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“26 जनवरी” आन बान शान के साथ विकसित भारत का संकल्प दिवस : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ।
जनचौपाल36/चौपालसेचौपाटीतक

नई दिल्ली | 26 जनवरी, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस दिन को भारत की आन-बान और शान का प्रतीक बताते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रीय गौरव और नई ऊर्जा का पर्व

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का एक शक्तिशाली प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय महापर्व सभी नागरिकों के जीवन में नई ऊर्जा और नए उत्साह का संचार करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने विजन को साझा करते हुए कहा, “विकसित भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ हो, यही कामना है। यह अवसर हमें एकजुट होकर राष्ट्र-निर्माण की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।”
संस्कृत सुभाषित के माध्यम से एकता का संदेश।

इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक प्राचीन संस्कृत सुभाषित साझा कर स्वतंत्रता और एकता के महत्व पर प्रकाश डाला:
“पारतन्त्र्याभिभूतस्य देशस्याभ्युदयः कुतः।
अतः स्वातन्त्र्यमाप्तव्यमैक्यं स्वातन्त्र्यसाधनम्॥”

इस श्लोक की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि जो राष्ट्र पराधीन है या अधिकारों से वंचित है, वह कभी प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए, प्रगति सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्रता और एकता को ही मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाना अनिवार्य है।

लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि हमारा संविधान ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी लोकतांत्रिक विरासत को सहेजें और एक आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।

युवा, राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति:मन की बात में पीएम मोदी का व्यापक संदेश

शक्ति, स्टार्टअप, संस्कृति और कर्तव्य बोध पर जोर। जनचौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक

नई दिल्ली | 25 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि युवा ऊर्जा और निस्वार्थ सेवा की भावना भारत को शिखर पर पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया की 10 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। उन्होंने इसे देश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और आत्मविश्वास का परिणाम बताया और कहा कि इस पूरी यात्रा के असली हीरो हमारे युवा हैं।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत अब तक देश में 200 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव का उदाहरण बताया।
उन्होंने मिलेट्स यानी श्रीअन्न को किसानों की आय बढ़ाने और लोगों के स्वास्थ्य सुधार का प्रभावी माध्यम बताया। पीएम मोदी ने सर्दियों के मौसम में श्रीअन्न को आहार का हिस्सा बनाने की अपील की।

संस्कृति और परंपराओं पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय त्योहार आज दुनिया के हर कोने में उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जा रहे हैं, जिसमें भारतवंशी समुदाय की बड़ी भूमिका है। उन्होंने परिवार व्यवस्था को भारतीय संस्कृति की मजबूत नींव बताया, जिसे वैश्विक स्तर पर सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियानों में युवाओं की सक्रिय भूमिका की सराहना की और बताया कि अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में युवाओं द्वारा प्रेरक प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने बताया कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट अगले महीने आयोजित होगी, जिसमें दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञ भारत आएंगे। उन्होंने गुणवत्ता, कर्तव्य और सामूहिक प्रयास को भारत के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बताया।

शंकराचार्य एक गरिमा, राजनीति एक व्यवस्था

“धर्म और व्यवस्था—दो किनारे, बीच में संवाद”। जनचौपाल_36/चौपाल से चौपाटी तक

प्रयागराज | 25/01/2026

ज्ञान, परंपरा और गरिमा का सम्मान किसी भी सभ्य समाज की पहचान माना जाता है, वहीं प्रशासन और राजनीति का उद्देश्य सामाजिक एवं नागरिक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करना होता है। हाल के दिनों में प्रयागराज के माघ मेले और उससे जुड़े कुछ प्रसंगों को लेकर जो चर्चाएं सामने आई हैं, उन्होंने एक व्यापक वैचारिक प्रश्न को जन्म दिया है—धर्म और राजनीति के बीच संतुलन कैसे स्थापित हो।

भारतीय परंपरा में धर्म और राज्य, दोनों को अलग-अलग भूमिकाओं में देखा गया है। धर्म का क्षेत्र आध्यात्मिक चेतना, आचरण और ज्ञान से जुड़ा माना गया है, जबकि राजनीति और प्रशासन को व्यवस्था, सुरक्षा और संचालन का माध्यम माना जाता है। इतिहास में अनेक उदाहरण मिलते हैं जहाँ दोनों के बीच सामंजस्य बनाए रखने का प्रयास किया गया।

यह भी देखा गया है कि धार्मिक परंपराओं में अनुशासन, मर्यादा और प्रक्रिया का विशेष महत्व होता है। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था में नियम, प्रोटोकॉल और सुरक्षा जैसे पक्ष प्राथमिकता रखते हैं। ऐसे में जब किसी आयोजन या अवसर पर दोनों के दायरे एक-दूसरे से स्पर्श करते हैं, तो संवाद और समन्वय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

कई मामलों में यह अनुभव किया गया है कि संवाद के माध्यम से स्थितियों को सहज और सम्मानजनक ढंग से सुलझाया जा सकता है। भारतीय परंपरा में राजा और संत, दोनों के बीच परस्पर सम्मान की परिकल्पना रही है—जहाँ ज्ञान को मार्गदर्शक और सत्ता को संरक्षक माना गया।

शंकराचार्य पद को एक दीर्घ धार्मिक-दार्शनिक परंपरा से जोड़ा जाता है, जिसमें ज्ञान, साधना और आचार का विशेष स्थान है। वहीं लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासनिक पद जिम्मेदारी और जनादेश से जुड़े होते हैं। दोनों की भूमिकाएं भिन्न हैं, किंतु उद्देश्य समाज का हित ही है।

आज के समय में आवश्यकता इस बात की है कि धर्म और राजनीति, दोनों अपने-अपने दायरे में रहते हुए एक-दूसरे के अस्तित्व और गरिमा का सम्मान करें। इससे न केवल सामाजिक सौहार्द बना रहेगा, बल्कि देश की सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक परंपराएं भी सुदृढ़ होंगी।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)
यह लेख किसी व्यक्ति, संस्था, धार्मिक पद, प्रशासन या सरकार पर आरोप लगाने के उद्देश्य से नहीं लिखा गया है। इसमें व्यक्त विचार सामान्य सामाजिक-दार्शनिक विमर्श पर आधारित हैं। लेख का उद्देश्य केवल धर्म और राजनीति के बीच संतुलन पर वैचारिक चर्चा करना है, न कि किसी घटना या पक्ष के समर्थन या विरोध में दावा प्रस्तुत करना।


किसानों का खेत जाने का रास्ता बंद, बसंत अग्रवाल पर अवैध बाउंड्रीवाल निर्माण का आरोप

दीवार बनाकर रोका रास्ता, भाजपा का सरंक्षण/कांग्रेस ने चेताया—न्याय नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन
डिजिटल न्यूज जनचौपाल_36 | चौपाल से चौपाटी तक

रायपुर, 24 जनवरी 2026

जिले के धरसींवा तहसील अंतर्गत ग्राम गिरौद में किसानों के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रसूखदार और भू-माफिया बसंत अग्रवाल द्वारा किसानों की पैतृक कृषि भूमि तक पहुंचने वाले इकलौते रास्ते पर अवैध बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई है। इस दीवार के कारण किसान अपने ही खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे खेती-किसानी पूरी तरह ठप हो गई है।

किसानों का कहना है कि रास्ता बंद होने से न तो ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खेत तक जा पा रहे हैं और न ही खाद-बीज व सिंचाई की व्यवस्था हो पा रही है। कई किसानों की फसलें कटाई के इंतजार में खेतों में ही सूखने लगी हैं, जिससे महीनों की मेहनत और निवेश बर्बाद होने की कगार पर है। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध निर्माण की शिकायतें कई बार प्रशासन से की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग) के कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल मौके पर पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण आम किसानों की आवाज दबाई जा रही है।

भावेश बघेल ने स्पष्ट कहा कि यदि किसानों के साथ अन्याय जारी रहा, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। किसानों ने भी चेतावनी दी है कि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

कांग्रेस की मांगें:
अवैध बाउंड्रीवाल और निर्माण को तत्काल हटाया जाए।
किसानों के खेत तक आने-जाने का रास्ता तुरंत बहाल किया जाए।

दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी धरसींवा अध्यक्ष आशीष वर्मा, सी.के. वर्मा, पूर्व सरपंच गिरौद रवि लहरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

उज्जैन के तराना में जुमे की नमाज के बाद तनाव, पथराव और आगजनी

मध्य प्रदेश/उज्जैन | 24 जनवरी 2026

डिजिटल न्यूज जन चौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को जुमे की नमाज के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया। खेड़ी मोहल्ला स्थित तकिया मस्जिद के आसपास नमाज के बाद स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नमाज समाप्त होने के बाद कुछ असामाजिक तत्व सड़कों पर उतर आए और आसपास के इलाकों में पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचा, वहीं बस स्टैंड क्षेत्र में खड़ी एक बस में आग लगा दी गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क जाम की स्थिति भी बनी। तनाव के बीच कुछ लोग अन्य मोहल्लों की ओर बढ़ते नजर आए, जिससे हालात और बिगड़ गए।

हिंसा के दौरान कई घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। पथराव से घरों के शीशे टूटे और दरवाजों को नुकसान पहुंचा। बस स्टैंड के पास खड़ी कई बसें, कारें और दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस के अनुसार, कुल 13 बसों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से एक-दो में आग लगाई गई, जबकि करीब 10 कारें और कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया। जिले के विभिन्न थानों से फोर्स बुलाकर फ्लैग मार्च निकाला गया और ड्रोन व सीसीटीवी फुटेज की मदद से निगरानी की जा रही है। पुलिस ने जानलेवा हमले और उपद्रव से जुड़े मामलों में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शनिवार सुबह तक स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि एहतियातन निषेधाज्ञा लागू है और संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

औद्योगिक प्रतिबंध: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर रियल इस्पात एंड एनर्जी का किल्न-01 सील

आदेश में प्रतिबंध अवधि के दौरान सभी श्रमिकों को समय पर वेतन एवं भत्तों के भुगतान के निर्देश भी दिए गए हैं।

रायपुर, 23 जनवरी 2026

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्रा. लि. में हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रारंभिक जांच में गंभीर सुरक्षा उल्लंघन पाए जाने पर कारखाना अधिनियम के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं मेंटेनेंस सहित समस्त कार्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कार्यालय सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी आदेश के अनुसार 22 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 9.40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट हुआ। इस दौरान अत्यधिक गर्म ऐश की बौछार से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय चेंबर के भीतर 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान की गर्म ऐश को पोकिंग प्रक्रिया से नीचे गिराया जा रहा था।

दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक संचालक के नेतृत्व में उप संचालकों एवं अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कारखाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की गई तथा कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

मुख्य कारखाना निरीक्षक सह श्रमायुक्त ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बसंत पंचमी विशेष: सोच, संघर्ष और मेहनत—सफलता का पूरा सूत्र

सफलता किस्मत से कहीं ज्यादा,बड़ी सोच और मेहनत से मिलती है।जन चौपाल36/चौपाल से चौपाटी तक

फीचर डेस्क:_ 23/01/2026

अक्सर देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति जीवन में असफल होता है या किसी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाता, तो वह अपनी किस्मत को दोष देने लगता है। वहीं, जब वह अपने आसपास सफल लोगों को देखता है, तो यही सोचता है कि इनकी किस्मत बहुत अच्छी है, तभी ये अपनी-अपनी फील्ड में ऊँचाइयों तक पहुँचे हैं। लेकिन क्या वाकई सफलता का सीधा संबंध केवल किस्मत से होता है? इस सवाल का जवाब तलाशना बेहद ज़रूरी है।

वास्तविकता यह है कि किस्मत का सहारा वही लोग लेते हैं, जो अपने प्रयासों से बचते हैं। इतिहास और वर्तमान—दोनों ही इस बात के साक्षी हैं कि सफलता उन्हीं को मिलती है, जो निरंतर परिश्रम करते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानते। जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को लेकर ईमानदारी से मेहनत करता है, तो उसके विचार सकारात्मक हो जाते हैं। सकारात्मक सोच उसके कर्मों में झलकने लगती है और यही कर्म आगे चलकर उसकी पहचान बन जाते हैं।

जीवन की राह आसान नहीं होती। हर व्यक्ति को संघर्ष, असफलता और निराशा के दौर से गुजरना पड़ता है। लेकिन जो लोग इन चुनौतियों से डरकर रुक जाते हैं, वे पीछे रह जाते हैं, जबकि जो लोग लगातार प्रयास करते रहते हैं, वही आगे बढ़ते हैं। ऐसे लोग संकटों को अवसर में बदलना जानते हैं और हर असफलता से कुछ नया सीखते हैं।

जब कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है, तो एक समय ऐसा आता है जब परिस्थितियाँ भी उसके अनुकूल होने लगती हैं। यही वह क्षण होता है, जिसे लोग ‘किस्मत का साथ देना’ कहते हैं। दरअसल, यह किस्मत नहीं बल्कि लंबे समय की मेहनत का परिणाम होता है।

इस बसंत पंचमी पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी असफलताओं का ठीकरा किस्मत पर फोड़ने के बजाय अपने प्रयासों को और मज़बूत बनाएँ। जब भी किसी सफल व्यक्ति से मिलें, तो यह याद रखें कि उसकी सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत, त्याग और संघर्ष छिपा होता है—और तब जाकर किस्मत उसका साथ देती है।

दुनिया के सबसे बुद्धिमान देश: भारत 50वें स्थान पर

“एक खबर पढ़ने को मिली जिस पर मुझे लगा कि इसे लोगों तक साझा किया जाए—भारत विश्वगुरु बनकर दुनिया को राह दिखाने चला, लेकिन 49 देश IQ रैंकिंग में आगे हैं।”जनचौपाल36/चौपालसेचौपाटीतक

नई दिल्ली।23।01।2026

वैश्विक IQ रैंकिंग में दक्षिण कोरिया शीर्ष पर है, जहां औसत IQ 106.97 दर्ज किया गया है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस सूची में 50 वें स्थान पर है, औसत IQ 98.44 के साथ।

भारत की स्थिति :_भारत का स्थान टॉप 10 से कोसों दूर है। शिक्षा में रटंत वाद और पोषण की कमी प्रमुख कारण हैं। सुधारों से रैंकिंग बेहतर हो सकती है।

दुनिया के सबसे बुद्धिमान लोगों वाले देशों की सूची भारत के लिए एक आईना है, जहां हम 50 वें स्थान पर ठहर गए हैं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण कोरिया शीर्ष पर है, औसत IQ 106.97 के साथ, जबकि भारत का औसत 98.44 ही है।

बुद्धि का वैश्विक मानचित्र यह रैंकिंग शिक्षा, विज्ञान और समस्या-समाधान पर आधारित है। दक्षिण कोरिया, चीन (106.48), जापान (106.30), ईरान (104.80) और ऑस्ट्रेलिया (104.45) जैसे देश इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग से आगे हैं यह देश टॉप 5 पर हैं इसके आगे
रूस, सिंगापुर, मंगोलिया, न्यूजीलैंड और वियतनाम टॉप 10 में बाकी स्थान भरते हैं, जहां प्रतिभा पोषण को प्राथमिकता मिली है।

इन देशों में मजबूत शिक्षा प्रणाली और विज्ञान-गणित पर फोकस के कारण ऊंचा IQ दर्ज किया गया है।

इन देशों में अकादमिक उपलब्धियों और इनोवेशन पर जोर दिया जाता है।साइंस, मैथ्स और टेक्नोलॉजी में मजबूत पढ़ाई और कैरेक्टर डेवलपमेंट पर केंद्रित शिक्षा पर ज्यादा ध्यान है।बहुभाषी आबादी और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स की अधिकता के साथ क्रिटिकल थिंकिंग पर बल देकर शिक्षा को प्रभावी बनाया जा रहा है।

छॉलीवुड में हिंसा का सनसनीखेज मामला

फिल्म निर्माता मोहित साहू पर गर्लफ्रेंड से बेरहमी से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल। जनचौपाल36/चौपालसेचौपाटीतक (स्क्रीन इमेज सांकेतिक)

रायपुर | 23 जनवरी 2026

छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री (छॉलीवुड) से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फिल्म निर्माता व निर्देशक मोहित साहू पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पीड़िता को लहूलुहान हालत में देखा जा सकता है।

मामला रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत भाटागांव स्थित सिल्वर ओक अपार्टमेंट (ब्लॉक-410) का बताया जा रहा है। पीड़िता का आरोप है कि मोहित साहू उसे उज्जैन ले गया, जहां दोनों के बीच विवाह हुआ। बाद में मोहित ने अपनी दूसरी शादी होने की बात कहकर इस रिश्ते से इनकार कर दिया।

पीड़िता के अनुसार जब उसने दूसरी शादी का विरोध किया, तो मोहित साहू ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घायल अवस्था में वह किसी तरह पुरानी बस्ती थाने पहुंची, जहां उसने अपनी आपबीती पुलिस को बताई।

शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान फ्लैट के भीतर खून के निशान और टूटी हुई कुंडी मिली है, जिससे मारपीट की पुष्टि होती है। पुलिस ने पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां उसका उपचार जारी है।
बताया गया है कि घटना के समय कॉलोनी के सुरक्षा गार्ड और स्थानीय रहवासी मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि मामला दबाने के लिए मोहित साहू ने सुरक्षाकर्मियों के पैर छूकर माफी मांगी, ताकि विवाद को अंदर ही निपटा लिया जाए।

फिलहाल इस पूरे मामले में मोहित साहू की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के 11 वर्ष: पीएम मोदी ने साझा किया संस्कृत सुभाषित

प्रधानमंत्री बोले- एक कन्या दस पुत्रों के बराबर। जनचौपाल36। चौपाल से चौपाटी तक

नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026 (वार्ता)

केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने गुरुवार को 11 वर्ष पूरे कर लिए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुत्रियों की महत्ता रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषित साझा किया और कहा कि भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं।” उन्होंने संस्कृत सुभाषित—“दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”—साझा कर कहा कि एक कन्या दस पुत्रों के समान फलदायी है।

2015 में हरियाणा से शुरू हुआ अभियान
22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य लिंगानुपात सुधारना, बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना व उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। केंद्र प्रायोजित यह योजना सभी जिलों में लागू है।

नारी शक्ति का स्वर्णिम अध्याय
अभियान के फलस्वरूप बेटियां स्टार्टअप, रक्षा, खेल व सहकारिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। पीएम ने इसे नारी शक्ति के स्वर्णिम संकल्प का प्रतीक बताया।