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Sunday, November 1, 2026
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उत्तरप्रदेश लखनऊ में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन_विधानसभा घेराव की कोशिश

बैरिकेट्स पर चढ़े कार्यकर्ता; कई बड़े नेता हिरासत में और नजरबंद। कांग्रेस के सांसद विधायक यूपी के राजधानी लखनऊ की सड़कों में।

उत्तरप्रदेश/लखनऊ _17/02/2026

राजधानी लखनऊ में आज के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। कांग्रेस का यह प्रदर्शन विधानसभा कूच के रूप में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश भर से आए कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेट्स पर चढ़ते हुए नजर आए और विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की।

स्थिति को देखते हुए ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। विधानसभा को जोड़ने वाली सड़कों और गलियों में बैरिकेटिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न हो। पुलिस की सतर्कता के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विधानसभा मार्ग पर आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

बड़े नेताओं की हिरासत
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई प्रदेश स्तरीय नेता और प्रमुख कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में लिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एहतियातन की गई है, ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनी रहे और यातायात या आम जनजीवन प्रभावित न हो।

रणनीति में पुलिस रही सफल
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की योजना विधानसभा से जुड़ने वाली सड़कों तक पहुंचने की थी, लेकिन पुलिस ने रणनीतिक रूप से उन गलियों के मुहानों पर ही बैरिकेट्स लगाकर उन्हें रोक लिया, जो सीधे विधानसभा मार्ग को कनेक्ट करती हैं। इस कारण प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल सका।

राजधानी में दिखी कांग्रेस की ताकत
हालांकि पुलिस ने आंदोलन को नियंत्रित कर लिया, लेकिन प्रदर्शन में जुटी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस ने आज राजधानी लखनऊ में अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाई। बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और आक्रामक प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया।

खबर विश्लेषण
लखनऊ में कांग्रेस का यह प्रदर्शन जोरदार रहा, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और पूर्व नियोजित सुरक्षा व्यवस्था के चलते विधानसभा कूच को रोक दिया गया और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया।

असम में कांग्रेस का ‘ जाति बचाओ–माटी बचाओ’ अभियान/हल्ला बोल कार्यक्रम

असम कांग्रेस का यह अभियान राज्य की राजनीति में एक बार फिर स्थानीय पहचान और भूमि अधिकार जैसे मुद्दों को केंद्र में ले आया है, जिस पर आने वाले समय में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

असम _गुवाहाटी/17/02/2026

असम में कांग्रेस ने राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में ‘जाती बचाओ-माटी बचाओ’ अभियान के तहत हल्ला बोल कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन करते हुए स्थानीय पहचान, भूमि अधिकार और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया।

कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा नीतियों से असम की स्थानीय जातीय पहचान (जाती) और भूमि-संस्कृति (माटी) को खतरा पैदा हो रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भूमि संबंधी निर्णयों, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक कदमों में स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी की जा रही है।

कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पार्टी असम के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उनका दावा है कि रोजगार, भूमि सुरक्षा और सामाजिक संतुलन जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाया जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार पर लगाए गए आरोप
कांग्रेस के अनुसार,भूमि और संसाधनों से जुड़े फैसलों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी कम हो रही है।विकास के नाम पर कुछ वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सामाजिक-आर्थिक असमानता बढ़ने का खतरा है।
हालांकि राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों को लेकर अलग-अलग मौकों पर इनकार किया जाता रहा है और सरकार का कहना है कि सभी योजनाएं कानून और विकास के दायरे में लागू की जा रही हैं।

आगे की रणनीति
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि ‘जाती बचाओ-माटी बचाओ’ अभियान को आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। इसके तहत जनसभाएं, पदयात्राएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि आम लोगों तक पार्टी का संदेश पहुंचाया जा सके।

14 प्रमुख पर्यटन स्थलों को दोबारा खोलने के आदेश जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को मिली नई रफ्तार

