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Saturday, October 31, 2026
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2025: गतिशील भारत की आत्मा का प्रतिबिंब – पीएम मोदी की भक्ति, कूटनीति और एकता की यात्रा

पीएम मोदी की कार्यशैली से 2025 गतिशील भारत का सशक्त चित्र उभरा, जहां भक्ति कूटनीति से मिली और एकता वैश्विक सम्मान बनी।

नई दिल्ली, 31 दिसंबर 2025

2025 पीएम नरेंद्र मोदी की कार्यशैली का आईना बना। भक्ति से लबरेज राम जन्मभूमि ध्वजारोहण से लेकर SCO, G7 जैसी वैश्विक मंचों पर भारत की मजबूत छवि गढ़ने तक, उन्होंने उत्तर-दक्षिण की एकता को सांस्कृतिक धागे से जोड़ा। ऑपरेशन सिंदूर की कूटनीतिक सफलता से आमजन के दिल छूने वाले पलों तक, मोदी की यात्राएं विकास, मानवीय जुड़ाव और सभ्यतागत गौरव की मिसाल बनीं।

राम जन्मभूमि: उत्तर-दक्षिण एकता का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पवित्र धर्म ध्वजा फहराते हुए पीएम मोदी ने सभ्यतागत पुनर्जागरण का संदेश दिया। दक्षिण में तमिलनाडु के भव्य गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर, आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी देवस्थानम में ध्यान-पूजन, और गोवा के श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाळी जीवोत्तम मठ की यात्राएं—इनसे उत्तर की भक्ति दक्षिण की परंपरा से रूबरू हुई। यह कार्यशैली भारत को एक सूत्र में बांधती नजर आई।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की विशिष्ट छवि
चीन के तियानजिन SCO समिट में शी जिनपिंग-पुतिन के साथ गठजोड़, सऊदी जेट एस्कॉर्ट के बीच कूटनीतिक मुस्कान, व्हाइट हाउस में ट्रंप का निजी संदेश, G7 में रामाफोसा-लुला संग चर्चा, और दक्षिण अफ्रीका-अॉस्ट्रेलिया के नेताओं से हाथ मिलाना—पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया। मॉरीशस में नवीन रामगुलाम का हार्दिक स्वागत, जॉर्डन के क्राउन प्रिंस का ‘बियॉन्ड प्रोटोकॉल’ गाड़ी में साथ, और श्रीलंका के अनुराधापुरा में आशीर्वाद—ये पल भारत की सॉफ्ट पावर को चमकाते दिखे।

जन-केंद्रित कार्यशैली की झलकियां
अहमदाबाद रोड शो में भावुक महिला का आंसू पोंछना, छत्तीसगढ़ रायपुर में छात्रों संग सेल्फी, बच्चे के साथ मजेदार पल, रक्षा बंधन पर 7 लोक कल्याण में बच्चों की राखी, और हरियाणा के रामपाल कश्यप को 14 साल पुरानी प्रतिज्ञा पूरी कर जूते भेंट करना—ये विनम्रता के अनमोल क्षण बने। जम्मू-कश्मीर के चिनाब ब्रिज पर तिरंगा लहराना, INS विक्रांत पर वायुशक्ति प्रदर्शन में अभिवादन, और लाल किले से 79वें स्वतंत्रता दिवस का संदेश—विकास और सुरक्षा को जनता से जोड़ा।


टेलीसर्जरी युग!!शंघाई से मुंबई: 5,000 किमी दूर रोबोट से सर्जरी, भारत में नया इतिहास

मुंबई/शंघाई, 31 दिसंबर 2025।

चीनी शहर शंघाई में बैठे सर्जन ने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती दो मरीजों पर जटिल रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर चिकित्सा विज्ञान में मील का पत्थर साबित किया।

क्रॉस-बॉर्डर टेलीसर्जरी की शुरुआत
यह भारत की पहली सीमा-पार रिमोट रोबोटिक सर्जरी थी, जिसे डॉ. टीबी युवराजा ने शंघाई से नियंत्रित किया। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की मंजूरी के बाद तौमाई रिमोट रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल हुआ। इस सिस्टम को यूएस एफडीए ने टेली-सर्जरी अध्ययन के लिए अनुमति दी है।

