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Sunday, November 1, 2026
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बेमेतरा भूजल स्तर :जल संरक्षण के लिए जिला सीईओ की बड़ी पहल, ग्राम रेवे से ‘रिचार्ज पिट’ निर्माण अभियान शुरू

बेमेतरा_ 02 मार्च 2026

बेमेतरा जिले के गिरते भूजल स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर को सुधारने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिला पंचायत बेमेतरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती प्रेमलता पद्माकर ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में विशेष जल संरक्षण अभियान का आगाज किया। उन्होंने बेरला विकासखंड के ग्राम पंचायत रेवे का सघन दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की।

हर घर में बनेगा ‘रिचार्ज पिट’: जल संकट से निपटने की तैयारी
निरीक्षण के दौरान जिला सीईओ ने ग्रामीणों को संबोधित कर जल संरक्षण के महत्व को समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में जल संकट से बचने के लिए ‘रिचार्ज पिट’ (भूजल पुनर्भरण गड्ढा) सबसे कारगर हथियार है।
अपील: सीईओ ने प्रत्येक परिवार से अपने घर के पास रिचार्ज पिट बनाने का आग्रह किया।
तकनीकी मार्गदर्शन: निर्माणाधीन पिट्स का अवलोकन कर इंजीनियरों को तकनीकी बारीकियों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

आवास और रोजगार की जमीनी हकीकत
श्रीमती पद्माकर ने केवल जल संरक्षण ही नहीं, बल्कि गांव की अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जानकारी ली:
प्रधानमंत्री आवास योजना: लाभार्थियों से सीधे बातचीत कर आवास निर्माण की प्रगति जानी और समय पर काम पूरा करने को कहा।
मनरेगा : कार्यस्थलों पर श्रमिकों से संवाद किया और मस्टरोल व भुगतान संबंधी जानकारी ली। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

शिक्षा और पोषण पर विशेष ध्यान
गांव के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान सीईओ ने बच्चों से आत्मीय चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य ट्रैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए।
प्रमुख उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत बेरला सीईओ दीप्ति मंडावी, अनुविभागीय अधिकारी (RES) आसित गोलछा, मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कश्यप सहित तकनीकी सहायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि (सरपंच पिंटू सिंहा) उपस्थित रहे। सरपंच ने ग्राम की समस्याओं को रखते हुए प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

जन जागरूकता से जनता को जल का महत्व
जन जागरूकता: लोगों को पता चलता है कि रिचार्ज पिट से उनके घर के बोरवेल या कुएं का जल स्तर बढ़ेगा।
काम में पारदर्शिता: सरकारी अधिकारियों के दौरे से स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार कम होता है और कार्यों में तेजी आती है।
जनता से सीधा संपर्क: ग्रामीणों को अपनी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।


तमिलनाडु विकास यात्रा: मदुरै में पीएम मोदी ने 4400 करोड़ से अधिक की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का किया उद्घाटन

किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा।

मदुरै भारत/02/03/2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है।

रोजगार सृजन का अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी।

4000 किमी से अधिक राजमार्गों का निर्माण
उन्होंने कहा पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है।

वार्षिक आबंटन में 9 गुना वृद्धि
श्री मोदी ने कहा यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है।

तमिलनाडु में 9 वन्देभारत 9 अमृत भारत ट्रेनें
पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं।

मेक इन इंडिया से भारत की आत्मनिर्भरता हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है।

उन्होंने विकास की बात रखते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाने कहा इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ‘मेक इन इंडिया’ की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है।

2026 की बजट पर भी तमिलनाडु का ध्यान
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में पूर्ण समृद्धि के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव है। ये कॉरिडोर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध कर ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे।

ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर बनाया जाएगा
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित के साथ 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु लक्ष्य में है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

इससे पहले पीएम मोदी ने थिरुप्परनकुंद्रम में अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की। (इनपुट-एजेंसी)

यूपीआई में भारत फास्ट: यूपीआई ने फरवरी में तोड़ा रिकॉर्ड, 27% उछाल और 26 लाख करोड़ का ट्रांजेक्शन!

