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Sunday, November 1, 2026

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, दिवंगत प्रोफेसर के परिवार को मिलेगी पेंशन, एरियर्स के साथ ब्याज का भी होगा भुगतान

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने रायपुर चिकित्सा महाविद्यालय के दिवंगत सह प्राध्यापक डॉ. राकेश मोहन चंदोला के परिवार को आर्थिक राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने उनके लंबे सेवाकाल को परिवार पेंशन की गणना के लिए नियमित सेवा के रूप में स्वीकार करने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद उनके पात्र परिजनों को परिवार पेंशन के साथ बकाया राशि और नियमानुसार ब्याज का लाभ भी मिलेगा।सरकार के इस फैसले से लंबे समय से पेंशन संबंधी लाभों का इंतजार कर रहे परिवार के लिए भुगतान का रास्ता साफ हुआ है। मंत्रिपरिषद ने 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा अवधि को परिवार पेंशन के उद्देश्य से मान्य करने की स्वीकृति दी है।

34 साल से अधिक की सेवा अवधि को मिली मान्यता

दिवंगत डॉ. राकेश मोहन चंदोला रायपुर चिकित्सा महाविद्यालय में सह प्राध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक अपनी सेवाएं दी थीं।मंत्रिपरिषद के फैसले के अनुसार, करीब 34 वर्ष से अधिक की इस सेवा अवधि को परिवार पेंशन की पात्रता और गणना के लिए नियमित सेवा माना जाएगा। इससे उनके पात्र परिवारजनों को पेंशन संबंधी वित्तीय लाभ निर्धारित करने में मदद मिलेगी।

परिवार पेंशन के साथ बकाया राशि और ब्याज भी मिलेगा

राज्य सरकार ने इस मामले में केवल परिवार पेंशन की मंजूरी तक फैसला सीमित नहीं रखा है। पात्र परिजनों को बकाया पेंशन राशि यानी एरियर्स और नियमानुसार ब्याज देने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।अब संबंधित विभाग निर्धारित नियमों के आधार पर पेंशन की गणना करेगा। इसके बाद परिवार को मिलने वाली मासिक पेंशन, पिछली अवधि की बकाया राशि और देय ब्याज का भुगतान किया जाएगा।हालांकि उपलब्ध निर्णय में कुल एरियर्स, मासिक पेंशन की राशि, ब्याज की दर और भुगतान की निश्चित तारीख का विवरण सामने नहीं आया है।

रायपुर मेडिकल कॉलेज के दिवंगत सह प्राध्यापक से जुड़ा मामला

डॉ. राकेश मोहन चंदोला की सेवा अवधि को परिवार पेंशन के लिए मान्यता देने का प्रस्ताव राज्य मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया था। विचार-विमर्श के बाद सरकार ने उनकी निर्धारित सेवाओं को परिवार पेंशन के प्रयोजन से नियमित मानने की मंजूरी दे दी।यह स्पष्ट किया गया है कि सेवा अवधि को नियमित मानने की स्वीकृति विशेष रूप से परिवार पेंशन की गणना के लिए है। इसे अन्य सभी सेवा संबंधी लाभों के लिए स्वतः नियमितीकरण नहीं माना जाएगा।

विभागीय प्रक्रिया के बाद होगा भुगतान

मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग पेंशन और बकाया राशि की गणना से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करेगा। नियमानुसार ब्याज की गणना भी की जाएगी।इस फैसले से दिवंगत सह प्राध्यापक के पात्र परिवारजनों को परिवार पेंशन, एरियर्स और ब्याज के रूप में वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता खुल गया है।

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