जटिल ऑपरेशन की सफलता
मुंबई में रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी और पार्शियल नेफ्रेक्टॉमी जैसी यूरोलॉजिकल सर्जरी बिना किसी चूक के पूरी हुईं। डॉ. युवराजा, जिनके नाम 4,100 से अधिक रोबोटिक सर्जरी दर्ज हैं, ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं की क्रांति बताया। अस्पताल के सीईओ डॉ. संतोष शेट्टी ने कहा कि कोकिलाबेन भारत का पहला संस्थान बन गया, जो अंतरमहाद्वीपीय रिमोट सर्जरी कर सका।

भविष्य की स्वास्थ्य सेवा
यह उपलब्धि मुंबई-शंघाई के डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी टीमों का संयुक्त प्रयास है। इससे टेलीसर्जरी का नया दौर शुरू होगा, जो दूरदराज क्षेत्रों में विशेषज्ञता पहुंचाएगा। वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में भारत की मजबूत स्थिति उभर रही है।

ED का छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में धमाका: 100 करोड़ की संपत्ति जब्त, IAS निरंजन दास समेत 30 अफसरों पर शिकंजा

नई दिल्ली/ईडी_31/12/2025

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को तगड़ा कदम उठाते हुए पूर्व एक्साइज कमिश्नर निरंजन दास (आईएएस), 30 अन्य एक्साइज अधिकारियों और तीन प्रमुख डिस्टिलरीज की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त कर लीं।

ED का बड़ा एक्शन
यह कार्रवाई पूर्व कांग्रेस सरकार (2019-2023) के 2,800 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच का हिस्सा है। ईडी का दावा है कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों के आपराधिक सिंडिकेट ने एक्साइज विभाग पर कब्जा जमाया था। जब्त संपत्तियों में 78 रियल एस्टेट प्रॉपर्टी (लग्जरी बंगले, फ्लैट, शॉप, कृषि भूमि) और 197 इनवेस्टमेंट्स (एफडी, बैंक बैलेंस, इंश्योरेंस, शेयर-म्यूचुअल फंड) शामिल हैं।[2][4]

अधिकारियों पर शिकंजा
इनमें 38.21 करोड़ रुपये की संपत्तियां निरंजन दास और 30 अधिकारियों की हैं, जो राज्य राजस्व सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते थे। ईडी ने अधिकारियों की गहरी मिलीभगत उजागर की। दूसरी ओर, 68.16 करोड़ की संपत्तियां छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज लिमिटेड, भाटिया वाइन मर्चेंट्स और वेलकम डिस्टिलरीज की हैं।]

सिंडिकेट का खुलासा
ईडी ने 26 दिसंबर को नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 81 आरोपी बनाए गए। इनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व एक्साइज मंत्री कवासी लाखमा, पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी अनिल तूतेजा, सौम्या चौरसिया और रायपुर मेयर अयाज ढेबर के भाई अनवर शामिल हैं। आरोप है कि दास और अरुण पति त्रिपाठी ने समानांतर एक्साइज सिस्टम चलाया।[6][7]

अवैध कमाई के तरीके
सिंडिकेट ने चार तरीकों से कमाई की: अवैध कमीशन (प्रति केस 140 रुपये), बिना हिसाब बिक्री, कार्टेल कमीशन और एफएल-10ए लाइसेंस से कमीशन। निरंजन दास ने मासिक 50 लाख रिश्वत से 18 करोड़ कमाए। ईडी ने राज्य प्रशासन में साजिश का पर्दाफाश किया।


एस्टीमेट कमेटी में ऊर्जा मुद्दों पर चर्चा, छत्तीसगढ़ के लिए नवीकरणीय ऊर्जा पर ज़ोर:_ सांसद बृजमोहन अग्रवाल

चेन्नई/रायपुर | 29 दिसंबर

सोमवार को चेन्नई में आयोजित संसद की एस्टीमेट कमेटी की बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में रायपुर सांसद एवं कमेटी के वरिष्ठ सदस्य श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ को विशेष प्राथमिकता देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ठोस और व्यावहारिक सुझाव रखे।
बैठक में ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ NTPC, NHPC, PFC, REC, SECI और IREDA के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

श्री अग्रवाल ने कहा कि थर्मल एनर्जी की तुलना में सौर ऊर्जा की प्रति यूनिट लागत कम है, ऐसे में देशभर में विशेषकर छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भूमि अधिग्रहण की जटिलताओं को कम करने के लिए सरकारी भूमि को 30 वर्षीय लीज़ पर उपलब्ध कराने जैसे विकल्प अपनाए जाएं, जिससे बड़े सौर प्रोजेक्ट्स को गति मिल सके।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा पावर उत्पादक राज्य है, लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा में इसकी हिस्सेदारी अभी अपेक्षाकृत कम है। श्री अग्रवाल ने NTPC सहित सभी संबंधित एजेंसियों से राज्य में ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं का अनुपात बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि छत्तीसगढ़ भारत के नेट ज़ीरो और ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों में अग्रणी भूमिका निभा सके।

बैठक में PFC और REC की बेहतर हुई वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा हुई। श्री अग्रवाल ने कहा कि NPA में आई कमी से इन संस्थानों की मजबूती बढ़ी है, जिसका उपयोग छत्तीसगढ़ समेत देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को सस्ती वित्तीय सहायता देने में किया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरेगा, जिससे निवेश, रोजगार और सतत विकास को नई गति मिलेगी।

पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों पर जताई गहरी चिंता

नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2025

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जारी राजनयिक प्रयास ही शत्रुता को समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने का सबसे प्रभावी मार्ग हैं।

प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे संवाद और कूटनीति के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित रखें तथा ऐसे किसी भी कदम से बचें जो इन प्रयासों को कमजोर कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तनाव बढ़ाने वाली घटनाएं क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “रूस के राष्ट्रपति आवास को निशाना बनाए जाने की खबरों से हम बेहद चिंतित हैं। वर्तमान में जारी राजनयिक प्रयास शत्रुता को समाप्त करने और शांति स्थापित करने का सबसे बेहतर मार्ग हैं। हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे इन प्रयासों पर ध्यान केंद्रित रखें और ऐसे किसी भी कार्य से बचें जो इन्हें कमजोर कर सकता है।”

भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में अपना स्पष्ट रुख दोहराया है।

01 जनवरी को भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन, 146 करोड़ की परियोजना से बदलेगी पर्यटन की तस्वीर

रायपुर/कबीरधाम, 30 दिसंबर 2025।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई ऊंचाई देने वाली बहुप्रतीक्षित भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना का भूमिपूजन 01 जनवरी 2026 को किया जाएगा। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से संपन्न होगा। यह परियोजना उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर साकार हो रही है।

भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मंच, जनसमुदाय के लिए बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल सहित सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, सभापति डॉ. वीरेंद्र साहू, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, एएसपी श्री पुष्पेंद्र सिंह बघेल, एडीएम श्री विनय पोयाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व के लिए देश-भर में प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत सड़क, पार्किंग, व्यू-प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

इस कॉरिडोर से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रेत–मुरुम का अवैध खनन: कार्रवाई तेज़, लेकिन माफिया पर निर्णायक वार कब?

छत्तीसगढ़ में रेत और मुरुम के अवैध खनन व परिवहन पर जिला प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ रही है। धमतरी और बलौदाबाजार जिलों में हुई ताज़ा कार्रवाइयाँ यह दर्शाती हैं कि निगरानी तंत्र सक्रिय है, लेकिन साथ ही यह भी उजागर होता है कि अवैध खनन का नेटवर्क अब भी पूरी तरह टूट नहीं पाया है।

धमतरी जिले में 28 दिसंबर की रात जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने ग्राम कलारतराई में औचक जांच के दौरान रेत और मुरुम के अवैध परिवहन में संलिप्त तीन हाईवा वाहनों को जब्त किया। इनमें दो वाहन मुरुम और एक वाहन रेत का अवैध परिवहन कर रहा था। प्रशासन ने वाहनों को जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।

