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Saturday, October 31, 2026
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देवकर पालिका CMO की मनमानी: पत्रकारों पर धमकी, FIR और भ्रष्टाचार छिपाने का आरोप

जिला श्रमजीवी पत्रकारों ने SSP से जांच की मांग की।जनचौपाल36/चौपाल से चौपाटी तक

बेमेतरा, 22 जनवरी 2026

जिला बेमेतरा के समस्त पत्रकारों (प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) केशवराम साहू (देवकर) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए SSP से निष्पक्ष जांच और पत्रकार सुरक्षा की मांग की है। निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर करने पर CMO द्वारा पत्रकारों के साथ अमर्यादित व्यवहार, धमकी और दुर्भावनापूर्ण FIR दर्ज कराने का आरोप लगाया गया है।

अभद्रता और धमकियां: पत्रकारों का कहना है कि जब वे CMO से जानकारी लेने या पक्ष जानने पहुंचते हैं, तो वे “जो छापना है छाप दो” या “चुनाव लड़ लो” जैसी टिप्पणियां कर उकसाते हैं। कार्यालय में CCTV को ‘म्यूट वॉयस मोड’ पर चलाया जाता है, ताकि केवल वीडियो रिकॉर्ड हो और ऑडियो साक्ष्य न बचे—इसे पत्रकारों को फंसाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

गौरव पथ नाली निर्माण में अनियमितता: देवकर के गौरव पथ पर RCC नाली के निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत पर जांच टीम गठित हुई थी, जो लंबित है। फिर भी CMO ने मेजरमेंट कर भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी। जब पत्रकारों ने जानकारी मांगी, तो CMO ने इनकार कर स्थानीय चौकी में उनके खिलाफ FIR दर्ज करा दी।

SSP को दिए ज्ञापन में पत्रकारों ने कहा, “प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना हमारा संवैधानिक दायित्व है। CMO का तानाशाही रवैया प्रेस स्वतंत्रता पर हमला है और विकास कार्यों में बाधक।”

मांगें:📌CMO की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच।

📌पत्रकारों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द और सुरक्षा सुनिश्चित।

📌अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई व स्थानांतरण।

पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी न हुईं, तो आंदोलन की तैयारी होगी। SSP ने आश्वासन दिया कि मामला संज्ञान में है।ज्ञापन सौंपने जिला अध्यक्ष सहित श्रमजीवी जिला पत्रकार संघ उपस्थित रहे।

बांग्लादेश से भारतीय राजनयिक परिवारों की वापसी: सुरक्षा चिंताओं के बीच बड़ा कदम

जनचौपाल36/चौपाल से चौपाटी तक (खबर :सूत्र)

नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026:

बांग्लादेश में बढ़ते अस्थिरता के संकेत मिलते ही भारत ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। अंतरिम सरकार प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर भारत-विरोधी साजिश रचने के आरोपों के बाद ढाका को ‘नॉन-फैमिली पोस्टिंग’ घोषित कर दिया गया।

परिवारों को लौटने का आदेश

भारतीय अधिकारियों को निर्देश जारी हुए कि पत्नी, बच्चे 8 जनवरी तक भारत लौटें। स्कूली बच्चों वाले परिवारों को 7 दिन अतिरिक्त समय मिला, यानी 15 जनवरी अंतिम तिथि। ढाका, चटगांव, खुलना, सिलहट और राजशाही के भारतीय मिशनों से परिवार जल्दबाजी में लौटे। विदेश मंत्रालय ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया।

यूनुस की कथित साजिशें विफल

चुनाव नजदीक आते ही यूनुस ने कट्टरपंथियों को भारत के खिलाफ भड़काया, चीन-पाकिस्तान से गठजोड़ मजबूत करने की कोशिश की। चुनाव टालने के सारे प्रयास नाकाम। यह फैसला 1 जनवरी से लागू हुआ, जो इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, दक्षिण सूडान की तरह बांग्लादेश को असुरक्षित मानता है।

बहुआयामी प्रभाव

📌सुरक्षा मजबूती: राजनयिक मिशनों का संरक्षण।
📌राजनीतिक संदेश: यूनुस सरकार को चेतावनी, कट्टरपंथी ब्रिगेड निष्प्रभावी।
📍चुनावी असर: बांग्लादेश में भूचाल, भारत की सतर्क रणनीति।
यह कदम द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ाता है, लेकिन भारत की प्राथमिकता सुरक्षा है।

छत्तीसगढ़ समाचार: महासमुंद में 4.75 करोड़ का गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

कठोर कानून: नारकोटिक्स केस में फास्ट-ट्रैक कोर्ट और संपत्ति जब्ती को स्थायी बनाएं।
सामाजिक भागीदारी: गांव-शहर स्तर पर मुखबिर नेटवर्क और नशा मुक्ति शिक्षा:_जनचौपाल36/चौपाल से चौपाटी तक

