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Thursday, November 5, 2026

दिव्यांग बच्चों के लिए बेमेतरा में मूल्यांकन शिविर, 227 बच्चों का परीक्षण

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सहायक उपकरणों के लिए बच्चों का चिन्हांकन और मापन, शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

बेमेतरा, 4 नवंबर 2026। जिले में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आंकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिले के चारों विकासखंडों के कुल 227 दिव्यांग बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और मूल्यांकन किया गया।

शिविर का आयोजन विकासखंड बेमेतरा एवं नवागढ़ के बच्चों के लिए शासकीय जिला चिकित्सालय बेमेतरा तथा साजा एवं बेरला विकासखंड के बच्चों के लिए बीआरसीसी (BRCC) साजा में किया गया।

सहायक उपकरणों के लिए बच्चों का चिन्हांकन

शिविर में रायपुर से पहुंची एलिम्को (ALIMCO) की विशेषज्ञ टीम ने बच्चों की दिव्यांगता और व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हांकन एवं मापन की प्रक्रिया पूरी की। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य परीक्षण और दिव्यांगता संबंधी मूल्यांकन किया। पात्र बच्चों को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने तथा उनकी जरूरत के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की गई।

शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक, समग्र शिक्षा सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा श्रीमती प्रेमलता पद्माकर के दिशा-निर्देशानुसार शिविर आयोजित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना, उनकी शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाना और जरूरत के अनुसार सुविधाएं प्रदान करना है। सहायक उपकरण मिलने से बच्चों को दैनिक गतिविधियों में सहूलियत मिलने के साथ उनकी आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों-कर्मचारियों का रहा योगदान

शिविर के सफल आयोजन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री अभय जायसवाल, जिला मिशन समन्वयक श्री नकुल प्रसाद पनागर, समावेशी शिक्षा प्रभारी श्रीमती रेणुका चौबे, बीआरपी बेमेतरा श्रीमती रजनी देवांगन, बीआरपी नवागढ़ श्रीमती सरिता सतनामी, बीआरपी साजा श्री चन्द्रकांत वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का योगदान रहा।

शिविर के माध्यम से चिन्हांकित बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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