नई दिल्ली, 01 मई 2026
भारत में शिक्षा का तरीका तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब केवल टेक्नोलॉजी की दुनिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्कूलों और कॉलेजों में भी अपनी जगह बना चुका है। देशभर के लाखों विद्यार्थी अब AI टूल्स की मदद से पढ़ाई कर रहे हैं, डाउट्स क्लियर कर रहे हैं और अपनी क्षमता के अनुसार सीख रहे हैं।
शिक्षाविदों का कहना है कि AI आधारित शिक्षा से हर बच्चे को उसकी अपनी गति और समझ के अनुसार सीखने का मौका मिलता है, जो पारंपरिक कक्षाओं में संभव नहीं था। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब स्मार्टफोन के जरिये बच्चे बेहतरीन शिक्षा पा रहे हैं।
सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता: उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता जो मनुष्यों की तरह ही कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला में ज्ञान को समझने, सीखने और लागू करने की क्षमता रखती है।किसी विशिष्ट कार्य या कार्यों के समूह को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है और अपनी निर्धारित क्षमताओं से परे कार्य नहीं कर सकता।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेताते हैं कि AI शिक्षक की जगह नहीं ले सकता। शिक्षक और AI का संयोजन ही भविष्य की शिक्षा का आधार होगा। सरकार भी अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत AI को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।
“AI अब बन रहा है विद्यार्थियों का सबसे बड़ा शिक्षक” — शिक्षा जगत में बड़ा बदलाव


