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Sunday, November 1, 2026
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पश्चिम एशिया संकट रूस की भारत को पेशकश _होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट

नई दिल्ली _05/03/2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मचा दी है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने की खबरों के बाद भारत की अर्थव्यवस्था और तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।जलडमरूमध्य (Strait) पानी का एक ऐसा प्राकृतिक और संकरा मार्ग होता है, जो दो बड़े जल निकायों (जैसे महासागर या समुद्र) को जोड़ता है और दो बड़े भूभागों को अलग करता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है।वैश्विक आपूर्ति: दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20% और एलएनजी (LNG) का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।इस पर भारत की निर्भरता_ भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 40-50% और एलएनजी का 60% इसी समुद्री मार्ग के जरिए आयात करता है।

भारत पर क्या होगा असर?
यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है, तो भारत को निम्नलिखित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
कीमतों में उछाल: कच्चे तेल की कीमतों में 10-15% की वृद्धि पहले ही देखी जा चुकी है, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है।आपूर्ति में कमी: खाड़ी देशों (सऊदी अरब, इराक, यूएई) से आने वाला तेल रुक सकता है।महंगाई: परिवहन लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीजों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं।

रूस की ‘फ्रेंडली’ पेशकश: 95 लाख बैरल तेल
इस संकट के बीच भारत के पुराने मित्र रूस ने मदद का हाथ बढ़ाया है। तत्काल मदद: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस लगभग 95 लाख (9.5 मिलियन) बैरल कच्चा तेल भारत भेजने को तैयार है। रास्ते में जहाज: रूसी तेल से लदे कई जहाज पहले से ही भारतीय समुद्री क्षेत्र के करीब हैं, जो अगले कुछ हफ्तों में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच सकते हैं।डिस्काउंट की उम्मीद पर मौजूदा संकट को देखते हुए रूस भारत को रियायती दरों पर तेल की आपूर्ति जारी रख सकता है।

भारत की तैयारी: कितना है रिजर्व? सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत के पास किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त भंडार है। रणनीतिक भंडार पर बात करें तो भारत के पास लगभग 25 दिनों की खपत को पूरा करने के लिए कच्चे तेल का स्टॉक उपलब्ध है। विकल्पों की तलाश पर भारत अब खाड़ी देशों के अलावा रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से तेल आयात बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

खबर निष्कर्ष: हालांकि स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन रूस की मदद और भारत के अपने रणनीतिक भंडार फिलहाल एक ‘बफर’ का काम कर रहे हैं। यदि तनाव और बढ़ता है, तो सरकार को नए ऊर्जा समझौतों और घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।

जनऔषधि सप्ताह 2026: होली के बीच भी जारी रहे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

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नई दिल्ली_05/03/2026

जनऔषधि सप्ताह 2026 के चौथे दिन देशभर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविरों का आयोजन जारी रहा। होली के त्योहार के बावजूद नागरिकों ने इन शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

क्या मिला लोगों को इन शिविरों में?
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) की ओर से आयोजित इन शिविरों में लोगों को मिला:
निःशुल्क चिकित्सा परामर्श
रक्तचाप, रक्त शर्करा और थायरॉइड परीक्षण
बाल चिकित्सा देखभाल
जनऔषधि दवाएं और सुविधा सैनिटरी पैड का वितरण
जेनेरिक दवाओं के फायदों पर जागरूकता सत्र

कहां-कहां लगे शिविर?
चौथे दिन शिविर इन प्रमुख स्थानों पर आयोजित हुए:
कर्नाटक – डोड्डाबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण, हावेरी, बेंगलुरु शहरी
महाराष्ट्र – मोहोल, सोलापुर
जम्मू-कश्मीर – नौहट्टा, डाउन टाउन श्रीनगर
आंध्र प्रदेश – पालनाडु
पूरे सप्ताह देशभर के 250 से अधिक स्थानों पर ये शिविर लगाए जा रहे हैं।

जनऔषधि परियोजना — सस्ती दवाओं की गारंटी
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत देशभर में 18,000 से अधिक जनऔषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं मिलती हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक 25,000 केंद्र स्थापित किए जाएं, ताकि हर नागरिक को जरूरी दवाएं आसानी से मिल सकें।
खोलें अपना जनऔषधि केंद्र
अगर आप फार्मासिस्ट, डॉक्टर या उद्यमी हैं और जनऔषधि केंद्र खोलना चाहते हैं, तो www.janaushadhi.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन भी दिया जाता है।

