28.1 C
Raipur
Saturday, October 31, 2026
Home Blog Page 204

रेलवे में बड़ा बदलाव_ब्रिटिश कालीन काला कोट बंद:रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव

नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे कर्मचारियों से औपनिवेशिक सोच त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा की कि अंग्रेजों के जमाने का बंद गले का काला सूट अब रेलवे का औपचारिक पोशाक नहीं रहेगा।यह पहनावा निरीक्षण, परेड, विशेष अवसरों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पहना जाता था, लेकिन ग्रुप-डी, ट्रैकमैन व तकनीकी स्टाफ पर लागू नहीं था।

70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में बोलते हुए वैष्णव ने कहा, “औपनिवेशिक मानसिकता को खोज-खोजकर हटाना होगा—चाहे काम का तरीका हो या पहनावा।”2026 के छह बड़े संकल्परेल मंत्री ने 2026 के लिए “52 हफ्ते, 52 सुधार” अभियान की घोषणा की। इसमें सेवा, उत्पादन, निर्माण, अनुरक्षण व सुविधाओं पर फोकस होगा।

उन्होंने युवा कार्यबल, नवाचार व आत्मविश्वास से रेलवे को 2047 तक विकसित भारत का स्तंभ बनाने का लक्ष्य रखा।नवाचार और तकनीक पर जोर नई तकनीकी नीति बनेगी, जिसमें AI व नवाचार अपनाए जाएंगे।12 इनोवेशन अवार्ड: सर्वश्रेष्ठ टीम को ₹1 लाख, अन्य को ₹50 हजार।इनोवेशन पोर्टल लॉन्च: समस्याओं के समाधान के लिए स्टार्टअप्स को जोड़ा जाएगा।रैपिड टेस्टिंग मैकेनिज्म: ट्रायल के लिए 50% लागत व ₹1.50 करोड़ तक अनुदान।सफल तकनीक पर चार वर्षों तक सीरीज ऑर्डर।वैष्णव ने अनुरक्षण, सुरक्षा व प्रशिक्षण पर कठोर फोकस की बात कही। ट्रैक मेंटेनेंस को नए स्तर पर ले जाने और प्रतिभा विकास पर जोर दिया।

हिंदुओं पर हमलों के बीच अजित डोभाल का सख्त संदेश: इतिहास के अपमान का बदला लेने रहें तैयार !

0

नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026:

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने शुक्रवार को युवाओं से इतिहास के बलिदानों से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता महंगे दामों पर मिली है और अब समय है कि हम अतीत के अपमानों का ‘प्रतिशोध’ लें।

डोभाल ने ऐतिहासिक कष्टों का जिक्र करते हुए कहा, “हमारे पूर्वजों ने घोर अपमान सहा। गांव जलाए गए, मंदिर लूटे गए और लाखों को फांसी दी गई। हम मूक दर्शक बने रहे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘प्रतिशोध’ शब्द आदर्श नहीं लगता, लेकिन यह एक शक्तिशाली ऊर्जा है। हमें अपने अधिकारों, मूल्यों और विश्वासों पर आधारित एक महान भारत का निर्माण करना होगा।

भारत की प्राचीन सभ्यता को उन्नत व शांतिपूर्ण बताते हुए डोभाल ने चेतावनी दी कि सुरक्षा खतरों की अनदेखी ने कड़े सबक सिखाए हैं। “हमने कभी किसी के मंदिर नहीं तोड़े या लूटपाट नहीं की, लेकिन खतरों को नजरअंदाज किया। क्या हमने सबक सीखा? आने वाली पीढ़ियां यदि भूल गईं, तो यह देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी।”

उन्होंने भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का उदाहरण दिया। यह संवाद नई दिल्ली के भारत मंडपम में 11 से 12 जनवरी तक चल रहा है। इसका पहला संस्करण जनवरी 2025 में आयोजित हुआ था।

कार्यक्रम का संदर्भ: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया हमलों के बीच डोभाल का यह बयान चर्चा में है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव पर केंद्रित है।


सोमनाथ धाम में स्वाभिमान पर्व: आस्था, इतिहास और पुनर्निर्माण की हजार वर्ष पुरानी गाथा के साक्षी बने प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में महाअभिषेक, सनातन चेतना का भव्य उत्सव

सोमनाथ मंदिर/गुजरात_10/01/2026

गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ धाम में 8 से 11 जनवरी तक स्वाभिमान पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि सोमनाथ मंदिर के ध्वंस और पुनर्निर्माण की हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक गाथा का प्रतीक भी है। इस अवसर की विशेषता यह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सोमनाथ धाम पहुंचे हैं, जिससे भक्तों का उत्साह और भी चरम पर है।