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पहलगाम हमले के बाद बंद 14 टूरिस्ट स्पॉट फिर खुले, सोनमर्ग में पहली बार स्नो स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन।

श्रीनगर_17/02/2026

जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों को फिर से गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किए गए 14 प्रमुख पर्यटन स्थलों को दोबारा खोलने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह फैसला द्वारा विस्तृत सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है।

आदेश के अनुसार, कश्मीर संभाग में 11 और जम्मू संभाग में 3 पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए फिर से खोला गया है। इससे पहले पिछले वर्ष सितंबर में 7 टूरिस्ट स्पॉट आंशिक रूप से खोल दिए गए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी सुरक्षा स्थिति के आकलन के आधार पर अन्य बंद पर्यटन स्थलों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा।

सुरक्षा समीक्षा के बाद फैसला
राज्य प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय हालात और खुफिया इनपुट के आधार पर समीक्षा की गई। इसके बाद ही अस्थायी रूप से बंद स्थलों को खोलने का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने संबंधित जिलों को निर्देश दिए हैं कि पर्यटकों की सुरक्षा में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और स्थानीय पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखा जाए।

संभल सहित अन्य क्षेत्रों में भी खुलेगा पर्यटन
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, संभल क्षेत्र में तीन पर्यटन स्थलों को खोलने की तैयारी है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी हालात सामान्य रहने पर और टूरिस्ट स्पॉट्स को पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इस कदम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।

सोनमर्ग में पहली बार स्नो स्पोर्ट्स फेस्टिवल
पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल में पहली बार सोनमर्ग स्नो स्पोर्ट्स फेस्टिवल का आयोजन किया गया। बर्फ की सफेद चादर से ढके सोनमर्ग के मैदानों में आयोजित इस फेस्टिवल ने सैलानियों और खिलाड़ियों दोनों का ध्यान आकर्षित किया।

फेस्टिवल के दौरान वॉलीबॉल, स्नो गेम्स और अन्य शीतकालीन खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। खेल परिषद के तत्वावधान में हुए इन मुकाबलों ने खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों में भी खासा उत्साह भर दिया। तिरंगे के रंग में सजे आयोजन स्थल और बर्फीली वादियों के बीच हुए खेल मुकाबले फेस्टिवल का प्रमुख आकर्षण बने।

पर्यटन उद्योग को मिलेगी मजबूती
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि टूरिस्ट स्पॉट्स के दोबारा खुलने और स्नो स्पोर्ट्स जैसे आयोजनों से जम्मू-कश्मीर में शीतकालीन पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। होटल, टैक्सी, गाइड और हस्तशिल्प से जुड़े स्थानीय लोगों को भी इससे सीधा लाभ होगा।

मोदी मैक्रों वार्ता_भारत-फ्रांस के बीच ऐतिहासिक रक्षा सौदा, 3.25 लाख करोड़ की डील पर बनी सहमति

114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना को बड़ी मजबूती।

मुंबई_17/02/2026

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए आज लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक रक्षा सौदे पर सहमति बनी है। इस समझौते के तहत भारत को 114 राफेल लड़ाकू विमान मिलेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच मुंबई में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस मेगा डील पर विस्तृत चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार यह सौदा भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। राफेल जैसे अत्याधुनिक बहु_उद्देश्यीय लड़ाकू विमान शामिल होने से भारत की हवाई ताकत में उल्लेखनीय इजाफा होगा।


इस प्रस्ताव के तहत
18 राफेल विमान फ्रांस से सीधे उड़ान-योग्य (फ्लाई-अवे) स्थिति में भारत आएंगे।
शेष करीब 90 विमान भारत में निर्मित किए जाएंगे, जिनमें मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय उत्पादन और तकनीकी हस्तांतरण पर जोर रहेगा।

राफेल विमान का निर्माण फ्रांस की कंपनी करती है और यह पहले से ही भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, सौदे की अंतिम औपचारिक मंजूरी, तकनीकी-वाणिज्यिक शर्तें और कैबिनेट कमेटी की स्वीकृति की प्रक्रिया अभी बाकी है। हालांकि राजनीतिक और रणनीतिक स्तर पर सहमति बनना इस सौदे को लगभग अंतिम चरण में ले आता है।

