स्मार्ट मीटर बना जनता का सिरदर्द, विपक्ष ने संभाली बागडोर
न्यूज डेस्क | 13 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर अब सिर्फ़ तकनीक का मुद्दा नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और भरोसे का सवाल बन गया है। उपभोक्ता कह रहे हैं—घर के सभी उपकरण बंद होने के बाद भी मीटर की रीडिंग बढ़ रही है। विपक्ष ने इसी को पकड़कर राज्यव्यापी अभियान छेड़ दिया है।
शिकायतें: बंद उपकरण, फिर भी बढ़ता बिल
चरणदास महंत समेत कई नेताओं का कहना है कि प्रदेश के कई इलाकों से स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें लगातार आ रही हैं। लोगों ने वीडियो और अन्य सबूत भी दिखाए हैं, जिनमें साफ़ दिखता है कि मुख्य स्विच ऑफ़ होने के बावजूद मीटर की रीडिंग चलती रहती है। ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
कांग्रेस का ‘स्मार्ट मीटर हटाओ’ अभियान
महिला कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर हटाने का विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। ग्रामीण महिला कांग्रेस की महामंत्री भुवनेश्वरी दास की अगुवाई में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से यह कदम उठाया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद ‘कथनी और करनी’ में फर्क साफ़ दिख रहा है।
जिला-दर-जिला तैयारी
रायपुर,कोरबा,बिलासपुर,कोरबा,जगदलपुर,में ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने और स्मार्ट मीटर हटाने के लिए खास रूपरेखा तैयार की गई है।
शहर और ग्रामीण कांग्रेस इकाइयों ने वार्ड और पंचायत स्तर पर बैठकें कर विरोध को तेज किया है।
रायपुर राजधानी के वार्डों और आसपास के ग्रामीण इलाकों (जैसे भाटापारा) में कार्यकर्ता घर-घर जाकर विरोध फॉर्म भरवा रहे हैं।
बस्तर क्षेत्र में नांगुर और आसपास के गांवों में ‘डोर-टू-डोर अभियान’ चलाकर ग्रामीणों से आवेदन लिए गए हैं।
अन्य जिले पर भी जांजगीर-चंपा (सक्ती), रायगढ़, दुर्ग और बैकुंठपुर (अंबिकापुर) जैसे इलाकों से भी ‘स्मार्ट मीटर हटाओ’ अभियान की खबरें हैं।
महिला संगठन को मिलेगी नई ताकत
महामंत्री भुवनेश्वरी दास ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए महिला संगठन को और मजबूत करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को जोड़ना पहली प्राथमिकता है। साथ ही, वार्ड स्तर पर पदाधिकारियों का चयन कर सभी महिलाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी।
स्थानीय समस्याएं: पानी, बिजली, सफाई
नेताओं का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में पानी, बिजली और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। गर्मी और बारिश, दोनों मौसम में परेशानी बनी हुई है। उनका सवाल है—केंद्र, राज्य और नगर में ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार होने के बाद भी ये समस्याएं क्यों बनी हैं?अगले चरण में यह मुद्दा और तेजी से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
जन चौपाल 36 विशेष :_स्मार्ट फोन स्मार्ट टीवी अब स्मार्ट मीटर हो गया कि जनता से पैसा वसूलें कैसे पर अभी देखना यह बाकी है कि जनता स्मार्ट कब होती है ,जनता स्मार्ट हो जाएगी तो सरकार को सोचना पड़ेगा।
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