21.1 C
Raipur
Sunday, November 1, 2026
Home Blog Page 188

प्रधानमंत्री का फोकस विकसित भारत पर: बजट वेबिनार को संबोधित करेंगे

बजट कार्यान्वयन का रोडमैप: अंतर्दृष्टि से विकसित भारत@2047 की ओर बढ़ते कदम

नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026 (पीआईबी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 27 फरवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे “विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त**” विषयक बजट पश्चात वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। यह वेबिनार **केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद की चर्चा श्रृंखला का पहला सत्र है।

बजट के प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा
वेबिनार में ये महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे:
– सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ावा।
– अवसंरचना विकास और बैंकिंग सुधार।
– वित्तीय ढांचे को मजबूत बनाना।
– पूंजी बाजारों का सशक्तिकरण।
– कर सुधारों से आम नागरिकों का जीवन सरल बनाना।

इसका मकसद बजट घोषणाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है, जिसमें पिछले अनुभवों से सीख और हितधारकों की प्रतिक्रिया ली जाएगी।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रमुख हितधारक
– उद्योग प्रतिनिधि।
– वित्तीय संस्थान और बाजार विशेषज्ञ।
– सरकारी अधिकारी, नियामक।
– शिक्षा जगत के लोग।


सेफ्टी फीचर्स इंस्टाग्राम : अब बच्चों के सुसाइड सर्च पर माता-पिता को मिलेगा ‘इमरजेंसी अलर्ट’

डिजिटल सुरक्षा के इस दौर में तकनीक का सही उपयोग ही समाधान है। यदि आपके आसपास कोई तनाव में है, तो उनसे बात करें और प्रोफेशनल मदद लें।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/वॉशिंगटन | 27 फरवरी 2026

सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा (Meta) ने इंस्टाग्राम पर किशोरों की सुरक्षा को लेकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब यदि कोई किशोर इंस्टाग्राम पर आत्महत्या (Suicide) या खुद को नुकसान पहुंचाने (Self-harm) से जुड़े शब्दों को बार-बार सर्च करता है, तो प्लेटफॉर्म तुरंत उनके माता-पिता को सूचित करेगा।

इस फीचर का उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी करना और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोकना है।

कैसे काम करेगा यह नया अलर्ट सिस्टम?
मेटा द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह फीचर विशेष रूप से उन किशोरों के लिए है जिनके अकाउंट ‘पैरेंटल सुपरविजन प्रोग्राम’ (Parental Supervision Program) के तहत जुड़े हुए हैं।

सर्च पर नजर: यदि कोई बच्चा डिप्रेशन या नुकसान पहुंचाने वाले कीवर्ड्स सर्च करता है, तो एल्गोरिदम इसे डिटेक्ट कर लेगा।
मल्टी-चैनल नोटिफिकेशन: माता-पिता को केवल ऐप पर ही नहीं, बल्कि ईमेल, टेक्स्ट मैसेज (SMS) और व्हाट्सएप के जरिए भी तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा।
हेल्पलाइन सपोर्ट: इंस्टाग्राम सर्च रिजल्ट में ऐसे कंटेंट को ब्लॉक करने के साथ-साथ यूजर को स्थानीय हेल्पलाइन नंबर और काउंसलिंग सपोर्ट के सुझाव भी देगा।

क्यों पड़ी इस फीचर की जरूरत?
वर्तमान में मेटा कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहा है। लॉस एंजिल्स और न्यू मेक्सिको जैसे शहरों में अदालती कार्यवाही चल रही है, जहां आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। हालांकि मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इन आरोपों को खारिज किया है, लेकिन यह नया अपडेट सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है।

पैरेंटल सुपरविजन का बढ़ता दायरा
इंस्टाग्राम ने स्पष्ट किया है कि यह अलर्ट सिस्टम उनकी ‘सख्त कंटेंट पॉलिसी’ का हिस्सा है। कंपनी पहले ही किशोरों के लिए ‘सेंसिटिव कंटेंट’ पर रोक लगा चुकी है। नया फीचर माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल होने और उनके मानसिक संघर्ष को समझने का एक मौका देगा।

