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Sunday, November 1, 2026
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किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त देने का फैसला

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के किसान हितैषी निर्णय से किसानों में उत्साह

रायपुर_20 फरवरी 2026

राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की अंतर राशि होली से पूर्व एकमुश्त भुगतान करने का निर्णय लिया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृत इस कदम से प्रदेश भर के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम कोसंगा के किसान श्री पहरूराम ने कहा, “इस वर्ष मैंने 72 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। होली से पहले अंतर राशि मिलने से विवाह-शादी जैसे पारिवारिक कार्य आसान होंगे।” उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सरगुजा जिले के 52,553 किसानों ने धान समर्थन मूल्य पर बेचा। अब उनकी बैंक खातों में अंतर राशि एकमुश्त जमा होगी, जिससे उनके चेहरे पर रौनक लौटेगी।

इस निर्णय से किसानों को उनके पसीने की सही कीमत मिलेगी। होली से पहले भुगतान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ाएगा।



अंतरराज्यीय गिरोह:खैर लकड़ी तस्करी का मामला, चांपा गोदाम पर छापा

रायपुर, 19 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ वन विभाग रायगढ़ ने जिला प्रशासन के निर्देश पर खैर लकड़ी की अंतरराज्यीय तस्करी का भंडाफोड़ किया। 16 फरवरी को मुखबिर सूचना पर रायगढ़ वन मंडलाधिकारी के नेतृत्व में उप वन_मंडलाधिकारी तन्मय कौशिक, परिक्षेत्राधिकारी संजय लकड़ा तथा उड़नदस्ता प्रभारी संदीप नामदेव की टीम सक्रिय हुई।

चंद्रपुर मार्ग पर घेराबंदी कर ट्रक (सीजी-06-2022) पकड़ा; चालक फरार होने के बाद गिरफ्तार। पूछताछ में मेलाराम सहित गिरोह ने सहसपुरी जंगल से कटाई, चांपा के अकलतरा भांटा गोदाम स्टोरेज तथा पंजाब-हरियाणा निर्यात कबूला। रात 1 बजे संयुक्त छापे में भारी खैर लकड़ी बरामद।

वन अधिनियम के तहत आरोपी विरुद्ध कार्रवाई शुरू। जनता से अपील: अवैध वन अपराध की सूचना +91-99263-21401 या 1800-233-2631 पर दें; गोपनीयता सुनिश्चित। हरित छत्तीसगढ़ के लिए अभियान जारी रहेंगे।

ग्राम पंचायतें बनाएंगी महतारी सदन: महिलाओं को सशक्त करने छग शासन की नई पहल

रायपुर, 18 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ शासन ने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ग्राम पंचायतों को महतारी सदन निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल पर यह निर्णय लिया गया।

ग्राम पंचायतें अब क्रियान्वयन एजेंसी होंगी, जिससे कार्य तेजी से पूरे होंगे। विभाग ने मार्गदर्शिका जारी की है: जिला पंचायत सीईओ स्वीकृति देंगे, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तकनीकी मार्गदर्शन करेगी। मानक डिजाइन और प्राक्कलन तैयार हैं; स्वीकृति के एक माह में काम शुरू, 6-8 माह में पूर्ण।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रति सदन 30 लाख रुपये की लागत से 368 सदनों पर 100 करोड़ स्वीकृत; 137 पूर्ण, शेष निर्माणाधीन।जिसकी शत-प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।ये सदन राज्य की महिला शक्तियों को आत्म निर्भरता के साथ महिलाओं के प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों और आजीविका केंद्र बनेंगे।

यह कदम पंचायतों को मजबूत कर ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक-सामाजिक मंच देगा।उल्लेखनीय है कि राज्य में 368 महतारी सदनों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। जिसके लिए प्रति महतारी सदन 30 लाख रुपए की लागत निर्धारित की गई है, वर्तमान में स्वीकृत 368 महतारी सदनों में से 137 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष निर्माणाधीन हैं।



