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संसद में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल का मुद्दा

छत्तीसगढ़ के 33 में से 30 जिलों में नहीं हैं वरिष्ठ नागरिक गृह, केंद्र से शीघ्र व्यवस्था करने का आग्रह

डिजिटल डेस्क | नई दिल्ली/रायपुर | 10 मार्च 2026

रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और उनके सम्मानजनक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए आधारभूत सुविधाओं की कमी का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि देश में अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत संचालित वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार 705 वरिष्ठ नागरिक गृहों को सहायता प्रदान कर रही है। इनमें से केवल तीन वरिष्ठ नागरिक गृह ही छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे हैं।

मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के कुल 33 जिलों में से 30 जिलों में अभी तक एक भी वरिष्ठ नागरिक गृह उपलब्ध नहीं है। राज्य सरकार द्वारा किए गए जिला स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर इन जिलों को “गैप जिला” के रूप में चिन्हित किया गया है।

इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा तथा देखभाल के लिए आवश्यक सुविधाएं हर जिले में उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ के इन गैप जिलों में जल्द से जल्द वरिष्ठ नागरिक गृह स्थापित करने की दिशा में पहल की जाए।

मंत्रालय ने बताया कि इन कमियों को दूर करने के लिए विभाग अनुदान पोर्टल के माध्यम से पूरे वर्ष गैर-सरकारी संगठनों से आवेदन आमंत्रित करता है, ताकि ऐसे जिलों में वरिष्ठ नागरिक गृहों की परियोजनाओं को स्वीकृति देकर बुजुर्गों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

गंभीर बीमार बुजुर्गों की देखभाल का मुद्दा भी उठाया

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में गंभीर रूप से बीमार बुजुर्गों की देखभाल के लिए किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी भी मांगी। मंत्रालय ने बताया कि अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों के लिए सतत देखभाल गृह (सीसीएच) संचालित किए जा रहे हैं, जिनके संचालन और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

वर्तमान में देशभर में ऐसे 13 सतत देखभाल गृह संचालित हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में अभी तक किसी भी संस्थान को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है। इस पर सांसद अग्रवाल ने राज्य में भी ऐसे देखभाल गृह स्थापित करने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित

मंत्रालय ने बताया कि वृद्धजनों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2010-11 में राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE) शुरू किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए मोबाइल मेडिकेयर यूनिट, फिजियोथेरेपी क्लिनिक और अन्य सुविधाओं के संचालन के लिए भी विभिन्न संस्थाओं को अनुदान दिया जाता है।

साथ ही राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनकी पारिवारिक आय 15 हजार रुपये प्रति माह से कम है, उन्हें जीवन सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा एल्डरलाइन राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14567 के माध्यम से भी वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की जा रही है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

आधुनिक हथियार खरीद में भारत दुनिया के दूसरे स्थान पर रूस अब भी सबसे बड़ा सप्लायर

डिजिटल डेस्क | 10 मार्च 2026
स्टॉकहोम स्थित अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थान Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया में हथियार आयात करने वाले देशों में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वैश्विक हथियार आयात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 8.2–8.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध प्रभावित यूक्रेन 9.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत लगातार अपनी सेना के आधुनिकीकरण के लिए हथियार खरीद रहा है। हालांकि पहले की तुलना में विदेशी हथियारों की खरीद में थोड़ी कमी आई है, क्योंकि भारत अब घरेलू उत्पादन और रक्षा आत्मनिर्भरता पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।

रूस अब भी सबसे बड़ा सप्लायर
भारत को हथियार आपूर्ति करने वाले देशों में Russia अभी भी सबसे आगे है। भारत के कुल हथियार आयात में लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा रूस से आता है। हालांकि पहले यह हिस्सेदारी काफी ज्यादा थी। 2010 के शुरुआती वर्षों में रूस का हिस्सा 70 प्रतिशत से अधिक था।
अब भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अन्य देशों से भी रक्षा उपकरण खरीद बढ़ाई है ताकि किसी एक देश पर निर्भरता कम हो सके।

