36.2 C
Raipur
Friday, June 5, 2026

पश्चिम एशिया संकट पर भारत ने ऊर्जा संकट और आपूर्ति का बनाया संतुलन

Must read

डिजिटल डेस्क -नई दिल्ली 22/03/2026

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता ने जब वैश्विक ऊर्जा बाजार को अनिश्चितता के भंवर में धकेल दिया है, तब भारत सरकार का कमर्शियल एलपीजी कोटा 30% से बढ़ाकर 50% करने का निर्णय एक ‘सधा हुआ संतुलन’ प्रदर्शित करता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का यह कदम केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि संकट काल में अर्थव्यवस्था के पहिये को थामे रखने की एक दूरदर्शी रणनीति है।

उद्योग को संजीवनी, आम जन को सुरक्षा
23 मार्च 2026 से लागू होने वाला यह फैसला सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग जैसे उन क्षेत्रों को राहत देगा, जो ईंधन की किल्लत के कारण ठप होने की कगार पर थे। रिफाइनरियों में उत्पादन को 38% तक बढ़ाना यह दर्शाता है कि भारत अपनी आंतरिक क्षमताओं का दोहन कर वैश्विक झटकों को सहने के लिए तैयार है। सबसे प्रशंसनीय पहलू यह है कि कमर्शियल आपूर्ति बढ़ाते समय भी घरेलू एलपीजी, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों की प्राथमिकता से कोई समझौता नहीं किया गया है।

प्रबंधन की कड़वी लेकिन जरूरी खुराक
आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने ‘डिमांड मैनेजमेंट’ पर भी कड़ा रुख अपनाया है। सिलेंडर बुकिंग के अंतराल (गैप) को बढ़ाना—शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन—एक कड़वा लेकिन अनिवार्य निर्णय है। यह कदम पैनिक बाइंग को रोकने और स्टॉक के समान वितरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार केवल तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता की ओर देख रही है।

सतर्कता ही समाधान
संपादकीय नजरिए से देखें तो चुनौती अब इसके क्रियान्वयन (Implementation) की है। अतिरिक्त कोटे का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे और इसकी कालाबाजारी न हो, इसके लिए मुख्य सचिवों को दी गई सख्त निगरानी की हिदायत जमीन पर दिखनी चाहिए। सामुदायिक रसोई और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडरों को प्राथमिकता देना इस नीति के मानवीय चेहरे को उजागर करता है।

खबर सारांश:_ वैश्विक युद्ध और ऊर्जा संकट के काले बादलों के बीच, भारत ने अपनी घरेलू जरूरतों और व्यापारिक हितों के बीच जो संतुलन बनाया है, वह एक ‘रोल मॉडल’ की तरह है। यह नीतिगत सक्रियता न केवल महंगाई को नियंत्रित रखेगी, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी देश की विकास दर को सुरक्षा कवच प्रदान करेगी।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article