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भारत और इजरायल ने पिछले सप्ताह यूपीआई के सीमा-पार उपयोग को सक्षम करके अपनी डिजिटल और वित्तीय साझेदारी को और गहरा करने की घोषणा की।

डिजिटल डेस्क _ 02 मार्च 2026

यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने फरवरी में नया जलवा दिखाया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार:

ट्रांजेक्शन वॉल्यूम 20.39 अरब (पिछले साल से 27% बढ़ोतरी)ट्रांजेक्शन वैल्यू 26.84 लाख करोड़ रुपये (22% सालाना ग्रोथ)प्रतिदिन औसत 728 मिलियन ट्रांजेक्शन और 95,865 करोड़ रुपये का लेनदेन (जनवरी से बेहतर)

जनवरी में भी UPI ने 21.70 अरब ट्रांजेक्शन (28% YoY ग्रोथ) और 28.33 लाख करोड़ वैल्यू दर्ज की थी।
अन्य पेमेंट सिस्टम्स की झलक
IMPS 336 मिलियन ट्रांजेक्शन (14% YoY बढ़ोतरी), वैल्यू 6.42 लाख करोड़
FASTag 350 मिलियन ट्रांजेक्शन, वैल्यू 6,925 करोड़ (5% ग्रोथ)

ग्लोबल एक्सपैंशन: UPI अब UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस, कतर समेत 8+ देशों में सक्रिय। हाल ही में भारत-इजरायल ने सीमा-पार UPI को मंजूरी दी, जो रेमिटेंस को तेज और सस्ता बनाएगा।इस प्रक्रिया में, यूपीआई इजरायल के घरेलू भुगतान ढांचे से जुड़ेगा ताकि डिजिटल लेनदेन तेज और अधिक किफायती हो सकें।

वित्त मंत्रालय के अध्ययन में UPI भारत के कुल पेमेंट्स का 57% हिस्सा बन चुका है—नकद (38%) को पछाड़ते हुए। इसकी लोकप्रियता आसान इस्तेमाल और इंस्टेंट ट्रांसफर से है।
(इनपुट-आईएएनएस)

पण्डरिया शक्कर कारखाना: भ्रष्टाचार का ‘कड़वा’ सच? 13 बिंदुओं में खुली धांधली की पोल

भ्रष्टाचार का कच्चा चिट्ठा; कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत ( कलेक्टर को लिखे जांच पत्र के आधार पर)जांच की मांग।

पण्डरिया (कबीरधाम) 01/03/2026

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाने में करोड़ों के घोटाले की आहट सुनाई दे रही है। भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने कारखाना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कलेक्टर कबीरधाम को 13 बिंदुओं का एक विस्तृत जांच पत्र सौंपा है। इस पत्र में उद्योग, किसानों और मजदूरों के हितों को ताक पर रखकर किए गए भ्रष्टाचार के सनसनीखेज दावे किए गए हैं।

मुख्य आरोप: बाजार से दोगुनी और 10 गुना ऊंची दरों पर खरीदी ।दस्तावेजों के अनुसार, कारखाने में खरीदी प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई है:
चूना खरीदी: जो चूना उत्पादक ₹7,000 प्रति टन में देने को तैयार था, उसे ₹14,000 प्रति टन की दर पर खरीदा गया।
पी.पी. बैग: ₹20 के बैग को ₹10 प्रति बैग अतिरिक्त दर पर खरीदा गया।
इंजीनियरिंग सामान: वाल्व और अन्य मशीनी सामानों को बाजार रेट से 10 गुना अधिक कीमत पर खरीदने का आरोप है।

राजस्व को चपत: शीरा (मोलासिस) बिक्री में खेल संघ ने शीरा बिक्री में सीधे तौर पर ₹12 लाख के नुकसान का दावा किया है:
समान निविदा: वर्धमान ट्रेडर (₹13,212) और शुभम ट्रेडर (₹13,213) को 1000-1000 टन का ऑर्डर दिया गया।
बाजार दर की अनदेखी: जबकि बालोद में बाजार भाव ₹13,900 था, जिससे प्रति टन ₹600 से अधिक की हानि हुई।
क्वालिटी में संदेह: सी-हैवी मोलासिस तैयार कर उसे बी-हैवी के बराबर बताकर शुद्धता से समझौता करने का आरोप है।

तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही
खराब फ्लो मीटर: पूरे पेराई सत्र में फ्लो मीटर बंद रहा, जिससे उत्पादन और वजन की गणना केवल ‘अनुमान’ पर की गई।
फर्जी ठेके: WTP संचालन के लिए ₹4.5 लाख और शुगर बैग हैंडलिंग के लिए ₹5.5 लाख प्रतिमाह का भुगतान बाहरी कंपनियों को किया जा रहा है, जबकि काम स्थानीय श्रमिक ही कर रहे हैं।
श्रम कानूनों का उल्लंघन: 21 नवंबर 2025 से लागू नए कानून के बावजूद 8-9 साल पुराने श्रमिकों को निकाला जा रहा है।
पर्यावरण एनओसी: पिछले 3 वर्षों से ई.टी.पी. (ETP) के पास वैध पर्यावरण एनओसी तक नहीं है।