रक्षा के साथ तकनीक और AI पर भी सहमति
मोदी-मैक्रों वार्ता केवल रक्षा तक सीमित नहीं रही। दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उन्नत तकनीक, नवाचार, स्टार्ट-अप सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी सहमति बनी है।


बालोद के माहुद-बी गांव में 3 साल की बच्ची की कब्र से सिर गायब, तांत्रिक सामग्री बरामद

पुलिस ने बीएनएस की धारा 301 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अवशेष फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है।

छत्तीसगढ़ 17 फरवरी 2026

बालोद जिले के माहुद-बी गांव में महाशिवरात्रि की रात तीन साल की बच्ची की कब्र से सिर गायब मिला। मौके से तांत्रिक सामग्री बरामद हुई है।कब्र के पास से तांत्रिक क्रियाओं में उपयोग की जाने वाली संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है, जिससे मामले को लेकर आशंकाएं और गहरा गई हैं।घटना के बाद माहुद-बी गांव में भारी आक्रोश है। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

घटना का खुलासा कैसे हुआ
जानकारी के अनुसार, महाशिवरात्रि के अगले दिन सुबह जब परिजन और ग्रामीण कब्रिस्तान पहुंचे, तो बच्ची की कब्र के साथ छेड़छाड़ के स्पष्ट निशान दिखाई दिए। कब्र खोदी हुई थी और जब अवशेषों की जांच की गई, तो बच्ची का सिर गायब पाया गया। इस भयावह दृश्य को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मौके से तांत्रिक सामग्री बरामद
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कब्रिस्तान को सील किया और बारीकी से जांच शुरू की। जांच के दौरान कब्र के आसपास से नींबू, लाल कपड़ा, अगरबत्ती, नारियल, राख और अन्य संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं, जिन्हें तांत्रिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र से जुड़ी किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है।

फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए अवशेष
घटना के सभी अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कब्र से सिर कब और किस तरह निकाला गया, साथ ही इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का दावा: आरोपी जल्द गिरफ्त में
बालोद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

पति_पत्नी ने की आत्महत्या, चार पन्नों का सुसाइड नोट और वीडियो बरामद

सुसाइड नोट में दंपति ने अपने इस कदम के पीछे निजी कारणों का उल्लेख किया है और किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

खबर छत्तीसगढ़:17/02/2026

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। थाना क्षेत्र के धरदेई गांव में एक पति-पत्नी ने अपने घर के आंगन में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।

सुबह सामने आई घटना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना गत देर रात की है। सुबह काफी देर तक जब घर के दरवाजे नहीं खुले और दोनों बाहर नजर नहीं आए, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। घर के आंगन में पहुंचने पर पति-पत्नी को फंदे पर लटका देख परिजन सकते में आ गए। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पारिवारिक कारण और मानसिक तनाव की आशंका
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि दंपति पारिवारिक कारणों और गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। हालांकि, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

वीडियो और चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद
मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आत्महत्या से पहले दंपति द्वारा बनाया गया एक वीडियो पुलिस के हाथ लगा है, जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक पीड़ा और पारिवारिक परिस्थितियों का जिक्र किया है। इसके साथ ही चार पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

फोरेंसिक जांच जारी
पुलिस ने वीडियो और सुसाइड नोट को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।



“मुझे ज़िंदगी दे दो, ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है?”बेशुमार दौलत के आगे भी एक सवाल?

प्रभु ने जो जीवन हमें उपहार में दिया है, उसे दूसरों की भलाई और अच्छे कर्मों में लगाओ। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही वह असली खजाना है जो तुम्हारे साथ जाएगा।

जीवन सोपान:16/02/2026

ज्योतिपति: ज्वाला, इधर आओ! तुम्हें आज एक बहुत ही गहरा किस्सा सुनाता हूँ। क्या तुमने कभी सोचा है कि ‘प्यास’ असल में है क्या चीज़? वैसे तो देखा जाए, तो हमारी पूरी ज़िंदगी ही एक प्यास है। हम प्यासे ही पैदा होते हैं और प्यासे ही मर जाते हैं।

ज्वाला: (हैरान होते हुए) प्यास? हाँ ज्योतिपति जी, मैंने ‘प्यासा’ फिल्म तो देखी है, पर सच कहूँ तो उसके पीछे की कहानी और वह गहरा दर्शन मुझे कभी समझ नहीं आया।

ज्योतिपति: (मुस्कुराते हुए) फिल्म की बात अलग है ज्वाला, पर हकीकत में पानी की प्यास और दौलत की प्यास में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है। सुनो, एक राजा था… उसने अपनी पूरी प्रजा पर बहुत जुल्म ढाए, बड़ी क्रूरता से बेशुमार दौलत इकट्ठा की। उसने एक शाही खजाना बनाया और उसे शहर की आबादी से दूर एक सुनसान जंगल के तहखाने में छिपा दिया।

ज्वाला: जंगल के बीचों-बीच? पर उसका राज कैसे बना रहा?
ज्योतिपति: राज़ इसलिए बना रहा क्योंकि उस खजाने की सिर्फ दो चाबियाँ थीं। एक राजा के पास और दूसरी उसके सबसे खास मंत्री के पास। उन दोनों के अलावा परिंदा भी नहीं जानता था कि वहाँ क्या है। एक दिन, राजा का मन हुआ कि वह अकेले अपने खजाने को देख आए। वह किसी को बिना बताए वहाँ गया, तहखाना खोला और अंदर चला गया। उन चमकते हुए हीरों और सोने को देखकर उसे जो सुकून मिल रहा था, वह उसके अहंकार को और बढ़ा रहा था।

ज्वाला: फिर क्या हुआ? क्या किसी ने उसे देख लिया?
ज्योतिपति: इत्तेफाक देखो! उसी वक्त वह मंत्री भी वहां से गुजर रहा था। उसने देखा कि तहखाने का दरवाजा खुला है। वह घबरा गया, उसे लगा कि शायद कल रात जब वह खुद आया था, तो गलती से दरवाजा खुला छोड़ गया होगा। उसने आनन-फानन में बिना अंदर देखे बाहर से कुंडी लगाई और ताला जड़कर वहाँ से चलता बना।

ज्वाला: (आश्चर्य से आंखें फैलाते हुए) अरे! पर राजा तो अंदर ही था?
ज्योतिपति: बिल्कुल! राजा जब अपना खजाना देखकर संतुष्ट हुआ और बाहर निकलने के लिए दरवाजे पर आया, तो उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। दरवाजा बाहर से बंद था! उसने पत्थर से दरवाजा पीटा, पूरी ताकत से चिल्लाया, पर उस वीरान जंगल में उसकी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं था। राजा थककर ढेर हो गया। अब न वहाँ हवा थी, न पानी। प्यास और भूख ने उसे पागलों जैसा बना दिया।

ज्वाला: वह तो खजाने के बीच में था, क्या वह कुछ नहीं कर पाया?
ज्योतिपति: वही तो विडंबना है ज्वाला! वह रेंगता हुआ हीरों के संदूक के पास गया और गिड़गिड़ाने लगा— ‘ऐ दुनिया के अनमोल हीरों, मुझे बस एक गिलास पानी दे दो।’ फिर वह मोती और सोने की ईंटों के पास गया— ‘ऐ दौलत के देवता, मुझे बस एक वक्त का खाना दे दो।’ उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे वे बेजान हीरे उसे चिढ़ा रहे हों, कह रहे हों कि तेरी पूरी ज़िंदगी की कमाई तुझे एक घूंट पानी भी नहीं दिला सकती।

ज्वाला: (दुखी होकर) यह तो बहुत ही भयानक अंत है।
ज्योतिपति: अंत अभी बाकी है। भूख और प्यास से तड़पकर वह बेहोश हो गया। जब उसे आखिरी बार होश आया, तो उसने अपनी आँखों के सामने बिखरे उन बेशकीमती हीरों का एक बिस्तर बनाया और उस पर लेट गया। वह दुनिया को एक पैगाम देना चाहता था, पर उसके पास न कागज था, न कलम। उसने एक पत्थर से अपनी ही उंगली फोड़ी और बहते हुए खून से दीवार पर कुछ शब्द लिखे…
ज्वाला: क्या लिखा उसने?