7 मार्च 2026 को 8वां जनऔषधि दिवस मनाया जाएगा। यह अभियान 1 से 5 मार्च तक चला, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के प्रति जागरूक करना है।

राज्यसभा चुनाव 2026: कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ से फूलों देवी नेताम अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से उम्मीदवार

नई दिल्ली/36 गढ़/शिमला _05/03/2026

राज्यसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों और कांग्रेस के उम्मीदवारों के चयन पर बात करें तो आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस बार ‘स्थानीय चेहरे’ और ‘जातीय समीकरणों’ को साधते हुए कई चौंकाने वाले नाम सामने रखे हैं। हिमाचल प्रदेश से लेकर हरियाणा और छत्तीसगढ़ तक, कांग्रेस की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा पर भरोसा जता प्रदेश में बाहरी बनाम स्थानीय की बहस को विराम देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्थानीय कार्ड खेला है।
यहां से कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

रणनीति तो कहती है कांगड़ा राज्य का सबसे बड़ा जिला है और ब्राह्मण चेहरा होने के नाते अनुराग शर्मा का चयन ठाकुर-ब्राह्मण समीकरण को संतुलित करने की कोशिश है।

खास बात भी है कि आज अनुराग शर्मा का जन्मदिन भी है, जिसे पार्टी ने टिकट के उपहार के साथ खास बना दिया है। हरियाणा से दलित नेतृत्व को बढ़ावा दिया गया है। कांग्रेस ने पूर्व सरकारी अधिकारी कर्मवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारकर सबको हैरान कर दिया है।

पृष्ठभूमि झांके तो अंबाला के रहने वाले बौद्ध दलित समुदाय से आते हैं।
समीकरण उदयभान और अशोक तंवर जैसे दिग्गजों के नाम चर्चा में थे, लेकिन पार्टी ने एक नए और शिक्षित दलित चेहरे को प्राथमिकता दी है ताकि राज्य में नया नेतृत्व तैयार किया जा सके। छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को दुबारा मौका,प्रदेश की दो राज्यसभा सीटों के लिए कांग्रेस ने अपनी मौजूदा सांसद पर ही भरोसा जताया है। वरिष्ठ आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम पर।

प्रतिद्वंद्वी पार्टी भाजपा ने यहाँ से लक्ष्मी वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है।चुनाव गणित पर विधानसभा की सदस्य संख्या (भाजपा 54, कांग्रेस 35) के आधार पर दोनों पार्टियों का एक-एक उम्मीदवार निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

तेलंगाना और तमिलनाडु: दिग्गजों की एंट्री
दक्षिण भारत में कांग्रेस ने अपने सबसे मजबूत कानूनी और राजनीतिक चेहरों को जगह दी है।तेलंगाना से प्रख्यात अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और वी. नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया है। सिंघवी का राज्यसभा जाना पार्टी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कानूनी मोर्चे को मजबूती देगा। तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे।

1.नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि | 5 मार्च 2026 |
2.नामांकन पत्रों की जांच | 6 मार्च 2026 |
3. नाम वापसी की अंतिम तिथि | 9 मार्च 2026 |
4.मतदान की तिथि | 16 मार्च 2026 (सुबह 9 – शाम 4 बजे) |
5.मतगणना और परिणाम | 16 मार्च 2026 (शाम 5 बजे से) |

डोंगरगढ़ में राज्य स्तरीय जुजीत्सु रेफरी, जज एवं कोच प्रशिक्षण उत्साह और अनुशासन के साथ सम्पन्न

डोंगरगढ़ राजनांदगांव _04/03/2026

डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) की पावन धरती पर 28 फरवरी से 1 मार्च तक राज्य स्तरीय जुजीत्सु रेफरी, जज एवं कोच प्रशिक्षण एवं परीक्षा का भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर प्रदेश में जुजीत्सु खेल को संगठित, अनुशासित और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने का सशक्त प्रयास बना।

इस प्रशिक्षण में नेवाज़ा एवं फाइटिंग सिस्टम विधाओं के अंतर्गत प्रैक्टिकल और थ्योरी सत्र आयोजित किए गए। राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, बालोद, दुर्ग, रायपुर, कांकेर, बस्तर, महेंद्रगढ़, चिरमिरी, बलरामपुर, बिलासपुर और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों से आए 25 समर्पित रेफरियों ने सहभागिता कर अपनी प्रतिबद्धता और खेल भावना का परिचय दिया।