जांच पर निष्कर्ष: भारतीय मजदूर संघ ने कलेक्टर से इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रशासनिक घोटाला साबित हो सकता है।

रायपुर नगर निगम का बुलडोजर एक्शन: लालपुर में 20,000 sq ft अवैध कॉम्प्लेक्स ढहाया

शासकीय जमीन में 9-10 दुकानें और 71 PG कमरे बनाना हौंसले का काम है नगर निगम की मुस्तैद प्रशासन से ही यह धराशाई हुआ है।

रायपुर_1 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लालपुर इलाके में नगर निगम ने शासकीय जमीन पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर से ढहा दिया। करीब 20,000 वर्गफीट सरकारी जमीन पर बने इस भवन में 9-10 दुकानें चल रही थीं, ऊपरी हिस्से में 71 PG कमरे बने थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सीमांकन के बाद कार्रवाई शुरू हुई।

निगम अमले ने पूर्व सूचना देकर परिसर खाली कराया। नायब तहसीलदार ज्योति सिंह ने बताया कि यह लंबित मामला था, शिकायतों पर जांच में निर्माण अवैध साबित हुआ। बुलडोजर एक्शन से दुकानदार और PG संचालक प्रभावित हुए।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु
लालपुर, क्षेत्र में शासकीय भूमि पर बहुमंजिला भवन।
हटाए गए हिस्से: 9-10 निजी दुकानें, 71 PG कमरे, कुल 20,000 sq ft।
कारण: अवैध कब्जा, नोटिस के बाद अनुपालन न होने पर बुलडोजर।
सुरक्षा: पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात।

आगे का प्लान और जनप्रतिक्रिया
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासकीय जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। शहरभर में इसी तरह सख्ती होगी। स्थानीय लोगों में मिश्रित राय—कुछ ने इसे सराहा, प्रभावितों ने वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की।

अवैध कब्जा करना आज की समय में सामान्य हो गया है। लेकिन इस पर प्रशासन और नगर निगम पालिका को सख्त होना चाहिए और अवैध निर्माण को तत्काल रूप से हटाने का प्रयास करना चाहिए ।बेमेतरा में भी विभिन्न जगहों में अवैध निर्माण जोर पकड़ा हुआ है देखना है प्रशासन का ध्यान कब जाता है।

नागपुर बारूद फैक्ट्री विस्फोट: 17 की मौत, 17 घायल, राष्ट्रपति और PM ने जताया शोक

नागपुर 1 मार्च 2026

महाराष्ट्र के नागपुर में रविवार सुबह एक बारूद बनाने वाली फैक्ट्री में भयंकर विस्फोट हो गया। इस हादसे में 17 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 17 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक है।

ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि फैक्ट्री में बारूद उत्पादन का काम चल रहा था, तभी अचानक विस्फोट हुआ। हादसे के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसे दमकलकर्मी बुझाने में जुटे हैं। बचाव कार्य जारी है, और मलबे में और शव मिलने की आशंका है।

नेताओं ने व्यक्त किया शोक और दी राहत की घोषणा
इस दुखद घटना पर देश के शीर्ष नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर कहा, “नागपुर फैक्ट्री विस्फोट से लोगों के हताहत होने का समाचार सुनकर गहरा दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से राहत राशि की घोषणा की।प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये।घायलों को 50,000 रुपये।

PM ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “नागपुर फैक्ट्री विस्फोट अत्यंत दुखद। मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं। घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना। स्थानीय प्रशासन सहायता कर रहा है।”

विस्फोट का कारण और जांच
-प्रारंभिक जांच में विस्फोट का कारण **बारूद उत्पादन के दौरान तकनीकी खराबी या सुरक्षा लापरवाही बताया जा रहा है।NDRF टीमें मौके पर पहुंचीं; फैक्ट्री मालिक के खिलाफ FIR दर्ज। यह घटना नागपुर के ग्रामीण इलाके में हुई, जो औद्योगिक क्षेत्र के करीब है।

(PIB दिल्ली से अपडेटेड जानकारी, 1 मार्च 2026, 12:09 PM)




भारतीय विमानन क्षेत्र हाई अलर्ट पर: मिडिल ईस्ट संकट पर मंत्रालय ने की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

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नई दिल्ली, 28 फरवरी 2026: (खबर स्त्रोत पीआईबी)

मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तेजी से बदलती परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत के नागर विमानन मंत्रालय ने विमानन तैयारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा की है। नागर विमानन मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में मंत्रालय के सचिव, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और प्रमुख एयरलाइन ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों और ‘नोटाम’ (NOTAM) के बीच भारतीय यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना था।
सरकार ने अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ान भरने वाली सभी भारतीय एयरलाइनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे हवाई क्षेत्र संबंधी चेतावनियों और मार्ग प्रतिबंधों पर निरंतर नज़र रखें।

