नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025 (PIB):
भारत सरकार ने डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और दूध उत्पादन में सुधार लाने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। इन योजनाओं का फायदा देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में किसानों को मिल रहा है। सरकार का जोर उन्नत तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु, पशुओं के लिए अच्छा आहार और मजबूत बुनियादी ढांचे पर है।
किसानों के लिए मुख्य सुविधाएँ
राष्ट्रीय गोकुल मिशन: ऐसे जिलों में जहाँ कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा 50% से कम है, इसे बढ़ाया जा रहा है। किसानों को अच्छी नस्ल के सांड का वीर्य निःशुल्क दिया जा रहा है।
IVF तकनीक: गाय-भैंसों में नस्ल सुधार के लिए IVF तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सफल गर्भधारण पर किसानों को ₹5000 की मदद दी जा रही है।
लिंग-सॉर्टेड वीर्य: मादा बछड़े पैदा करने की संभावना 90% तक बढ़ाई गई है। सफल गर्भधारण पर किसानों को 50% तक की लागत वापस मिलती है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD): दूध की गुणवत्ता जाँचने वाले उपकरण और ठंडा रखने की मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। दूध बेचने के लिए मार्केटिंग और प्रोसेसिंग सुविधाएँ भी बढ़ाई जा रही हैं।
पशुधन मिशन-उद्यमिता विकास कार्यक्रम: डेयरी, बकरी, भेड़ और चारा बनाने वाली इकाइयों को 50% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹50 लाख) दी जा रही है।
पशुपालन अवसंरचना विकास निधि: डेयरी और पशुपालन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर 3% ब्याज में छूट मिलती है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): डेयरी किसानों को अब कार्यशील पूंजी के लिए भी KCC सुविधा मिल रही है।
छत्तीसगढ़ में खास पहल
छत्तीसगढ़ में डेयरी किसानों को इन योजनाओं से बड़ा फायदा हुआ है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन और रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के तहत राज्य को अब तक लगभग 92 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। इस धन का इस्तेमाल मवेशियों के टीकाकरण, नस्ल सुधार और दूध संग्रह केंद्रों को मजबूत करने में किया गया है।
अब तक 15 लाख से ज्यादा मवेशियों का टीकाकरण किया गया।
500 से ज्यादा कृत्रिम गर्भाधान केंद्र सक्रिय किए गए।
रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा और बिलासपुर जिलों में नई दूध ठंडा करने की इकाइयाँ स्थापित हुईं।
बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा दी गई।
फार्मर्स के लिए डिजिटल मदद
सरकार ने 1962 किसान ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप किसानों को बताता है कि अपने पशुओं को किस तरह का संतुलित आहार दें ताकि दूध उत्पादन बढ़ सके और खर्च कम हो।
सरकार का लक्ष्य
केंद्र सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, पशु रोगों पर काबू मिलेगा और देशी नस्लों का संरक्षण होगा। साथ ही, डेयरी क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत बनाया जाएगा।