प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होकर पूरे दिन गहन सत्रों में संचालित हुआ। प्रतिभागियों को अद्यतन नियम, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैच संचालन, स्कोरिंग प्रणाली की बारीकियां, फाउल एवं पेनल्टी, खिलाड़ियों की सुरक्षा, समय प्रबंधन तथा आपात स्थितियों में निष्पक्ष निर्णय लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। वास्तविक मैच परिस्थितियों का सृजन कर अभ्यास कराया गया, जिससे प्रतिभागियों के निर्णय कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

प्रथम दिवस ने बढ़ाया उत्साह
प्रथम दिवस जिला जूजित्सू संघ अध्यक्ष विवेक मोनू भंडारी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने प्रदेश संघ की आधिकारिक रेफरी किट एवं ड्रेस वितरित करते हुए कहा कि “रेफरी खेल की गरिमा और निष्पक्षता के संरक्षक होते हैं। उनका प्रत्येक निर्णय खिलाड़ियों के भविष्य को दिशा देता है।” उनके प्रेरक संबोधन से प्रतिभागियों में नई उमंग और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

परीक्षा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन
द्वितीय दिवस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक राणा अजय सिंह द्वारा प्रैक्टिकल एवं लिखित परीक्षा आयोजित की गई।
नेवाज़ा इवेंट: सुरेश प्रसाद शांडिल्य, असजद रजा
फाइटिंग सिस्टम: तेजस राहुल, दुर्गेश मोठघरे, शिवदयाल पाटिल
सहयोगी के रूप में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता राणा वसुंधरा सिंह एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी अनुज दमानी की उपस्थिति ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

उत्कृष्ट व्यवस्थाएं और समापन
राजनांदगांव जिला जूजित्सू संघ द्वारा आवास, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिससे वातावरण पूर्णतः अनुशासित और प्रेरणादायक बना रहा। समापन अवसर पर सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
यह आयोजन तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ प्रदेश में जुजीत्सु खेल के विकास, संगठनात्मक मजबूती और खेल भावना के सशक्त प्रसार का प्रतीक सिद्ध हुआ। निस्संदेह, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश के रेफरियों को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम माना जाएगा।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी होली की शुभकामनाएं: रंगों का त्योहार सबके लिए ‘खुशियों की बहार’ लाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रंगों के त्योहार होली के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि “हर किसी के जीवन में सुख‑समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार हो”।

नई दिल्ली_04/03/2026(पीआईबी)

होली पर पीएम मोदी का संदेश: रंग, उमंग और एकता का पर्व
पीएम मोदी ने आज बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा:
“सभी देशवासियों को होली की अनंत शुभकामनाएं। रंग और उमंग से भरा यह त्योहार सबके लिए खुशियों की बहार लेकर आए। हर किसी के जीवन में सुख‑समृद्धि और सफलता के रंगों की बौछार हो, यही कामना है।”

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि होली पूरे माहौल में नई ऊर्जा भर देता है और खुशियों के रंग हर किसी को आनंद से सराबोर कर देते हैं।

‘संस्कृत सुभाषितम्’ के जरिए ऋतु और उत्सव का साक्षात्कार

पीएम मोदी ने होली पर एक संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया, जिसमें वसंत की हवा, बिखरे फूलों और मधुर गीतों के जरिए प्रेम और जीवन में नई चेतना की भावना का वर्णन है।इस सुभाषित ने होली को सिर्फ रंगों का त्योहार ही नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव भावनाओं के सुंदर मिलन के रूप में पेश किया है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने भी होली के प्रति संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार प्रेम, आशा और आपसी एकता को मजबूत करता है और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। मेरी कामना है कि यह पर्व सबके जीवन में खुशियां लेकर आए और हम सब मिलकर एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें।”

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने होली को अच्छाई पर बुराई की जीत और बसंत के आगमन का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह त्योहार भाईचारे, साझा खुशी और ‘विकसित भारत’ की मानसिकता को बढ़ावा देता है। एक्स’ पोस्ट में “यह खूबसूरत त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत और बसंत के आने का जश्न मनाता है, जो हमारी सभ्यता की नई शुरुआत, उम्मीद और जोश का प्रतीक है।”


