नई दिल्ली, 11 जनवरी 2026
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे कर्मचारियों से औपनिवेशिक सोच त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने घोषणा की कि अंग्रेजों के जमाने का बंद गले का काला सूट अब रेलवे का औपचारिक पोशाक नहीं रहेगा।यह पहनावा निरीक्षण, परेड, विशेष अवसरों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पहना जाता था, लेकिन ग्रुप-डी, ट्रैकमैन व तकनीकी स्टाफ पर लागू नहीं था।
70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार समारोह में बोलते हुए वैष्णव ने कहा, “औपनिवेशिक मानसिकता को खोज-खोजकर हटाना होगा—चाहे काम का तरीका हो या पहनावा।”2026 के छह बड़े संकल्परेल मंत्री ने 2026 के लिए “52 हफ्ते, 52 सुधार” अभियान की घोषणा की। इसमें सेवा, उत्पादन, निर्माण, अनुरक्षण व सुविधाओं पर फोकस होगा।
उन्होंने युवा कार्यबल, नवाचार व आत्मविश्वास से रेलवे को 2047 तक विकसित भारत का स्तंभ बनाने का लक्ष्य रखा।नवाचार और तकनीक पर जोर नई तकनीकी नीति बनेगी, जिसमें AI व नवाचार अपनाए जाएंगे।12 इनोवेशन अवार्ड: सर्वश्रेष्ठ टीम को ₹1 लाख, अन्य को ₹50 हजार।इनोवेशन पोर्टल लॉन्च: समस्याओं के समाधान के लिए स्टार्टअप्स को जोड़ा जाएगा।रैपिड टेस्टिंग मैकेनिज्म: ट्रायल के लिए 50% लागत व ₹1.50 करोड़ तक अनुदान।सफल तकनीक पर चार वर्षों तक सीरीज ऑर्डर।वैष्णव ने अनुरक्षण, सुरक्षा व प्रशिक्षण पर कठोर फोकस की बात कही। ट्रैक मेंटेनेंस को नए स्तर पर ले जाने और प्रतिभा विकास पर जोर दिया।