पीएम मोदी का संबोधन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का भव्य उद्घाटन

यह आयोजन भारत को AI का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

नई दिल्ली _19/02/2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करेगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शासन प्रमुख, 500 से ज्यादा वैश्विक AI लीडर और 60 मंत्री शामिल हो रहे हैं।

कार्यक्रम का शेड्यूल
सुबह 9:15 बजे पीएम मोदी 20 देशों के प्रमुखों का स्वागत करेंगे, उसके बाद 9:40 बजे समिट का औपचारिक उद्घाटन होगा। लगभग 10:30 बजे प्रधानमंत्री संबोधन देंगे, जिसमें AI के माध्यम से वैश्विक दक्षिण को लाभ पहुंचाने और भारत की रणनीति पर जोर दिया जाएगा।

11:00 बजे: अन्य नेताओं संग इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा, जहां विभिन्न देशों के पविलियन देखे जाएंगे।
दोपहर 12:00 बजे: लीडर्स प्लेनरी सत्र, जिसमें AI गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा होगी।
शाम 5:30 बजे: CEO राउंडटेबल, जिसमें सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज निवेश व साझेदारी पर विचार-विमर्श करेंगे।

AI GLOBAL समिट का थीम व उद्देश्य
समिट का थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, जो लोगों, ग्रह और प्रगति के तीन स्तंभों पर आधारित है। सात वर्किंग ग्रुप्स AI को आर्थिक विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, सुरक्षित AI और नवाचार से जोड़ेंगे, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो। इसमें 600 स्टार्टअप्स अपने AI मॉडल प्रदर्शित कर रहे हैं।


ईडी द्वारा सुप्रीम कोर्ट से CBI जांच की मांग, ममता सरकार के विरुद्ध हलफनामा

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला न केवल जांच की दिशा तय करेगा, बल्कि केंद्र–राज्य संबंधों और संवैधानिक मर्यादाओं के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।

नई दिल्ली_18/02/2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक अहम कदम उठाते हुए से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए इसे (CBI) को सौंपा जाए। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में ने पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री पर जांच में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

संवैधानिक मशीनरी के क्षरण का आरोप
ईडी ने हलफनामे में दावा किया है कि राज्य में प्रभाव, सत्ता और सुरक्षा तंत्र का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई। एजेंसी के अनुसार, हालात ऐसे हैं कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं। ईडी ने यहां तक कहा कि राज्य में संवैधानिक मशीनरी का क्षरण हो चुका है।

डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ का गंभीर दावा
ईडी का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ को लेकर है। हलफनामे में कहा गया है कि:
IPAC कार्यालय में कंप्यूटर डेटा का बैकअप रोका गया,
CCTV स्टोरेज डिवाइस हटाए गए,
जांच शुरू होने से पहले डिजिटल रिकॉर्ड्स में छेड़छाड़ की गई।

एजेंसी का कहना है कि यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित तरीके से साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास है, जो कानून के तहत गंभीर आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।

Z प्लस सुरक्षा के दुरुपयोग का आरोप
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मिली Z प्लस सुरक्षा का उपयोग जांच एजेंसियों और गवाहों पर दबाव बनाने के लिए किया गया। हलफनामे में सवाल उठाया गया है कि यदि किसी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल जांच को प्रभावित करने, डराने या धमकाने के लिए किया जाता है, तो यह पद के दुरुपयोग, सार्वजनिक शक्ति के मनमाने प्रयोग और संवैधानिक नैतिकता के उल्लंघन का मामला बनता है।

CBI जांच की मांग
ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा हालात में राज्य पुलिस या स्थानीय प्रशासन के भरोसे जांच नहीं छोड़ी जा सकती। इसलिए, मामले की सच्चाई सामने लाने और कानून का राज कायम रखने के लिए CBI को जांच सौंपना जरूरी है।