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने UP सरकार को नोटिस भेजा यूपी गोरखपुर नेत्र शिविर हादसा

गंभीर स्वास्थ्य लापरवाही ।मोतियाबिंद ऑपरेशन से 9 मरीजों की आंख निकली, 9 की रोशनी गई।यह घटना केवल “एक हादसा” नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में गहरी लापरवाही, नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाने और जवाबदेही की कमी का जीवित प्रमाण है।(फोटो सांकेतिक है)

नई दिल्ली,4 मार्च 2026:

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एक निजी अस्पताल में मोतियाबिंद सर्जरी की लापरवाही का स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर आयोग ने इसे मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला माना है।

क्या हुआ नेत्र शिविर में?
1 फरवरी 2026 को आयोजित शिविर में 30 मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी की गई।निजी अस्पताल और यहाँ तक कि कुछ सरकारी नेत्र शिविर भी टार्गेट‑आधारित सोच पर चलते हैं: ज्यादा मरीज, ज्यादा मुनाफा या ज्यादा “प्रदर्शन का आंकड़ा”।

सर्जरी के बाद
सर्जरी के 24 घंटे बाद मरीजों को आंखों में तेज दर्द और स्राव की शिकायत हुई।इसी दौड़ में इंफेक्शन कंट्रोल प्रोटोकॉल, यंत्रों की ठीक से स्टरीलाइजेशन, दवाओं की एक्सपायरी जांच जैसी बुनियादी बातें नजरअंदाज हो जाती हैं। कुल 18 मरीज संक्रमित हो गए 9 की संक्रमित आंख निकालनी पड़ी, जबकि 9 अन्य की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।

गंभीर हालत में मरीजों को दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के अस्पतालों में भेजा गया।रेगुलेशन की कम सुरक्षा बेल्ट निजी अस्पतालों पर नियमित और कड़ी निगरानी नहीं होती; जब तक ऐसी ट्रेजडी नहीं होती, तब तक शिकायतें या छोटी‑मोटी गड़बड़ियाँ अक्सर दबा दी जाती हैं।

NHRC का सख्त कदम
20 फरवरी 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पर NHRC ने तत्काल कार्रवाई की। आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। PIB दिल्ली द्वारा 3 मार्च 2026 को जारी प्रेस नोट में यह जानकारी दी गई।

गरीबी लाचारी का फायदा उठाते निजी अस्पताल
यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और निजी अस्पतालों की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। आयोग ने पीड़ितों के स्वास्थ्य और सम्मान के अधिकारों का हवाला दिया है।ज्यादातर शिविर में लाभार्थी गरीब, ग्रामीण या शहरी निर्धन लोग होते हैं, जो डॉक्टरों से सवाल करने या फॉलो‑अप के लिए समय/पैसा नहीं रखते।ऐसे माहौल में लापरवाही जारी रहती है, क्योंकि “जिम्मेदारी का दबाव” कम लगता है।

36 गढ़ में भी निजी अस्पतालों के नियम पर ध्यान नहीं?
यह मामला सिर्फ एक निजी अस्पताल की गलती नहीं, बल्कि एक संस्थागत लापरवाही की चेतावनी है, जहाँ नियम हैं, रिपोर्ट हैं, कमेटियाँ हैं, लेकिन जमीन पर इंसानी जान और ज़िंदगी से जुड़ी जवाबदेही अभी भी ढीली है।


मिडिल ईस्ट संकट_ सरहद पार की आग और भारत की सियासत

चर्चा जन चौपाल 36 _03/02/2026

(स्थान: ज्योतिपति अपने बैठक में अखबार पढ़ रहे हैं और ज्वाला मोबाइल पर तेजी से खबरें स्क्रॉल कर रहा है)

ज्योतिपति: (चश्मा ठीक करते हुए) देखो ज्वाला, ये अंतरराष्ट्रीय राजनीति भी बड़ी अजीब पहेली है। ईरान के सुप्रीमो खामेनेई की मौत की खबर ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। समझ नहीं आता कि ये अमेरिका, ईरान और इजरायल की उलझन आखिर खत्म कहाँ होगी? एक देश दूसरे की अर्थव्यवस्था और वजूद को मिटाने पर तुला है। येविदेश नीति आम आदमी की समझ से परे है।

ज्वाला: (आवेश में फोन मेज पर रखते हुए) ज्योतिपति जी, नीति अपनी जगह है, पर लोगों का गुस्सा देखिए! सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है—एक महिला खामेनेई की जलती तस्वीर से सिगरेट सुलगा रही है। तेहरान और कराज जैसे शहरों में तो जैसे लोग सड़कों पर जश्न मना रहे हैं। जहाँ तस्वीर जलाना मौत की सजा के बराबर हो, वहाँ ऐसा साहस… ये मामूली बात नहीं है!

