छत्तीसगढ़ में SIR के तहत कटे 25 लाख नाम डॉ. डहरिया का हमला – चुनाव आयोग हर नाम की समीक्षा करे
रायपुर -04 अक्टूबर 2026
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने छत्तीसगढ़ में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान मतदाता सूची से करीब 25 लाख नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे केंद्र की भाजपा सरकार और भारत निर्वाचन आयोग की सुनियोजित साजिश बताया और आरोप लगाया कि दोनों मिलकर नागरिकों का मताधिकार छीनने का काम कर रहे हैं।
डॉ. डहरिया ने कहा, “जब वोट देने का अधिकार ही छीना जा रहा है, तो देश में लोकतंत्र कहाँ बचा है?” उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर अपनी निष्पक्षता को दरकिनार कर काम कर रहा है।
2023 के अंतर से चार गुना ज्यादा नाम कटे
आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए डॉ. डहरिया ने दावा किया कि प्रदेश में SIR के तहत 24,99,823 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनके अनुसार, 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल वोटों का अंतर 6,32,382 (4.04%) था। यानी हटाए गए नामों की संख्या इस अंतर से लगभग चार गुना है। उन्होंने इसे चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश बताया।
19 लाख से अधिक नाम ‘शिफ्टेड/एब्सेंट’ में
पूर्व मंत्री के मुताबिक, हटाए गए नामों में से 19,13,540 मतदाताओं को ‘शिफ्टेड’ या ‘एब्सेंट’ श्रेणी में डालकर सूची से बाहर किया गया। उन्होंने सवाल किया कि ठोस भौतिक सत्यापन और सुनवाई का मौका दिए बिना इतने बड़े पैमाने पर नाम काटना किस कानून के तहत सही है। उन्होंने इसे नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया।
डॉ. डहरिया की तीन मांगें
1. निर्वाचन आयोग अपनी निष्पक्षता साबित करे और हटाए गए सभी 24.99 लाख नामों की पारदर्शी व व्यक्तिगत समीक्षा करे।
2. 19 लाख से अधिक लोगों को ‘शिफ्टेड/एब्सेंट’ बताने का आधार और संबंधित रिपोर्ट की सूची सार्वजनिक की जाए।
3. जिन वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से कटे हैं, उन्हें तुरंत सूची में दोबारा जोड़ा जाए।
डॉ. डहरिया ने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगी।
- Advertisement -
- Advertisement -