साहिबजादों के शौर्य से नई पीढ़ी को प्रेरणा, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का आह्वान।
नई दिल्ली_26/12/2025
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘वीर बाल दिवस’ के राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने देशभर से आए अतिथियों और बच्चों का स्वागत करते हुए कहा कि आज पूरा देश वीर बाल दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रस्तुत ‘वंदे मातरम्’ की भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कलाकारों का समर्पण और परिश्रम स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन साहिबजादों की स्मृति को समर्पित है, जो अदम्य साहस और बलिदान के प्रतीक हैं। कम उम्र में ही उन्होंने अत्याचार और कट्टरता के सामने डटकर खड़े होने का उदाहरण दिया। उनका बलिदान सिखाता है कि साहस और सत्य के सामने कोई भी सत्ता टिक नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की परंपरा पिछले चार वर्षों से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है। हर वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया जाता है। इस वर्ष भी देशभर के 20 बच्चों को बहादुरी, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, विज्ञान, खेल, कला और संस्कृति में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि भारत ने तय कर लिया है कि अब हमारे बलिदान और शौर्य की स्मृतियां दबने नहीं दी जाएंगी। देश के नायक-नायिकाओं को हाशिये पर नहीं रखा जाएगा, इसी भावना के साथ वीर बाल दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता भारत की ताकत है और Gen Z व Gen Alpha ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेंगे। प्रधानमंत्री ने युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनका आत्मविश्वास ही देश की सबसे बड़ी पूंजी है।


