छत्तीसगढ़ के सिंचाई जलाशयों में बढ़ा जलस्तरप्रमुख बांधों में लाइव स्टोरेज 56.63 प्रतिशत तक पहुंचा
रायपुर/छत्तीसगढ़ 07 जुलाई 2026
मानसून की निरंतर सक्रियता को देखते हुए आने वाले दिनों में जलाशयों के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है।
प्रदेश में मानसून की सक्रियता का असर अब जलाशयों में साफ दिखाई देने लगा है। लगातार हो रही बारिश से राज्य के प्रमुख और मध्यम सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति में इजाफा हुआ है।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 12 प्रमुख जलाशयों में कुल लाइव स्टोरेज 56.63 प्रतिशत तथा 34 मध्यम जलाशयों में 42.13 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
कुल मिलाकर राज्य के प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में 54.34 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी बेहतर है।
राज्य के प्रमुख जलाशयों में दुधावा बांध 72.74 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 76.97 प्रतिशत, खारंग जलाशय 67.10 प्रतिशत तथा सोंढूर जलाशय 65.89 प्रतिशत क्षमता के साथ बेहतर स्थिति में हैं।
प्रदेश के सबसे बड़े मिनीमाता बांगो जलाशय का लाइव स्टोरेज अब 59.42 प्रतिशत हो गया है। वहीं रविशंकर सागर (गंगरेल) में 47.66 प्रतिशत, तांदुला में 43.93 प्रतिशत तथा सिकासार में 41.10 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है।
मध्यम जलाशयों में छिरपानी जलाशय 78.13 प्रतिशत, सूखा नाला बैराज 77.92 प्रतिशत, सुतियापाठ 73.28 प्रतिशत तथा पिपरिया नाला 70.19 प्रतिशत भर चुके हैं।
हालांकि कुछ जलाशयों में जलभराव अभी अपेक्षाकृत कम है, जिनमें परलकोट, कुम्हारी, केशवा और मयाना प्रमुख हैं।
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में राज्य के प्रमुख एवं मध्यम जलाशयों में कुल 3456.14 मिलियन घन मीटर पानी संग्रहित है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा लगभग 2084.08 मिलियन घन मीटर था।
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