11 जनवरी की सुबह सोमनाथ महादेव का भव्य महाअभिषेक किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री भी सहभागी बनेंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में महाआरती का आयोजन होगा। स्वाभिमान पर्व महमूद गजनवी के आक्रमण से लेकर मंदिर के बार-बार ध्वस्त होने और हर बार पुनः खड़े होने की कथा को जीवंत करता है। यह आयोजन हिन्दू आस्था की दृढ़ता, सनातन संस्कृति की निरंतरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का संदेश देता है।

सोमनाथ मंदिर से जुड़ी प्रमुख विशेषताएं
सोमनाथ मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि इसे लगभग 17 बार लूटा और तोड़ा गया, लेकिन हर बार इसका पुनर्निर्माण हुआ। यह मंदिर चालुक्य स्थापत्य शैली में पीले बलुआ पत्थर से निर्मित है। इसका शिखर लगभग 155 फीट ऊंचा है, जिस पर सोने का कलश विराजमान है।

शास्त्रों में वर्णित 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ को पहला ज्योतिर्लिंग माना गया है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, इसका मूल निर्माण चंद्रदेव ने सोने से कराया था, जिसे बाद में सूर्यदेव, भगवान श्रीकृष्ण और सोलंकी शासकों ने क्रमशः विकसित किया।

मंदिर परिसर में स्थित बाणस्तंभ भी विशेष महत्व रखता है, जिस पर अंकित शिलालेख यह दर्शाता है कि सोमनाथ से दक्षिण ध्रुव तक प्रकाश मार्ग निर्बाध है। स्वाभिमान पर्व इसी गौरवशाली विरासत और अटूट आस्था का उत्सव है।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे 3,000 युवा नेताओं से संवाद

राष्ट्रीय युवा दिवस पर भारत मंडपम में होगा समापन सत्र, प्रवासी युवा प्रतिनिधि भी होंगे शामिल

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026। स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी को शाम लगभग 4:30 बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के समापन सत्र में भाग लेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री देश भर से चयनित लगभग 3,000 युवा नेताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिनिधियों से भी संवाद करेंगे।

इस डायलॉग में चुने गए प्रतिभागी राष्ट्रीय महत्व के दस प्रमुख विषयों पर प्रधानमंत्री के समक्ष अपनी अंतिम प्रस्तुतियां देंगे। इन विषयों के माध्यम से युवा भारत के आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन, नवाचार, सुशासन, शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रगति जैसे क्षेत्रों में अपने विचार, दृष्टिकोण और क्रियान्वयन योग्य सुझाव साझा करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ से संबंधित निबंध संकलन का विमोचन भी करेंगे। इस संकलन में युवा प्रतिभागियों द्वारा भारत की विकास प्राथमिकताओं, वर्तमान चुनौतियों और राष्ट्र निर्माण के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर लिखे गए चयनित निबंध शामिल होंगे, जो युवाओं की सोच और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग अपने दूसरे संस्करण में आयोजित हो रहा है।यह मंच युवाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच सीधा संवाद स्थापित करता है।यह पहल प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के आह्वान से जुड़ी है।
जिसका उद्देश्य युवाओं को नीति निर्माण और सार्वजनिक जीवन से जोड़ना है।

9 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित इस डायलॉग में देश भर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए युवा नेताओं का चयन डिजिटल क्विज, निबंध प्रतियोगिता और राज्य स्तरीय प्रस्तुतियों की तीन-चरणीय प्रक्रिया से किया गया। इस संस्करण में ‘डिज़ाइन फॉर भारत’, ‘टेक फॉर विकसित भारत’ और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी जैसे नए प्रयोग शामिल किए गए हैं।

भारत के युवाओं में बेजोड़ ऊर्जा और प्रतिबद्धता, राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत: पीएम मोदी

विकसित भारत के विज़न में युवाओं की निर्णायक भूमिका: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं को देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा है कि उनकी बेजोड़ ऊर्जा, प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण की प्रेरक शक्ति है।

प्रधानमंत्री 12 जनवरी को आयोजित होने वाले ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ कार्यक्रम में देशभर से आए युवा नेताओं को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत युवा नेता संवाद को युवाओं के साथ सीधे जुड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी को अपने विचार, आकांक्षाएं और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संवाद ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने में युवाओं की भूमिका को और सशक्त बनाएगा।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा,

“अद्भुत जोश और बेमिसाल जज्बे से भरी हमारी युवा शक्ति सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के लिए संकल्पबद्ध है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में देशभर के अपने युवा साथियों से संवाद को लेकर बेहद उत्सुक हूं। इस कार्यक्रम में 12 जनवरी को आप सभी से मिलने वाला हूं।”सरकार का मानना है कि ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ जैसे कार्यक्रम युवाओं को नीति निर्माण, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह मंच न केवल युवाओं की आवाज़ को मजबूती देगा, बल्कि उनके नवाचार और विचारों को राष्ट्रीय विकास से जोड़ने का भी कार्य करेगा।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य के भारत के निर्माण में उनकी केंद्रीय भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।

ED–ममता टकराव: I-PAC ऑफिस की कार्रवाई से हाईकोर्ट तक, केंद्रीय एजेंसी की शक्तियों पर राष्ट्रीय बहस

ED की ताकत पर सवाल: क्या केंद्रीय एजेंसी के अधिकार निर्वाचित मुख्यमंत्री तक भी समान रूप से लागू होते हैं?

