जमीन के सीमांकन के लिए तहसील के चक्कर से राहत, अब ऑनलाइन होगा आवेदन
रायपुर- 8 सितंबर 2026
राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर नया सीमांकन मॉड्यूल सात दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जमीन मालिकों को सीमांकन के लिए सीधे तहसील कार्यालय जाकर आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। आवेदन लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर, राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल या सेवा सेतु के माध्यम से किया जा सकेगा।
जमीन के सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काटने वाले लोगों को आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है। छत्तीसगढ़ में सीमांकन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की तैयारी की जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन से लेकर राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट तक प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी।
आम नागरिक को सबसे बड़ा फायदा क्या?
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में पहुंचेगा और राजस्व निरीक्षक अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे आवेदक को प्रक्रिया किस स्तर पर पहुंची है, इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी।
निर्विवाद मामलों में आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। यदि सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष की औपचारिक आपत्ति आती है, तभी संबंधित व्यक्ति को कार्यालय बुलाया जा सकता है।
ऑफलाइन और मैन्युअल आवेदन की व्यवस्था कम होने से कागजी प्रक्रिया, अनावश्यक दौड़-भाग और बिचौलियों पर निर्भरता घटने की उम्मीद है। हालांकि नई व्यवस्था का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि ऑनलाइन आवेदन, समय-सीमा और मैदानी सीमांकन की प्रक्रिया कितनी प्रभावी ढंग से लागू होती है।
यह बदलाव ऐसे लोगों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है जिन्हें अपनी जमीन की वास्तविक सीमा स्पष्ट कराने के लिए लंबे समय तक राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सीमांकन प्रक्रिया के डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ने और आवेदकों को अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी आसानी से मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में राजस्व सेवाओं को डिजिटल करने की दिशा में पहले से ही B-1 और P-II की डिजिटल प्रमाणित प्रतियां, नामांतरण आवेदन एवं स्टेटस ट्रैकिंग, नजरी नक्शा और राजस्व न्यायालयों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। सीमांकन प्रक्रिया का ऑनलाइन होना इसी व्यवस्था की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है।
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