प्रधानमंत्री ने जय प्रकाश नारायण पक्षी
अभयारण्य को भारत के 100 वें रामसर स्थल
के रूप में नामित किए जाने की सराहना की।
नई दिल्ली, 5 जून – भारत ने आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए रामसर स्थलों की संख्या 100 तक पहुंचा दी है। उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) को देश का 100वां रामसर स्थल घोषित किया गया है। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे भारत की पर्यावरण संरक्षण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरहा ताल पक्षी विविधता के मामले में अत्यंत समृद्ध आर्द्रभूमि है, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी पक्षी आते हैं। यह क्षेत्र जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि रामसर स्थलों के संदर्भ में भारत ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में सामुदायिक भागीदारी, विज्ञान, नवाचार और जनजागरूकता के माध्यम से आर्द्रभूमियों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार को नई मजबूती मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में चल रहे संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है। आर्द्रभूमियों की रक्षा से न केवल जैव विविधता का संरक्षण हो रहा है, बल्कि जल संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, स्थानीय समुदायों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों के संयुक्त प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में सहायक होंगे।


