कोटा को फिर मिलेगी खोई हुई पहचान, 80 करोड़ से संवरेगा ऐतिहासिक चम्बल गार्डन, ओम बिरला करेंगे शिलान्यास
डिजिटल/न्यूज – 11 जुलाई 2026
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से इस ऐतिहासिक धरोहर के कायाकल्प का ऐलान किया है।जीवनदायिनी माँ चम्बल कोटा की आत्मा है और उसी के किनारे बसा ऐतिहासिक चम्बल गार्डन एक बार फिर अपनी खोई हुई चमक पाने जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से चम्बल गार्डन का समग्र पुनर्विकास किया जाएगा। नगर निगम कोटा दक्षिण द्वारा विशेषज्ञों की सलाह से इसकी विस्तृत डीपीआर तैयार की जा चुकी है। कल, 11 जुलाई को इसके पुनर्विकास कार्य का विधिवत शिलान्यास किया जाएगा।
ओम बिरला ने विश्वास जताया है कि दो वर्ष बाद जब पर्यटक यहाँ आएंगे, तो चम्बल गार्डन केवल घूमने का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक शहरी विकास, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम बनकर उभरेगा। योजना के तहत 20 मीटर चौड़ा भव्य हेरिटेज प्रवेश द्वार, नया टॉय ट्रेन स्टेशन, स्मार्ट ऑक्सीजन पार्क, ओपन जिम और पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह परियोजना कोटा के 2000 करोड़ के समग्र विकास पैकेज का हिस्सा है।
उन्होंने स्वीकार किया कि समय के साथ आधुनिक सुविधाओं के अभाव और बदलती आवश्यकताओं के कारण इस ऐतिहासिक गार्डन की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ती गई। फव्वारे बंद हो गए, टॉय ट्रेन थम गई, झूले टूट गए और गेट जर्जर हो गए। लेकिन अब इस विरासत को फिर से जीवंत करने का संकल्प लिया गया है।
ओम बिरला ने अपनी भावुक पोस्ट में लिखा है कि चम्बल गार्डन केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि कोटा ही नहीं पूरे हाड़ौती अंचल की पहचान हुआ करता था। एक दौर था जब बाहर से आने वाला हर अतिथि सबसे पहले चम्बल गार्डन देखने की इच्छा रखता था। बच्चों की छुट्टियाँ हों, परिवार के साथ बिताई गई सुनहरी शामें हों, स्कूलों की पिकनिक हो या पर्यटकों का भ्रमण, चम्बल गार्डन हर किसी की यादों का अभिन्न हिस्सा रहा है। इस उद्यान से कोटा की कई पीढ़ियों की भावनाएँ और अनगिनत स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं।
निश्चित रूप से यह कोटा वासियों के लिए गर्व का क्षण है कि उनकी यादों का चम्बल गार्डन फिर से नई पहचान के साथ लौट रहा है।
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