छत्तीसगढ़ के 33 में से 30 जिलों में नहीं हैं वरिष्ठ नागरिक गृह, केंद्र से शीघ्र व्यवस्था करने का आग्रह
डिजिटल डेस्क | नई दिल्ली/रायपुर | 10 मार्च 2026
रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और उनके सम्मानजनक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए आधारभूत सुविधाओं की कमी का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार से इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने बताया कि देश में अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के तहत संचालित वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र सरकार 705 वरिष्ठ नागरिक गृहों को सहायता प्रदान कर रही है। इनमें से केवल तीन वरिष्ठ नागरिक गृह ही छत्तीसगढ़ में संचालित हो रहे हैं।
मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के कुल 33 जिलों में से 30 जिलों में अभी तक एक भी वरिष्ठ नागरिक गृह उपलब्ध नहीं है। राज्य सरकार द्वारा किए गए जिला स्तरीय सर्वेक्षण के आधार पर इन जिलों को “गैप जिला” के रूप में चिन्हित किया गया है।
इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा तथा देखभाल के लिए आवश्यक सुविधाएं हर जिले में उपलब्ध होना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ के इन गैप जिलों में जल्द से जल्द वरिष्ठ नागरिक गृह स्थापित करने की दिशा में पहल की जाए।
मंत्रालय ने बताया कि इन कमियों को दूर करने के लिए विभाग अनुदान पोर्टल के माध्यम से पूरे वर्ष गैर-सरकारी संगठनों से आवेदन आमंत्रित करता है, ताकि ऐसे जिलों में वरिष्ठ नागरिक गृहों की परियोजनाओं को स्वीकृति देकर बुजुर्गों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
गंभीर बीमार बुजुर्गों की देखभाल का मुद्दा भी उठाया
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में गंभीर रूप से बीमार बुजुर्गों की देखभाल के लिए किए जा रहे प्रबंधों की जानकारी भी मांगी। मंत्रालय ने बताया कि अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों के लिए सतत देखभाल गृह (सीसीएच) संचालित किए जा रहे हैं, जिनके संचालन और रखरखाव के लिए केंद्र सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
वर्तमान में देशभर में ऐसे 13 सतत देखभाल गृह संचालित हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में अभी तक किसी भी संस्थान को इस योजना के तहत वित्तीय सहायता नहीं दी जा रही है। इस पर सांसद अग्रवाल ने राज्य में भी ऐसे देखभाल गृह स्थापित करने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित
मंत्रालय ने बताया कि वृद्धजनों की स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2010-11 में राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE) शुरू किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों के लिए मोबाइल मेडिकेयर यूनिट, फिजियोथेरेपी क्लिनिक और अन्य सुविधाओं के संचालन के लिए भी विभिन्न संस्थाओं को अनुदान दिया जाता है।
साथ ही राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनकी पारिवारिक आय 15 हजार रुपये प्रति माह से कम है, उन्हें जीवन सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा एल्डरलाइन राष्ट्रीय हेल्पलाइन 14567 के माध्यम से भी वरिष्ठ नागरिकों को सहायता प्रदान की जा रही है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा और सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।