फ्रांस और इज़राइल से बढ़ी खरीद
रिपोर्ट के अनुसार फ्रांस भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन गया है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से Dassault Rafale fighter jet लड़ाकू विमानों की खरीद के कारण हुई है।
भारत और फ्रांस के बीच भारतीय वायुसेना के लिए 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील पर भी चर्चा चल रही है। इसके अलावा Israel तीसरे स्थान पर है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत है। इज़राइल से भारत मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और आधुनिक निगरानी उपकरण खरीद रहा है।

शीर्ष 5 हथियार आयातक देश
SIPRI रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के प्रमुख हथियार आयातक देशों में:
Ukraine
India
Saudi Arabia
Qatar
Pakistan

सुरक्षा चुनौतियों के कारण बढ़ा आधुनिकीकरण
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी सेना को मजबूत बनाने के लिए रक्षा आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है। China और Pakistan के साथ सीमा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक हथियार और तकनीक की जरूरत बढ़ी है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत
सरकार की Make in India और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत भारत अब रक्षा उत्पादन में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की सरकारी और निजी कंपनियां स्थानीय स्तर पर हथियार और रक्षा उपकरण बनाने पर काम कर रही हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में घरेलू उत्पादन बढ़ने से विदेशी हथियारों पर निर्भरता और कम हो सकती है।

संक्षेप में: भारत एक संतुलित रणनीति अपना रहा है—जहां जरूरत के अनुसार विदेश से आधुनिक हथियार खरीदे जा रहे हैं, वहीं देश में रक्षा उत्पादन को बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती, 3 गिरफ्तार — पार्टी ने किया निलंबित

दुर्ग, छत्तीसगढ़ | 10 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारी विनायक ताम्रकार के फार्महाउस में पुलिस ने मक्के की आड़ में की जा रही अफीम की अवैध खेती पकड़ी है। अफीम के पौधों की बाजार कीमत करीब ₹8 करोड़ बताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?
दुर्ग जिले के समोदा गांव में स्थित एक फार्महाउस पर पुलिस ने छापा मारा। जांच में सामने आया कि डेढ़ एकड़ से अधिक भूमि पर चुपचाप अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे। फसल को मक्के की खेती की आड़ में छुपाया गया था।
पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

भाजपा की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निर्देश पर 7 मार्च को विनायक ताम्रकार को पार्टी से तत्काल निलंबित कर दिया गया।
निलंबन आदेश में कहा गया कि इस प्रकरण से पार्टी की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ताम्रकार भाजपा किसान मोर्चे की चावल मिल प्रसंस्करण परियोजना के राज्य संयोजक थे और उनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है।

आरोपी का पक्ष
विनायक ताम्रकार ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। उनका कहना है:की के
जिस जमीन पर अफीम मिली, वह बटाई (किराए) पर दी गई थी
उन्हें इस खेती की कोई जानकारी नहीं थी
संपत्ति उनके नाम नहीं है ।

राजनीतिक विवाद
छापे के अगले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समोदा स्थित घटनास्थल पर पहुंचे और मामले को लेकर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि:
फार्महाउस चरागाहों सहित करीब 150 एकड़ में फैला है
आरोपी के शक्तिशाली राजनीतिक संबंध हैं
प्रशासनिक लापरवाही की वजह से यह खेती जारी रही
सरकार को बताना चाहिए कि कौन से मंत्री-विधायक इसमें शामिल हैं

विधानसभा में हंगामा
इस मुद्दे ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में भी तूफान खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता को सत्ताधारी दल का संरक्षण मिला हुआ था।
जब विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग नामंजूर की, तो कांग्रेस के 29 विधायक अध्यक्ष के आसन के पास आ गए। इसके बाद सभी विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया और कुछ देर के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।


मामले की मुख्य बातें
बिंदु विवरण जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ आरोपी विनायक ताम्रकार (भाजपा किसान मोर्चा)गिरफ्तारियां 3 खेती का क्षेत्र डेढ़ एकड़ से अधिक अनुमानित कीमत ₹8 करोड़ पार्टी कार्रवाई।

तत्काल निलंबन
यह मामला छत्तीसगढ़ में राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील बन गया है। पुलिस जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