महासमुंद, 21 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 9 क्विंटल 50 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 75 लाख रुपये है। तस्करी में प्रयुक्त आयशर ट्रक (15 लाख रुपये) समेत कुल 4 करोड़ 90 लाख की संपत्ति जब्त की गई।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ओडिशा से महाराष्ट्र के जालना ले जा रहे ट्रक को रोका। तलाशी में बोरियों में छिपा 950 किलोग्राम गांजा मिला। आरोपियों के पास मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई, जो बड़े नेटवर्क का संकेत दे रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह छत्तीसगढ़ को ड्रग ट्रांजिट पॉइंट बनाने की साजिश थी।

यह मामला जनहित का है क्योंकि नशीले पदार्थ युवाओं को नष्ट कर रहे हैं। सरकार को बॉर्डर पर चेकपोस्ट बढ़ानी चाहिए, फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने चाहिए और जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। स्थायी एंटी-ड्रग टास्क फोर्स गठित कर तस्करी के पूरे चेन को ध्वस्त किया जाए, ताकि जनता की चुनी हुई सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए।

सरकार, पुलिस और तस्करों के बीच यह चक्र चलता रहता है, लेकिन जनहित में व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है। तस्करी रुकने का नाम नहीं लेती, क्योंकि सरहदी इलाकों में निगरानी कमजोर है।

छत्तीसगढ़: राजनांदगांव में धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा

डिजिटल साक्ष्य जब्त: डेविड चाको के आश्रम-चर्च से लैपटॉप, आईपैड, मोबाइल और हजारों डॉलर मूल्य का सोलर प्रोजेक्टर बरामद, जिसमें फंडिंग ट्रेल और ट्रेनिंग मॉड्यूल के प्रमाण हैं। जनचौपाल36/चौपाल से चौपाटी तक

राजनांदगांव, 21 जनवरी 2026

– छत्तीसगढ़ पुलिस ने आश्रम और चर्चों की आड़ में संचालित कथित धर्मांतरण के सबसे बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। राजनांदगांव के लालबाग थाना क्षेत्र में मुख्य आरोपी डेविड चाको के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में विदेशी फंडिंग, नाबालिगों को रखने और राज्यव्यापी संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिससे जांच अब पूरे राज्य में फैल रही है।

पुलिस के अनुसार, डेविड चाको अमेरिका में पढ़ाई करने के बाद भारत लौटा और उसे बड़ी राशि प्राप्त हुई। राजनांदगांव में उसने ‘पॉल जैसे कोर्ट’ नामक जमीनी कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार किया, जो प्रशिक्षण मॉड्यूल और संदिग्ध प्रचार सामग्री के जरिए सक्रिय था। उसके कब्जे से जब्त संदिग्ध पुस्तकों में विशेष कोड, शब्दावली और प्रचार तकनीकों का इस्तेमाल पाया गया, जिनकी विशेषज्ञों से जांच चल रही है।

📍 जांच के प्रमुख बिंदु
👉विदेशी फंडिंग का ट्रेल: पुलिस विदेश से आई राशि के स्रोत, बैंक खातों और डॉलर-रुपए रूपांतरण की जांच कर रही है।
👉नाबालिगों का मामला: आश्रम-चर्चों में नाबालिगों को रखने के आरोप, जो राज्य स्तर पर फैले नेटवर्क का हिस्सा लग रहे हैं।
👉चर्च विस्तार की साजिश: अलग-अलग जगहों पर चर्च खोलने की योजना सामने आई है।

पुलिस ने जांच तेज कर दी है और राज्यव्यापी नेटवर्क को उजागर करने के लिए अन्य जिलों में छापेमारी की तैयारी की है। यह मामला छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विवादों को नई ऊंचाई दे सकता है।

कवर्धा में दलदली क्षेत्र के आसपास बेधड़क बॉक्साइट का अवैध खनन

जनचौपाल_36/चौपाल से चौपाटी तक

कवर्धा (कबीरधाम), 20 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के दलदली बॉक्साइट खदान क्षेत्र में नदी-नालों को निशाना बनाकर पिछले 15 दिनों से हजारों टन बॉक्साइट का अवैध उत्खनन हो रहा है। जेसीबी व पोकलेन मशीनों की मदद से दिन-रात खुदाई कर पत्थर निकाले जा रहे हैं, जिन्हें गिट्टी बनाकर ट्रकों से सप्लाई किया जा रहा। मध्य प्रदेश से 50-60 मजदूर बुलाए गए हैं।