विशेषज्ञों की राय: तकनीक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर जीवन रक्षक साबित हो सकता है, बशर्ते माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद का रास्ता खुला रहे।

युवाओं का समाज सेवा से देश का स्वर्णिम विकास: राज्यपाल रमेन डेका

युवाओं का समाज के प्रति योगदान ही देश को स्वर्णिम विकास की ओर ले जाएगा:राज्यपाल 36 गढ़।

रायपुर, 27 फरवरी 2026.

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने गुजरात से आए ‘माय भारत वॉलेंटियर्स’ को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं का समाज के प्रति योगदान ही देश को स्वर्णिम भविष्य देगा। लोक भवन में आयोजित इस मुलाकात में छोटी-छोटी पहलों से बड़ा बदलाव संभव बताया।

राज्यपाल का प्रेरक संदेश
राज्यपाल ने केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय के ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ की सराहना की, जो राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। उन्होंने युवाओं से देश निर्माण में योगदान, स्वच्छता अभियान, बुजुर्ग सेवा तथा तकनीक के सकारात्मक उपयोग पर जोर दिया। AI युग में सही-गलत का भेद, समय प्रबंधन और सोशल मीडिया संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।

छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या का मायका बताते हुए चित्रकोट जलप्रपात और 5000 साल पुरानी संस्कृति का जिक्र किया। प्रदेश को शीघ्र शिक्षा हब बनाने का भरोसा जताया। पैशन फॉलो कर भविष्य संवारने की बात कही।

गुजरात युवाओं के अनुभव
गुजरात के वॉलेंटियर्स ने छत्तीसगढ़ की मेहमाननवाजी की तारीफ की। ट्विंकल ने प्रदेश को विकसित पाया, कमलेश को अपनापन मिला, अनिल को पहला यादगार अनुभव हुआ। कुमारी ने राज्यपाल के उद्बोधन से प्रेरणा ग्रहण की। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह म्यूजियम भ्रमण और सांस्कृतिक नृत्य का आनंद लिया।

लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में ‘जय जोहार, जय छत्तीसगढ़’ गूंजा।

राज्य निदेशक अर्पित तिवारी ने बताया कि यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ की भावना को मजबूत करता है। सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं का आदान-प्रदान तथा नेतृत्व विकास पर फोकस। विधायक पुरंदर मिश्रा ने छत्तीसगढ़ को मिनी इंडिया कहा, गुजराती-वैष्णव समाज का उल्लेख किया।

विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय सहित लोक भवन अधिकारी मौजूद रहे। यह आयोजन राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाता है।

1 अप्रैल 2026 से बदल जाएगा आपका पेट्रोल — अब हर पंप पर मिलेगा 20% एथेनॉल मिश्रित E20 फ्यूल

0

यह निर्णय भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम है — लेकिन इसका फायदा तभी मिलेगा जब नागरिक और वाहन उद्योग दोनों मिलकर इस बदलाव को सहज बनाएं।

नई दिल्ली, 26 फरवरी 2026

1 अप्रैल 2026 से केंद्र सरकार ने ईंधन नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए पूरे देश में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार अब देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में तेल विपणन कंपनियों को 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचना अनिवार्य होगा।

क्या है E20 पेट्रोल?
E20 यानी ऐसा पेट्रोल जिसमें 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल (गन्ने, मक्के या अन्य कृषि उत्पादों से बना जैव-ईंधन) मिलाया जाता है। यह सामान्य पेट्रोल की तुलना में अधिक स्वच्छ माना जाता है और इसके जलने पर कार्बन उत्सर्जन कम होता है।