आमानाका चौपाटी में खुलेआम अवैध शराब बिक्री, वीडियो वायरल — प्रशासन पर उठे सवाल

रायपुर, छत्तीसगढ़ | 10 मार्च 2026
राजधानी रायपुर में एक बार फिर अवैध शराब का कारोबार सुर्खियों में है। सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आमानाका ओवरब्रिज के नीचे बनी नई चौपाटी शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई है। यहाँ खुलेआम अवैध शराब बेचे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में कुछ युवक बोरी में भरकर अवैध शराब ले जाते और बेचते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि:
एक युवक घर की छत से शराब की बोरी नीचे उतार रहा है
बाद में उसे खुले में बेचने की तैयारी की जा रही है
कई लोग वहाँ आकर शराब खरीदते दिख रहे हैं
यह वीडियो सामने आने के बाद इलाके में अवैध शराब के कारोबार की चर्चा और तेज हो गई है।
नगर निगम की चौपाटी बनी विवाद का केंद्र
नगर निगम रायपुर द्वारा आमानाका ओवरब्रिज के नीचे नई चौपाटी की व्यवस्था तैयार की गई थी। लेकिन जिन दुकानों में वैध कारोबार शुरू होना था, उन्हीं जगहों पर अवैध शराब बिक्री के आरोप लग रहे हैं। यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर सरकार को घेरा है। कांग्रेस की ओर से वीडियो जारी कर पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं। नेताओं का कहना है कि राजधानी के बीचोबीच इस तरह की अवैध गतिविधियाँ चिंताजनक हैं।
स्थानीय लोगों की चिंता
इलाके के निवासियों का कहना है कि चौपाटी शुरू होने से पहले ही हालात बिगड़ रहे हैं, तो आगे क्या होगा? उनकी मांग है कि:
तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो
पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
चौपाटी क्षेत्र में निगरानी कैमरे लगाए जाएं

शराब — सरकारी आमदनी बड़ी या समाज की बर्बादी?
यह सवाल अब और प्रासंगिक हो गया है। शराब से सरकारों को करोड़ों की राजस्व आमदनी होती है, लेकिन इसकी सामाजिक कीमत कहीं ज्यादा है। परिवार टूटते हैं, युवा बर्बाद होते हैं और अपराध बढ़ते हैं।

छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में जहाँ संस्कार और संस्कृति की गहरी जड़ें हैं, वहाँ यह जरूरी है कि सरकार राजस्व और समाज के बीच संतुलन बनाए। अवैध शराब पर सख्ती के साथ-साथ नशामुक्ति अभियान को भी उतनी ही गंभीरता से चलाने की जरूरत है।

मामले की मुख्य बातें
स्थान राजधानी का आमानाका ओवरब्रिज, रायपुर थाना क्षेत्र सरस्वती नगर मामला खुलेआम अवैध शराब बिक्री सबूत वायरल वीडियो पुलिस कार्रवाई अभी तक नहींराजनीतिक प्रतिक्रिया कांग्रेस ने उठाए सवाल
पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मामले की जांच की मांग तेज हो रही है।

महिला दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की राय सिर्फ वकील नहीं, अब `जज` बनें महिलाएं

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महिला दिवस पर CJI ने दिया समानता का मंत्र ।सुप्रीम कोर्ट में आयोजित “इंडियन वूमेन इन लॉ” के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर की महिला जजों और वकीलों ने हिस्सा लिया।

मार्च_09/03/2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा ने न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल वकालत तक सीमित न रहें, बल्कि आगे बढ़कर न्यायाधीश बनने की दिशा में भी कदम बढ़ाएं। इससे न्याय व्यवस्था और अधिक संतुलित तथा मजबूत बनेगी।
नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि महिला वकील किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहीं, बल्कि वे लंबे समय से लंबित निष्पक्ष और उचित प्रतिनिधित्व चाहती हैं।

