22.7 C
Raipur
Sunday, October 18, 2026

मुख्यमंत्री निवास में नवरात्रि का भव्य गरबा उत्सव, सीएम विष्णु देव साय ने नारी सम्मान और महिला सशक्तीकरण को बताया विकास की आधारशिला

Must read

मुख्यमंत्री साय ने मां दुर्गा के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, बेहतर स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की। 9

नवरात्रि नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण का पर्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के प्रति सम्मान, श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। भारतीय सनातन परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। यह पर्व समाज को महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है।

रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आयोजित गरबा महोत्सव में गुजराती समाज के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और बेटियों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने मां दुर्गा की आराधना करते हुए गरबा की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत की धुन पर पूरा मुख्यमंत्री निवास उत्सवमय हो गया।

उन्होंने कहा कि गरबा मां दुर्गा के प्रति भक्ति प्रकट करने का माध्यम होने के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत उदाहरण भी है। गुजरात से विकसित हुई गरबा संस्कृति आज देश के विभिन्न हिस्सों में लोकप्रिय हो चुकी है। इस तरह के आयोजन विविध सांस्कृतिक परंपराओं के बीच आपसी जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं।

छत्तीसगढ़ के विकास में गुजराती समाज की अहम भागीदारी

मुख्यमंत्री साय ने गुजराती समाज की उद्यमशीलता, मेहनत, सेवा भावना और सामाजिक एकजुटता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गुजराती समाज ने देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ में भी इस समाज के लोग व्यापार, उद्योग, शिक्षा, जनसेवा और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशेषता विभिन्न समाजों और संस्कृतियों को सम्मान तथा आत्मीयता के साथ अपनाने में रही है। गुजराती समाज ने भी इस प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां की सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि में योगदान दिया है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

त्योहार सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के वाहक

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पर्व और त्योहार समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। इनके माध्यम से परिवारों और समुदायों के बीच प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना मजबूत होती है। साथ ही, नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि गरबा आज भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। छत्तीसगढ़ में भी इस पारंपरिक नृत्य के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की व्यापक भागीदारी इस आयोजन को अधिक उत्साहपूर्ण और विशिष्ट बनाती है।

महतारी वंदन योजना से करीब 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल

महिला सशक्तीकरण को राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाना सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अनेक स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचती है। इससे महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और परिवार से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि महिलाओं की मेहनत, क्षमता और आत्मनिर्भर बनने के संकल्प को दर्शाती है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्व करने के लिए सक्षम बनाना है।

मां कौशल्या से मां दंतेश्वरी तक, छत्तीसगढ़ में शक्ति उपासना की समृद्ध परंपरा

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की पावन धरती बताते हुए कहा कि यहां देवी उपासना की परंपरा लंबे समय से जनजीवन का अभिन्न हिस्सा रही है। बस्तर की मां दंतेश्वरी, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया और चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी जैसे प्रमुख देवी स्थल प्रदेश की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान को विशिष्ट स्वरूप देते हैं।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर समेत प्रदेश के प्रमुख देवी धामों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। इन स्थलों पर उमड़ने वाली आस्था छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपराओं की व्यापकता को दर्शाती है। ये देवी धाम धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के भी महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

गरबा महोत्सव में जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख लोगों की मौजूदगी

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब शामिल हुए।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article