खाड़ी टकराव – पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान टकराव से तेल बाजार में उथल-पुथल
अंतरराष्ट्रीय डिजिटल डेस्क/10 जून 2026
ईरान ,इसराइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता गया शांति वार्ता की बात आगे बढ़ी लेकिन कोई परिणाम तक नही पहुंच पाई।खबर पर अभी की स्थिति है कि देशों के बीच संघर्ष काफी बढ़ा हुआ है।
मध्य एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। ताजा घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने अपने एक सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाए जाने के बाद ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया।
तनाव बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और महंगाई पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय मानी जा रही है। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के कारण रुपये पर दबाव और ईंधन आयात लागत में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
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