उन्होंने उच्च न्यायालयों के कॉलेजियम से आग्रह किया कि योग्य महिला वकीलों के नामों पर न्यायाधीश पद के लिए नियमित रूप से विचार किया जाए।यह विचार भारत के सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित ‘इंडियन वूमेन इन लॉ’ के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यक्त किए गए। इस सम्मेलन में देशभर की महिला जजों और वकीलों ने भाग लिया और न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका तथा चुनौतियों पर चर्चा की।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं को कानून की पढ़ाई और प्रैक्टिस करने के अवसर सीमित थे, लेकिन आज स्थिति में काफी बदलाव आया है। इसके बावजूद न्यायपालिका और न्यायिक पेशे में महिलाओं की समान भागीदारी का लक्ष्य अभी पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बी वी नागरत्ना ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अदालतों में कई बार महिलाओं को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनकी भागीदारी बढ़ने से न्याय प्रणाली अधिक समावेशी बनेगी।

उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्र और राज्य सरकारों के पैनल वकीलों में कम से कम 30 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही अदालतों की कॉजलिस्ट समय पर जारी करने जैसे कदमों से महिला वकीलों को पेशे और परिवार के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है।

सम्मेलन में यह भी बताया गया कि जिला न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है और वर्तमान में लगभग 37 प्रतिशत न्यायिक अधिकारी महिलाएं हैं। इसे न्यायिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का दृष्टिकोण पर न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से न केवल संस्थागत संतुलन मजबूत होगा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के दृष्टिकोण को भी न्यायिक निर्णयों में बेहतर प्रतिनिधित्व मिल सकेगा।

वैश्विक तनाव के बीच भारत पर बदले अमेरिका के सुर, ऊर्जा बाजार में सहयोग की बात

डिजिटल डेस्क 09 मार्च 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता के बीच भारत को लेकर अमेरिका के रुख में कुछ नरमी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। हाल के महीनों में जहां अमेरिका के कुछ नेताओं ने भारत द्वारा रूसी तेल खरीद को लेकर सख्त टिप्पणी की थी, वहीं अब ऊर्जा बाजार में स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया जा रहा है।

अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और प्रमुख ऊर्जा उत्पादक व उपभोक्ता देशों के साथ मिलकर वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए काम कर रहा है।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को कम करना और बाजार को स्थिर बनाए रखना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले अमेरिकी प्रशासन के कुछ नेताओं ने भारत द्वारा रूस से तेल खरीद को लेकर आलोचना की थी। उस समय यह भी कहा गया था कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने जैसे कदमों पर विचार किया जा सकता है। उस दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयान भी चर्चा में रहे थे।

हालांकि अब वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता और सहयोग पर जोर दिए जाने को कूटनीतिक दृष्टि से एक संतुलित संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों के साथ सहयोग वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभा सकता है।

भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से तेल आयात करता रहा है और ऊर्जा सुरक्षा को अपनी आर्थिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर सहयोग और संवाद को बढ़ावा देने को सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

गैस कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का ‘हल्लाबोल’, दिल्ली में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

नई दिल्ली 09 मार्च 2026

देश में बढ़ती महंगाई और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के नेतृत्व में दिल्ली में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर गैस की बढ़ी कीमतों को वापस लेने की मांग की।

यह प्रदर्शन 7 मार्च 2026 को आयोजित किया गया, जिसकी अगुवाई अलका लांबा ने की। इस दौरान दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पुष्पा सिंह भी मौजूद रहीं। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 60 रुपये की वृद्धि को आम जनता के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया।

महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि महंगाई से पहले ही जूझ रही जनता पर यह फैसला “गरीबी में आटा गीला” करने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती कीमतों का सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जिनके लिए घरेलू गैस जैसी जरूरी सुविधा का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।

प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। उनका कहना था कि रसोई गैस की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के बजट को प्रभावित कर रही हैं और इससे घर चलाना कठिन होता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यदि कीमतों में राहत नहीं दी गई तो पार्टी आगे भी जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और ईंधन की कीमतें हमेशा से देश की राजनीति और जनजीवन का महत्वपूर्ण मुद्दा रही हैं। ऐसे में विपक्षी दल समय-समय पर इन मुद्दों को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश करते रहे हैं।