मंत्रालय के नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया गया है कि यह E20 पेट्रोल न्यूनतम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) की शर्त को पूरा करना होगा, तभी इसे बिक्री के लिए मान्य माना जाएगा।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
पहला — देश में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना, और दूसरा — कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम करना। भारत अपनी कुल पेट्रोलियम जरूरत का करीब 85 प्रतिशत विदेश से आयात करता है, जिस पर हर साल लाखों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च होती है। एथेनॉल मिश्रण से इस बोझ को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके साथ ही किसानों को भी इससे फायदा होगा क्योंकि एथेनॉल उत्पादन में गन्ना, मक्का और टूटे चावल जैसे कृषि उत्पादों का उपयोग होता है, जिससे किसानों की आय के नए रास्ते खुलेंगे।

नई गाड़ियों पर कोई असर नहीं
भारत सरकार की योजना के अनुसार वर्ष 2023-25 के बाद देश में निर्मित अधिकांश वाहनों को पहले से ही E20 पेट्रोल पर चलाने के लिए तैयार किया गया है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने अपने नए मॉडलों के इंजन, ईंधन प्रणाली और रबड़ पुर्जों को E20 के अनुकूल बनाया है। ऐसे में नई गाड़ी चलाने वालों को किसी विशेष चिंता की जरूरत नहीं है।

पुराने वाहन चालकों के लिए सावधानी जरूरी
हालांकि 2023 से पहले के पुराने वाहनों के मालिकों के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में 3 से 7 प्रतिशत तक की मामूली गिरावट आ सकती है। इसके अलावा पुराने इंजनों में इस्तेमाल होने वाले रबड़ और प्लास्टिक के पुर्जे एथेनॉल के संपर्क में आने से समय से पहले खराब हो सकते हैं।

ऐसे वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मैकेनिक से एक बार वाहन की जांच करवाएं और यदि आवश्यक हो तो ईंधन प्रणाली से संबंधित पुर्जों को बदलवाएं।

देशभर में लागू होगा एक समान नियम
अब तक E20 पेट्रोल केवल चुनिंदा शहरों और राज्यों में उपलब्ध था। 1 अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था देश के हर कोने — छोटे शहर, कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों तक — एक साथ लागू होगी। तेल विपणन कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

भारत का एथेनॉल मिश्रण लक्ष्य
भारत ने 2025 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय किया था, जिसे अब व्यावहारिक रूप से 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जा रहा है। यह कदम भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा आगे ले जाता है और जलवायु परिवर्तन से लड़ने की वैश्विक प्रतिबद्धता के अनुरूप भी है।

आम नागरिक क्या करें?
अगर आपकी गाड़ी 2023 या उसके बाद की है तो आपको कुछ करने की जरूरत नहीं। अगर गाड़ी पुरानी है तो एक बार सर्विस सेंटर पर जाकर E20 कंपैटिबिलिटी जरूर जांच लें। पेट्रोल पंप पर अब E20 का लेबल लगे पंप से ही ईंधन लें और माइलेज पर नजर रखें।

नशे में वाहन ना चलाएं:होली पर यातायात पुलिस सख्त —

शराब पीकर गाड़ी चलाई तो सीधे कोर्ट, ₹10,000 से अधिक जुर्माना

राजनांदगांव, 26 फरवरी 2026

होली के त्योहार को देखते हुए राजनांदगांव यातायात पुलिस ने शहर में विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। यातायात प्रभारी नवरत्न कश्यप के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

चौराहों पर चेकिंग, ब्रेथ एनालाइज़र से जांच
शहर के प्रमुख चौराहों और बाहरी क्षेत्रों में चेकिंग पॉइंट स्थापित किए गए हैं, जहां ब्रेथ एनालाइज़र मशीन से वाहन चालकों की जांच हो रही है। निर्धारित सीमा से अधिक अल्कोहल पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत तत्काल चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाती है।

