छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता स्व. विद्याचरण शुक्ल की जयंती मनाई गई, राजनीतिक योगदान को किया गया याद
रायपुर _02 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद द्वारा अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. विद्याचरण शुक्ल की जयंती सोमवार को स्व विद्याचरण शुक्ल उद्यान एवं शुक्ल भवन, बूढ़ापारा में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उनके चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा उपस्थित लोगों ने “स्व. विद्याचरण शुक्ल अमर रहें” के उद्घोष लगाए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. विद्याचरण शुक्ल के लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि वे देश और छत्तीसगढ़ की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे।
उन्होंने कई दशकों तक संसद में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया तथा केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण, विदेश, संसदीय कार्य, गृह सहित अनेक महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाला।
उनकी संगठन क्षमता, प्रशासनिक दक्षता और जनसंपर्क की शैली ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में विशेष पहचान दिलाई।
वक्ताओं ने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम चरण में स्व. विद्याचरण शुक्ल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा।
विभिन्न राजनीतिक दलों में रहते हुए भी उन्होंने प्रदेश के विकास, किसानों, युवाओं और आमजन के हितों को प्राथमिकता दी। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, रमेशचंद शुक्ल, छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद के महामंत्री रामअवतार देवांगन, प्रवक्ता नितिन कुमार झा, एमआईसी पार्षद अमर गिदवानी, डॉ. उदयभान सिंह चौहान, सतीश जग्गी, संजय मिश्रा, आभा मरकाम, संतोष शर्मा, शिरीष अवस्थी, विकास गुप्ता, राहुल शुक्ला, सुनील बाजारी, किशन बाजारी, सुरेन्द्र चौधरी, रवि शर्मा, राघवेन्द्र पाठक, डॉ. अजय शर्मा, विजय साहू सहित बड़ी संख्या में शुक्ल समर्थक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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