एयरलाइनों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आवश्यकतानुसार उड़ानों का मार्ग परिवर्तन (Re-routing) या समय पुनर्निर्धारण करने को कहा गया है। इसके साथ ही, देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को संभावित अनियोजित लैंडिंग और डायवर्जन के प्रबंधन हेतु सतर्क कर दिया गया है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नागर विमानन मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ संपर्क में है, ताकि विदेशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की किसी भी आपातकालीन जरूरत को समय रहते पूरा किया जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइनों के साथ निरंतर संपर्क में रहें और उड़ानों के समय में होने वाले किसी भी संभावित बदलाव की जानकारी लेते रहें। सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे की एडवाइजरी जारी की जाएगी।

मिडिल ईस्ट संकट: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, शांति और डिप्लोमेसी की अपील

युद्ध का मार्ग त्यागें: शांति समझौते और कूटनीतिक बातचीत से ही संभव है विवाद का स्थायी हल

नई दिल्ली_28 फरवरी 2026

ईरान और खाड़ी देशों के बीच बिगड़ते हालातों पर भारत सरकार ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान जारी कर क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और सभी पक्षों को तुरंत हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत की मेज पर आना चाहिए।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान
विदेश मंत्रालय द्वारा 28 फरवरी 2026 को जारी बयान में कहा गया कि भारत इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव से बेहद चिंतित है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संबंधित देशों से अपील की है कि:
तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकी जाए और सभी पक्ष अधिकतम संयम बरतें।
विवादों का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।
आम नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन प्राथमिकता होनी चाहिए।

भारतीय नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी
ईरान और इजरायल सहित खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में हैं। सरकार ने एक विशेष एडवाइजरी जारी कर निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
भारतीय नागरिक पूरी तरह सतर्क रहें और स्थानीय सुरक्षा नियमों का पालन करें।
दूतावास के साथ संपर्क में रहें और अपनी जानकारी साझा करें।
क्षेत्र की संप्रभुता का सम्मान करते हुए तनाव कम करने के प्रयासों में सहयोग दें।

यूरोप में हड़कंप: आपात बैठकों का दौर जारी
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद यूरोपीय देशों में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया है। मिडिल ईस्ट में फैले अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यूरोपीय संघ (EU) ने कदम तेज कर दिए हैं:
फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।

ब्रिटेन और जर्मनी: दोनों देश अलग-अलग इमरजेंसी मीटिंग कर रहे हैं ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके।
निकासी अभियान: यूरोपीय संघ ने कुछ क्षेत्रों से अपने स्टाफ को सुरक्षित निकालना शुरू कर दिया है।

अमेरिकी रुख और कूटनीतिक दुविधा
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, जिसमें उन्होंने ईरानी जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील की है। इस बयान के बाद यूरोपीय सहयोगियों के सामने एक बड़ी कूटनीतिक दुविधा पैदा हो गई है, जिससे वैश्विक शांति के प्रयासों को धक्का लगने की आशंका जताई जा रही है।

(खबर मीडिया सूत्रों पर आधारित,हमारा उद्देश्य पाठकों तक केवल जानकारी पहुँचाना है)

प्रेस वार्ता:_ऐतिहासिक बजट ‘संकल्प’ से संवरेगा प्रदेश, छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य – अमित चिमनानी

यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक दूरदर्शी दस्तावेज है।”

बेमेतरा_ 28 फरवरी 2026

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने राज्य बजट को छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं का ‘संकल्प पत्र’ करार दिया है। शनिवार को बेमेतरा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता पर उन्होंने कहा कि यह बजट भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो प्रदेश को विकास की सुपरफास्ट ट्रैक पर ले जाने का सामर्थ्य रखता है।

पिछली सरकार के ‘गड्ढों’ को भरने वाला बजट है।
श्री चिमनानी ने कहा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत यह बजट पिछले शासनकाल के दौरान बने भ्रष्टाचार के गढ़ और विकास की बाधाओं को दूर करने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक और पारदर्शिता के मेल से जो वित्तीय ढांचा तैयार किया गया है, वह छत्तीसगढ़ को देश के टॉप राज्यों की सूची में शुमार करेगा। बजट की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इसे ‘पॉलिसी से परिणाम’ तक पहुँचने वाला माध्यम बताया।
ज्ञान और गति के बाद अब ‘संकल्प’ की बारी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बजट पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “हमारी सरकार का पहला बजट ‘ज्ञान’ पर आधारित था और दूसरा ‘गति’ पर। इस वर्ष का बजट ‘संकल्प’ की थीम पर केंद्रित है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संकल्प समावेशी विकास, सुदृढ़ अधोसंरचना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के जरिए साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