ज्योतिपति: कई दिनों बाद जब मंत्री खजाना देखने आया, तो उसने देखा कि राजा की लाश हीरों के बिस्तर पर पड़ी है और उसे कीड़े-मकोड़े खा रहे हैं। दीवार पर खून से लिखा था— “यह सारी दौलत एक घूंट पानी और एक निवाला नहीं दे सकी।”
ज्वाला: (गहरी सोच में) यानी अंत में वह सब मिट्टी हो गया?

ज्योतिपति: यही अंतिम सच है, ज्वाला। जब हम इस दुनिया से जाते हैं, तो हमारे साथ सोना-चांदी नहीं, बल्कि हमारे ‘कर्मों की दौलत’ जाती है। चाहे हम कितना भी इकट्ठा कर लें, सब यहीं धरा रह जाएगा। इसलिए प्रभु ने जो जीवन हमें उपहार में दिया है, उसे दूसरों की भलाई और अच्छे कर्मों में लगाओ। निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही वह असली खजाना है जो तुम्हारे साथ जाएगा।

राजपाल को अंतरिम जमानत: 1.5 करोड़ की शर्त और कोर्ट की सख्ती के बीच राहत

अभिनेता राजपाल यादव को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत।वित्तीय अनुशासन में चूक की कीमत केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कभी-कभी व्यक्तिगत स्वतंत्रता तक दांव पर लग सकती है।

नई दिल्ली_16/02/2026

बॉलीवुड अभिनेता के लिए सोमवार का दिन कानूनी तनाव और राहत—दोनों का मिश्रण लेकर आया। चेक बाउंस मामले की सुनवाई के दौरान का रुख बेहद सख्त नजर आया। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अभिनेता को अंतरिम जमानत चाहिए, तो उन्हें दोपहर 3 बजे तक प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना होगा। कोर्ट ने टिप्पणी की, “यदि DD जमा करते हैं, तो रिहा कर देंगे, अन्यथा कल सुनवाई होगी।”

हालांकि, फिलहाल यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तय समयसीमा के भीतर राजपाल यादव की ओर से डिमांड ड्राफ्ट जमा किया गया या नहीं।इन सख्त शर्तों के बावजूद, दिन के अंत में अभिनेता के लिए राहत भरी खबर सामने आई। दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। इससे पहले इस मामले में उन्हें न्यायिक हिरासत और जेल का सामना भी करना पड़ा था।

राजपाल यादव का कानूनी चक्रव्यूह
राजपाल यादव के मौजूदा कानूनी संकट की जड़ें वर्ष 2010 से जुड़ी हैं। इसी दौर में उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखते हुए अपनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने का फैसला किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने दिल्ली की एक निजी कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।

फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी, जिसके बाद कर्ज चुकाने में परेशानी खड़ी हो गई। आरोप है कि भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए। यहीं से यह मामला निचली अदालत से होता हुआ दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा।

गौरतलब है कि अपनी बेहतरीन कॉमेडी टाइमिंग और सशक्त अभिनय के दम पर राजपाल यादव ने बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन बार-बार कोर्ट-कचहरी के चक्करों ने उनकी पेशेवर विश्वसनीयता (क्रेडिबिलिटी) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मनोरंजन उद्योग में विश्वसनीयता ही सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती है, और चेक बाउंस जैसे गंभीर मामलों में फंसना किसी भी कलाकार के करियर और ब्रांड वैल्यू को गहरी चोट पहुंचा सकता है।