दूसरी ओर, बलौदाबाजार जिले के आंकड़े अवैध रेत कारोबार की व्यापकता को दर्शाते हैं। वित्तीय वर्ष 2025–26 में नवंबर माह तक जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 543 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 1 करोड़ 85 लाख 99 हजार रुपये से अधिक की समझौता राशि खनिज मद में जमा कराई गई है। हाल ही में ग्राम सीरियाडीह स्थित महानदी रेत घाट में चैन माउंटेन मशीन से अवैध उत्खनन करते हुए कार्रवाई की गई।

प्रशासन का दावा है कि महानदी, जोंक और शिवनाथ नदियों का प्रतिदिन निरीक्षण किया जा रहा है और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है। बावजूद इसके, बार-बार सामने आ रहे मामलों से यह सवाल उठता है कि क्या केवल जुर्माना और वाहन जब्ती से अवैध खनन पर पूर्ण रोक लग पाएगी।

अवैध खनन के पीछे सक्रिय संगठित तंत्र, संरक्षण देने वालों और स्थायी मांग पर एक साथ कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह समस्या नए रूप में सामने आती रहेगी।

किसान की आड़ में धान फर्जीवाड़ा: व्यापारी–किसान की मिलीभगत का भंडाफोड़, दो वाहन जब्त

रायपुर/बस्तर, 29 दिसंबर 2025

बस्तर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार धान उपार्जन के साथ-साथ अवैध धान विक्रय पर कड़ी निगरानी का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। कलेक्टर श्री हरिस एस के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बकावंड विकासखण्ड में प्रशासन ने व्यापारी और किसान की मिलीभगत से किए जा रहे बड़े धान फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।

सोमवार को धान उपार्जन केंद्र करपावंड के औचक निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी श्री मनीष वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने संदेह के आधार पर एक मामले की जांच की, जिसमें किसान के नाम से जारी टोकन पर व्यापारी द्वारा धान खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि धान विक्रय के लिए प्रस्तुत टोकन कृषक उपेन्द्र भारती पिता अर्जुन भारती के नाम पर जारी था, जबकि वास्तविकता यह थी कि उपेन्द्र भारती आजीविका के कारण हैदराबाद में निवासरत हैं। उनकी भूमि पर खेती उनके भाई लखीधर भारती द्वारा की जा रही थी। लखीधर ने अपनी फसल के लिए 182 क्विंटल का टोकन कटवाया था, जबकि खेत में वास्तविक उत्पादन मात्र 100 क्विंटल ही हुआ था।

टोकन में दर्ज अतिरिक्त 80 क्विंटल धान का गलत लाभ उठाने के लिए व्यापारी राजेश गुप्ता ने साजिश रचते हुए मंडी करपावंड से धान खरीदकर उसे दो वाहनों—सीजी 17 केवाय 7204 एवं सीजी 17 केजे 9389—में लोड करवाया। ड्राइवरों को उपेन्द्र भारती के टोकन की फोटोकॉपी देकर उपार्जन केंद्र भेजा गया।

प्रशासन द्वारा सख्त पूछताछ किए जाने पर ड्राइवरों और किसान के भाई ने पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि कर दी। स्वीकारोक्ति के बाद एसडीएम श्री मनीष वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध धान से भरे दोनों वाहनों को जब्त कर थाना करपावंड के सुपुर्द कर दिया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

डीजल-पेट्रोल की लत छोड़ो! गडकरी का ऐलान – देश अब हाइड्रोजन फ्यूल की ओर तेजी से बढ़ रहा

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नागपुर: 28 दिसंबर 2025

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने डीजल इंजन पर निर्भर उद्योगों को सख्त चेतावनी दी है। नागपुर में 28 दिसंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “डीजल इंजन बंद करो, वरना यूरो 6 नियम सख्ती से लागू कर दूंगा।” यह बयान पेट्रोल-डीजल से वैकल्पिक ईंधनों की ओर तेजी से संक्रमण की दिशा में सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दर्शाता है।

