सावन के पहले सोमवार पर ताजमहल के गेट पर फिर टकराव, पुराना विवाद नई शक्ल में
न्यूज डेस्क O4 अगस्त 2026
सावन का महीना शुरू होते ही आगरा में हर साल दोहराया जाने वाला विवाद इस बार भी सामने आया। पुलिस को सूचना मिली थी कि अखिल भारत हिंदू महासभा से जुड़ी करीब 11 महिलाएं श्रावण के मौके पर ताजमहल में कांवड़ लेकर प्रवेश करने की कोशिश करेंगी, जिसके बाद संगठन की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ता पश्चिमी गेट तक पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
संगठन का कहना है कि जब स्मारक परिसर में कव्वाली हो सकती है, तो पूजा-अर्चना पर एतराज़ क्यों — यह तर्क वे बीते कई वर्षों से दोहराते आए हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि ‘तेजोमहालय’ शिव मंदिर होने का दावा कोई नया नहीं है — यह इतिहासकारों और पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के आधिकारिक दस्तावेज़ों में मान्यता-प्राप्त नहीं है, और इससे जुड़े मामले अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं, जहां अब तक कोई निर्णायक फैसला नहीं आया। इसलिए इसे ‘दावा’ के तौर पर ही देखा जाना उचित होगा, तथ्य के तौर पर नहीं।
बहरहाल, कुछ दिन पहले 29 जुलाई को भी मीना राठौर कांवड़ लेकर पश्चिमी गेट पहुंची थीं, जहां सुरक्षाकर्मियों ने रोकने के बाद उन्हें गंगाजल पास के राजेश्वर महादेव मंदिर में चढ़ाने पर राज़ी किया था, जबकि इससे ठीक पहले शनिवार को मथुरा से आए कार्यकर्ताओं ने मुख्य गुंबद में गंगाजल चढ़ाने का दावा किया था यानी सुरक्षा घेरे में सेंध की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
प्रशासन का रुख स्पष्ट है — पुलिस और सीआईएसएफ हर बार सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर प्रवेश रोकते आए हैं, और यह रुख इस बार भी बरकरार रहा।
लेकिन संगठन की चेतावनी है कि आने वाले हर सावन सोमवार को यह कोशिश दोहराई जाएगी। यानी अगले कुछ हफ्तों तक जब भी सोमवार आएगा, ताजमहल का पश्चिमी गेट फिर सुर्खियों में रह सकता है।
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