इस अवैध कारोबार से शासन को लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हैं। भारी मशीनों व मजदूरों की मौजूदगी के बावजूद कोई रोकटोक नहीं हो रही। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह खनन जनजातीय भूमि पर भी प्रभाव डाल रहा है।

खनिज विभाग के अधिकारी ने कहा, “मैं नया हूं, जांच के बाद कार्रवाई होगी।” प्रशासन ने हाल ही में कबीरधाम में अन्य अवैध खनन पर अर्थदंड लगाया है, लेकिन दलदली मामले में अब तक कोई कदम नहीं।


स्कूली रसोइयों की हड़ताल 3 सप्ताह से जारी, सरकार पर मांगें

शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने समर्थन दिया है।
जनचौपाल_36/चौपाल से चौपाटी तक

रायपुर, 20 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले करीब 87,000 रसोइयों ने न्यूनतम वेतन व राशन भत्ते की मांग को लेकर 29 दिसंबर से हड़ताल शुरू कर दी है। 33 जिलों से जुड़े ये रसोइये तीन सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे स्कूलों में बच्चों का भोजन प्रभावित हो रहा है।

नया रायपुर के तूता मैदान में धरना चल रहा है, जहां रसोइयों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव जैसे कदम उठाए। महासमुंद में प्रतिनिधिमंडल को रोका गया, जिससे सड़क पर प्रदर्शन हुआ।

प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत छत्तीसगढ़ महिला-पुरुष मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मिलने रायपुर पहुंचा। लेकिन महासमुंद जिले के ग्राम गुढ़ियारी नदी मोड़ पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। आक्रोशित रसोइयों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया और शासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में वे तूता मैदान पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में रसोइये एकत्र हुए।

हड़तालकारियों का कहना है कि दैनिक वेतन इतना कम है कि परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। वे चुनावी वादों पर अमल की मांग कर रहे हैं, जिसमें वेतन वृद्धि, राशन भत्ता और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज होगा।



रायपुर शहर के छह प्रमुख मार्ग नो-फ्लेक्स जोन, निजी विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित

जनचौपाल _36/चौपाल से चौपाटी तक

राजधानी रायपुर/छत्तीसगढ़, 19 जनवरी 2026

राजधानी रायपुर में नगर निगम ने शहर के छह प्रमुख मार्गों को नो-फ्लेक्स जोन घोषित कर दिया है। अब इन मार्गों पर केवल शासकीय विज्ञापनों की ही अनुमति होगी, निजी फ्लेक्स और बैनर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। निर्णय के बाद नगर निगम मुख्यालय के नगर निवेश विभाग ने सभी छह मार्गों पर नो-फ्लेक्स जोन के सूचना बोर्ड भी लगवा दिए हैं। निगम प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के निजी विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह निर्णय मेयर इन काउंसिल की बैठक में लिया गया। फैसले को सख्ती से लागू कराने के लिए महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।

जिन मार्गों को नो-फ्लेक्स जोन घोषित किया गया है, उनमें टाटीबंध चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए जीई रोड के मार्ग से तेलीबांधा थाना चौक तक, पचपेड़ी नाका चौक से लालपुर ओवरब्रिज तक, शहीद भगत सिंह चौक से छत्तीसगढ़ क्लब होते हुए कैनाल लिंक रोड ट्रैफिक सिग्नल और सिविल लाइंस मुख्य सड़क तक का मार्ग शामिल है। इसके अलावा एनआईटी रायपुर से गोल चौक और फिर रायपूरा चौक तक, जयस्तंभ चौक से सिटी कोतवाली चौक होते हुए बिजली ऑफिस चौक तक तथा महिला थाना चौक से बुढ़ेश्वर मंदिर चौक तक के मार्ग भी नो-फ्लेक्स जोन में शामिल किए गए हैं।

इस निर्णय के क्रियान्वयन के लिए महापौर मीनल चौबे ने नगरीय नियोजन एवं भवन अनुज्ञा विभाग के अध्यक्ष मनोज वर्मा, निगम आयुक्त विश्वदीप तथा नगर निवेश विभाग के उड़न दस्ते, जोन कमिश्नरों और जोन स्टाफ की टीमों को निर्देशित किया है कि सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से निरीक्षण करें, लगातार मॉनिटरिंग रखकर अभियान चलाएं और नो-फ्लेक्स जोन के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।


बीजापुर में बिना नोटिस बुलडोजर कार्रवाई: 100 परिवार बेघर, विधायक नेतृत्व में हाईवे जाम

जनचौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक /सुशासन पर सवाल

बीजापुर/रायपुर, 19 जनवरी 2026:

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रशासन की कथित ‘अवैध निर्माण हटाओ’ कार्रवाई ने मानवीय संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 16-17 जनवरी को नया बस स्टैंड के पीछे चत्तानपारा इलाके में वन भूमि पर बने 100 से अधिक मकानों पर बिना किसी पूर्व नोटिस के जेसीबी और बुलडोजर चलाए गए। बेघर हुए इन परिवारों ने नेशनल हाईवे-63 (रायपुर-हैदराबाद मार्ग) पर चक्का जाम कर मुआवजा और पुनर्वास की मांग की।

18 जनवरी को स्थानीय विधायक मंडावी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनके साथ सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका ने नोटिस दिए बिना कार्रवाई की, जिससे परिवार टेंटों में रहने को मजबूर हो गए। जाम के दौरान यातायात बाधित रहा, लेकिन नगर पालिका अधिकारियों और पुलिस के पहुंचने पर बातचीत के बाद हाईवे खुल गया। फिलहाल प्रशासन और प्रभावितों के बीच चर्चा जारी है।

सरकार सुशासन और जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, लेकिन यह घटना पुनर्वास नीति, पूर्व सूचना और मानवीय करुणा की कमी उजागर करती है। पीड़ित परिवारों ने मुआवजा, वैकल्पिक आवास और नोटिस प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।

जनचौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक

गरियाबंद ‘अश्लील डांस’ कांड: आखिर अश्लीलता की हद क्यों पार की? ओडिशा से डांसर गिरफ्तार, मंत्री बोले ‘यह कला है’

जनचौपाल _36/चौपाल से चौपाटी तक (अश्लील डांस है या कला)फोटो सांकेतिक

गरियाबंद/रायपुर, 19 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के नाम पर अश्लीलता की हद क्यों पार कर दी गई—यह सवाल अब पूरे समाज में गूंज रहा है। 9-10 जनवरी को उरमाल में युवा समिति के 6 दिवसीय आयोजन में डांसर ने मंच पर निजी अंग दिखाए, जिसका वीडियो वायरल हो गया। ओडिशा पुलिस ने आरोपी डांसर को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम को हटाया गया, 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। आखिर सांस्कृतिक कार्यक्रम में ऐसी अश्लीलता क्यों घुस आई?

स्थानीय विधायक व मंत्री रामविचार नेताम ने बचाव में कहा, “डांस कला ही तो है। कला सिर्फ ‘सीताराम-सीताराम’ जाप तक सीमित नहीं, बल्कि विविध रूपों में होती है।” सूरजपुर रेस्ट हाउस में भी इसी तरह का विवादास्पद डांस होने की चर्चा है। विपक्ष ने बयान को ‘अश्लीलता का बचाव’ बताते हुए निशाना साधा।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस समर्थित इन्फ्लुएंसर आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ रामानुजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उन्होंने मंत्री पर अभद्र टिप्पणियां कीं, जो समाज में अश्लीलता फैला रही हैं। कार्यकर्ताओं ने थाने पर नारेबाजी की और गिरफ्तारी की मांग की।

पुलिस ने डांसर के खिलाफ आईपीसी धाराओं में केस दर्ज किया। प्रशासन ने अश्लीलता पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान किया। मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है—क्या यह सांस्कृतिक स्वतंत्रता है या नैतिक पतन?
जनचौपाल _36/चौपाल से चौपाटी तक


सिंगूर में पीएम मोदी का हुंकार: 830 करोड़ की सौगात और घुसपैठ के मुद्दे पर ममता सरकार को घेरा

सिंगूर, पश्चिम बंगाल | 18 जनवरी, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के ऐतिहासिक सिंगूर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए 830 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

कनेक्टिविटी पर जोर:

तीन अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडीप्रधानमंत्री ने बंगाल की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये ट्रेनें कोलकाता को देश के अन्य प्रमुख हिस्सों से जोड़ेंगी। कार्यक्रम से पहले पीएम मोदी ने ‘एक्स’ (X) पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हमारी सरकार पश्चिम बंगाल की विकास यात्रा को और तेज करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में सुधार से यहाँ के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

“तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला

विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पीएम मोदी का राजनीतिक तेवर भी कड़ा नजर आया। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर राज्य की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर सीधा प्रहार किया। पीएम ने आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी पार्टी वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है, जिससे बंगाल की सुरक्षा और जनसांख्यिकी को खतरा पैदा हो रहा है।

मुख्य बिंदु:कुल निवेश:

₹830 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं और परिवहन के लिए 3 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत।जनसभा का एजेंडा रहा घुसपैठ, भ्रष्टाचार और बंगाल की रुकी हुई विकास दर।प्रधानमंत्री के इस दौरे को पश्चिम बंगाल में आने वाले राजनीतिक बदलावों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार बंगाल के लोगों के हक के लिए लगातार काम करती रहेगी।