रायपुर_ 16 फरवरी 2026
आग में तीसरी मंजिल स्थित कार्यालय के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलने की सूचना है, जबकि शॉर्ट सर्किट को प्राथमिक कारण बताया जा रहा है।
राजधानी रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में लगी आग की घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर ने आज प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने आबकारी विभाग में संगठित भ्रष्टाचार और कर्मचारियों के वेतन घोटाले का आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।
यूथ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आबकारी विभाग में लंबे समय से वेतन कटौती और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। अब अचानक आग लगने की घटना ने संदेह को और गहरा कर दिया है। संगठन का आरोप है कि कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती किसके आदेश पर हुई और कटे हुए पैसों का उपयोग कहां किया गया, इसका स्पष्ट जवाब प्रशासन को देना होगा।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बीते शनिवार देर रात आबकारी भवन की तीसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। इसी मंजिल पर आबकारी निगम का एक महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होता है। आग की चपेट में आने से विभाग की कई अहम फाइलें और दस्तावेज जलने की सूचना सामने आई है।
बताया जा रहा है कि जिस सेक्शन में आग लगी, वहीं से सोमवार से आय–व्यय से जुड़ा ऑडिट शुरू होना था। शनिवार को पूरे दिन ऑडिट की तैयारियों के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही बनी रही। लेकिन देर रात कार्यालय बंद होने के कुछ समय बाद ही आग भड़क उठी। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत ऑडिट से जुड़े कक्ष से हुई। दमकल विभाग के पहुंचने तक रिकॉर्ड रूम को भारी नुकसान हो चुका था और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
- प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के साथ-साथ एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम भी मौके की जांच कर रही है। आग लगने के वास्तविक कारणों और दस्तावेजों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
यूथ कांग्रेस की मांग
यूथ कांग्रेस ने इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि आग लगने के पीछे साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान दोषियों पर सख्त कार्रवाई और विभागीय भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई जाएगी।


