छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की सुविधाओं को लेकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को पहले मिल रही कई स्वास्थ्य सुविधाएं अब निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
उपाध्याय के मुताबिक, सिजेरियन डिलीवरी, गर्भाशय और अंडाशय से जुड़ी कुछ सर्जरी तथा महिलाओं से संबंधित अन्य उपचारों को लेकर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कैंसर की जांच और गायनी से जुड़ी कुछ सेवाओं को लेकर भी मरीजों को निजी अस्पतालों में योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके कारण कई परिवारों को इलाज का खर्च स्वयं उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज की उम्मीद थी, उन्हें अब कई मामलों में निराशा हाथ लग रही है। दूसरी ओर, सरकारी अस्पतालों में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।
विकास उपाध्याय ने मेकाहारा में बायपास और ओपन हार्ट सर्जरी जैसी सेवाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में जरूरी उपचार सुविधाओं की कमी का सीधा असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है और उन्हें निजी अस्पतालों में अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली मौजूदा सुविधाओं की स्थिति सार्वजनिक करने, मरीजों को स्पष्ट जानकारी देने और सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।
नोट: आयुष्मान योजना के तहत किन-किन उपचारों का लाभ वर्तमान में उपलब्ध है और किन सेवाओं के पैकेज में बदलाव हुआ है, इसकी आधिकारिक स्थिति सरकार/योजना की अधिसूचनाओं से स्पष्ट होना जरूरी है।