गडकरी ने ट्रांसपोर्ट और कृषि क्षेत्र की कंपनियों से अपील की कि वे CNG, 100% इथेनॉल और हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ईंधनों को अपनाएं। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर निर्माताओं ने फ्लेक्स इंजन वाले ट्रैक्टर तैयार कर लिए हैं, जो CNG या पूर्ण इथेनॉल पर चल सकेंगे। ये ट्रैक्टर किसानों के लिए सस्ते और पर्यावरण-अनुकूल साबित होंगे, क्योंकि फ्लेक्स इंजन कई ईंधनों पर काम करते हैं।यूरो 6 इमिशन नॉर्म्स पर जोर देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये अंतरराष्ट्रीय मानक वाहनों से निकलने वाले नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और सूक्ष्म कणों (PM) को कड़ाई से नियंत्रित करते हैं। अनुपालन के लिए कंपनियों को उन्नत इंजन, पार्टिकुलेट फिल्टर और कैटेलिटिक कनवर्टर लगाने पड़ेंगे, जिससे वाहनों की कीमत बढ़ेगी।

सरकार प्रदूषण घटाने और ईंधन आयात पर 10 लाख करोड़ रुपये सालाना बचाने के लक्ष्य पर कायम है।हाइड्रोजन फ्यूल सेक्टर में प्रगति का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि हाल ही तीन हाइड्रोजन ट्रक लॉन्च हुए—दो डीजल-हाइड्रोजन संकर और एक पूर्ण फ्यूल सेल आधारित। निर्माण एवं कृषि उपकरणों में भी ट्रायल चल रहे हैं। प्रोत्साहन के रूप में अल्टरनेटिव फ्यूल उपकरणों पर वित्तपोषण में 5% सब्सिडी का ऐलान किया।यह मुहिम भारत को जीवाश्म ईंधन मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। कंपनियां अगर नहीं जागीं, तो सख्त नियम लागू होंगे।

“747.2 अरब डॉलर बाहरी कर्ज पर भारत राज: GDP का मात्र 19%, विकास का इंजन!

भारत का विदेशी कर्ज $747 अरब पहुंचा, लेकिन घबराओ मत—ये बोझ नहीं, विकास का साथी है

नई दिल्ली:29/12/2025

उभरती महाशक्ति भारत की चमकती अर्थव्यवस्था के पीछे विदेशी कर्ज का विशाल ढांचा छिपा है। क्या यह कर्ज बोझ है या विकास का इंजन? आरबीआई रिपोर्ट अनुसार जून 2025 तक भारत का कुल विदेशी कर्ज 747.2 बिलियन अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है, जो जीडीपी के 20% से कम है। लेकिन सवाल वही है—सबसे ज्यादा पैसा किस देश या संस्था से लिया गया? आंकड़ों से खुलासा होता है कि जापान, अमेरिका और बहुपक्षीय बैंकों का दबदबा है।

कर्ज कैसे बढ़ा: ट्रेंड और स्रोत
भारत का विदेशी कर्ज इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए लिया गया। आरबीआई डेटा के मुताबिक, 2020 के 558 अरब डॉलर से यह 35% उछाल के साथ पहुंचा। सबसे बड़ा हिस्सा (40%) जापान और USA के बिलेटरल लोन से, उसके बाद वर्ल्ड बैंक (15%) और ADB (12%)। एनआरआई डिपॉजिट्स ने 18% योगदान दिया, जो स्थिर फंडिंग का स्रोत बने। कोविड के बाद लिए गए 100 अरब डॉलर ने स्वास्थ्य और MSME को संभाला।

एनआरआई और कमर्शियल लोन की कुंजी
विदेशी भारतीयों के 150 अरब डॉलर डिपॉजिट ने जोखिम कम किया। कंपनियां ECB (एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग) से सस्ते लोन ले रही हैं, जो निर्यात को बढ़ावा दे रहे। लेकिन अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार कहते हैं, “मुद्रा उतार-चढ़ाव बड़ा खतरा है—रुपये की कमजोरी ब्याज बोझ बढ़ा सकती है।”कर्ज लेने वाला भारत, 70 देशों को लोन देने वाला भी
भारत अब सिर्फ उधारदार नहीं, बल्कि लेनदार भी है। 70+ देशों को 30 अरब डॉलर से ज्यादा LoC (लाइन ऑफ क्रेडिट) दिए, खासकर अफ्रीका और पड़ोसियों को। नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका को इंफ्रा प्रोजेक्ट्स में मदद। इससे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सॉफ्ट पावर मजबूत हुआ है।

(ख़बर मीडिया आधारित)