भारतीय जनाधिकार पार्टी, छत्तीसगढ़ ने ACB समूह की कोयला वाशरियों, ताप विद्युत परियोजनाओं, कोयला परिवहन और रेलवे साइडिंग से जुड़े मामलों की वर्ष 1999 से अब तक जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने इस मांग को लेकर बिलासपुर स्थित SECL मुख्यालय के सामने धरना दिया और ज्ञापन सौंपा।
पार्टी का कहना है कि मामले की जांच केवल एक संस्था तक सीमित न रहकर CBI, उच्चस्तरीय SIT, बहु-विभागीय तकनीकी एवं न्यायिक जांच, वित्तीय व डिजिटल फोरेंसिक ऑडिट और भौतिक सत्यापन के जरिए कराई जानी चाहिए।
पार्टी के संयोजक एवं अध्यक्ष दीपक दुबे ने आरोप लगाया कि कोयले की मात्रा, गुणवत्ता, रिजेक्ट कोल और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक वाशरी की स्वीकृत क्षमता और वास्तविक उत्पादन का वर्षवार मिलान कराया जाए। साथ ही कच्चे कोयले से लेकर धुले कोयले, रिजेक्ट, परिवहन, अंतिम भंडारण और उपयोग तक का पूरा रिकॉर्ड जांचा जाए।
पार्टी ने पर्यावरण मंजूरी, क्षमता विस्तार, ग्रामसभा और पेसा प्रावधानों के अनुपालन की भी जांच की मांग की है। इसके अलावा दीपका क्षेत्र में वायु प्रदूषण, धूल, राख, शोर, भूजल, कृषि भूमि और जनस्वास्थ्य पर औद्योगिक गतिविधियों के प्रभाव का स्वतंत्र सर्वे कराने की मांग रखी गई।
पार्टी ने 2015 से अब तक औद्योगिक डीजल, HSD और बायोडीजल की खरीद, भंडारण, परिवहन और उपयोग का रिकॉर्ड जांचने तथा कंपनियों को मिले कर छूट और अन्य सरकारी प्रोत्साहनों की भी जांच की मांग की है।
श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी ने न्यूनतम मजदूरी, PF, ESI, सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, दुर्घटना रिकॉर्ड और ठेका श्रम नियमों के पालन की जांच की मांग रखी। साथ ही SECL, पर्यावरण, खनन, राजस्व, वन, श्रम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की भूमिका और निरीक्षण रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई।
पार्टी ने जांच के दौरान तौल कांटा सर्वर, GPS, FASTag, ANPR, CCTV, RFID, OCE/CEMS, ERP/SAP, ईंधन, रेलवे और वित्तीय डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की है।
धरने को INTUC के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश सेठ और आम आदमी पार्टी के सचिव डॉ. सुनील राज किरण सहित अन्य लोगों ने समर्थन दिया।
समर्थकों ने SECL में कथित अनियमितताओं, CSR कार्यों और भू-विस्थापितों से जुड़े मामलों की जांच की मांग उठाई।
पार्टी ने कहा है कि यदि जांच के लिए CBI/SIT या अन्य जांच दल गठित कर कार्रवाई नहीं की गई तो 2 अक्टूबर को कोरबा कलेक्टर कार्यालय के सामने 24 घंटे की भूख हड़ताल की जाएगी।
इसके बाद 22 अक्टूबर से SECL मुख्यालय बिलासपुर के सामने अनिश्चितकालीन धरना और आगे केंद्रीय कोयला मंत्री के आवास के सामने प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
नोट: ACB की अपनी वेबसाइट के अनुसार कंपनी की दीपका वाशरी की क्षमता 14 MTPA तक विस्तारित हुई है और कंपनी ने 1999 में SECL के कोरबा कोलफील्ड क्षेत्र में काम शुरू किया था। सरकारी Coal Controller Organisation के रिकॉर्ड में भी ACB की कई वाशरियां दर्ज हैं।