पकड़े जाने वाले चालकों को सीधे न्यायालय में पेश किया जाता है, जहां न्यूनतम ₹10,000 या उससे अधिक का जुर्माना लगाया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक 46 वाहन चालकों पर यह कार्रवाई हो चुकी है।

पुलिस की अपील — परिवार को याद रखें, नशे में गाड़ी न चलाएं

यातायात पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि घर से निकलते समय अपने परिवार के बारे में सोचें। शराब पीने के बाद गाड़ी चलाने से निर्णय क्षमता और प्रतिक्रिया समय दोनों प्रभावित होते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है — यह खतरा केवल चालक को नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे हर राहगीर को होता है।

पुलिस ने कहा है कि होली के दौरान और उसके बाद भी यह अभियान जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बिना रुके चलती रहेगी।

सुरक्षित होली मनाएं
त्योहार का आनंद तभी पूरा होता है जब सभी सुरक्षित घर लौटें। पुलिस का आग्रह है — नशे में वाहन चलाने की बजाय सुरक्षित परिवहन के विकल्प अपनाएं, यातायात नियमों का पालन करें और होली को शांतिपूर्ण व खुशहाल बनाएं।

विधानसभा में उठते सवाल_नशे की दलदल में धंसता छत्तीसगढ़

नशा और जीवन-यापन एक साथ नहीं चल सकते — यह वाक्य सदन में न कहा गया हो, लेकिन इसे नीति में उतारने की जिम्मेदारी उन्हीं की है जो सदन चलाते हैं।

रायपुर, 26 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को एक ऐसा सवाल उठा, जिसका जवाब सरकारी आंकड़ों से नहीं, जमीनी हकीकत से मिलता है — प्रदेश में नशे की लत अब किसी एक तबके या इलाके तक सीमित नहीं रही, यह एक सामाजिक संकट का रूप ले चुकी है।

बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने सदन में AIIMS और सामाजिक न्याय मंत्रालय के राष्ट्रीय सर्वेक्षण का हवाला देते हुए जो तस्वीर पेश की, वह चिंताजनक से कहीं ज्यादा है। प्रदेश में नशीले ड्रग यूजरों की संख्या डेढ़ लाख से बढ़कर दो लाख हो चुकी है। गांजा सेवन करने वालों की तादाद चार लाख के करीब पहुंच रही है। और सबसे भयावह यह है कि दस से सत्रह साल के चालीस हजार से अधिक बच्चे और किशोर इन्हेलेंट्स और कफ सिरप के नशे के शिकार हो चुके हैं।

विधायक धरमलाल कौशिक ने भी प्रशासन की विफलता पर सवाल उठाए। चंद्राकर ने सीधे कहा — रायपुर में हर जगह नशीले पदार्थ सुलभ हैं, नशे की लत से मानसिक तनाव बढ़ रहा है और सुसाइड के मामले 250 से 300 तक जा पहुंचे हैं।

गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब में आंकड़े गिनाए — 2026 में जनवरी तक 146 प्रकरणों में 257 गिरफ्तारियां, 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज। टास्क फोर्स और विशेष अभियानों का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा — “यह कहना गलत है कि प्रशासन फेल रहा है।”

लेकिन सवाल यह है कि गिरफ्तारियां होती हैं, संपत्तियां जब्त होती हैं — फिर भी नशे का जाल फैलता क्यों जा रहा है? संख्याएं हर बार बढ़ती हुई क्यों मिलती हैं?

