृपराज रावल, कोषाध्यक्ष श्री नित्यानंद कंद, घनश्याम भोई, सरपंच शरद विशाल, संयोजक मनोरंजन साहू, मनबोध झाकर, अयोध्या प्रसाद चौधरी, प्रेमलाल पटेल, एसपी चौहान सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विज्ञान और अंतरिक्ष में भारत की बड़ी सफलता, पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

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नई दिल्ली | 24 दिसंबर 2025

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एलवीएम3-एम6 रॉकेट के माध्यम से भारतीय धरती से अब तक के सबसे भारी उपग्रह तथा अमेरिका के अंतरिक्ष यान ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 के सफल प्रक्षेपण पर देश के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की अंतरिक्ष यात्रा का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम करार दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एलवीएम3 द्वारा भारी पेलोड ले जाने की विश्वसनीय क्षमता का यह शानदार प्रदर्शन भविष्य के महत्वाकांक्षी अभियानों, विशेषकर गगनयान मिशन, की नींव को और सुदृढ़ करता है। इससे न केवल भारत की तकनीकी क्षमता में इजाफा हुआ है, बल्कि देश की वाणिज्यिक प्रक्षेपण सेवाओं को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।

एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा कि भारतीय धरती से सबसे भारी उपग्रह और ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 को निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करना, भारत की बढ़ती प्रक्षेपण क्षमता और ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च मार्केट में उसकी मजबूत होती भूमिका को दर्शाता है। यह सफलता भारत के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत, नवाचार और आत्मनिर्भर सोच का प्रतिफल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की युवा शक्ति की भी सराहना करते हुए कहा कि युवाओं के दम पर भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम लगातार अधिक उन्नत और प्रभावशाली बन रहा है। बढ़ी हुई यह क्षमता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है और देश को अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।
इस सफल मिशन के साथ भारत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

भारत–बांग्लादेश व्यापार संबंध: रोज़मर्रा की ज़िंदगी से लेकर उद्योग तक भारत पर निर्भरता

डिजिटल डेस्क_24/12/2025

अंतरराष्ट्रीय व्यापार किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। आयात–निर्यात केवल आर्थिक लेन-देन नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों के बीच स्थिरता, भरोसे और विकास का आधार भी बनता है। दक्षिण एशिया में भारत और बांग्लादेश का व्यापारिक रिश्ता इसी वास्तविकता का उदाहरण है, जहां बांग्लादेश की आम जिंदगी से लेकर उसके प्रमुख उद्योग तक कई स्तरों पर भारतीय आपूर्ति से जुड़े हैं।

बांग्लादेश की खाद्य सुरक्षा में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। गेहूं, चावल और चीनी जैसी बुनियादी खाद्य वस्तुओं की नियमित आपूर्ति से वहां की घरेलू मांग और सरकारी भंडार संतुलित रहते हैं। इसके अलावा प्याज, आलू, लहसुन, मसाले, फल और सब्ज़ियां जैसी रोज़मर्रा की जरूरतों में भी भारत प्रमुख स्रोत है। इन वस्तुओं की सप्लाई में किसी भी तरह का व्यवधान सीधे तौर पर कीमतों और उपभोक्ता जीवन पर असर डाल सकता है।

औद्योगिक क्षेत्र में बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग भारतीय कपास पर काफी हद तक निर्भर है। रेडीमेड गारमेंट सेक्टर, जो देश की अर्थव्यवस्था और निर्यात का बड़ा आधार है, कच्चे माल के लिए भारत को प्राथमिक साझेदार मानता है। इसके अलावा पेट्रोलियम उत्पाद, प्लास्टिक, स्टील, इलेक्ट्रिक उपकरण और दवाइयों की आपूर्ति भी भारत से होती है, जो ऊर्जा, निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्रों को सहारा देती है।

भौगोलिक निकटता बांग्लादेश को भारत से तेज़ और कम लागत वाली सप्लाई का लाभ देती है। दोनों देशों के बीच सड़क, रेल और बंदरगाह कनेक्टिविटी ने इस व्यापार को और सहज बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूरी और कीमत के संतुलन के कारण भारत की जगह किसी अन्य देश के लिए यह भूमिका निभाना आसान नहीं है।

कुल मिलाकर, भारत–बांग्लादेश व्यापारिक संबंध केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और आम नागरिकों की जरूरतों से गहराई से जुड़े हुए हैं।

छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान: 24 दिसंबर को सर्व समाज का आह्वान, व्यापारी संगठनों का समर्थन

सर्व समाज का संदेश: बंद में शांति व सौहार्द सर्वोपरि।व्यापारी संगठनों की जनता से शांति बनाए रखने की अपील।

रायपुर | 23 दिसंबर 2025

छत्तीसगढ़ में कथित रूप से बढ़ते धर्मांतरण मामलों और कानून व्यवस्था को लेकर उपजे तनाव के बीच सर्व समाज ने 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। कांकेर जिले में सामने आए धर्मांतरण से जुड़े प्रकरण के बाद प्रदेशभर में सामाजिक असंतोष गहराया है। इसी पृष्ठभूमि में यह बंद आह्वान किया गया है, जिसे छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट चेंबर और कैट (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) ने समर्थन देने की घोषणा की है।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि प्रदेश में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सर्वोपरि है। उन्होंने व्यापारियों से 24 दिसंबर को दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सब्जी मंडियों को स्वेच्छा से बंद रखने की अपील की है। व्यापारी संगठनों ने एक स्वर में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

व्यापारी संगठनों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही के चलते हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इसी के विरोध में धर्मांतरण के मुद्दे पर प्रदेशव्यापी बंद का निर्णय लिया गया है। चेंबर और कैट के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए और सर्व समाज के बंद को पूर्ण समर्थन देने पर सहमति बनी।

इससे पहले सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सर्व समाज के पदाधिकारियों ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को शीघ्र लागू करने की मांग की। साथ ही कांकेर में जनजातीय समाज पर हुए कथित हमलों के लिए जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में लगातार सामाजिक अशांति का माहौल बन रहा है और जनजातीय आस्था पर आघात हो रहा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।