कोलकाता_10/01/2026:_ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक कार्रवाई ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी और कानूनी टकराव खड़ा कर दिया है। ED की रेड के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का काफिला I-PAC के कोलकाता स्थित कार्यालय पहुंचा, जहां से फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस ले जाए जाने को लेकर विवाद सामने आया। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ राज्य की राजनीति को गरमा दिया, बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका और अधिकारों पर राष्ट्रीय बहस भी छेड़ दी है।

ED का आरोप है कि जांच के दौरान उसकी कार्रवाई में दखल दिया गया और संभावित सबूतों से छेड़छाड़ हुई। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया और ED पर चुनावी रणनीति तथा इलेक्शन से जुड़े डेटा जब्त करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के आरोप–प्रत्यारोप के बाद मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा, जहां हंगामे के चलते सुनवाई टाल दी गई। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को होनी है।

प्रवर्तन निदेशालय का गठन 1 मई 1956 को किया गया था। शुरुआती दौर में इसका दायरा विदेशी मुद्रा विनियमन कानूनों तक सीमित था, लेकिन समय के साथ इसकी भूमिका लगातार मजबूत होती चली गई। साल 2002 में लागू हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) ने ED को गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और पूछताछ के दौरान दिए गए बयान को अदालत में सबूत के रूप में पेश करने जैसे व्यापक अधिकार प्रदान किए।
हालांकि कानून ED को सशक्त बनाता है, लेकिन उसकी हर कार्रवाई न्यायिक समीक्षा के दायरे में आती है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब अदालत का रुख यह तय करेगा कि जांच एजेंसी की सीमाएं कहां तक हैं और संवैधानिक पद पर बैठे जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रेखा कहां खिंचती है।

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: उदंती–सीतानदी अभ्यारण्य में 6 शिकारी गिरफ्तार

रायपुर | 09 जनवरी 2026

उदंती–सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 शिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्यभर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभाग द्वारा गश्त और निगरानी को सुदृढ़ किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के मार्गदर्शन में एंटी-स्नेयर वॉक अभियान, नियमित पेट्रोलिंग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। ड्रोन, ट्रैप कैमरे और खुफिया सूचना तंत्र के माध्यम से संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

इसी क्रम में गरियाबंद जिले के परिक्षेत्र कुल्हाड़ीघाट अंतर्गत ओड़ सर्कल में वन्यजीव अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम सुनाबेड़ा (ओडिशा) के 2 तथा ग्राम ओड़ के 4 आरोपियों को धर-दबोचा गया। आरोपियों के कब्जे से खरगोश पकड़ने के फंदे, तीर-कमान और मछली पकड़ने के जाल सहित शिकार में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है।

वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध दो अलग-अलग प्रकरणों में पी.ओ.आर. (प्रारंभिक अपराध रिपोर्ट) दर्ज कर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। सभी 6 अभियुक्तों को 07 जनवरी को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पिकनिक या अन्य गतिविधियों की आड़ में होने वाले अवैध शिकार को रोकने के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी, सख्त कानून, जुर्माने और जन-जागरूकता अभियानों को और तेज किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


‘विकसित भारत’ के संकल्प को मज़बूती देगा VB–G RAM G: ग्रामीण रोजगार और आजीविका की गारंटी – नारायण चंदेल

राजपथ का कर्तव्य पथ बनना, रेस कोर्स रोड का लोक कल्याण मार्ग और नए भारतीय कानून (BNS, BNSS, BSA) इसी सोच का उदाहरण हैं

बेमेतरा | 09 जनवरी 2026

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार आज बेमेतरा जिले में VB–G RAM G (विकसित भारत – गारंटीकृत रोजगार एवं आजीविका मिशन, ग्रामीण) को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम प्रभारी नारायण चंदेल ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्य हर गरीब परिवार को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है। गरीब, जनजातीय और पिछड़ा वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु यह कानून लाया गया है। यह कार्यक्रम महात्मा गांधी के विचारों और रामराज्य की भावना के अनुरूप है।

