20.1 C
Raipur
Wednesday, October 28, 2026
Home Blog Page 56

रायपुर में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की महारैली, महंगाई भत्ता और कैशलेस इलाज समेत इन मांगों को लेकर धरना

रायपुर, 30 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ (पंजीयन क्रमांक 249) के आह्वान पर आज प्रदेश के कर्मचारियों की मांगों एवं ज्वलंत समस्याओं के निराकरण हेतु कर्मचारी भवन, जय जवान पेट्रोल पंप के सामने, रायपुर में धरना प्रदर्शन एवं महारैली का आयोजन किया गया।

संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य राज्य के कर्मचारियों को देय तिथि से महंगाई भत्ता, महंगाई राहत और कैशलेस चिकित्सा सुविधा के नियम-निर्देश जारी करना है।

प्रमुख मांगें :

केंद्रीय कर्मचारियों एवं मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की भांति छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर 240 दिन के स्थान पर 300 दिवस का अवकाश नगदीकरण दिया जाए।
संविदा, दैनिक वेतन भोगी तथा अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जाए और उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त सहायक वर्ग-3 कर्मचारियों को मुद्रलेखन परीक्षा उत्तीर्ण करने की छूट दी जाए और अनुकंपा नियुक्ति में 10% की सीलिंग समाप्त की जाए।

ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक का पदनाम परिवर्तित कर ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी एवं सेक्टर स्वास्थ्य पर्यवेक्षक का सेक्टर स्वास्थ्य अधिकारी किया जाए।

आईटीआई के कर्मचारी एवं अधिकारियों को समयमान वेतनमान का लाभ एवं पदोन्नति दी जाए।

छात्रावास अधीक्षकों को योग्यता के आधार पर मंडल संयोजक, क्षेत्र संयोजक, सहायक सांख्यिकी अधिकारी जैसे पदों पर विभागीय परीक्षा के माध्यम से पदोन्नति का अवसर दिया जाए।

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज व्यापार विकास सहकारी संघ मर्यादित के मूल कर्मचारियों को वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में सम्मिलित किया जाए।

समस्त विभागों में शासन के आरक्षण नियमानुसार अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति देकर रिक्त पदों पर भर्ती की जाए।
वर्क डिपार्टमेंट में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारियों को निर्धारित समयावधि में पदोन्नति का लाभ दिया जाए।
पेंशनरों के लिए भी कैशलेस चिकित्सा योजना लागू की जाए।

यह महारैली आज पूर्वाह्न 11:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित की गई। इन सभी प्रमुख मांगों को ज्ञापन के रूप में माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय मुख्य सचिव को संबोधित कर जिला कलेक्टर अथवा जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को सौंपा जाएगा।

उक्त जानकारी संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, जिला अध्यक्ष रामचंद्र टांडी, कार्यकारी जिला अध्यक्ष पीतांबर पटेल एवं संभागीय कोषाध्यक्ष साहिल मोतिया द्वारा संयुक्त रूप से दी गई।

रायपुर के मॉल में पार्किंग शुल्क पर आयोग का बड़ा फैसला, ग्राहक से वसूली को माना अनुचित…55 हजार रुपये लौटाने का आदेश

 रायपुर। मॉल में खरीदारी या अन्य काम से पहुंचने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर राज्य उपभोक्ता आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। सड्डू स्थित एक मॉल से जुड़े मामले में आयोग ने पार्किंग शुल्क वसूलने की प्रक्रिया को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना है। आयोग ने मॉल प्रबंधन की अपील खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें ग्राहकों के लिए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए थे।

जिला फोरम के आदेश को चुनौती देने पहुंचा था मॉल प्रबंधन

मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने मॉल प्रबंधन को ग्राहकों से पार्किंग शुल्क नहीं लेने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ मॉल प्रबंधन ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की थी।राज्य आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद जिला फोरम के फैसले को कायम रखा और मॉल प्रबंधन की अपील को खारिज कर दिया।

ग्राहक को मिलेंगे 55 हजार रुपये, 45 दिन की समय सीमा

अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने 24 सितंबर को मामले में फैसला सुनाया। आयोग ने शिकायतकर्ता ग्राहक को मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार रुपये और मुकदमे में हुए खर्च के लिए 5 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।मॉल प्रबंधन को कुल 55 हजार रुपये की राशि 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर फैसले की तारीख से 7 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।

