22.8 C
Raipur
Thursday, October 1, 2026

छत्तीसगढ़ में शोर पर लग सकती है सख्ती, नए कानून का ड्राफ्ट तैयार…30 दिन में जनता से मांगे सुझाव और आपत्तियां

Must read

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में ध्वनि प्रदूषण और अनियंत्रित शोर को लेकर सरकार अब नया कानूनी प्रावधान लाने की तैयारी में है। राज्य के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक मसौदा तैयार कर लिया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून को लेकर आम लोगों, विशेषज्ञों, संस्थाओं और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

1985 के कानून में बदलाव की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया मसौदा

गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने मौजूदा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक बदलावों को ध्यान में रखते हुए नए विधेयक का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। सरकार का उद्देश्य प्रस्तावित कानून को लेकर अलग अलग वर्गों की राय सामने लाना है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया में प्राप्त सुझावों पर विचार किया जा सके।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है प्रस्तावित विधेयक

राज्य सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए प्रस्तावित विधेयक का प्रारंभिक मसौदा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जारी किया है। ड्राफ्ट को छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस और प्रेस रिलीज सेक्शन में उपलब्ध कराया गया है।

नागरिक और संबंधित पक्ष मसौदे का अध्ययन करने के बाद उसके किसी प्रावधान को लेकर अपनी राय, सुझाव या आपत्ति शासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

30 दिनों के भीतर भेजनी होगी राय, इन वर्गों को भी मौका

सरकार ने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 दिनों की समय सीमा तय की है। इस दौरान आम नागरिकों के अलावा विषय विशेषज्ञ, संस्थाएं और अन्य संबंधित हितधारक भी प्रस्तावित कानून पर अपनी प्रतिक्रिया शासन तक पहुंचा सकेंगे।सरकार की ओर से मिली प्रतिक्रियाओं को आगे की विधायी प्रक्रिया में ध्यान में रखा जाएगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर विधेयक को लेकर अगला कदम तय किया जाएगा।

इस पते पर भेज सकते हैं सुझाव और आपत्तियां

प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 को लेकर सुझाव या आपत्ति इस पते पर भेजी जा सकती है:

प्रमुख सचिव,
छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग,
मंत्रालय, महानदी भवन,
नवा रायपुर, अटल नगर।

सरकार की पहल से आम लोगों की राय को मिलेगा मौका

नए विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने के पीछे सरकार का उद्देश्य प्रस्तावित कानूनी व्यवस्था पर नागरिकों और संबंधित पक्षों से प्रतिक्रिया प्राप्त करना है। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद सामने आने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करते हुए विधेयक की आगे की प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article