पांच विशेष मिशनों से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर
बजट की प्रमुख घोषणाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री चिमनानी ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए निर्धारित 5 विशेष मिशनों का उल्लेख भी किया।

मीडिया का सवाल( प्रेस वार्ता के अनछुए पहलू)
प्रेस वार्ता से विश्लेषण :बजट का कुल खर्च 1.72 लाख करोड़ है, जबकि प्राप्तियां केवल 1.45 लाख करोड़ हैं। इसमें भी 46% हिस्सा केंद्र की सहभागिता का है।
यदि केंद्र में गैर-भाजपा सरकार होती, तो क्या यह ‘संकल्प’ सिद्धि की ओर बढ़ पाता।महिलाएं हड़ताल पर है,युवाओं को वर्तमान में रोजगार नहीं है। अनियमित कर्मचारियों को कैशलेश ट्रिटमेंट सुविधा का आभाव है बजट सर्व समावेशी में कम दिखता है।

बजट में महिलाओं के लिए भारी भरकम फंड और ‘महतारी वंदन योजना’ का उल्लेख तो है, लेकिन अनछुए प्रश्न भी है ।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निरंतर जारी हड़ताल और अनियमित महिला कर्मचारियों की अनदेखी का मुद्दा भी तो है।
सवाल: क्या यह बजट केवल ‘वोट बैंक’ की सिद्धि के लिए है? सामूहिक महिला विकास और संविदा कर्मचारियों की मांगों पर बजट में चुप्पी क्यों है?

मीडिया का सवाल “युवा वर्तमान में जीता है, वृद्ध अतीत में और बच्चा भविष्य में”। बजट में भविष्य के विजन (AI और तकनीकी मिशन) की तो बात है, लेकिन तत्काल रोजगार सृजन के स्पष्ट उल्लेख की कमी पर सवाल है।
वर्तमान में बेरोजगार युवाओं के लिए तत्काल राहत की क्या योजना है? ग्रामीण मजदूरों के लिए बजट में शहरी मजदूरों जैसी स्पष्टता क्यों नहीं है?

कर्मचारियों का ‘कैशलेस ट्रीटमेंट’ और संविदा कर्मियों का संशय
बजट में कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा का प्रावधान है, लेकिन इसकी स्पष्टता को लेकर सवाल खड़े हुए?जोखिम तो बराबर का है।
मुद्दा: क्या यह सुविधा अनियमित और संविदा कर्मचारियों को भी मिलेगी? यदि नहीं, तो क्या यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास‘ के समावेशी सिद्धांत के विपरीत नहीं है?

खबर विश्लेषण एवं निष्कर्ष: मीडिया के नजरिए से यह सवाल उठता है क्या यह बजट केवल पार्टी के एजेंडे की पूर्ति है या आम जनता के लिए ‘सर्व समावेशी’ दस्तावेज? भाजपा प्रवक्ता ने इन सभी शंकाओं को नकारते हुए इसे ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव बताया।


गांजा तस्करी रायगढ़ पुलिस कार्रवाई: सरगुजा के दो गांजा तस्कर गिरफ्तार,12 किलो मादक पदार्थ जब्त

आरोपियों ने पूछताछ में गांजा बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उनके खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(b) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस की विस्तृत जांच जारी है।

रायगढ़_28 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। तमनार थाना पुलिस ने घेराबंदी कर सरगुजा जिले के दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर अवैध गांजा लेकर हमीरपुर और धौराभांठा के रास्ते पत्थलगांव की ओर जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।

घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस ने बांधा पाली पंडरी डबरी तालाब के पास मुख्य सड़क पर रणनीतिक घेराबंदी की। कुछ ही समय बाद एक संदिग्ध नीले-काले रंग की बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने रोक लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
सुरेंद्र कुमार राजवाडे: निवासी रफेली, थाना दरिमा (जिला सरगुजा)। नरेश यादव: निवासी रतनपुर पाठी पारा, थाना सीतापुर (जिला सरगुजा)।

जब्त सामग्री और कार्रवाई
पुलिस द्वारा ली गई तलाशी में आरोपियों के पास से प्लास्टिक की बोरी में पैकेट बनाकर रखा गया 12 किलो गांजा बरामद हुआ।
गांजे की अनुमानित कीमत: लगभग 70,000 रुपये।
कुल जब्त संपत्ति: 1,07,000 रुपये (गांजा और मोटरसाइकिल सहित)।