दुकानदारों से मेंटेनेंस शुल्क लेने के बाद पार्किंग फीस पर सवाल

आयोग ने अपने फैसले में मॉल की ओर से दुकानदारों से पहले ही विभिन्न सुविधाओं के रखरखाव के नाम पर शुल्क लिए जाने का भी उल्लेख किया। इसमें एसी, लाइट, सुरक्षा व्यवस्था और एस्केलेटर के मेंटेनेंस जैसी सेवाएं शामिल हैं।आयोग के अनुसार, ऐसी स्थिति में ग्राहकों से अलग से पार्किंग शुल्क लेने की व्यवस्था पर सवाल उठता है। इसके अलावा ग्राहक की जानकारी के बिना फास्टैग से राशि काटने के तरीके को भी आयोग ने उचित नहीं माना।

फ्री पार्किंग की जानकारी देने वाला बोर्ड भी नहीं था

मामले में यह बात भी सामने आई कि पार्किंग स्थल पर 10 मिनट की निशुल्क पार्किंग या वाहन छोड़ने की सुविधा से संबंधित कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड मौजूद नहीं था। आयोग ने इस व्यवस्था को भी नियमों के अनुरूप नहीं माना।फैसले के बाद अब मॉल में पार्किंग शुल्क की वसूली और ग्राहकों को दी जाने वाली जानकारी की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शारदीय नवरात्रि से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, पूजा के दिनों में नहीं होगी भागदौड़…घर पर ऐसे करें पूरी तैयारी

0

 Essential Navratri Puja Preparation Tips: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है। इस दौरान श्रद्धालु घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की स्थापना कर नौ दिनों तक विधि विधान से पूजा करते हैं। नवरात्रि के दौरान पूजा पाठ के साथ साफ सफाई, सजावट और पूजन सामग्री की व्यवस्था जैसे कई काम भी करने पड़ते हैं।अगर इन तैयारियों को पहले ही पूरा कर लिया जाए तो नवरात्रि के दिनों में अनावश्यक भागदौड़ से बचा जा सकता है। खासकर घटस्थापना से पहले पूजा स्थल और जरूरी सामान व्यवस्थित कर लेना काफी सुविधाजनक रहता है।

पूजा वाली जगह को पहले ही करें पूरी तरह तैयार

नवरात्रि शुरू होने से पहले घर की साफ सफाई कर लें। जिस स्थान पर मां दुर्गा की स्थापना करनी है, उस जगह की विशेष रूप से सफाई करें। पूजा घर, मंदिर, चौकी और आसपास के हिस्से को साफ करके वहां से अनावश्यक सामान हटा दें।पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी एक जगह व्यवस्थित करके रखना बेहतर रहेगा। इससे पूजा के समय सामान तलाशने में समय नहीं लगेगा।

माता की चौकी की सजावट पहले ही कर लें

मां दुर्गा की स्थापना के लिए इस्तेमाल होने वाली चौकी को पहले से तैयार रखें। चौकी पर बिछाने के लिए साफ कपड़ा और माता की चुनरी अलग निकालकर रख दें।अगर पूजा स्थल को फूल, बंदनवार या अन्य सजावटी सामग्री से सजाने की योजना है तो उसका सामान भी पहले ही खरीदकर रख लें। इससे नवरात्रि के पहले दिन जल्दबाजी नहीं करनी पड़ेगी।

पूजा की थाली में जरूरी सामान पहले से रखें

नवरात्रि के दिन पूजा की तैयारी करते समय छोटी छोटी चीजों के लिए बार बार उठने की जरूरत न पड़े, इसके लिए पूजा की थाली पहले से तैयार की जा सकती है।इसमें रोली, अक्षत, मौली, कपूर, दीपक और पूजा में इस्तेमाल होने वाली अन्य आवश्यक सामग्री व्यवस्थित करके रख लें। जरूरत के अनुसार सामग्री की सूची बनाकर उसे एक बार जांच लेना भी उपयोगी रहेगा।

कलश स्थापना की सामग्री की चेकलिस्ट बना लें

घटस्थापना से पहले कलश, नारियल, आम के पत्ते, जौ और अन्य जरूरी पूजन सामग्री की पूरी सूची तैयार कर लें। घर में उपलब्ध सामान को अलग कर लें और जो चीजें नहीं हैं, उन्हें पहले ही खरीदकर रख लें।इस तरह नवरात्रि की शुरुआत के दिन बाजार जाने की परेशानी कम हो जाएगी और पूजा की तैयारी समय पर पूरी की जा सकेगी।

फूल और सजावट का इंतजाम आखिरी समय पर न छोड़ें

नवरात्रि के दौरान पूजा और सजावट के लिए फूलों की जरूरत लगातार रहती है। इसलिए फूलों की व्यवस्था पहले से तय कर लेना बेहतर है। ताजे फूलों के साथ कृत्रिम फूलों का भी इस्तेमाल सजावट के लिए किया जा सकता है।पहले से व्यवस्था रहने पर पूजा के दिनों में फूलों की तलाश में समय बर्बाद नहीं होगा और पूजा स्थल भी व्यवस्थित रखा जा सकेगा।

राजनांदगांव में तिमाही परीक्षा के बीच 250 छात्र पहुंचे सरकारी कार्यक्रम में, शिक्षा विभाग की निगरानी पर उठे सवाल

 राजनांदगांव। सरकारी स्कूलों में चल रही तिमाही परीक्षाओं के बीच राजनांदगांव में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा विभाग की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरवपथ स्थित पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्कूल के करीब 250 विद्यार्थियों को निर्धारित परीक्षा में शामिल कराने के बजाय मंगलवार को पद्म गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित सेवा संकल्प अभियान और युवा खिलाड़ी संवाद कार्यक्रम में भेज दिया गया।बताया जा रहा है कि विद्यार्थियों को कार्यक्रम में भेजने से पहले स्कूल प्रबंधन की ओर से शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखित सूचना नहीं दी गई। साथ ही परीक्षा स्थगित करने की अनुमति भी नहीं ली गई थी।

नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की परीक्षा रह गई

मंगलवार सुबह कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी निर्धारित तिमाही परीक्षा देने के लिए स्कूल पहुंचे थे। इसी दौरान करीब 250 विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष में भेजने के बजाय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना कर दिया गया।ऑडिटोरियम में आयोजित युवा खिलाड़ी संवाद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद थे। विद्यार्थियों के कार्यक्रम में पहुंचने के कारण उनकी तय परीक्षा नहीं हो सकी।

राज्य की तय समय-सारणी के बावजूद परीक्षा नहीं हुई

तिमाही परीक्षा का कार्यक्रम राज्य स्तर पर निर्धारित किया गया है। वहीं विद्यार्थियों के लिए प्रश्नपत्र जिला स्तर पर तैयार किए गए हैं। ऐसे में निर्धारित तारीख पर परीक्षा नहीं होने से परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।परीक्षा की तैयारी करके स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों को अचानक कार्यक्रम में भेजे जाने की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावकों में भी नाराजगी बताई जा रही है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नहीं मिली परीक्षा रोकने की सूचना

मामले में सबसे बड़ा सवाल विभागीय समन्वय को लेकर उठ रहा है। विद्यार्थियों को परीक्षा से हटाकर किसी अन्य कार्यक्रम में भेजने की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पहले से नहीं थी।यदि स्कूल स्तर पर परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया था तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। इसी तरह विद्यार्थियों को सरकारी कार्यक्रम में भेजने से पहले विभागीय अनुमति ली गई थी या नहीं, यह भी जांच का विषय बन गया है।

DEO बोले, विभाग ने परीक्षा रोकने का कोई आदेश नहीं दिया

जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने स्पष्ट किया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत शिक्षा विभाग को केवल भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों की परीक्षा रोकने या उन्हें वहां भेजने के संबंध में विभाग की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।DEO के अनुसार तिमाही परीक्षा निरस्त करने का आदेश भी शिक्षा विभाग ने नहीं दिया है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर त्रुटि बताया है। इससे अब स्कूल स्तर पर लिए गए फैसले और परीक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर आगे कार्रवाई की स्थिति पर नजर बनी हुई है।

अक्टूबर से AC और फ्रिज खरीदना होगा महंगा, कई कंपनियों ने बढ़ाए दाम…जानिए कितना पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

0

 AC Fridge Price Surge October: अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही घरेलू उपकरण खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के बजट पर असर पड़ सकता है। AC, फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। कॉपर, स्टील और प्लास्टिक जैसी जरूरी वस्तुओं की लागत बढ़ने के कारण कंपनियों ने कीमतों में संशोधन शुरू कर दिया है।

इन बड़ी कंपनियों के प्रोडक्ट हो सकते हैं महंगे

ब्लू स्टार, गोदरेज अप्लायंसेज, हायर, डाइकिन और सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने अलग अलग कैटेगरी में कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कई प्रोडक्ट्स पर करीब 4 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।पैनासोनिक भी कीमतों में बदलाव को लेकर विचार कर रही है। वहीं LG और बाश होम कंफर्ट की ओर से AC की कीमतों में लगभग 5 फीसदी तक बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है।

AC की कीमत पर कॉपर की बढ़ती कीमत का सीधा असर

एयर कंडीशनर के निर्माण में कॉपर का महत्वपूर्ण इस्तेमाल होता है। हायर इंडिया के प्रेसिडेंट एनएस सतीश के मुताबिक, पिछले साल कॉपर की कीमत लगभग 8,000 से 9,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के आसपास थी। अब यह बढ़कर करीब 14,500 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।एक AC के निर्माण में करीब 3 से 4 किलो कॉपर का इस्तेमाल होता है। ऐसे में कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर तैयार प्रोडक्ट की कीमत पर पड़ना स्वाभाविक है।

दिवाली के बाद फिर बढ़ सकते हैं AC के दाम

मौजूदा लागत दबाव आगे भी जारी रहा तो कंपनियां आने वाले महीनों में एक और कीमत वृद्धि कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली के बाद और फिर जनवरी में AC की कीमतों में दोबारा बदलाव की संभावना जताई गई है।इसका मतलब है कि AC खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को आने वाले समय में कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

हर कंपनी एक ही तारीख से नहीं बढ़ाएगी कीमत

कमोडिटी की लागत में करीब 8 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी के बीच कंपनियों पर कीमतों में संशोधन का दबाव है। हालांकि सभी कंपनियां एक ही तारीख से नई कीमत लागू करेंगी, ऐसा जरूरी नहीं है।कुछ कंपनियां अक्टूबर से संशोधित कीमतें लागू कर सकती हैं, जबकि कुछ ब्रांड नवंबर से अपने प्रोडक्ट महंगे कर सकते हैं।

कॉपर के साथ स्टील और प्लास्टिक भी बढ़ा रहे लागत

AC और दूसरे घरेलू उपकरणों की कीमतों पर सिर्फ कॉपर महंगा होने का असर नहीं है। स्टील और प्लास्टिक समेत कई अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से भी कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ी है।ब्लू स्टार के एमडी बी. त्यागराजन के अनुसार, कंपनी इस साल पहले ही तीन बार कीमतों में वृद्धि कर चुकी है। पिछले साल के त्योहारी सीजन की तुलना में कंपनियों की लागत में करीब 15 फीसदी तक बढ़ोतरी का दावा किया गया है।

छत्तीसगढ़ में शोर पर लग सकती है सख्ती, नए कानून का ड्राफ्ट तैयार…30 दिन में जनता से मांगे सुझाव और आपत्तियां

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में ध्वनि प्रदूषण और अनियंत्रित शोर को लेकर सरकार अब नया कानूनी प्रावधान लाने की तैयारी में है। राज्य के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक मसौदा तैयार कर लिया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून को लेकर आम लोगों, विशेषज्ञों, संस्थाओं और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।

1985 के कानून में बदलाव की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया मसौदा

गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी ने मौजूदा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक बदलावों को ध्यान में रखते हुए नए विधेयक का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। सरकार का उद्देश्य प्रस्तावित कानून को लेकर अलग अलग वर्गों की राय सामने लाना है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया में प्राप्त सुझावों पर विचार किया जा सके।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है प्रस्तावित विधेयक

राज्य सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए प्रस्तावित विधेयक का प्रारंभिक मसौदा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जारी किया है। ड्राफ्ट को छत्तीसगढ़ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस और प्रेस रिलीज सेक्शन में उपलब्ध कराया गया है।

नागरिक और संबंधित पक्ष मसौदे का अध्ययन करने के बाद उसके किसी प्रावधान को लेकर अपनी राय, सुझाव या आपत्ति शासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

30 दिनों के भीतर भेजनी होगी राय, इन वर्गों को भी मौका

सरकार ने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 दिनों की समय सीमा तय की है। इस दौरान आम नागरिकों के अलावा विषय विशेषज्ञ, संस्थाएं और अन्य संबंधित हितधारक भी प्रस्तावित कानून पर अपनी प्रतिक्रिया शासन तक पहुंचा सकेंगे।सरकार की ओर से मिली प्रतिक्रियाओं को आगे की विधायी प्रक्रिया में ध्यान में रखा जाएगा। इसके बाद प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर विधेयक को लेकर अगला कदम तय किया जाएगा।

इस पते पर भेज सकते हैं सुझाव और आपत्तियां

प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 को लेकर सुझाव या आपत्ति इस पते पर भेजी जा सकती है:

प्रमुख सचिव,
छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग,
मंत्रालय, महानदी भवन,
नवा रायपुर, अटल नगर।

सरकार की पहल से आम लोगों की राय को मिलेगा मौका

नए विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने के पीछे सरकार का उद्देश्य प्रस्तावित कानूनी व्यवस्था पर नागरिकों और संबंधित पक्षों से प्रतिक्रिया प्राप्त करना है। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद सामने आने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करते हुए विधेयक की आगे की प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का बदला स्वरूप, इस बार तीन दिन होगा आयोजन….विकास और भविष्य की थीम पर रहेगा फोकस

 रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 इस बार नए स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। हर साल होने वाले राज्य स्थापना दिवस समारोह की अवधि में बदलाव करते हुए इसे पांच दिन के बजाय तीन दिनों तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। राज्योत्सव का आयोजन 1 नवंबर से 3 नवंबर 2026 तक किया जाएगा।नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में राज्योत्सव के साथ राज्य अलंकरण समारोह की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों को समयसीमा के भीतर जिम्मेदारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

22 अक्टूबर तक विभागों को देनी होगी तैयारी की जानकारी

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को अपनी तैयारियों की जानकारी निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभागों को 22 अक्टूबर तक अपनी-अपनी प्रदर्शनी और आयोजन से जुड़ी तैयारियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा।इस बार राज्योत्सव को किसी एक केंद्रीय थीम के आधार पर आयोजित करने पर विशेष जोर दिया गया है। कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों में प्रदेश के विकास, भविष्य की संभावनाओं और नई दिशा को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की तैयारी है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से लेकर अंजोर छत्तीसगढ़ तक थीम

राज्योत्सव में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। विभागीय प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश में हुए विकास कार्यों के साथ भविष्य की योजनाओं और संभावनाओं को भी लोगों के सामने रखने की तैयारी है।इस दौरान राज्य की उपलब्धियों, विकास गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को प्रदर्शनी तथा अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।

40 राज्य स्तरीय अलंकरण और पुरस्कार होंगे प्रदान

राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से 40 राज्य स्तरीय अलंकरण और पुरस्कार दिए जाएंगे। बैठक में पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया को तय समय-सारणी के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले अलंकरण समारोह की तैयारियों को भी राज्योत्सव की मुख्य आयोजन योजना के साथ समन्वित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मेला स्थल से लेकर मंच तक अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी

राज्योत्सव के आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सीएसआईडीसी, एनआरडीए और लोक निर्माण विभाग मेला स्थल का ले-आउट तैयार करने के साथ स्टॉल आवंटन, विकास प्रदर्शनी, मुख्य मंच, डोम, पंडाल, बैठक व्यवस्था और बैरिकेडिंग से जुड़े काम देखेंगे।वहीं जनसंपर्क विभाग और चिप्स को प्रचार-प्रसार के साथ हाईटेक मीडिया सेंटर की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।

सिटी बस, पेयजल और स्वच्छता की भी होगी व्यवस्था

नगर निगम रायपुर और एनआरडीए नागरिक सुविधाओं से जुड़े इंतजाम संभालेंगे। इनमें सिटी बस सेवा, पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था शामिल है।जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात नियंत्रण, पार्किंग और अग्निशमन से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग चिकित्सा सेवाओं और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।ऊर्जा विभाग को पूरे आयोजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

समयसीमा में तैयारी पूरी करने पर जोर

बैठक में राज्योत्सव से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं से लेकर प्रदर्शनी, सुरक्षा, यातायात, नागरिक सुविधाओं और प्रचार-प्रसार तक सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।इस बार तीन दिनों तक चलने वाले राज्योत्सव को थीम आधारित स्वरूप में आयोजित करने की तैयारी है, जिसमें छत्तीसगढ़ के वर्तमान विकास के साथ प्रदेश के भविष्य और नई संभावनाओं को भी प्रमुखता से सामने रखा जाएगा।

भिलाई में युवा कांग्रेस चुनाव पर फर्जी वोटिंग के आरोप, सरकारी ITI में ऑनलाइन मतदान कराने की शिकायत…पुलिस जांच की मांग