ज्योतिपति: (धैर्य से) शांत हो जाओ ज्वाला, जज्बात में आकर खबर की गहराई नहीं भूलनी चाहिए। मैंने भी वो वीडियो देखा है। लेकिन तुम्हें पता है? रॉयटर्स की फैक्ट-चेक रिपोर्ट कहती है कि वो वीडियो ईरान का नहीं, बल्कि कनाडा का है। वो महिला ‘मोर्टिशिया एडम्स’ के नाम से सक्रिय है। उसने लिखा है— “मैंने कहा था ना कि तुम्हारी कब्र पर नाचेंगे!” विरोध प्रतीकात्मक है, पर इसकी जड़ें 2022 के ‘महिला, जीवन, स्वतंत्रता’ आंदोलन से जुड़ी हैं।

ज्वाला: (हैरानी से) मतलब वीडियो बाहर का है? पर ज्योतिपति जी, जश्न तो ईरान के अंदर भी मनाया जा रहा है। विपक्षी गुट इसे “बदलाव की शुरुआत” कह रहे हैं। उधर सरकारी मीडिया कह रहा है कि ये इजरायली और अमेरिकी हमलों का नतीजा है। अगर ये सच है, तो क्या ये युद्ध की शुरुआत नहीं है?

ज्योतिपति: (गंभीर होकर) युद्ध की आशंका तो है ही। होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और तेल की सप्लाई पर संकट मंडरा रहा है। लेकिन जरा अपने देश की तरफ भी नजर डालो।

पटाखा अमेरिका में फूट रहा है, लेकिन उसकी गूँज हमारे भारत की राजनीति में सुनाई दे रही है।

ज्वाला: (तंज कसते हुए) सही कह रहे हैं! हमारे यहाँ तो खामेनेई की मौत पर नई सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे साहब कह रहे हैं कि ये हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के खिलाफ है।

प्रियंका गांधी और ओवैसी साहब भी इसे अनैतिक बता रहे हैं। मुझे समझ नहीं आता, हमारे नेताओं को दूसरे देश के मुद्दों पर इतनी बेचैनी क्यों होती है?

ज्योतिपति: (मुस्कुराते हुए) ज्वाला, राजनीति में हर बयान के पीछे एक बड़ा वर्ग और ‘वोट बैंक’ होता है। संजय सिंह कह रहे हैं कि भारत ने एक ऊर्जा सहयोगी और भरोसेमंद दोस्त खो दिया है। वहीं शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी का तर्क है कि खामेनेई सिर्फ नेता नहीं, शिया समुदाय के प्रमुख थे। यानी बात सिर्फ कूटनीति की नहीं, धार्मिक भावनाओं की भी है।

ज्वाला: (सोचते हुए) हम्म… तभी शायद कश्मीर में भी इतनी हलचल है। उमर अब्दुल्ला शांति की अपील कर रहे हैं और महबूबा मुफ्ती इसे इतिहास का “शर्मनाक मोड़” बता रही हैं। आखिर हम भी तो दुनिया का हिस्सा हैं, वहाँ जो होगा, उसका असर हम पर पड़ेगा ही।

ज्योतिपति: बिल्कुल सही पकड़े हो। आवेश से ज्यादा समझदारी की जरूरत है। ये मौत सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट के समीकरणों के बदलने की आहट है। अब देखना ये है कि भारत सरकार इस नाजुक मोड़ पर क्या रुख अपनाती है।(खबर पर आधारित)


जिला स्तरीय बैठक, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 22 मार्च को होगी महापरीक्षा

बेमेतरा_03 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले को पूर्ण साक्षर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टोरेट के दिशा सभाकक्ष में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ, एडीएम और समस्त विभाग प्रमुखों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के उन व्यक्तियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किन्हीं कारणों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके।