इस बहस में एक और विरोधाभास भी उभरा, जिसे नजरअंदाज करना मुश्किल है। एक ओर सरकार नशाबंदी की बात करती है, दूसरी ओर सुबह दस बजे से शराब की दुकानें खुलवाती है। पुलिस नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करती है, और सरकार खुद उसी नशे की आपूर्तिकर्ता बनी रहती है। यह नीतिगत विरोधाभास नहीं, नीतिगत विफलता है। जानकार मानते हैं कि यदि शराब की बिक्री दोपहर बाद सुनिश्चित की जाए, तो कम से कम दिन के समय नशे में होने वाली दुर्घटनाओं और युवाओं की पहुंच पर कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।

विधानसभा में उठे ये सवाल महज प्रश्नकाल की औपचारिकता नहीं हैं। ये उस समाज की आवाज हैं जो अपने बच्चों को धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में जाते देख रहा है। सरकार के पास आंकड़े हैं, टास्क फोर्स है, अभियान हैं — लेकिन अगर संख्याएं फिर भी बढ़ रही हैं, तो यह मानना होगा कि रणनीति में कहीं न कहीं बुनियादी खामी है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल: संविधान संशोधन विधेयक पर JPC बैठक में शामिल

विधेयक भारतीय संवैधानिक व्यवस्था में सुधार से संबंधित है जिस पर JPC विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

नई दिल्ली | 25 फरवरी 2026:
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल बुधवार नई दिल्ली स्थित संसद भवन में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पर आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में शामिल हुए।समिति के सदस्य के रूप में श्री अग्रवाल ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा में भाग लिया और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

पारदर्शिता और संवैधानिक सुदृढ़ीकरण पर जोर

बैठक में श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन का मुख्य उद्देश्य शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और संवैधानिक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने समिति के अन्य सदस्यों के साथ विधेयक के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया, जिससे इसके लागू होने के बाद आम नागरिकों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कानूनी सुधार की दिशा में बड़ा कदम

श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की कानून व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह विधेयक उसी दिशा में एक दूरगामी और महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने आगे कहा, “संविधान का 130वां संशोधन विधेयक देश की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। JPC की इस बैठक में हमारा प्रयास है कि सभी हितधारकों के हितों का संतुलन बनाया जाए और एक ऐसा प्रारूप तैयार हो जो राष्ट्र निर्माण में सहायक सिद्ध हो।”

महिला सशक्तिकरण:अब ई-रिक्शा खरीदना होगा आसान, महिला निर्माण श्रमिकों को मिलेगा डेढ़ लाख का अनुदान

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला — 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी से खुलेंगे आत्मनिर्भरता के रास्ते।

रायपुर, 24 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ में काम करने वाली महिला निर्माण श्रमिकों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने ई-रिक्शा खरीदने पर दी जाने वाली अनुदान राशि में 50 हजार रुपए की बढ़ोतरी करते हुए इसे एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दिया है। यह फैसला उन हजारों महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है, जो निर्माण क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरी करते हुए अपने परिवार का बोझ उठा रही हैं।

क्यों अहम है यह फैसला?
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों की आर्थिक स्थिति अक्सर अनिश्चित रहती है। मौसम, ठेकेदार और काम की उपलब्धता पर निर्भर इनकी आय में कोई स्थायित्व नहीं होता। ऐसे में ई-रिक्शा जैसा स्वरोजगार का साधन इन्हें न केवल नियमित आमदनी दे सकता है, बल्कि समाज में एक स्वतंत्र पहचान भी।

पहले एक लाख रुपए के अनुदान से ई-रिक्शा की पूरी कीमत नहीं चुकाई जा सकती थी, जिससे कई पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ लेने से पीछे हट जाती थीं। अब डेढ़ लाख रुपए की राशि से यह बाधा काफी हद तक दूर होगी।

कैसे मिलेगा लाभ?
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत महिला श्रमिक इस योजना के लिए पात्र हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पात्र महिलाओं को नियमानुसार यह राशि सीधे प्रदान की जाएगी।

सितंबर की घोषणा, फरवरी में अमल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर 2025 को इस बढ़ोतरी की घोषणा की थी। पांच महीने बाद इसे औपचारिक रूप से लागू किया गया है। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

