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T20 वर्ल्ड कप 2026: भारत-पाक मैच पर गहराया संकट, ICC ने दी पाकिस्तान को कड़े आर्थिक दंड की चेतावनी

नई दिल्ली/दुबई | 02 फरवरी, 2026

2026 टी20 विश्व कप के आयोजन से पहले क्रिकेट जगत में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महा-मुकाबले के बहिष्कार के पाकिस्तान सरकार के फैसले ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। इस मामले में अब ICC ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को दो टूक चेतावनी दे दी है।

ICC ने साफ कर दिया है कि खेल में राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, यदि पाकिस्तान अपने फैसले पर अडिग रहता है, तो ICC निम्नलिखित कदम उठा सकती है:
सालाना रेवेन्यू पर रोक: पाकिस्तान को मिलने वाले ICC के वार्षिक लाभांश (Annual Revenue Share) को तत्काल प्रभाव से रोका जा सकता है।
भारी जुर्माना के साथ सदस्यता पर खतरा हो सकता है।
टूर्नामेंट के कमर्शियल नुकसान की भरपाई के लिए PCB पर करोड़ों डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता है। खेल में सरकारी हस्तक्षेप के चलते पाकिस्तान की सदस्यता की समीक्षा भी की जा सकती है।

वैश्विक क्रिकेट और फैंस का नुकसान
अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण।ICC ने PCB को बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए आखिरी मौका दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि पर्दे के पीछे बातचीत का दौर शुरू होगा। अगले 48 घंटों में ICC की एक आपात बैठक होने वाली है, जिसमें पाकिस्तान की भागीदारी और उन पर लगने वाले प्रतिबंधों पर अंतिम मुहर लग सकती है।

ICC के एक प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान में कहा:
“ऐसे फैसले न केवल वैश्विक क्रिकेट के ढांचे को कमजोर करते हैं, बल्कि उन करोड़ों फैंस के साथ भी अन्याय हैं जो इस खेल की आत्मा हैं। हमारी प्राथमिकता टी20 वर्ल्ड कप का सफल और निर्बाध आयोजन है। यह जिम्मेदारी केवल हमारी नहीं, बल्कि सभी सदस्य देशों की है।”

विकसित भारत को समानांतर आईना दिखाने वाला बजट

यह बजट एक ऐसे भारत का प्रतिबिंब है जो अपनी जड़ों से जुड़ा है लेकिन जिसकी आंखें आसमान छूने को बेताब हैं। यह ‘विकसित भारत’ के संकल्प और सिद्धि के बीच के फासले को पाटने वाला एक संतुलित दस्तावेज है।

नई दिल्ली ( बजट):01/02/2026

रविवार के शुभ दिवस पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा सदन में आम बजट पेश किया गया।
जब हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ का संकल्प बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं रह जाता, बल्कि वह उस भविष्य का ब्लूप्रिंट बन जाता है। इस वर्ष का बजट इसी महत्वाकांक्षी लक्ष्य के समानांतर एक आईना पेश करता है, जिसमें एक तरफ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की चमक है, तो दूसरी तरफ अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति का उदय) का संकल्प। यह बजट स्पष्ट करता है कि विकसित भारत का रास्ता केवल महानगरों से नहीं, बल्कि देश के गांवों और कस्बों की आर्थिक मजबूती से होकर गुजरता है।

आत्मनिर्भरता की नींव और आधुनिक ढांचा
विकसित भारत के आईने में जो सबसे पहली तस्वीर उभरती है, वह है ‘आत्मनिर्भरता’। बजट में रक्षा, विनिर्माण और तकनीक पर जो जोर दिया गया है, वह बताता है कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने की राह पर है।
इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और हवाई अड्डों पर रिकॉर्ड निवेश यह सुनिश्चित कर रहा है कि भारत की रफ्तार किसी भी विकसित राष्ट्र से कम न हो।

डिजिटल इंडिया: हर हाथ में तकनीक और हर गांव में इंटरनेट, विकसित भारत के विजन का सबसे मजबूत स्तंभ है।
युवा शक्ति और कौशल विकास: भविष्य का प्रतिबिंब
किसी भी देश की प्रगति उसके युवाओं के कौशल पर टिकी होती है। बजट में शिक्षा और कौशल विकास के लिए किए गए प्रावधान उस आईने की तरह हैं, जो भविष्य की कार्यबल की तस्वीर दिखाते हैं। केवल डिग्री बांटना लक्ष्य नहीं है, बल्कि युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करना ‘विकसित भारत’ की असली पहचान है।

समावेशी विकास: आईने का दूसरा पहलू
विकसित भारत तब तक अधूरा है जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से न जुड़े। बजट ने इस आईने के दूसरे पहलू को भी साफ किया है:
कृषि में सुधार: नैनो यूरिया और प्राकृतिक खेती जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान दे रहे हैं।

मध्यम वर्ग को राहत: टैक्स स्लैब में बदलाव और बचत की योजनाओं के जरिए आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
आम आदमी का दृष्टिकोण: “विकसित भारत का आईना यह दिखाता है कि जब देश का हर नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त होगा, तभी 2047 का सपना धरातल पर उतरेगा। यह बजट उस सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में एक साहसी कदम है।”

गृहमंत्री अमित शाह का ‘चिकन नेक’ पर प्रहार और राष्ट्रवाद की हुंकार

भारत की भूमि किसी के बाप की नहीं है_गृहमंत्री अमित शाह जनचौपाल36 चौपाल से चौपाटी तक: “अदब से सलीके तक, बेबाक सच की ज़िद तक।

कोलकाता _01/02/2026

सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे सामरिक भाषा में ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, महज 22 किलोमीटर चौड़ी जमीन की एक पट्टी नहीं है, बल्कि यह भारत की अखंडता को थामे रखने वाली वह जीवनरेखा है जो उत्तर-पूर्व को शेष भारत से जोड़ती है। हाल ही में सिलीगुड़ी में गृह मंत्री अमित शाह का सख्त लहजा इसी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उनका यह बयान कि “क्या यह तुम्हारे बाप की जमीन है?” केवल एक राजनीतिक पलटवार नहीं, बल्कि उन अलगाववादी ताकतों को सीधी चेतावनी है जो देश के भूगोल से खिलवाड़ करने का सपना देखते हैं।

सुरक्षा बनाम तुष्टीकरण की राजनीति
गृह मंत्री ने दिल्ली के उन नारों का जिक्र कर पुरानी जख्मों को फिर हरा कर दिया, जिनमें भारत के इस रणनीतिक हिस्से को काटने की बात कही गई थी। यह चिंताजनक है कि जब सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस ऐसे तत्वों पर नकेल कसती हैं, तो ‘इंडिया’ गठबंधन जैसे राजनीतिक धड़े उनके बचाव में खड़े नजर आते हैं। राजनीति अपनी जगह हो सकती है, लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो विपक्ष और सत्ता पक्ष के सुर अलग होना देश की आंतरिक मजबूती के लिए शुभ संकेत नहीं हैं।

भारत माता: केवल भूमि नहीं, एक भावना
इस पूरे विवाद का सबसे मार्मिक और वैचारिक पहलू वह है जिसे जनता अक्सर अपनी आस्था से जोड़ती है। यदि हम भारत को ‘भारत माता’ कहते हैं, तो स्वाभाविक है कि इसकी हर इंच जमीन उसके संतानों की विरासत है। गृह मंत्री का तर्क इसी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को पुख्ता करता है—यह जमीन किसी व्यक्ति विशेष या विदेशी विचारधारा की जागीर नहीं है।

👉 “जो भारत को माता मानकर उसका सम्मान कर सकता है, वही इसकी माटी का सच्चा हकदार है। राष्ट्र की संप्रभुता से समझौता करने वालों के लिए इस धरा पर कोई स्थान नहीं होना चाहिए।”

निष्कर्ष जन चौपाल 36
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर गृह मंत्री का सख्त रुख यह स्पष्ट करता है कि सरकार अब ‘डिफेंसिव’ होने के बजाय ‘प्रो-एक्टिव’ मोड में है। बाहरी दुश्मनों से निपटने के लिए सेना तैयार है, लेकिन ‘चिकन नेक’ जैसे संवेदनशील हिस्सों को आंतरिक गद्दारों और अलगाववादी विचारधाराओं से बचाना सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है। अंततः, भारत की भौगोलिक अखंडता अक्षुण्ण रहेगी, बशर्ते हम नारों और राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि रखें।


‘ऑपरेशन निश्चय’ पुलिस कार्रवाई : 2.60 करोड़ का गांजा जब्त, 5.5 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क

“नशे के सौदागरों का मायाजाल: केवल गिरफ्तारी समाधान नहीं, सामाजिक बहिष्कार ही असली प्रहार।”जन चौपाल 36 चौपाल से चौपाटी तक

महासमुंद/छत्तीसगढ़ _ 01 फरवरी 2026

महासमुंद पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत भारी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 520 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने केवल तस्करी करने वालों को ही नहीं, बल्कि मुख्य सरगना और थोक खरीदारों समेत कुल 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।

पुणे का बड़ा तस्कर और नेटवर्क गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कोमाखान थाने में दर्ज पुराने मामले की जांच करते हुए पुणे (महाराष्ट्र) के प्रमुख खरीददार रामदास चंदू सोनवाने को गिरफ्तार किया है। रामदास का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पुणे में तड़ीपार भी रह चुका है। जांच में खुलासा हुआ कि उसके बेटे भी महाराष्ट्र में गांजा वितरण के बड़े नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचकर परिवहन करने वाले और खुदरा विक्रेताओं को भी दबोचा है।

कल की बर्बादी का व्यापार: नशे के प्रति बढ़ता आकर्षण, एक सशक्त समाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती।”

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह की लगभग 5.5 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को चिन्हांकित कर लिया गया है। इसमें अकेले मुख्य आरोपी रामदास की 4 करोड़ की संपत्ति शामिल है। इन संपत्तियों पर अब SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत कुर्की की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम नशे के कारोबार की कमर तोड़ने के लिए उठाया गया है।

कानून का संदेश: अपराधियों की अब न केवल गिरफ्तारी होगी, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी राजसात किया जाएगा।

देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़; दलाल सहित 3 युवतियां गिरफ्तार

अटल आवास में पुलिस की बड़ी दबिश।किसी भी शहर की प्रगति केवल उसकी सड़कों और इमारतों से नहीं, बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों के चरित्र और सुरक्षा से मापी जाती है।जनचौपाल 36 /चौपाल से चौपाटी तक

कबीरधाम/कवर्धा | 01 फरवरी 2026

कबीरधाम जिले के कवर्धा शहर में पुलिस ने अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा प्रहार किया है। शनिवार को घुघरी रोड स्थित अटल आवास क्षेत्र में पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश किया। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और स्थानीय व्यवस्था बिगड़ने की सूचनाओं के बाद, साइबर थाना और कवर्धा कोतवाली पुलिस ने रात्रिकालीन कॉम्बिंग गश्त के दौरान यह सफलता हासिल की। इस संवेदनशील ऑपरेशन में महिला अधिकारियों और महिला आरक्षकों की विशेष उपस्थिति रही, ताकि वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन संवेदनशीलता के साथ किया जा सके।

मौके से पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में एक दलाल और तीन युवतियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए मुख्य आरोपी (दलाल) की पहचान गोलू लहरे (उम्र 35 वर्ष, निवासी मिनीमाता चौक, कवर्धा) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में पुष्टि हुई कि यह समूह योजनाबद्ध तरीके से क्षेत्र में अनैतिक देह व्यापार का संचालन कर रहा था। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई को जिले में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक शांति और सार्वजनिक मर्यादा भंग करने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रखने और जिले में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया गया है।


बेमेतरा चौपाटी में चाकूबाजी: मोमोज खा रहे युवक के पेट में घोंपा चाकू, आरोपी गिरफ्तार

इस घटना ने शहर के सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेमेतरा/छत्तीसगढ़ _01/02/2026

बेमेतरा शहर का हृदय स्थल माने जाने वाला चौपाटी इलाका शुक्रवार को उस वक्त दहल उठा, जब एक मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। पीजी कॉलेज से अपनी बहन के साथ लौट रहा 18 वर्षीय युवक चंद्रशेखर साहू (निवासी दाढ़ी) हमले का शिकार हो गया। घटना उस समय हुई जब भाई-बहन चौपाटी में नाश्ता करने रुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार दो युवकों ने पहले चंद्रशेखर को धक्का दिया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने चाकू निकालकर चंद्रशेखर के पेट पर प्राणघातक वार कर दिया।

पुलिस की फौरी कार्रवाई और गिरफ्तारी
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीम गठित की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से कुछ ही घंटों के भीतर मुख्य आरोपी बाबू उर्फ अभिषेक गुप्ता (18 वर्ष, निवासी कचहरी पारा) को धर दबोचा। पुलिस जांच में दूसरा आरोपी नाबालिग पाया गया है, जिसे संरक्षण में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।

वारदात में इस्तेमाल चाकू मोटरसाइकल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल और खून से सना चाकू बरामद कर लिया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शनिवार को मुख्य आरोपी अभिषेक गुप्ता को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।घायल युवक को उपचार हेतु अस्पताल में दाखिला कराया गया।

मप्र सड़क दुर्घटना:खंडवा में धुलकोट से पंधाना आ रही बस पलटी

बस में सवार 16 यात्री घायल; 5 की हालत गंभीर जन चौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक


खंडवा (मध्य प्रदेश): 31/01/2026


मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बुरहानपुर के धुलकोट से पंधाना की ओर आ रही एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में बस में सवार 16 यात्री घायल हो गए हैं, जिनमें से 5 लोगों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, बस धुलकोट से शिवाबाबा होते हुए पंधाना की ओर जा रही थी। दोपहर के समय जब बस पंधाना थाना क्षेत्र के घाटाखेड़ी के पास जामनिया गांव के समीप पहुँची, तभी अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क से उतरकर नीचे पलट गई। बस के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।

रेस्क्यू और घायलों की स्थिति:हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया। पुलिस को सूचना दी गई और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया।16 यात्री घायल गंभीर घायल: 05 यात्री (इन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है)
घटनास्थल: जामनिया गांव (घाटाखेड़ी के पास), पंधाना थाना क्षेत्र।

दुर्घटना के बाद मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि बस के पलटते ही यात्री भीतर फंस गए थे। कांच तोड़कर और स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को बाहर निकाला गया। फिलहाल पंधाना थाना पुलिस मौके पर मौजूद है और बस को हटाने के साथ-साथ दुर्घटना के सटीक कारणों (तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी) की जांच कर रही है।

रायपुर पुलिस कार्रवाई,ऑन लाइन सट्टा:नागोराव गली अंडरब्रिज के पास

नगद और सामान को मिलाकर लगभग 92 लाख का सामान बरामद। जन चौपाल 36/चौपाल से चौपाटी तक

रायपुर_31/01/2026

राजधानी की गंज थाना पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने नागोराव गली अंडरब्रिज के पास कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी लग्जरी गाड़ियों में बैठकर मोबाइल के जरिए सट्टे का नेटवर्क चला रहे थे।

पुलिस कार्रवाई के अनुसार
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंडरब्रिज के पास खड़ी महिंद्रा थार और नेक्सा XL6 कारों में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। घेराबंदी के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी mdbet777.com और Classic777.com जैसी वेबसाइटों पर आईडी बनाकर लोगों को सट्टा खिला रहे थे।

पुलिस ने बरामद की
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से करोड़ों के सट्टे के लेन-देन के रिकॉर्ड के साथ-साथ निम्नलिखित सामान जब्त किया है:नकद (Cash) ₹37.50 लाख 10 नग मोबाइल फोन ,2 महिंद्रा थार, 1 नेक्सा XL6 सहित कुल जब्ती | लगभग ₹92.50 लाख |

पुलिस की जांच के दौरान पूछताछ में आरोपी सट्टे के कारोबार से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या अनुमति पत्र पेश नहीं कर सके। गंज थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इस गिरोह के मुख्य सरगना तथा बैंक खातों की जांच की जा रही है।

कांग्रेस पार्टी ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन: छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सांकेतिक चक्का जाम/जन चौपाल 36 _चौपाल से चौपाटी तक

कांग्रेस पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन केवल नाम बदलने के खिलाफ नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीबों के हक की लड़ाई है। यदि मांगे नहीं मानी गईं, तो आने वाले समय में आंदोलन और भी व्यापक होगा।

छत्तीसगढ़/रायपुर_30/01/2026

छत्तीसगढ़ के लगभग सभी प्रमुख शहरों (रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग) में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक स्तर पर ‘चक्काजाम’ और ‘धरना-प्रदर्शन’ किया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण कई राजमार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

विरोध के 5 प्रमुख कारण
मनरेगा (MGNREGA) में बदलाव: कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम पर चल रही इस योजना का नाम बदलने और इसके कानूनी स्वरूप से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है।

धान खरीदी समय सीमा
धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने राज्य में किसानों के हित का हवाला देते हुए धान खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है।
PDS राशन की किल्लत : कई जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन नहीं मिलने की शिकायतें हैं। आरोप है कि संचालकों द्वारा अंगूठा लगवा लिया गया है, लेकिन चावल अगले महीने देने की बात कही जा रही है।

कांग्रेस ने शराब दुकान का मुद्दा भी उठाया : ‘ड्राई-डे’ के दौरान भी शराब की दुकानें खुली रहने पर कांग्रेस ने सरकार के आबकारी प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं।बकाया मजदूरी: मनरेगा श्रमिकों को समय पर भुगतान न मिलने को लेकर भी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपे गए हैं।

प्रमुख शहरों की स्थिति
रायपुर | लालपुर चौक पर जाम जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सांकेतिक चक्का जाम किया गया । दुर्ग में एक दिवसीय धरना | सरकार की नीतियों को ‘दमनकारी’ बताया और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, दुर्ग, गरियाबंद और रामानुजगंज समेत लगभग हर जिले और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के साथ चक्काजाम किया।बिलासपुर/जगदलपुर_ भारी ट्रैफिक जाम नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही घंटों बाधित रही। अंबिकापुर/रायगढ़ _ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शन |

ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत रैलियां निकाली गईं।


प्रेस कांफ्रेंस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार से मांगा हिंदू होने के सबूत

हिंदु धर्म प्रमुख होता है शंकराचार्य : उन्होंने कहा है कि केवल भगवा पहनना या भाषण देना हिंदू होने का प्रमाण नहीं है।

वाराणसी 30/01/2026

वाराणसी के माघ मेला क्षेत्र में हाल ही में हुए घटनाक्रम ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए उनके ‘हिंदू’ होने पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को वाराणसी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि केवल भगवा पहनना या भाषण देना हिंदू होने का प्रमाण नहीं है।

शंकराचार्य ने प्रशासन द्वारा उनसे ‘शंकराचार्य होने का सबूत’ मांगने और उनकी पालकी को रोके जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए दो प्रमुख शर्तें रखी हैं:
☝️ गौ माता को ‘राज्य माता’ घोषित करना: उन्होंने कहा कि असली हिंदू वही है जो गौ-रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हो।
👉बीफ एक्सपोर्ट (गोमांस निर्यात) पर पूर्ण रोक: शंकराचार्य के अनुसार, जो सरकार गोहत्या नहीं रोक सकती और निर्यात को बढ़ावा देती है, उसे हिंदू कहलाने का अधिकार नहीं है।

इतिहास में चोल राजाओं और छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण है कि हिंदू शासकों ने हमेशा गौ-वंश की रक्षा की है। शंकराचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन ने उनसे 24 घंटे में जवाब मांगा था, जिसका उन्होंने उत्तर दे दिया है और अभी तक उनके जवाब को चुनौती नहीं दी गई है।

उन्होंने प्रशासन पर संन्यासियों के अपमान और उनके साथ चल रहे बच्चों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।10 मार्च को 40 दिन बीतेंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो 11 मार्च को लखनऊ में सभी संत इकट्ठा होंगे और कड़ा विरोध जताएंगे।