बंगाल साधने भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’, 300 से ज्यादा रैलियों का होगा आयोजन

भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ राज्यव्यापी, बहु-स्तरीय और हाई-प्रोफाइल अभियान है—9 यात्राएं, 5000 किमी का सफर, 300 प्लस रैलियां और केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी—जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के लिए निर्णायक माहौल बनाना है।

खबर प.बंगाल 18 फरवरी 2026

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब महज दो महीने का समय बचा है और सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ 1 मार्च से राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने जा रही है। यह अभियान सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी माहौल को धार देने और 2021 के चुनावों में मिली बढ़त को इस बार सत्ता में तब्दील करने की रणनीति का हिस्सा है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ‘परिवर्तन यात्रा’ टीएमसी सरकार की “घटती प्रासंगिकता” के खिलाफ पार्टी के राजनीतिक संघर्ष का अगला चरण है। उनके मुताबिक, यह यात्रा भाजपा को राज्य के हर कोने तक पहुंचाने और संगठनात्मक मजबूती दिखाने का माध्यम बनेगी।

9 यात्राएं, 5000 किमी का सफर
भाजपा 1 और 2 मार्च को कुल 9 अलग-अलग परिवर्तन यात्राओं का आगाज करेगी। इनका शुभारंभ बड़ी जनसभाओं के साथ होगा, जिनमें भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है। पार्टी के नेता-कार्यकर्ता इस अभियान में लगभग 5000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
होली को ध्यान में रखते हुए 3 और 4 मार्च को यात्राएं स्थगित रहेंगी, ताकि कार्यकर्ता और आमजन त्योहार मना सकें।

300 से अधिक रैलियां, हर सीट पर मौजूदगी
पार्टी की योजना 10 मार्च तक राज्य भर में 300 से ज्यादा रैलियां आयोजित करने की है। जिस विधानसभा क्षेत्र से यात्रा गुजरेगी, उसके अगले दिन वहीं बड़ी रैली और बैठक होगी, ताकि हर सीट पर भाजपा की सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई जा सके।

केंद्रीय नेतृत्व भी होगा शामिल
दिल्ली से भाजपा के कई दिग्गज नेता इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। उद्घाटन कार्यक्रमों (1–2 मार्च) में , , , और सहित कुल 9 राष्ट्रीय नेता शामिल होंगे।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा समापन
‘परिवर्तन यात्रा’ का समापन , कोलकाता में होगा। समापन समारोह में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। हालांकि, पीएम मोदी की रैली की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन इसे बंगाल चुनाव से पहले भाजपा का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

जिंदगी है कब क्या हो जाए: बैडमिंटन खेलते समय व्यक्ति की मौत का वीडियो वायरल, हार्ट अटैक की आशंका

जिंदगी अनमोल है और हार्ट अटैक जैसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम ला सकती है। हाल के दिनों में खेलते या व्यायाम करते समय अचानक गिरने और हार्ट अटैक से मौत की खबरें सामने आई हैं, जो समाज के लिए एक चेतावनी हैं।

रायपुर _18/02//2026

जिंदगी का कोई भरोसा नहीं—कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना की बताई जा रही है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति बैडमिंटन खेल रहा होता है। खेल के दौरान अचानक वह जमीन पर गिर पड़ता है। मौके पर मौजूद साथी खिलाड़ी तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़ते हैं और उसे संभालने की कोशिश करते नजर आते हैं। जानकारी के अनुसार, व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आया। उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। वीडियो देखने वाले लोग इसे बेहद झकझोर देने वाला बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि आजकल हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं और मध्यम आयु वर्ग के लोगों में, जो गंभीर चिंता का विषय है।

प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल, इस मामले में आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासनिक या चिकित्सा स्तर पर मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, इसलिए लोग अपील कर रहे हैं कि बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंता
विशेषज्ञ लगातार यह सलाह देते रहे हैं कि खेल या व्यायाम के दौरान शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और किसी भी असहजता पर तुरंत चिकित्सा सलाह लेना बेहद जरूरी है।

