जीवन है जगत है, माया है प्रकाश है,, अंधकार है,जन्म है मृत्यु है पर, यह सब क्यों है?? मनुष्य क्या यही सब देखने अनुभव करने के लिए पैदा होता है!! अगर जन्म आध्यात्म है, इसके पीछे आत्मा की कहानी है तो, जीवन विज्ञान की ओर क्यूं बढ़ जाता है,या जन्म भी एक विज्ञान है:
Janchoupal 36
ज्ञान सागर है,विज्ञान इसकी लहरें
जहां ज्ञान होता है, वहीं विस्तार होता है — ठीक उसी तरह जैसे समुद्र विशाल होता है। समुद्र की गहराई में मौन और स्थिरता होती है, परंतु सतह पर लहरें हमेशा बाहरी हवाओं से प्रभावित होकर उठती-गिरती रहती हैं। कभी-कभी यह हवाएं इतनी तीव्र होती हैं कि तूफान उत्पन्न कर देती हैं। लेकिन उस गहराई में फिर भी शांति बनी रहती है।
यही जीवन का भी सच है। जीवन बाहर से चंचल, सक्रिय और प्रभावित होता हुआ दिखता है, पर भीतर एक मौन गहराई छुपी होती है — जहां आत्मा का वास है।
हमें यह समझना चाहिए कि मौत कोई बाहरी घटना नहीं है। वह हमारे ही भीतर रहती है, वहीं पलती है, और समय आने पर प्रकट होती है। इसलिए प्राचीन ऋषियों ने बार-बार कहा — “अंतर की यात्रा करो।”
भीतर की ओर यात्रा
हमारी चेतना में आठ प्रमुख चक्र (कुंडलियाँ) होते हैं। ध्यान और साधना के माध्यम से हम इन्हें सक्रिय या शांत कर सकते हैं। ध्यान की अवस्था में समय की गति धीमी पड़ जाती है — यह आत्मानुभूति का क्षण होता है।
इसलिए कहा गया है:
“जो खोज बाहर कर रहे हो, वह सब तुम्हारे भीतर ही है।”
जीवन एक कहानी, और मौत एक कविता💫
अगर जीवन को एक कहानी मान लें, तो मौत निश्चित रूप से एक कविता है।
कहानी हकीकत पर आधारित होती है — इसमें संघर्ष है, दर्द है, पीड़ा है, उठना-गिरना है।
पर कविता कल्पना में रहती है — वह अदृश्य है, अनुभूति में है, और किसी कोमल छाया की तरह हमारे भावों को स्पर्श करती है।
हमें लगता है कि यह सारा संसार — इसकी उत्पत्ति, कल्पना और रंगमंच — शायद मौत की ही कल्पना है।जहां कल्पना है, वहां कविता है। और जहां यथार्थ है, वहां कहानी है।
निष्कर्ष:🪔
इस लेख का उद्देश्य डर फैलाना नहीं, बल्कि मौत को समझना है।
जब हम उसे बाहर से देखने के बजाय भीतर से महसूस करते हैं, तो वह भयावह नहीं, बल्कि एक शांत कविता बन जाती है — जो जीवन की कहानी को अर्थ और पूर्णता देती है।
डिस्क्लेमर:यह लेख संक्षिप्त स्वविचार और व्यक्तिगत जिज्ञासा है।उत्तम विचार कोई विवाद का विषय नहीं है, ना ही कोई विवाद चाहिए।बस एक छोटी सी जानकारी लिखी गई है,त्रुटियों पर नजर अंदाज कर क्षमा करेंगे।🙏