जिला शिक्षा अधिकारी श्री चतुर्वेदी और नोडल अधिकारी खोमलाल साहू ने कार्यक्रम की अब तक की प्रगति और पंजीकृत शिक्षार्थियों की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।बैठक के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई कि आगामी 22 मार्च को जिले भर में एक ‘महापरीक्षा’ (FLNAT – प्रारंभिक साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आकलन परीक्षा) का आयोजन किया जाएगा।

इस परीक्षा के माध्यम से पंजीकृत असाक्षर भाई-बहनों के मूलभूत पढ़ने, लिखने और गणना करने के कौशल का आकलन किया जाएगा। कार्यक्रम का व्यापक विजन केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए बुनियादी शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, व्यावसायिक कौशल और महत्वपूर्ण जीवन रक्षक कौशलों को बढ़ावा देकर शिक्षार्थियों को समाज में एक सम्मानजनक स्थान दिलाना है।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 22 मार्च को होने वाली परीक्षा में सभी पंजीकृत शिक्षार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिले के सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सक्रिय भूमिका निभाने कहा ताकि बेमेतरा जिला जल्द से जल्द पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल कर सके। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को जिले को साक्षर बनाने की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक, सभी जनपद सीईओ, शिक्षा विभाग के अधिकारी और डाइट (DIET) बेमेतरा के प्राचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनहित में उठाए जाने वाले प्रमुख कदम (Key Steps for Public Welfare)

15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को बुनियादी पढ़ना-लिखना और गणितीय गणना सिखाना, ताकि वे दैनिक कार्यों में आत्मनिर्भर बन सके। साक्षरता के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता, वित्तीय जागरूकता (जैसे बैंकिंग कार्य) और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना। शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग को सामाजिक सहभागिता के लिए प्रेरित करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना।

महापरीक्षा का आयोजन: 22 मार्च को आयोजित होने वाली परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों की दक्षता का मूल्यांकन करना और उन्हें आगे की शिक्षा या कौशल विकास के लिए प्रोत्साहित करना साथ ही सभी सरकारी विभागों को एक साथ जोड़कर यह सुनिश्चित करना कि कोई भी पात्र व्यक्ति शिक्षा के इस लाभ से वंचित न रहे।

छत्तीसगढ़ खबर:_राजधानी में चंगाई सभा को लेकर बवाल, चार गिरफ्तार

रायपुर_03/02/2026

राजधानी के कटोरा तालाब इलाके में स्थित डिवाइन कैफे को किराए पर लेकर आयोजित की जा रही कथित चंगाई सभा उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब धर्मांतरण और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के आरोप लगे। इस मामले को लेकर मौके पर जमकर हंगामा हुआ और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मीडिया जानकारी के मुताबिक, डिवाइन कैफे के ऊपर बने हॉल और कमरों को किराए पर दिया जाता है। इसी हॉल में चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी। आरोप है कि सभा के दौरान ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों ने यीशु को भगवान से बड़ा बताया और निजी नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों से ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा। इस पर सभा में मौजूद हिंदू संगठनों के सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया।

विरोध के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। जैसे ही हिंदू संगठनों को सभा की जानकारी मिली, वे बड़ी संख्या में कैफे पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया।

हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने आयोजक सहित अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों—सैफीन, आमीन, उदय और श्रीकांत—को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे ने त्यौहार पर बिलासपुर जोन से होली स्पेशल ट्रेन की बढ़ाई सुविधा

रेलवे न्यूज | होली स्पेशल ट्रेनें_03/02/2026

होली के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ और सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़े पैमाने पर होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर जोन से 14 फेरों के लिए 8 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 56 फेरों की होली स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया जाएगा।

रेलवे के इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार समेत कुल सात राज्यों के यात्रियों को कन्फर्म बर्थ और सुगम यात्रा की सुविधा मिलने की उम्मीद है। त्योहार के दौरान लंबी दूरी की ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से यह विशेष व्यवस्था की गई है।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होली से पहले ही नहीं, बल्कि होली के बाद भी यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा। इससे त्योहार मनाकर अपने गृह नगर से वापस कामकाज के लिए लौटने वाले यात्रियों को यात्रा में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

होली स्पेशल ट्रेनों को लेकर पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के बाद भी प्रमुख स्टेशनों से देश के विभिन्न शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो।

लोगो के बीच रंगों का त्योहार होली नजदीक आते ही देशभर में यात्रा गतिविधियां तेज हो गई हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे द्वारा उठाया गया यह कदम यात्रियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।