ऐतिहासिक चयन,पहली बार तहसीलदार बने आईएएस_36 गढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों को प्रमोशन

छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा के 7 अधिकारियों को आईएएस कैडर में पदोन्नति मिली है। सभी अधिकारी 2024 बैच के हैं और यह नियुक्ति भारत सरकार की अधिसूचना व राष्ट्रपति की स्वीकृति से की गई है।

रायपुर, 18 फरवरी 2026 | जन चौपाल 36

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के सात अधिकारियों को पदोन्नति देकर भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि राज्य के इतिहास में पहली बार किसी तहसीलदार को आईएएस कैडर में पदोन्नति मिली है।

भारत सरकार के द्वारा इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार, इन अधिकारियों का चयन वर्ष 2024 की चयन सूची के अंतर्गत किया गया है। यह नियुक्तियां 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच उत्पन्न रिक्त पदों के विरुद्ध की गई हैं।

राष्ट्रपति की स्वीकृति से नियुक्ति
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह पदोन्नति भारतीय प्रशासनिक सेवा (भर्ती) नियम, 1954 तथा भारतीय प्रशासनिक सेवा (नियुक्ति द्वारा पदोन्नति) विनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत की गई है। इन सातों अधिकारियों की नियुक्ति को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई है। सभी अधिकारी आईएएस 2024 बैच में शामिल किए गए हैं।

प्रशासनिक हलकों में खुशी
इस फैसले से छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में उत्साह देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह पदोन्नति प्रक्रिया अनुभव, कार्यकुशलता और जमीनी प्रशासनिक सेवा को सम्मान देने का उदाहरण है। साथ ही इससे राज्य सिविल सेवा के अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों में और अधिक दक्षता आने की उम्मीद है।

ये सात अधिकारी बने आईएएस
पदोन्नत होकर आईएएस कैडर में शामिल होने वाले अधिकारियों के नाम इस प्रकार हैं—
तीरथराज अग्रवाल
लीना कोसम
सौमिल रंजन चौबे
बीरेंद्र बहादुर पंचभाई
सुमित अग्रवाल
संदीप कुमार अग्रवाल
आशीष कुमार तिकारिहा
इनमें से एक अधिकारी वर्तमान में तहसीलदार पद पर पदस्थ थे, जिन्हें पहली बार आईएएस कैडर में पदोन्नति दी गई है। इसे राज्य प्रशासनिक सेवा के लिए प्रेरणादायी और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

नए प्रधानमंत्री और भारत–बांग्लादेश संबंध: अब ‘ना दूर, ना पास’ की संतुलित नीति की जरूरत

भारत–बांग्लादेश संबंध अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार के साथ भारत का यह प्रयोग आवाम-आधारित विदेश नीति—यदि सफल रहा, तो यह दक्षिण एशिया में भारत की कूटनीति के लिए एक नया मॉडल बन सकता है। हालांकि, पूर्व के अनुभव यह भी बताते हैं कि इस रिश्ते में सतर्कता, संवाद और संतुलन ही दीर्घकालिक स्थिरता की कुंजी होंगे।

नई दिल्ली/ढाका/18/02/2026

बांग्लादेश में के नेतृत्व में लोकतांत्रिक सरकार के गठन के बाद भारत ने अपने इस अहम पड़ोसी के साथ संबंधों को लेकर रणनीतिक पुनर्संतुलन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए भारत के सामने अब चुनौती है कि वह बांग्लादेश के साथ “ना बहुत दूर, ना बहुत पास” की व्यावहारिक और संतुलित नीति अपनाकर आगे बढ़े, क्योंकि बीते वर्षों का अनुभव अत्यधिक सामंजस्यपूर्ण नहीं रहा है।