जमीनी असर कितना होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दूरदराज के इलाकों में पंजीकृत महिला श्रमिकों तक यह जानकारी कितनी तेजी से पहुंचती है। ऑनलाइन आवेदन की बाध्यता उन महिलाओं के लिए चुनौती बन सकती है जो डिजिटल साधनों से परिचित नहीं हैं। सरकार को चाहिए कि ग्राम पंचायत और श्रम कार्यालयों के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।

“विकसित छत्तीसगढ़” का सपना?सुशासन की कसौटी पर बजट कितना खरा उतरेगा

प्रदेश के विकास को नई गति देगा बजट किसानों, गरीबों, युवाओं, मातृशक्ति और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है: मुख्यमंत्री श्री साय।

रायपुर_25/02/2026

छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया।बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर स्थित सभाकक्ष में कैबिनेट की बैठक पर बजट को मंजूरी दी गई ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट “सुशासन से समृद्धि की ओर” के नारे के साथ पेश किया है। नवनिर्मित विधानसभा भवन में प्रस्तुत यह तीसरा बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समाज के सशक्तीकरण का वादा लेकर आया है। लेकिन सवाल यह है — क्या यह बजट महज कागजी संकल्पों का पुलिंदा है, या वाकई बदलाव की आधारशिला?

सत्ता पक्ष की नजर में यह बजट समावेशी विकास की दिशा में मील का पत्थर है। व्यापारी वर्ग उद्योग-अनुकूल प्रावधानों से उत्साहित है, किसान कृषि-केंद्रित घोषणाओं को सराह रहे हैं और आमजन भविष्योन्मुखी योजनाओं में उम्मीद ढूंढ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने
इसे “भ्रष्टाचार का बजट” कहकर सीधा हमला बोला है। महतारी बंदन योजना की शिक्षित महिलाओं का हड़ताल पर होना और बेरोजगार युवाओं के लिए ठोस प्रावधानों की कमी — ये सवाल बजट की चमक पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हैं।

सच तो यह है कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में बजट की असली परीक्षा विधानसभा के पटल पर नहीं, बल्कि गांव की पगडंडियों, आदिवासी अंचल के स्कूलों और युवाओं के रोजगार में होती है। घोषणाएं प्रयास और परिणाम पर निर्भर है।घोषणाएं प्रेरित करती हैं, क्रियान्वयन परिवर्तन लाता है।



बेमेतरा जिले में अंधे कत्ल का खुलासा:बड़ा भाई ही निकला छोटे भाई का कातिल

अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में जिला बेमेतरा थाना बेरला पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता।

बेमेतरा 24/02/2026

पुलिस से जानकारी अनुसार प्रार्थी डामर उर्फ डोमार साहू उम्र 40 वर्ष, निवासी लावातरा थाना बेरला जिला बेमेतरा ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि
दिनांक 1 जनवरी 2025 को थाना बेरला क्षेत्र के लावातरा गांव में सनत कुमार साहू की उसके घर में घुसकर नुकीले हथियार से हत्या कर दी गई थी और शव को जलाने की कोशिश की गई थी। मामला अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) BNS के तहत दर्ज किया गया था।

जांच और खुलासा
घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू के निर्देशन में जांच टीम गठित की गई करीब 13 महीने की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि हत्या मृतक का सगा बड़ा भाई डामर उर्फ डोमार साहू (उम्र 40 वर्ष) ने की थी — वही व्यक्ति जिसने मामला दर्ज कराया था। संदेह होने पर उसका पॉलीग्राफ टेस्ट और ब्रेन मैपिंग टेस्ट FSL रायपुर से कराया गया, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया।

हत्या का कारण
जमीन विवाद — डामर के पास 16 एकड़ जमीन थी, जिसमें से उसने मृतक सनत को मात्र 1.45 एकड़ दी थी। सनत लगातार आधे हिस्से की मांग कर रहा था, जिससे दोनों भाइयों में रंजिश बढ़ती गई और अंततः डामर ने हत्या कर दी।
आरोपी को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।