बेमेतरा में महिला दिवस पर जल संरक्षण की अनोखी पहल

“हर घर पानी बचाओ” अभियान महिला दिवस पर रिचार्ज पिट निर्माण पर केंद्रित

छत्तीसगढ़/बेमेतरा:08/03/2026

बेमेतरा जिले में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर “हर घर पानी बचाओ” अभियान ने जोर पकड़ा। महिलाओं ने जनसहभागिता से 8,082 रिचार्ज पिट बनाए और 56,000 से अधिक परिवारों ने संकल्प लिया।

रिचार्ज पिट क्या है?
रिचार्ज पिट एक सरल संरचना है जिसमें 4x4x4 फीट का गड्ढा खोदा जाता है, चारों ओर ईंटों या कंक्रीट से घेरा बनाकर ऊपर जाली लगाई जाती है। यह वर्षा जल या घरेलू नाले के पानी को सीधे जमीन में रिसने देता है, जिससे भूजल स्तर बढ़ता है। निर्माण लागत मात्र 2,000-5,000 रुपये, रखरखाव आसान।

महिलाओं की अगुवाई में अभियान
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश और जिला पंचायत CEO हेमलता पदमाकर के मार्गदर्शन में यह अभियान शुरू हुआ। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने गांवों में श्रमदान कर सोक पिट बनाए। यह कदम भूजल स्तर गिरावट रोकने और जल संकट से निपटने का प्रयास है।

आंकड़े और लक्ष्य
एक ही दिन में 8,082 रिचार्ज पिट बने, जबकि 56,080 परिवारों ने मार्च तक निर्माण पूरा करने का वचन दिया। जिले के 1,40,766 ग्रामीण घरों में मई 2026 तक सभी में पिट बनाने का लक्ष्य है। इससे वर्षा जल और घरेलू पानी का पुनर्भरण होगा।

जनप्रतिनिधियों की सराहना
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन की पहल की प्रशंसा की। “पानी की हर बूंद कीमती है” का नारा गूंजा। यह अभियान जल संरक्षण को जनआंदोलन बना रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज ने किया ‘मातृ शक्ति’ का सम्मान

भिलाई/दुर्ग_ 08 मार्च 2026

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के गरिमामय अवसर पर राष्ट्रीय सर्व ब्राह्मण समाज (भिलाई-दुर्ग) द्वारा शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विदुषी महिलाओं का सम्मान किया गया। समाज के पदाधिकारियों ने महिला शक्ति के निवास स्थान पर जाकर उन्हें पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की।

शिक्षा जगत की प्रमुख हस्तियों का हुआ सम्मान
समाज के प्रतिनिधिमंडल ने के.एच. मेमोरियल स्कूल की प्राचार्या श्रीमती विभा झा और के.पी.एस. पब्लिक स्कूल (नेहरू नगर) की प्राचार्या श्रीमती सविता त्रिपाठी को उनके निवास पर जाकर आत्मीयता पूर्वक सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें समाज की ओर से प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
“महिलाएं समाज की रीढ़”: राष्ट्रीय महासचिव शशिकांत तिवारी
इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव शशिकांत तिवारी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर इन विदुषी महिलाओं का सम्मान करते हुए समाज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा:
“ये महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में बड़े विद्यालयों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं और समाज को निरंतर मार्गदर्शन दे रही हैं। महिलाएं समाज की रीढ़ होती हैं, जिनमें हर बाधा को दूर कर समाज को नई दिशा देने की अद्भुत शक्ति होती है।”

सम्मानित विभूतियों ने जताया आभार
सम्मान ग्रहण करने के बाद श्रीमती विभा झा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाज के प्रति आभार जताया। वहीं, श्रीमती सविता त्रिपाठी ने कहा कि समाज द्वारा दिया गया यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने समाज के उत्थान के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

समाज को नई दिशा देने की पहल
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष कनकलता दुबे ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव विनोद उपाध्याय ने किया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन ओम प्रकाश मिश्रा द्वारा किया गया।

इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस सम्मान समारोह में प्रमुख रूप से शिक्षाविद मदन मोहन त्रिपाठी, कृष्णा देवी त्रिपाठी, समाजसेवी के.के. झा, डॉ. विश्वनाथ पाणिग्रही, ईश्वर चंद त्रिपाठी, अध्यक्ष लक्ष्मी कांत तिवारी, शैल किरण मिश्रा, शीतल दुबे, काजल मिश्रा, दीपक मिश्रा, नरेश चौरे, अरविंद तिवारी, विनोद उपाध्याय, रमेश शर्मा, रूपेंद्र दुबे, ओम प्रकाश मिश्रा, दिनेश मिश्र, राकेश दूबे, ब्रजमोहन तिवारी, किशोर तिवारी, अतुल शर्मा, अनुपमा उपाध्याय, रीता चौबे, कविता मिश्र और राजेश शर्मा सहित भारी संख्या में महिला प्रकोष्ठ की प्रतिनिधि उपस्थित रहीं।

गांधी भवन में श्रमजीवी पत्रकार संघ का भव्य होली मिलन, नगर पालिका अध्यक्ष सहित गणमान्य रहे मौजूद

बेमेतरा _ 08 मार्च 2026

बेमेतरा के बेसिक मैदान स्थित गांधी भवन में रविवार को श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा ‘होली मिलन समारोह’ का शानदार आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस कार्यक्रम में पत्रकारों और जनप्रतिनिधियों के बीच अटूट समन्वय और उल्लास का नजारा देखने को मिला।

मुख्य अतिथियों का आत्मीय स्वागत
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जितेंद्र शुक्ला ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में विकास तंबोली और नीतू कोठारी ने शिरकत की। श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित इस द्वितीय वर्ष के समारोह में पत्रकारों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और गुलाल लगाकर आत्मीय स्वागत किया। उपस्थित पत्रकारों ने भी एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर पर्व की बधाई दी।

“पत्रकारों के बिना हर सामाजिक कार्यक्रम अधूरा”: विजय सिन्हा
समारोह को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा:
“राजनीति, धर्म या कोई भी सामाजिक आयोजन पत्रकारों के बिना अधूरा है। पत्रकार बंधु ही समाज की खबरों को जनता तक पहुँचाते हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

आगामी वर्षों से सामूहिक होली मिलन समारोह
विजय सिन्हा ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आगामी वर्ष से नगर पालिका स्वयं सभी पत्रकार साथियों के साथ मिलकर नगर स्तरीय होली मिलन समारोह का आयोजन करेगी। उनकी इस घोषणा का सभी ने तालियों की गूँज के साथ स्वागत किया।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान

विशेष अतिथि विकास तंबोली और नीतू कोठारी ने कहा कि पत्रकारों के साथ होली खेलना गौरव की बात है। उन्होंने मीडिया को जनसमस्याओं को उठाने वाला सबसे सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के दौरान नगाड़ों की थाप और पारंपरिक फाग गीतों ने माहौल को पूरी तरह उत्सवमयी बना दिया।

खबरों की भागदौड़ छोड़ जमकर थिरके पत्रकार संग पालिका टीम
दिन-रात खबरों के पीछे दौड़ने वाले पत्रकारों ने रविवार को काम के दबाव को किनारे रख जमकर आनंद लिया। गांधी भवन के परिसर में होली के पारंपरिक गीतों और बॉलीवुड गानों पर श्रमजीवी पत्रकार संघ और पालिका के सदस्यों ने जमकर नृत्य किया। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यह होली का रंग उनकी एकता और टीम भावना का प्रतीक है।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर संघ सदस्य संजू जैन,सुजीत शर्मा ,योगेश राजपूत, कोमल सिंह राजपूत सहित जिले के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच पर अतिथियों का स्वागत दीपक पाण्डेय ने किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन राहुल साहू द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ पत्रकार दुर्गा सेन अंकुर तिवारी हिमाचल शर्मा परमेश्वर यादव सुफल दास मानिकपुरी सूरज सिंहा, रूप प्रकाश यादव ,गोविंद दास मानिकपुरी, लाला सिंह ठाकुर विक्की जायसवाल अरुण पुरैना का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम के समापन पर संघ के महासचिव संजय दुबे ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। अंत में सभी ने साथ मिलकर लजीज व्यंजनों और होली की मिठास का लुत्फ उठाया।