अब तक भारत की बांग्लादेश नीति का केंद्र मुख्यतः पूर्व प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी रही है। इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर प्रगति जरूर हुई, लेकिन जनस्तर पर विश्वास और व्यापक राजनीतिक सहमति की कमी भी महसूस की गई।

नीति में बदलाव का संकेत
तारिक रहमान सरकार के गठन के बाद भारत ने संकेत दिया है कि वह अब बांग्लादेश को केवल किसी एक दल या नेतृत्व के नजरिए से नहीं, बल्कि बांग्लादेश की आवाम और लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से देखेगा। भारत के विदेश सचिव के हालिया ढाका दौरे ने इस बदले हुए दृष्टिकोण को स्पष्ट कर दिया। उनके संदेश का सार यह रहा कि भारत, बांग्लादेश की चुनी हुई सरकार के साथ-साथ वहां की जनता की अपेक्षाओं और संवेदनशीलताओं को भी प्राथमिकता देगा।

‘ना दूरी, ना नजदीकी’ की कूटनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए बांग्लादेश के साथ संबंधों में अत्यधिक नजदीकी या खुली दूरी—दोनों ही विकल्प जोखिम भरे हो सकते हैं।

अत्यधिक नजदीकी से बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में भारत समर्थक–विरोधी विमर्श तेज हो सकता है।
अत्यधिक दूरी से चीन जैसे बाहरी प्रभावों के लिए जगह बन सकती है, जो भारत के रणनीतिक हितों के विपरीत होगा।
ऐसे में भारत की नई नीति का आधार व्यावहारिक सहयोग, आपसी सम्मान और गैर-हस्तक्षेप होना तय माना जा रहा है—जहां व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग जारी रहे, लेकिन राजनीतिक संतुलन और जनभावनाओं का भी ध्यान रखा जाए।

बार लाइसेंस हुआ सस्ता, एयरपोर्ट पर भी शराब बिक्री की तैयारी_ छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला

बार लाइसेंस शुल्क में कटौती और एयरपोर्ट पर नियंत्रित शराब बिक्री की पहल को छत्तीसगढ़ सरकार का व्यवसाय और पर्यटन अनुकूल कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ | 17 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ में होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने नई आबकारी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए बार और क्लब लाइसेंस की फीस में कटौती का निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के बड़े शहरों में कारोबार कर रहे संचालकों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।

नई नीति के अनुसार, 7 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में अप्रैल-2 और एक-फेल-3 (A-2 एवं FL-3) श्रेणी के बार लाइसेंस की फीस 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दी गई है।

इससे लाइसेंसधारकों को 6 लाख रुपये की बचत होगी। इसके साथ ही बैंक गारंटी की शर्तों में भी ढील दी गई है, जिससे पूंजी पर दबाव कम होगा।

सरकार ने तीन-स्टार से ऊपर के होटलों के लिए लागू आबकारी शुल्क में भी कमी की है। इससे उच्च श्रेणी के होटल उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है और पर्यटन क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा।

एयरपोर्ट पर शराब बिक्री का पायलट प्रोजेक्ट
नई आबकारी नीति में एक और बड़ा प्रावधान जोड़ा गया है। राज्य के पर वर्ष 2026–27 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शराब बिक्री की अनुमति देने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इसके लिए समय-सीमा तय की गई है। एयरपोर्ट पर शराब बिक्री का संचालन सुबह 11:00 बजे से रात 11:00 बजे तक ही अनुमत रहेगा।

सरकार का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि इन सुधारों से:
होटल, रेस्टोरेंट और क्लब व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा
पर्यटन और सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
राज्य के राजस्व में दीर्घकालीन वृद्धि होगी, साथ ही नियमों में संतुलन बना रहेगा ।

इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि नई आबकारी नीति को सरकार व्यापार-हितैषी समझ रही है।यह भी स्पष्ट है कि सामाजिक जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ही सभी प्रावधान लागू किए जाएंगे।