आबकारी भवन(लाभांडी)में आग के बाद सियासी घमासान, आज यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन

रायपुर_ 16 फरवरी 2026

आग में तीसरी मंजिल स्थित कार्यालय के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलने की सूचना है, जबकि शॉर्ट सर्किट को प्राथमिक कारण बताया जा रहा है।

राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में लगी आग की घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर ने आज प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने आबकारी विभाग में संगठित भ्रष्टाचार और कर्मचारियों के वेतन घोटाले का आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।

यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आबकारी विभाग में लंबे समय से वेतन कटौती और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। अब अचानक आग लगने की घटना ने संदेह को और गहरा कर दिया है। संगठन का आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती किसके आदेश पर हुई और कटे हुए पैसों का उपयोग कहां किया गया, इसका स्पष्ट जवाब प्रशासन को देना होगा।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, बीते शनिवार देर रात आबकारी भवन की तीसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। इसी मंजिल पर आबकारी निगम का एक महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होता है। आग की चपेट में आने से विभाग की कई अहम फाइलें और दस्तावेज जलने की सूचना सामने आई है।

बताया जा रहा है कि जिस सेक्शन में आग लगी, वहीं से सोमवार से आय–व्यय से जुड़ा ऑडिट शुरू होना था। शनिवार को पूरे दिन ऑडिट की तैयारियों के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही बनी रही। लेकिन देर रात कार्यालय बंद होने के कुछ समय बाद ही आग भड़क उठी। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत ऑडिट से जुड़े कक्ष से हुई। दमकल विभाग के पहुंचने तक रिकॉर्ड रूम को भारी नुकसान हो चुका था और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी

  • प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के साथ-साथ एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम भी मौके की जांच कर रही है। आग लगने के वास्तविक कारणों और दस्तावेजों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

यूथ कांग्रेस की मांग
यूथ कांग्रेस ने इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि आग लगने के पीछे साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान दोषियों पर सख्त कार्रवाई और विभागीय भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई जाएगी।

नशे के अवैध कारोबार :ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़ 7 आरोपी गिरफ्तार भेजा गया जेल

रायपुर पुलिस विशेष अभियान के तहत हेरोइन और एमडीएमए के साथ 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 18.81 ग्राम ड्रग्स जब्त,आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई।

  • रायपुर_16 फरवरी 2026
  • रायपुर में नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई इस कार्रवाई में हेरोइन (चिट्टा) और एमडीएमए जैसे खतरनाक मादक पदार्थों के साथ कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तारकिया गया है।
  • पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 18.81 ग्राम ड्रग्स बरामद की है। सभी मामलों में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक) एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
  • आमानाका क्षेत्र में 4 आरोपी गिरफ्तार
  • पुलिस के अनुसार, आमानाका थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटीबंध सुलभ शौचालय के पास ड्रग्स तस्करी की सूचना मिली थी।
  • सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर छापा मारा। यहां से जसकरण सिंह, ऋषि साहू, विशाल बिसेन और भूपेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 10.28 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई। चारों के खिलाफ नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
  • कबीर नगर में 2 तस्कर दबोचे गए
  • एक अन्य कार्रवाई में कबीर नगर थाना पुलिस ने वेदांत वाटिका, हीरापुर में दबिश दी। यहां से धर्मेंद्र सिंह उर्फ बिक्का और संतोष सिंह सिदार को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से 8.53 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
  • एमडीएमए के साथ युवक गिरफ्तार
  • वहीं, गोलबाजार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, डीकेएस अस्पताल की पार्किंग के पीछे एक युवक संदिग्ध रूप से घूम रहा था। तलाशी लेने पर उसके पास से 6.32 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई। आरोपी की पहचान चित्रांश पवार उर्फ गोल्डी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ गोलबाजार थाने में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
  • पुलिस का संदेश
  • पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रायपुर में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा। ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।