मुख्यमंत्री ने कहा- सफलता-असफलता जीवन का हिस्सा, सोना तपकर ही कुंदन बनता है।
लखनऊ: 27/04/2026
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) द्वारा वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का परिणाम घोषित होने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सफल छात्रों को हार्दिक बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही, उन्होंने उन छात्रों के लिए भी ढांढस बंधाया जो इस परीक्षा में असफल रहे। मुख्यमंत्री ने सभी के लिए सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वर्ष अत्यंत उत्साहजनक रहा है। अनेक बच्चों ने कठिन परिश्रम से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है। मैं सभी सफल बच्चों को ढेरों बधाईयां देता हूं।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि परीक्षा में सफल न होने वाले छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, “सफलता और असफलता जीवन के दो पहलू हैं। कोई भी परिणाम जीवन का पहला और अंतिम नहीं होता। यह एक नए आरंभ का अवसर होता है। सोना तपकर ही कुंदन बनता है। बच्चे देश का भविष्य हैं। अगर परिणाम सकारात्मक नहीं रहा है, तो निराश न हों। अपनी रुचि के विषय को समझें और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।”
इस बार की परीक्षा में, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में छात्रों की सफलता का प्रतिशत महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को ‘चरैवेति-चरैवेति’ (निरंतर चलते रहना) का संदेश दिया और उन्हें कभी हार न मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और नकल विहीन प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण माहौल प्रदान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने छात्रों की सफलता में अभिभावकों और शिक्षकों की अहम भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि उनका सहयोग और मार्गदर्शन छात्रों के लिए अनमोल है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें तैयार करता है।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का प्रमाण है, बल्कि उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलावों का भी एक संकेत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो उन्हें भविष्य में और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।


