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Thursday, October 29, 2026
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पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, तेल की कीमतों पर बढ़ा ग्लोबल तनाव का असर…जानें आज का भाव

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 पेट्रोल-डीजल : 29 सितंबर को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ी अनिश्चितता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है, ऐसे में ग्लोबल क्रूड के उतार-चढ़ाव पर घरेलू ईंधन बाजार की नजर बनी हुई है।तेल मार्केटिंग कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट अपडेट करती हैं। ऐसे में वाहन चालकों के लिए अपने शहर का ताजा भाव जानना जरूरी है।

दिल्ली में पेट्रोल-डीजल का आज का रेट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 29 सितंबर को पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।वहीं, मुंबई में पेट्रोल का भाव 111.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.97 रुपये प्रति लीटर है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और अन्य स्थानीय शुल्क अलग होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।

इन बड़े शहरों में कितना है पेट्रोल और डीजल का भाव

शहरपेट्रोलडीजल
दिल्ली102.12 रुपये95.20 रुपये
मुंबई111.31 रुपये97.97 रुपये
जमशेदपुर106.09 रुपये101.23 रुपये
चेन्नई107.78 रुपये99.56 रुपये
लखनऊ101.86 रुपये95.36 रुपये
पटना113.35 रुपये99.36 रुपये
कानपुर101.78 रुपये95.27 रुपये
भोपाल115.41 रुपये100.47 रुपये
मेरठ101.44 रुपये94.91 रुपये

कच्चे तेल की कीमतों पर क्यों है बाजार की नजर

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तथा होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। यह समुद्री मार्ग कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे जुड़ी किसी भी बड़ी अनिश्चितता का असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड मार्केट पर पड़ सकता है।

तेल कंपनियों पर बढ़ सकता है दबाव

भारत में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का सीधा असर तेल मार्केटिंग कंपनियों की लागत पर पड़ता है। मौजूदा परिस्थितियों में कंपनियों के मार्जिन और अंडर-रिकवरी पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय क्रूड, रुपये की विनिमय दर और घरेलू टैक्स जैसे कई कारक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को प्रभावित करते हैं।

आपके शहर में आज कितना है पेट्रोल-डीजल

पेट्रोल और डीजल के रेट शहर के हिसाब से अलग हो सकते हैं। इसलिए वाहन में ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें। तेल कंपनियों की ओर से रोजाना सुबह 6 बजे कीमतों को अपडेट किया जाता है।

सोने-चांदी की कीमतों में आज बड़ी गिरावट, MCX पर सोना 1.50 लाख के नीचे फिसला…जानें आपके लिए क्या है मतलब

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 नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ने का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया है। मंगलवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। MCX पर कीमती धातुओं के भाव नीचे आने से बाजार में हलचल बढ़ गई है। त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में आई इस नरमी से खरीदारी करने वाले ग्राहकों की नजरें अब बाजार के अगले रुख पर टिक गई हैं।

MCX पर सोने का भाव कितनी गिरावट के साथ पहुंचा

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना आज 3,171 रुपये यानी 2.07 फीसदी टूट गया। तेज गिरावट के बाद सोने का भाव 1,50,106 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।लगातार तेजी के बाद सोने की कीमत में आई यह गिरावट बाजार के लिए अहम मानी जा रही है। कारोबारियों की ओर से सौदों में कमी किए जाने का असर भी कीमतों पर देखने को मिला है।

चांदी में भी जोरदार बिकवाली, भाव 2.28 लाख रुपये के करीब

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी दबाव देखने को मिला। MCX पर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 6,477 रुपये यानी 2.76 फीसदी की गिरावट के साथ 2,28,219 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।बाजार में बिकवाली बढ़ने और कारोबारियों द्वारा अपने पोजीशन कम करने को इस गिरावट की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।

विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव

भारतीय बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी गई। न्यूयॉर्क के कॉमेक्स बाजार में सोने का वायदा भाव 2.37 फीसदी गिरकर 4,183.18 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया।वहीं, चांदी में गिरावट और ज्यादा रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 4.09 फीसदी फिसलकर 61.66 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।

सोने और चांदी में अचानक क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

कीमती धातुओं की कीमतों में आई कमजोरी के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों के कई कारक बताए जा रहे हैं।

घरेलू मांग कमजोर पड़ने से बढ़ा दबाव

घरेलू बाजार में ज्वेलर्स और बड़े खरीदारों की ओर से हाजिर मांग में कमी आने से सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ा। कीमतों में तेजी के बाद खरीदारी की रफ्तार धीमी होने का असर भी बाजार पर पड़ा है।

अमेरिकी बाजार के संकेतों ने भी बदला रुख

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने वैश्विक बाजार के समीकरण को प्रभावित किया है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों के कारण निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला। इसका असर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर भी पड़ा।

क्या आगे फिर बढ़ सकती है सोने-चांदी की कीमत

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल की तेज तेजी के बाद कीमतों में आया करेक्शन बाजार की सामान्य गतिविधि का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, मौजूदा समय में वैश्विक संकेतों के कारण उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है।ऐसे में सोना या चांदी खरीदने वाले ग्राहकों और निवेशकों के लिए केवल एक दिन की गिरावट के आधार पर फैसला लेने के बजाय बाजार के आगे के रुख और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा।

पंचांग: तृतीया तिथि पर तर्पण से मिलेगा पितरों का आशीर्वाद, मंगलवार को जरूर करें ये काम

 पंचांग  : आज 29 सितंबर, 2026 मंगलवार, के दिन आश्विन महीने की कृष्ण पक्ष तृतिया तिथि है. इस तिथि के देवता अग्नि है. यह तिथि नए निर्माण करने के साथ-साथ किसी भी तरह की कलात्मक गतिविधियों के लिए अच्छी मानी जाती है.

29 सितंबर का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2083
  • मास : आश्विन
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष तृतिया
  • दिन : मंगलवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष तृतिया
  • योग : व्यघात
  • नक्षत्र : अश्विनी
  • करण : वणिज
  • चंद्र राशि : मेष
  • सूर्य राशि : कन्या
  • सूर्योदय : 06:13:00 AM
  • सूर्यास्त : 06:10:00 PM
  • चंद्रोदय : 07:44 PM
  • चंद्रास्त : 08:40 AM
  • राहुकाल : 15:10 से 16:40
  • यमगंड : 10:41 से 12:11

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में रहेगा. नक्षत्र गणना में अश्विनी पहला नक्षत्र है. इसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13.2 डिग्री तक होता है. इसके देवता अश्विनी कुमार है, जो जुड़वा देवता है और देवताओं के चिकित्सक के रूप में प्रसिद्ध है. इसका स्वामी ग्रह केतु है. यह नक्षत्र यात्रा करने, हीलिंग, ज्वैलरी बनाने, अध्ययन की शुरुआत, वाहन खरीदने/बेचने के लिए अच्छा माना जाता है. नक्षत्र का वर्ण हल्का और तेज होता है. खेल, सजावट और ललित कला, व्यापार, खरीदारी, शारीरिक व्यायाम, गहने पहनने और निर्माण या व्यापार शुरू करने, शिक्षा और शिक्षण, दवाएं लेने, ऋण देने और लेने, धार्मिक गतिविधियों, विलासिता की वस्तुओं का आनंद लेने के लिए भी इस नक्षत्र में कार्य किए जा सकते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:10 से 16:40 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

राशिफल: आज मेष राशि वालों की बल्ले-बल्ले, काम में मिलेगी पहचान और लाभ के अवसर

 मेष- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आज आपका दिन अनुकूलता से भरा रहेगा. सभी कामों में सफलता मिलने से प्रसन्नता का अनुभव करेंगे. कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी. आर्थिक क्षेत्र में आपका दिन लाभदायक साबित होगा. मित्रों और सगे-संबंधियों के साथ मुलाकात से घरेलू वातावरण आनंद और उल्लास से भरा रहेगा. उत्तम वस्त्र और भोजन मिलेगा. मित्र वर्ग तथा रिश्तेदारों से उपहार मिल सकता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन अच्छा है.

वृषभ- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आज आपको सावधानीपूर्वक रहने की जरूरत है. आपका मन अनेक प्रकार की चिंताओं से घिरा रहेगा. स्वास्थ्य भी नरम रहेगा. विशेष रूप से आंख में तकलीफ होगी. स्नेहीजनों और परिजनों के साथ मनमुटाव के अवसर खड़े होने से मन में ग्लानि का अनुभव होगा. कार्य अधूरे रह सकते हैं. किसी नए काम को शुरू करने की बजाय अधूरे पड़े काम को करने की कोशिश करें. खर्च की मात्रा बढ़ेगी. उचित पारिश्रमिक नहीं मिलने से मन में निराशा होगी. बड़ों की सलाह के बिना कोई गलत निर्णय ले सकते हैं.

मिथुन- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आपका आज का दिन विविध लाभों की प्राप्ति कराने वाला होगा. परिवार में पुत्र और पत्नी से लाभदायक समाचार मिलेंगे. मित्रों संग मुलाकात आपको आनंदित करेगी. व्यापारी वर्ग की आय में वृद्धि होगी. नौकरी में उच्च पदाधिकारियों की कृपा दृष्टि रहेगी. विवाहोत्सुक व्यक्तियों को जीवनसाथी मिलने का योग है. महिला मित्रों से लाभ होगा. आनंददायक प्रवास का आयोजन होगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा.

कर्क- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. ऑफिस में उच्चाधिकारी आपसे खुश होकर उत्साह बढ़ाएंगे. पदोन्नति या वेतनवृद्धि होने की संभावना है. परिवार के सदस्यों के साथ सम्बंध मजबूत होंगे. मान-सम्मान में वृद्धि होने से प्रसन्नता मिलेगी. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. सरकारी कामकाज भी अच्छी तरह पूरे होंगे. आज कोई अधूरा काम भी पूरा करेंगे. आपके लिए समय लाभ का बना रहेगा. हालांकि पैसों का निवेश करने से पहले आपको बेहद ध्यान रखना होगा.

सिंह- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. उग्रता और क्रोध से मन कहीं नहीं लगेगा. वाद-विवाद में इगो के कारण किसी की नाराजगी झेलनी पड़ेगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उतावलेपन में निर्णय लेने से नुकसान होने की आशंका बनी रहेगी. नौकरी और व्यापार में अवरोध आने से निर्धारित काम पूरे नहीं कर सकेंगे. धार्मिक यात्रा का आयोजन होगा. प्रेम जीवन में सकारात्मक स्थिति के लिए आपको अपने प्रिय की भावनाओं को भी महत्व देना चाहिए.

कन्या- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. आपको खान-पान में विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. आवेश और क्रोध की अधिकता रहेगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. ज्यादा काम के कारण आज आप चिड़चिड़े हो सकते हैं. वाणी पर भी संयम बरतने की जरूरत है. अनैतिक कामों से दूर रहें. नियम विरोधी किसी काम के कारण परेशानी खड़ी ना हो. खर्च की अधिकता रहेगी. आज प्रेेम जीवन में भी असंतुष्टि रहेगी. जीवनसाथी से किसी पुराने मतभेद पर फिर बहस हो सकती है.

तुला- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज का दिन सफलता और आमोद-प्रमोद से भरा होगा. पूरे दिन मन में प्रसन्नता का अनुभव करेंगे. सार्वजनिक जीवन में सफलता और सिद्धि प्राप्त करेंगे. दोस्तों के मौज-मस्ती पर धन खर्च होगा. नए वस्त्राभूषण की खरीदारी होगी तथा उसे पहनने का अवसर मिलेगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. उत्तम भोजन और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होगी. प्रेम-प्रसंग के लिए दिन शुभ होगा.

वृश्चिक- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा. आज किसी नए व्यक्ति से मित्रता हो सकती है. शारीरिक और मानसिक स्वस्थता बनी रहेगी. खर्च पर नियंत्रण होगा. बीमार व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार होता हुआ प्रतीत होगा. विरोधियों और दुश्मनों को पराजित कर सकेंगे. ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा. मित्रों के साथ मुलाकात होगी. आर्थिक लाभ की संभावना है. अधूरे पड़े काम पूरे होंगे. अति उत्साह में आकर काम बिगाड़े नहीं. धैर्य और समझदारी के साथ काम करें.

धनु- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज आपको यात्रा ना करने की सलाह दी जाती है. संतान के स्वास्थ्य और पढ़ाई की चिंता रह सकती है. मेहनत करने पर भी आज काम में सफलता नहीं मिलेगी. क्रोध पर संयम रखें. दोपहर बाद साहित्य एवं कला में रुचि रहेगी. मन में कल्पना की तरंगे उठेंगी. बौद्धिक चर्चाओं से दूर रहने की कोशिश करें. रोमांस के लिए समय अच्छा है. प्रियपात्र के साथ रोमांस के पलों का आनंद ले पाएंगे.

मकर- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आपका आज का दिन प्रतिकूलताओं से भरा रहेगा, जिससे मन में चिंता का अनुभव होगा. शरीर में स्फूर्ति और ताजगी का अभाव रहेगा. सार्वजनिक जीवन में मानहानि होने की आशंका रहेगी. सीने में दर्द रहने की शिकायत हो सकती है. अधीनस्थों के साथ काम लेने में खुद के व्यवहार को नियंत्रण में रखें. परिजनों के साथ आप विवाद करने से बचें. विद्यार्थियों का मन भटकेगा और पढ़ाई में मन नहीं लगेगा.

कुंभ- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. चिंताओं के बादल हटने से आप हल्कापन महसूस करेंगे. मन में उत्साह रहेगा. दिन आनंदपूर्वक गुजरेगा. भाई-बंधुओं एवं स्नेहीजनों से मेल-जोल बढ़ेगा. आज कोई महत्वपूर्ण योजना भी बना सकते हैं. किसी छोटी यात्रा का आयोजन हो सकता है. परिजनों के साथ त्योहारी खरीदारी के लिए बाहर जाना हो सकता है. आज खर्च पर आपको नियंत्रण रखना होगा, अन्यथा बाद में आपको दु:ख होगा.

मीन- 29 सितंबर, 2026 मंगलवार को मेष राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. आर्थिक आयोजन करने के लिए आज शुभ दिन है. निर्धारित काम पूरे होंगे. आय बढ़ेगी. आज निवेश के लिए भी योजना बना सकेंगे. घर, जमीन या वाहन के दस्तावेजी काम के लिए भी आज किस्मत आपका साथ देगी. परिवार में सुख और शांति का वातावरण बना रहेगा. सुरुचिपूर्ण भोजन प्राप्त होगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा मन की स्वस्थता आप बनाए रख सकेंगे. हालांकि किसी भी काम को जल्दबाजी में करने से नुकसान हो सकता है. संतान संबंधी चिंता दूर होगी.

सख्त फैसलों और त्वरित कार्रवाई से चर्चा में रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी

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रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी इन दिनों अपने सख्त रवैये और मौके पर तत्काल निर्णय लेने की कार्रवाइयों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने खराब हालत में मिली एक बस को तत्काल सीज करने के निर्देश दिए थे। खास बात यह रही कि कलेक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारी इसी बस से एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचे थे। बस की स्थिति देखने के बाद उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में महिला की शिकायत पर तहसीलदार को फटकार

एक जनसुनवाई के दौरान जमीन से जुड़े मामले की शिकायत लेकर पहुंची ग्रामीण महिला ने बताया कि वह कई दिनों से तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रही है। शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने तत्काल गुढ़ तहसीलदार को फोन किया और मामले में देरी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारी को प्रकरण का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।

आरटीओ कार्यालय के औचक निरीक्षण में सख्ती

कलेक्टर के आरटीओ कार्यालय के औचक निरीक्षण की भी चर्चा रही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कथित तौर पर दलालों की गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाया। प्रशासनिक कार्यालयों में आम लोगों को परेशानी न हो, इसे लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

MPPSC से राज्य सेवा में चयन, पदोन्नति से बने IAS

नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी मध्य प्रदेश कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। उनका प्रशासनिक करियर सीधे UPSC के जरिए शुरू नहीं हुआ। वे मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से राज्य प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए।

रतलाम और निवाड़ी में भी संभाली कमान

रीवा कलेक्टर बनने से पहले सूर्यवंशी मध्य प्रदेश के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं। वे रतलाम और निवाड़ी के कलेक्टर भी रह चुके हैं। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

लगातार मैदानी निरीक्षण, जनसुनवाई में शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई और अधिकारियों को मौके पर निर्देश देने के कारण उनकी कार्यशैली चर्चा में रहती है। हाल की बस सीज करने की कार्रवाई और जनसुनवाई में तहसीलदार को फटकार इसी कार्यशैली के उदाहरण के तौर पर सामने आए हैं।

ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर जानी जरूरतें, अधिकारियों को राहत शिविर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

रायगढ़। महानदी के बढ़ते जलस्तर से रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया अंचल में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी आज प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचे। श्री चौधरी ने सरिया स्थित कन्या शाला में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर वहाँ ठहरे ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहत शिविर में चौधरी ने माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने बाढ़ के कारण उत्पन्न परेशानियों और परिवारों की आवश्यकताओं की जानकारी ली। मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर प्रभावित ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें साझा कीं।

श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में आना पड़ा है। यह समय प्रभावित परिवारों के लिए कठिन जरूर है, लेकिन वे स्वयं को अकेला न समझें। शासन-प्रशासन उनके साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, दवाइयों, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में रह रहे किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखने के निर्देश दिए।

श्री चौधरी ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और महानदी के जलस्तर की सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करे। उल्लेखनीय है कि महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रायगढ़ जिले के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों तक पहुंचाने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

एक्सक्लूसिव संवाद: ‘चोर मचाए शोर’ या सत्ता की राजनीतिक मँझधार?

राजनीतिक चर्चा- 28 सितंबर 2026

(दृश्य: रात का समय, ढलती शाम में एक पुराने चाय के टपरे पर दो राजनीति-मर्मज्ञ बैठे हैं। 55 वर्षीय ज्योतिपति चश्मा ठीक करते हुए चाय की चुस्की ले रहे हैं, तभी 30 वर्षीय युवा पत्रकार/विचारक ज्वाला उनके पास आकर बैठता है।)

ज्वाला: (ज्योतिपति के कान के पास झुककर, रहस्यमयी अंदाज़ में) ज्योतिपति जी! आपने वो पुरानी मशहूर कहावत तो सुनी होगी—”चोर मचाए शोर”?

ज्योतिपति: (अपनी गहरी, तजुर्बेकार नज़र ज्वाला पर टिकाते हुए) ज्वाला! तुम्हारे शब्दों में आज चिंगारी कुछ ज़्यादा ही तेज़ लग रही है। आख़िर तुम्हारी इस सुलगती हुई सुई का इशारा किस तरफ़ है?

ज्वाला: (साफ़ और बेबाक लहज़े में) इशारा साफ़ है ज्योतिपति जी! आज देश में जो राजनीतिक बवंडर चल रहा है, जिस पर गोदी मीडिया केवल ऊपरी तौर पर बरस रहा है, मैं उसके गहरे पानी की बात कर रहा हूँ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीधा वार करते हुए यहाँ तक कह दिया कि ‘मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) तो भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं।’

ज्योतिपति: (धीमी आवाज़ में) यह आरोप नया नहीं है ज्वाला, लेकिन इसके पीछे की टाइमलाइन को ध्यान से देखो।

ज्वाला: वही तो! गणित देखिए ज्योतिपति जी—चुनाव आयुक्त, 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अफ़सर। जनवरी 2024 में सहकारिता मंत्रालय से रिटायर होते हैं और मार्च में सीधे चुनाव आयुक्त बना दिए जाते हैं। कार्यभार सँभालने के ठीक अगले दिन लोकसभा चुनाव की घोषणा होती है और महज़ एक साल के भीतर वे देश के मुख्य चुनाव आयुक्त बन जाते हैं।

ज्योतिपति: तो तुम्हारा मानना है कि खड़गे का यह बयान और राहुल गांधी द्वारा इस्तीफ़े की माँग यूं ही नहीं है?

ज्वाला: बिल्कुल नहीं! राहुल गांधी इस मुद्दे पर आर-पार के मूड में हैं। विपक्ष अब 30 तारीख़ को बड़ी बैठक कर रहा है और चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े को लेकर जन-आंदोलन की तैयारी है। पर मज़ाक देखिए ज्योतिपति जी, यह बात जनता तक पहुँची कैसे? जब चुनाव आयोग के ही अंदरूनी खींचतान (सहायक चुनाव आयुक्तों के मतभेद) की ख़बरें बाहर आईं! इसीलिए मैंने कहा—चोर मचाए शोर! संस्था के अंदर ही जब दरार हो, तो बाहर आवाज़ तो जाएगी ही।

ज्योतिपति: (गंभीरता से मुस्कुराते हुए) और यही पैटर्न तुम्हें कहीं और भी दिखता है क्या?

ज्वाला: बिल्कुल! यही हाल तो राम मंदिर के चढ़ावे वाले विवाद में भी हुआ। राम मंदिर बना, करोड़ों सनातनियों की बरसों की प्रतीक्षा पूरी हुई, यह बहुत ही शुभ हुआ। लेकिन जब व्यवस्था पूरी तरह सरकार और उससे जुड़े ट्रस्ट के अधीन थी, फिर भी चढ़ावे में धांधली की बातें बाहर आईं और जनता को पता चली, तो सवाल तो उठेगा ही ना कि पहरेदारी के बावजूद यह शोर क्यों मचा?

ज्योतिपति: लेकिन ज्वाला, अब तो भाजपा उल्टा राहुल गांधी से ही माफ़ी माँगने की ज़िद पर अड़ी है।

ज्वाला: वही तो सोचने वाली बात है ज्योतिपति जी! राहुल गांधी माफ़ी क्यों माँगे? उन्होंने तो वही कहा जो तंत्र के अंदर से छनकर बाहर आया। अब जब बात निकल ही गई है, तो दूर तक तो जाएगी ही!

ज्योतिपति: बात सिर्फ़ चुनाव आयोग या बयानों तक सीमित नहीं है ज्वाला, ज़रा सड़क का तापमान भी तो नापो।

ज्वाला: आप सही कह रहे हैं। आज सत्ताधारी पार्टी के ख़िलाफ़ हर वर्ग सड़कों पर है।
युवा और Gen-Z: रोज़गार और अनिश्चितता से निराश होकर हड़ताल पर हैं।
किसान: एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं और चेतावनी दे रहे हैं।
सवर्ण समाज: ‘UGC रोलबैक’ के नारों के साथ नई मुहिम छेड़ चुके हैं।

क्या देश में एक अजीब सी राजनीतिक अस्थिरता का माहौल नहीं बन गया है? राजनीतिक बयानबाज़ी की बाढ़ में देश की आम जनता आज मझधार में फँसी दिख रही है।

ज्योतिपति: (चाय का कुल्हड़ नीचे रखते हुए) तुमने बहुत सटीक शब्द पकड़ा है ज्वाला
—‘मझधार’। चाहे SIR का मुद्दा हो या UGC रोलबैक का, जनता सत्ता और विपक्ष के दांव-पेचों के बीच फँसी है। 2029 का चुनाव अभी दूर ज़रूर है, लेकिन यह मँझधार तय करेगी कि जनता किनारे लगेगी या सत्ता की नाव इस राजनीतिक बहाव में बह जाएगी।

ज्वाला: और इसमें चुनाव आयोग का ताज़ा नाटक भी देख लीजिए! मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच मतभेद की ख़बरें जब उड़ने लगीं, तो शनिवार को आनन-फानन में आयोग को बैठक करके प्रेस रिलीज़ जारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि “पश्चिम बंगाल और बिहार समेत देश भर में SIR के फ़ैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।”

ज्योतिपति: (गहरी साँस लेते हुए) प्रेस रिलीज़ से काग़ज़ साफ़ हो सकते हैं ज्वाला, लेकिन जनता के मन का संदेह इतनी आसानी से नहीं मिटता। यह तो आने वाला चुनावी मौसम ही बताएगा कि कौन सा मुद्दा मुख्यधारा में टिकता है और कौन राजनीति की बलि चढ़ जाता है। चलिए, देखते हैं कि ऊँट किस करवट बैठता है!
(संवाद के अंत में दोनों उठते हैं, पृष्ठभूमि में चुनावी राजनीति का ताना-बाना और गहराता दिखता है।)

महतारी वंदन योजना से लक्ष्मी मांझी की जिंदगी में आया बदलाव, सिलाई मशीन ने खोली आत्मनिर्भरता की राह

रायपुर :- महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह खोल रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरखपुर के आवास मोहल्ला निवासी लक्ष्मी मांझी की कहानी भी इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल है।

लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें लगातार आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि भी उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई है। इस आर्थिक सहायता ने उनके लिए न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान बनाया, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दिया।

सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया स्वरोजगार

लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदने का निर्णय लिया। सिलाई मशीन मिलने के बाद उन्होंने घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। अब वे आसपास की महिलाओं और परिवार के लोगों के कपड़े सिलकर अपनी आय अर्जित कर रही हैं।

पहले जहां अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता रहती थी, वहीं अब सिलाई के काम से होने वाली आमदनी के माध्यम से लक्ष्मी मांझी परिवार की आर्थिक व्यवस्था में स्वयं योगदान दे रही हैं। घर से ही काम करने की सुविधा के कारण वे घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वरोजगार भी कर पा रही हैं।

बच्चों की पढ़ाई में भी कर रहीं सहयोग

लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि सिलाई से होने वाली आय और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी कर रही हैं। बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पाना उनके लिए संतोष और आत्मविश्वास का विषय है।

वे कहती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हुई है। इसी सहायता को बचाकर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और आज यही मशीन उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। इससे उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू जीवन भी हुआ आसान

लक्ष्मी मांझी को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का लाभ भी प्राप्त हुआ है। इससे खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है और घरेलू कार्य पहले की तुलना में अधिक आसान हुए हैं। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

सरकारी योजनाओं का लाभ बन रहा आत्मनिर्भरता का आधार

लक्ष्मी मांझी का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों को आगे बढ़ने और अपने लिए नए अवसर तैयार करने का रास्ता भी मिलता है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपनी जरूरतों के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने में किया, जिससे अब वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं।

लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से मिली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।

लक्ष्मी मांझी की यह कहानी इस बात की मिसाल है कि यदि आर्थिक सहायता का सही उपयोग किया जाए तो सरकारी योजनाएं परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार भी बन सकती हैं।

सेवा की कहानी: अमृत सरोवर बना महिलाओं की आजीविका का आधार, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

रायपुर – गांव में बना अमृत सरोवर अब जल संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का जरिया भी बन रहा है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरीमकेला के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अमृत सरोवर में मछली पालन शुरू कर आय की नई राह बनाई है। पहले किसी आयमूलक गतिविधि से नहीं जुड़ी इन महिलाओं को सरोवर के रूप में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन मिला तो उन्होंने सामूहिक प्रयास से इसे अपनी आजीविका का माध्यम बना लिया। पहली बार मछलियों की बिक्री से हुई आमदनी ने समूह का हौसला बढ़ाया है और अब महिलाओं ने दोबारा मछली पालन शुरू कर दिया है।

पहली बिक्री से मिली आमदनी ने बढ़ाया महिलाओं का हौसला

ज्योति स्व-सहायता समूह की सदस्य रजनी चौहान बताती हैं कि अमृत सरोवर मिलने के बाद समूह ने पहली बार मछली पालन की गतिविधि शुरू की। तैयार हुई मछलियों में से लगभग 15 किलो मछली की बिक्री की गई, जिससे समूह को पहली बार इस गतिविधि से आमदनी हुई।

मछली पालन से मिली इस शुरुआती सफलता ने समूह की महिलाओं को इसे आगे भी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। अब महिलाएं इस गतिविधि को नियमित आजीविका के साधन के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

दोबारा शुरू किया मछली पालन, नियमित आजीविका बनाने की तैयारी

रजनी बताती हैं कि समूह ने एक बार फिर अमृत सरोवर में मछलियां डाली हैं। इस बार 10 पैकेट डाले गए हैं। समूह की महिलाएं मिलकर मछली पालन का काम कर रही हैं और आने वाले समय में इससे अपनी आमदनी को और बढ़ाना चाहती हैं। अमृत सरोवर से जुड़ने से पहले समूह के पास ऐसी कोई आयमूलक गतिविधि नहीं थी। अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल संसाधन का उपयोग करते हुए महिलाएं सामूहिक रूप से मछली पालन कर रही हैं। इससे उन्हें गांव में ही काम और आय का अवसर मिला है।

“आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे”

रजनी चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “पहले हम लोग समूह में कुछ नहीं करते थे। अब अमृत सरोवर मिला है, जिसमें मछली पालन कर रहे हैं और हमारी आजीविका बढ़ रही है। आगे भी हम लोग आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे।” उन्होंने समूह की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

जल संरक्षण के साथ आजीविका का भी बना माध्यम

सेवा संकल्प अभियान के तहत ज्योति स्व-सहायता समूह की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि गांव में तैयार जल संरचनाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। अमृत सरोवर में मछली पालन से रजनी और उनकी साथी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। अब उनका प्रयास इस गतिविधि को आगे बढ़ाकर अपनी आमदनी मजबूत करने और अपने पैरों पर खड़े होने का है।