प्रेस वार्ता के प्रमुख बिंदु
हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी होगी, जबकि वन क्षेत्रों में कार्यरत ST श्रमिकों को अतिरिक्त 25 दिन का रोजगार मिलेगा।काम के दिन बढ़ने के साथ ही मजदूरी का भुगतान समय पर किया जाएगा।मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च हुए।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन द्वारा ‘विकसित भारत’ और भगवान राम के नाम पर राजनीति करने पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि देश 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा।रोजगार योजनाओं के नामकरण का इतिहास बताते हुए कहा गया कि कांग्रेस सरकारों ने योजनाओं को बार-बार नाम बदलकर राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया, जबकि मोदी सरकार में “नाम नहीं, काम बोलता है।”

नारायण चंदेल ने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का वैश्विक मान-सम्मान, सीमा सुरक्षा, सेना का मनोबल और आत्मनिर्भरता अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है।कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की लगभग 600 योजनाओं, संस्थानों और पुरस्कारों का नाम एक ही परिवार से जोड़ा गया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने योजनाओं को सेवा और कर्तव्य से जोड़ा।

प्रेस वार्ता में भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा, रजक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय साहू, मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन तिवारी, तानसेन पटेल, प्रज्ञा निर्वाणी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर Estimates Committee की अहम बैठक, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिए ठोस सुझाव

नई दिल्ली/रायपुर, 09 जनवरी।

“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है।” यह विचार रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित लोकसभा सचिवालय में आयोजित Estimates Committee की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान व्यक्त किए। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य देश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक किफायती, सुलभ, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक बजटीय प्रावधानों और नीतिगत सुधारों पर गहन चर्चा करना रहा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसमें स्कूल शिक्षा की वर्तमान स्थिति, बजट के प्रभावी उपयोग, योजनाओं की प्रगति तथा भावी रोडमैप पर प्रकाश डाला गया।

बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की भूमिका, उसकी कार्यप्रणाली, पाठ्यक्रम की गुणवत्ता, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा तथा मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विशेष फोकस किया गया। साथ ही ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और तकनीक आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इस दौरान सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सहित देशभर में शिक्षा क्षेत्र में संसाधनों के पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग, समान शैक्षिक अवसरों की उपलब्धता, गुणवत्ता सुधार, तथा छात्र-केंद्रित नीतियों को प्राथमिकता देने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव रखे। उन्होंने शिक्षक क्षमता निर्माण, विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और डिजिटल संसाधनों के संतुलित विस्तार पर भी जोर दिया।

सांसद अग्रवाल ने कहा कि “शिक्षा में किया गया निवेश ही देश के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक भविष्य को सुरक्षित करता है। ठोस नीतिगत निर्णयों के साथ बजटीय संसाधनों का उद्देश्यपूर्ण उपयोग आवश्यक है।” उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और सुधारात्मक कदमों से देश के हर बच्चे तक समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित होगी।

ऑपरेशन निश्चय:17,808 नशीली टेबलेट के साथ मेडिकल सप्लाय सिंडिकेट बेनकाब, 5 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार मेडिकल स्टोर सील करने की प्रक्रिया शुरू।

रायपुर/छत्तीसगढ़ _08 जनवरी 2026

रायपुर पुलिस ने नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन निश्चय के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध सप्लाय में लिप्त एक संगठित मेडिकल सप्लाय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। थाना पुरानी बस्ती क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में कुल 17,808 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट (अल्प्राजोलम एवं स्पासमों) के साथ 04 मेडिकल स्टोर संचालक और 01 मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित कुल 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक टाटा सफारी वाहन (CG 04 Q 0513) एवं 05 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत लगभग 01 करोड़ रुपये आंकी गई है। आरोपियों के विरुद्ध थाना पुरानी बस्ती में अपराध क्रमांक 10/26, धारा 21(सी) एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के दिशा-निर्देश में चल रहे इस अभियान के तहत इंटेलिजेंस-ड्रिवन और माइक्रो-लेवल सर्विलांस अपनाया गया। 05 जनवरी 2026 को एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट को सूचना मिली कि कुशालपुर स्थित रत्ना मेडिकल स्टोर में बिना वैध दस्तावेज के नशीली टेबलेट बेची जा रही है। टेस्ट पर्चेस के बाद पुलिस ने मौके पर रेड कर संचालक कान्हा कृष्ण कश्यप उर्फ सूरज को पकड़ा।

पूछताछ में सप्लाय चेन का खुलासा होने पर आनंद शर्मा (एम.आर.) सहित तीन मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार किए गए। जांच में नशीली दवाओं की कोरियर व बस के जरिए अंतर्राज्यीय सप्लाय सामने आई है। पुलिस संबंधित कोरियर/बस संचालकों पर कार्रवाई, चारों मेडिकल स्टोर सील व लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया में है। एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी