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36 गढ़ कोरबा:न्यूज एंकर सलमा सुल्तान हत्याकांड_ कोर्ट में चश्मदीद का सनसनीखेज खुलासा

गवाह का बयान, बोला– हत्या के बाद गाना गाते हुए सिगरेट पी रहा था आरोपी।

कोरबा/छत्तीसगढ़ 14/02/2026

चर्चित न्यूज एंकर सलमा सुल्तान हत्याकांड की सुनवाई के दौरान कोर्ट में उस वक्त सन्नाटा छा गया, जब चश्मदीद गवाह ने आरोपी जिम ट्रेनर मधुर साहू को लेकर बेहद सनसनीखेज बयान दिया। गवाह के अनुसार, मधुर साहू ने अपने साथियों के साथ मिलकर सलमा सुल्तान की हत्या की और बाद में शव को ठिकाने लगाया।
कोर्ट में दिए गए बयान में गवाह ने बताया कि हत्या के बाद मधुर साहू का व्यवहार किसी साइको किलर जैसा था। उसने सलमा सुल्तान के शव को बाएं हाथ से गोद में उठा रखा था और दाएं हाथ से सिगरेट पीते हुए फिल्मी गीत “तुझसे नाराज़ नहीं ज़िंदगी, हैरान हूँ मैं” गुनगुना रहा था। इस बयान ने अदालत में मौजूद सभी लोगों को झकझोर कर रख दिया।

गवाह ने बताया पूरी वारदात
चश्मदीद के मुताबिक, हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। घटना के बाद आरोपी ने न केवल शव को छिपाने की कोशिश की, बल्कि ऐसा व्यवहार किया मानो उसे अपने किए पर कोई पछतावा ही न हो। गवाह ने कोर्ट को बताया कि आरोपी बेहद शांत और असामान्य तरीके से घटनास्थल पर मौजूद रहा।

पुराने मामले में नई गवाही से बढ़ी हलचल
गौरतलब है कि यह मामला कई साल पुराना है, लेकिन हालिया सुनवाई में सामने आई इस गवाही ने केस को नया मोड़ दे दिया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इस बयान से आरोपियों के खिलाफ केस और मजबूत हुआ है।

बचाव पक्ष ने बयान पर जताई आपत्ति
वहीं, बचाव पक्ष ने चश्मदीद की गवाही पर सवाल उठाते हुए इसे मनगढ़ंत बताया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है।

सुनवाई जारी
फिलहाल, सलमा सुल्तान हत्याकांड की सुनवाई विशेष सत्र न्यायालय में जारी है। कोर्ट अब अन्य गवाहों के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।(खबर मीडिया सूत्र पर आधारित)

पश्चिम बंगाल में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त, सेवानिवृत्त आईपीएस एनके मिश्रा को अहम जिम्मेदारी

विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन की निगरानी के लिए आयोग का बड़ा कदम,विशेष पर्यवेक्षक आयोग को सौंपेंगे समीक्षा रिपोर्ट और सुझाव।

नई दिल्ली_14/02/2026

भारत के चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एनके मिश्रा को विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। आयोग ने यह नियुक्ति शुक्रवार को की।

दिशा-निर्देशों के कड़ाई से पालन पर जोर
नियुक्ति की जानकारी देते हुए अंडर सेक्रेटरी एमएल मीना ने निर्देश दिया है कि मिश्रा अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से संपन्न होनी चाहिए।

राज्य दौरे कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा
निर्देशों के अनुसार, मिश्रा समय-समय पर पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे और विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन की प्रगति, मतदान से जुड़ी तैयारियों तथा वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। वे आवश्यक कार्रवाई के लिए आयोग को अपने सुझाव और रिपोर्ट भी सौंपेंगे।

उनके सभी दौरे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के साथ समन्वय में होंगे। आवश्यक सुविधाएं और प्रोटोकॉल व्यवस्था मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशंसा पत्र जारी करने पर सख्त रोक
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष पर्यवेक्षक के रूप में कार्य करते समय या उसके पश्चात मिश्रा किसी भी मतदाता पंजीकरण अधिकारी या अन्य चुनाव अधिकारी को सीधे प्रशंसा पत्र जारी नहीं करेंगे। यदि किसी अधिकारी की सराहना आवश्यक प्रतीत होती है, तो उसके लिए कारण सहित प्रस्ताव आयोग को भेजना होगा।

मतदाता सूची संशोधन की समय-सीमा
मतदाता सूची के प्रारूप पर दावों और आपत्तियों की सुनवाई की विस्तारित समय-सीमा शनिवार को समाप्त हो जाएगी। प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच 21 फरवरी तक जारी रहेगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही दिसंबर से चल रहा विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन कार्य पूर्ण हो जाएगा।
(इनपुट: आईएएनएस)

भारत में बाधाओं और व्यवधानों के बीच विकास का दशक, ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में पीएम मोदी

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परिवर्तन की शताब्दी का आधार :इक्कसवीं सदी की इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार।

नई दिल्ली:14/02/2026

प्रधानमंत्री ने आज राजधानी में आयोजित को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का बीता दशक भारत के लिए अभूतपूर्व विकास, प्रभावी डिलीवरी और लोकतंत्र को सशक्त करने वाला साबित हुआ है। प्रधानमंत्री ने ‘व्यवधानों का दशक, परिवर्तन की शताब्दी’ विषय पर बोलते हुए कहा कि वैश्विक महामारी, युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बावजूद भारत ने अपनी आंतरिक शक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया ने एक ही दशक में अभूतपूर्व डिसरप्शन देखे—ग्लोबल पैंडेमिक, अलग-अलग क्षेत्रों में तनाव, युद्ध और सप्लाई चेन ब्रेकडाउन ने वैश्विक संतुलन को झकझोर दिया। ऐसे कठिन समय में किसी भी देश की वास्तविक क्षमता सामने आती है और भारत ने यह सिद्ध किया है कि वह संकट को अवसर में बदलने की ताकत रखता है।

उन्होंने गर्व के साथ कहा कि जब पिछला दशक शुरू हुआ था, तब भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था और वैश्विक उथल-पुथल के बीच यह आशंका जताई जा रही थी कि भारत और पीछे चला जाएगा। लेकिन आज वही भारत तेज़ी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि भारत की नीतिगत स्पष्टता, राजनीतिक स्थिरता और सुधारों की निरंतरता का परिणाम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दशक में भारत ने अपने बजट दृष्टिकोण में भी मौलिक बदलाव किया है। बजट अब केवल व्यय-केंद्रित नहीं, बल्कि परिणाम-केंद्रित है। सरकार ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को विकास का मुख्य इंजन बनाया है, जिससे शासन, सेवा वितरण और आर्थिक गतिविधियों में पारदर्शिता और गति आई है।

उन्होंने कहा कि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। भारत दुनिया के साथ व्यापार समझौते कर रहा है क्योंकि वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक विकास को दिशा देने वाला देश बन रहा है।

‘परिवर्तन की शताब्दी’ पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सदी का एक बहुत बड़ा आधार भारत होगा। वर्तमान में भारत वैश्विक विकास में 16 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रहा है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह योगदान निरंतर बढ़ता रहेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव करेगा और विश्व अर्थव्यवस्था का नया इंजन बनेगा।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आकलन किसी अनुमान या भविष्यवाणी पर आधारित नहीं है, बल्कि भारत की वर्तमान क्षमताओं, नीतियों और प्रदर्शन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत का विकास पथ वैश्विक स्थिरता, समावेशी प्रगति और साझा समृद्धि को मजबूती प्रदान करेगा।



बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत_पीएम मोदी की बधाई, भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई मजबूती का संकेत

पीएम ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा तथा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेगा।

नई दिल्ली_14/02/2026

प्रधानमंत्री ने में हुए संसदीय चुनावों में (बीएनपी) को निर्णायक जीत मिलने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता को हार्दिक बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जनादेश बांग्लादेश की जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों—व्यापार, कनेक्टिविटी, सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और लोगों से लोगों के जुड़ाव—को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रधानमंत्री ने (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि वे श्री तारिक रहमान के साथ मिलकर साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और भारत-बांग्लादेश साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हैं। भारत की यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और दक्षिण एशिया में विकास-केंद्रित राजनीति के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नए राजनीतिक परिदृश्य में दोनों देशों के बीच सीमा-प्रबंधन, व्यापार सुगमता, अवसंरचना परियोजनाओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गति मिलने की संभावना है।

शादी कार्ड छपा मुस्लिम युवक से शादी , विरोध के बाद विवाह टला; महापंचायत पर पुलिस सख्त

“मेरी शादी मेरी मर्जी से थी, परिवार को युवक के मुस्लिम होने की जानकारी थी; मैं सनातनी नहीं, बौद्ध धर्म मानती हूं”—मीडिया को बयान

13 फरवरी 2026

मेरठ में कार्ड छपवाकर मुस्लिम युवक से शादी का ऐलान करने वाली हिंदू युवती का मामला शुक्रवार को और अधिक गरमा गया। हिंदूवादी संगठनों के तीखे विरोध और कानून-व्यवस्था की आशंका को देखते हुए 13 फरवरी को होने वाली शादी फिलहाल टाल दी गई है। रिसोर्ट मालिक ने विवाह स्थल की बुकिंग भी कैंसिल कर दी है।

मीडिया सूत्रों से जानकारी के अनुसार, युवती के चाचा ने मुस्लिम युवक के खिलाफ धर्मांतरण और लव जिहाद का आरोप लगाते हुए गंगानगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है, जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने शादी स्थल के बाहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया था, जिसे रोकने के लिए पुलिस अलर्ट मोड में है। संभावित तनाव को देखते हुए कई हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।

रिसोर्ट और मंडप एसोसिएशन का बयान
मेरठ मंडप एसोसिएशन के महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि 13 फरवरी को गंगानगर–मवाना रोड स्थित पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में आकांक्षा और शाहवेज का विवाह कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। रिसोर्ट मालिक सतीश मंगा के अनुसार, कुछ संगठनों द्वारा 13 फरवरी को कथित हिंदू पंचायत को लेकर संदेश वायरल किए जा रहे हैं, लेकिन रिसोर्ट में न तो किसी तरह की पंचायत की बुकिंग है और न ही ऐसे किसी आयोजन की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न विवादित विवाह समारोह आयोजित होगा और न ही किसी पंचायत के लिए कोई व्यवस्था की गई है।
पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी तरह की भीड़ या अवैध आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ठेमली आइलैंड से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया टूरिज्म हॉटस्पॉट:रोजगार और पर्यटन को नई रफ्तार

ठेमली आइलैंड का विस्तार धमतरी ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र को मजबूत करने वाला कदम साबित होगा—जहां प्रकृति, सुविधा और रोजगार तीनों का संगम देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ खबर | 13 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक अहम पहल की जा रही है। जिले में स्थित को एक आधुनिक और आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह आइलैंड के बीचो-बीच स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है।

पर्यटकों के लिए तैयार हो रहा है नया अनुभव
ठेमली आइलैंड पर खरंजा फुटपाथ, विश्राम स्थल, बैठने की बेहतर व्यवस्था, सुरक्षा रेलिंग, सोलर लाइटिंग, व्यू प्वाइंट, वॉच टावर और हरित क्षेत्र विकास जैसे कार्य तेज़ी से किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं के पूरा होने से यहां आने वाले पर्यटकों को प्रकृति के बीच एक नया और यादगार अनुभव मिलेगा।

कलेक्टर ने किया विकास कार्यों का निरीक्षण
धमतरी कलेक्टर ने गंगरेल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और दीर्घकालिक स्थायित्व पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फुटपाथ का निर्माण स्वीकृत मानक डिजाइन के अनुरूप हो तथा बारिश के मौसम में जलभराव से बचाव के लिए उचित ढलान और ड्रेनेज व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

व्यू प्वाइंट और वॉच टावर के लिए स्थान चिन्हित
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अधिकारियों के साथ पैदल भ्रमण पर निकले और व्यू प्वाइंट व वॉच टावर के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन किया। इन बिंदुओं से पर्यटक जलाशय और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता का विहंगम दृश्य देख सकेंगे।

पर्यटन के साथ रोजगार की उम्मीद
ठेमली आइलैंड के विकास से न केवल छत्तीसगढ़ को एक बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। होटल, गाइड, नाव संचालन, स्थानीय उत्पादों की बिक्री जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर सख्त कार्रवाई

RTO ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी: रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राजस्थान से दो ठग गिरफ्तार

रायपुर | 13 फरवरी 2026

RTO ई-चालान और फर्जी ऐप के नाम पर होने वाली साइबर ठगी पर रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई आम लोगों के लिए सतर्कता का संदेश है—अनजान लिंक और ऐप से दूरी ही सुरक्षा है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। इससे पहले भी रायपुर पुलिस इसी तरह के साइबर ठगी मामलों में महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।पुलिस ने राजस्थान से आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर सख्त कार्रवाई करते हुए ने RTO ई-चालान के नाम पर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर पुलिस ने राजस्थान से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी लिंक और ऐप भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे और बैंक खातों से रकम उड़ा लेते थे।

ठगी कैसे करते थे
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स को निशाना बनाते थे। वे RTO ई-चालान के नाम से लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता, मोबाइल हैक हो जाता और बैंक अकाउंट या ई-वॉलेट से पैसे निकाल लिए जाते थे।

फर्जी ऐप और लालच का जाल
गिरफ्तार आरोपियों ने ‘Winmate’ नाम के फर्जी ऐप का इस्तेमाल किया। यूट्यूब और सोशल मीडिया पर
“टास्क कंप्लीट कर कमाई”, “इंस्टेंट बोनस”, “गेम खेलकर पैसा कमाएं”
जैसे लुभावने विज्ञापनों के जरिए लोगों को झांसे में लिया जाता था।
ऐप इंस्टॉल करते ही यूजर्स को फर्जी बोनस दिखाया जाता और फिर एसएमएस टास्क के नाम पर मोबाइल नंबर से बड़ी संख्या में फर्जी चालान व संदिग्ध लिंक भेजे जाते थे।

ठगी की रकम का इस्तेमाल
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ठगी की रकम छिपाने के लिए क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे से सामान मंगवाते थे। डिलीवरी अलग-अलग राज्यों में कराई जाती थी, ताकि पैसों की ट्रैकिंग न हो सके।


भारत बंद:_78 साल के भारत में क्या बदला,30 करोड़ मजदूरों का शोर या सिस्टम की खामोशी?

नई दिल्ली(भारत बंद)_विशेष लेख_12/02/2026

(ज्वाला’ और ‘ज्योतिपति’ का वैचारिक महासंग्राम!)
कहो ज्योति पति आज फिर तुम गुमसुम खड़े हो तुम्हारे पास क्या मुद्दा है “”यह मुझे बताओ मेरे लिए सब कुछ सरल है?मै तो मजदूरों की आवाज उठाने जा रहा हूं ,नए श्रम कानून के विरोध में भारत बंद को समर्थन देने जा रहा हूं ।क्या किसान मजदूर नागरिक नहीं है ,उनको समान नागरिकता का अधिकार नहीं है क्या?देश उसे आज भी मजदूर मानता है।समाज का अभिन्न अंग कब बनेगा!जिस फैक्टरी में दिन रात मेहनत करता है पसीना बहाता है एक उन्नत फैक्ट्री बनाता है क्या फैक्ट्री मालिक उसे पहचानता है नहीं ??वहां भी बीच में ठेकेदार है ,मजदूर के।

हां,ज्वाला तुम सही कह रहे लेकिन कुछ बदलना अब हमारे बस की बात नहीं है देश का संचालन अब एक अलग ही सिस्टम कर रहा है और हम सिस्टम के पार्ट्स हैं पार्ट्स क्या कर सकता है ज्यादा कुछ करेगा ज्यादा चलेगा खराब हो जाएगा।

ज्वाला अपने तेवर में कहा मेहनत मुर्गे की, दावत फकीर की?
ज्वाला का तर्क है कि मजदूर पसीना बहाकर फैक्ट्री खड़ी करता है, पर मालिक उसे पहचानता तक नहीं। यहाँ सरकारी पक्ष बड़ा स्पष्ट रहता है:
“हमने ‘ई-श्रम’ पोर्टल बनाया है, अब हर मजदूर का एक नंबर है।”
सच भी है, मालिक नाम से न सही, नंबर से तो पहचानेगा ही! ठेकेदारी प्रथा को ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का नाम देकर सिस्टम ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि मजदूर सीधे मालिक से टकराकर अपनी भावनाएं खराब न करे, बीच में ठेकेदार का ‘फिल्टर’ लगा रहे।ज्वाला वहां से चला गया।

ज्योतिपति सोच रहा आरक्षण का पालना से लेकर धर्म विवाद ,शिक्षा में यूजीसी विवाद,सदन में बहस,,
क्या 78 साल का बुजुर्ग देश अब भी झुलाते रहेगा? 78 साल से आरक्षण के पालने में झूल रहे लोग कब खुद चलना सीखेंगे? वहीं प्रशासनिक गलियारों का मानना है कि यह पालना दरअसल एक ‘सोशल सेफ्टी नेट’ है। सरकार का तर्क है कि जब तक समाज की सीढ़ियां सबके लिए बराबर नहीं होतीं, तब तक कुछ लोगों को लिफ्ट (आरक्षण) देना मजबूरी है। हालांकि, ज्वाला जैसे युवाओं को लगता है कि लिफ्ट में भीड़ इतनी है कि सीढ़ियों से चढ़ने वाले थक कर बैठ गए हैं।

कल की बात देखो_
Sold Out’ का शोर और विदेशी कर्ज की लोरी
विपक्ष चिल्ला रहा है कि देश बिक रहा है, ‘Sold-Sold’ की गूंज है। ज्योतिपति इस मानसिक द्वंद्व में है कि क्या हम नए औपनिवेशिक दौर की तरफ बढ़ रहे हैं?
सरकारी स्टैंड:”यह कर्ज नहीं, ‘निवेश’ है। हम भविष्य की नींव रख रहे हैं।”
हकीकत:महंगाई सुरसा की तरह मुंह फाड़ रही है। आम आदमी समझ नहीं पा रहा कि वह ‘मच्छर’ बनकर इस सिस्टम की जाली से बाहर निकले या महंगाई ही उसे मच्छर बना मसल दे।

बड़ा सवाल: मंदिर-मस्जिद या शुद्ध देशप्रेम?
आज देश में मंदिर-मस्जिद की कोई कमी नहीं है, अगर कमी है तो उस ‘शुद्ध भारतीयता’ की जो जाति और धर्म से ऊपर उठकर सोचे। पढ़े-लिखे अफसर (IAS/IPS) भी क्या इस तंत्र में कुछ बदल पाएंगे? या फिर देश को अब एक ऐसे ‘सहारा देने वाले मजबूत कंधे’ की तलाश है जो बिना किसी भेदभाव के 140 करोड़ लोगों को साथ लेकर चले।क्योंकि आज तक कोई पार्टी शुद्ध भारतीयता के साथ नहीं चला है सबके अपने-अपने पार्टी एजेंडा है और वोट बैंक की चिंता।

डिस्क्लेमर:यह भारत बंद की घटना पर आधारित मात्र एक वैचारिक चिंतन लेख है कोई विवाद का विषय नहीं।


दो दिवस में महिला आयोग ने 100 प्रकरणों का किया निपटारा, 38 मामले हुए नस्तीबद्ध

महिला आयोग ने दोहराया कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा एवं उन्हें त्वरित न्याय दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रायपुर, 10 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रभावी पहल करते हुए दो दिवस की सुनवाई में कुल 100 प्रकरणों का निपटारा किया गया, जिनमें से 38 मामलों को नस्तीबद्ध किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आयोग कार्यालय, रायपुर में प्रदेश स्तरीय 176वीं तथा रायपुर जिले की 362वीं जनसुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई में आयोग की सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा भी उपस्थित रहीं।

सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसके पति (अनावेदक) की मृत्यु 22 अगस्त 2024 को हो चुकी है। अनावेदक वित्त मंत्रालय, नई दिल्ली में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर शासकीय सेवा में कार्यरत थे। आवेदिका और अनावेदक के मध्य तलाक नहीं हुआ था, हालांकि वर्ष 2021 से दोनों वैचारिक मतभेद के कारण अलग रह रहे थे। इसी दौरान अनावेदक द्वारा दूसरी महिला से विवाह किया गया, जिसे आयोग ने अवैधानिक एवं शून्य माना।

आयोग ने यह स्पष्ट किया कि आवेदिका ही विधिवत विवाहित पत्नी होने के कारण अनावेदक की एकमात्र वैधानिक उत्तराधिकारी है। आयोग ने आवेदिका को शासकीय सेवा के एवज में अनुकंपा नियुक्ति, समस्त जमा राशि एवं पेंशन की पात्रता का अधिकार मान्य किया। साथ ही आयोग ने निर्देशित किया कि वह महिला आयोग की ऑर्डरशीट के आधार पर आवश्यकतानुसार दीवानी, राजस्व अथवा आपराधिक प्रकरण दर्ज करा सकती है। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य प्रकरण में उभय पक्ष पति-पत्नी के रूप में उपस्थित हुए। विस्तृत काउंसलिंग के उपरांत दोनों ने आपसी संबंध सुधारने तथा साथ रहने की सहमति व्यक्त की। आयोग ने मामले में बालोद सखी सेंटर को एक वर्ष तक औचक निरीक्षण का दायित्व सौंपते हुए भविष्य में किसी भी समस्या की स्थिति में आवेदिका को सखी सेंटर से संपर्क करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण को भी नस्तीबद्ध किया गया।

एक अन्य मामले में आवेदिका ने आरोप लगाया कि अनावेदकगणों द्वारा उसे प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया तथा उसके दोनों बच्चों को उससे अलग कर लिया गया। साथ ही दहेज का सामान एवं गहने भी अनावेदक के पास रखे गए हैं। आयोग ने आवेदिका को मानसिक, शारीरिक एवं दहेज प्रताड़ना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने तथा न्यायालय के माध्यम से अपने अधिकारों की रक्षा करने की समझाइश दी। इस प्रकरण को भी निर्देशों के साथ नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य राज्यों की मदिरा पर सख्ती, सीमाओं पर विशेष अभियान चलाएं: आबकारी आयुक्त

अवैध शराब व मादक पदार्थों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश,आबकारी आयुक्त ने की विभागीय समीक्षा।प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण, तथा पेंशन और अनुकम्पा नियुक्तिसे जुड़े प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ शीघ्र समाधान के निर्देश।

रायपुर, 11 फरवरी 2026

मदिरा एवं मादक पदार्थों के अवैध संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर सख्त नियंत्रण के लिए आबकारी विभाग ने कमर कस ली है। सचिव सह आबकारी आयुक्त श्रीमती आर. शंगीता ने नवा रायपुर स्थित कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की सतत निगरानी के निर्देश दिए।

बैठक में सभी जिलों, उड़नदस्ता, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग/बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सचिव सह आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। जिन जिलों ने जनवरी तक लक्ष्य प्राप्त कर लिया है, उन्हें सतत् प्रयास जारी रखने को कहा गया, जबकि लक्ष्य से पीछे जिलों को कारणों की दुकानवार समीक्षा कर विस्तृत कार्ययोजना बनाकर तत्काल अमल में लाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप स्कंध संधारण, निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न होने, तथा नियम-अनुशासन के कड़ाई से पालन पर जोर दिया। पारदर्शिता के लिए दुकानों में मदिरा को नियमानुसार दर-सूची सहित रैकों में प्रदर्शित करने और कैशलेस भुगतान (पेटीएम आदि) को बढ़ावा देने हेतु पृथक काउंटर की व्यवस्था करने को कहा गया।

मिलावट के मामलों पर शून्य सहनशीलता अपनाते हुए जिला अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन आकस्मिक निरीक्षण करने, अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई, दोषी कर्मचारियों को कार्य से मुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रदेश के बार, क्लब, होटल और ढाबों की आकस्मिक जांच कर समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से समन्वय करने को भी कहा गया।