 भिलाई: छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में कथित फर्जी मतदान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र से प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अर्जुन शर्मा ने खुर्सीपार थाने में शिकायत देकर ऑनलाइन वोटिंग प्रक्रिया में फर्जी पहचान के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के मुताबिक, खुर्सीपार स्थित सरकारी आईटीआई में युवाओं से ऑनलाइन मतदान कराए जाने का आरोप है। अर्जुन शर्मा ने सेक्टर-10 निवासी अनिल सिंह और उनके साथियों पर वोट मैनेज कराने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फर्जी पहचान और OTP के इस्तेमाल का आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि युवा कांग्रेस के ऑनलाइन चुनाव के दौरान कथित तौर पर फर्जी मतदाता पहचान का इस्तेमाल कर वोट डलवाए गए। कुछ मामलों में वर्चुअल नंबर और OTP के जरिए मतदान कराए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें खुर्सीपार स्थित सरकारी आईटीआई में युवाओं से ऑनलाइन वोटिंग कराए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

AI से वीडियो तैयार कर चुनावी ऐप पर अपलोड करने का भी दावा

शिकायतों में एक अन्य तरह की अनियमितता के आरोप भी सामने आए हैं। कुछ लोगों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर AI तकनीक से वीडियो तैयार करने और उन्हें चुनावी ऐप पर अपलोड किए जाने का दावा किया गया है।इन आरोपों की वास्तविकता क्या है, इसे लेकर फिलहाल जांच का इंतजार है। पुलिस शिकायत के आधार पर उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर सकती है।

दुर्ग और बिलासपुर से भी शिकायतों की जानकारी

भिलाई के अलावा दुर्ग ग्रामीण, बिलासपुर और कुछ अन्य क्षेत्रों से भी मतदान के अंतिम दौर में कथित फर्जी वोटिंग को लेकर शिकायतें सामने आने की बात कही गई है।छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस की ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया 29 सितंबर को समाप्त हो चुकी है। फिलहाल चुनाव से जुड़े वोटों की स्क्रूटनी की प्रक्रिया चल रही है। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान संदिग्ध वोटों की जांच की जाएगी और जांच में फर्जी पाए जाने वाले वोटों को निरस्त किया जा सकता है।

पहले भी विवादों में रहा दुर्ग-भिलाई क्षेत्र

युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के दौरान दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में इससे पहले भी विवाद सामने आ चुका है। सितंबर की शुरुआत में खुर्सीपार में प्रचार के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था।बताया गया था कि भिलाई नगर विधानसभा अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रोबिन सिंह के प्रचार के दौरान कांग्रेस पार्षद सुभद्रा सिंह और उनके बेटे रोहन सिंह की दूसरे पक्ष के प्रत्याशी अर्जुन शर्मा के भाई शुभम शर्मा से बहस हुई थी। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला था।अब ऑनलाइन मतदान में कथित अनियमितता की शिकायत सामने आने के बाद युवा कांग्रेस के चुनाव को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। फिलहाल शिकायत पुलिस के पास पहुंच चुकी है और आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिलासपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का खुलासा, पोस्टमार्टम में गला घोंटने की पुष्टि; पति-सास और देवर गिरफ्तार

 बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक नवविवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति, देवर और सास को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पारिवारिक विवाद और दहेज की मांग को लेकर महिला के साथ मारपीट की गई और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटकाने का प्रयास किए जाने की बात जांच में सामने आई है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है।

शादी के बाद दो बेटियां हुईं, इसके बाद बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार ग्राम सकर्रा निवासी 26 वर्षीय दुर्गा निर्मलकर की शादी वर्ष 2022 में सैदा निवासी रोहित निर्मलकर से हुई थी। शादी के बाद दुर्गा ने दो बेटियों को जन्म दिया।मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि दूसरी बेटी के जन्म के बाद ससुराल वालों का व्यवहार बदल गया। महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने लगा। परिजनों का यह भी आरोप है कि दुर्गा पर मायके से 1 लाख 65 हजार रुपये लाने का दबाव बनाया जा रहा था।

अचानक तबीयत बिगड़ने की दी गई जानकारी

26 सितंबर को दुर्गा के मायके वालों को सूचना मिली कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई है और वह बेहोश हो गई है। इसके बाद उसे पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।दूसरी ओर, ससुराल पक्ष की ओर से परिजनों को बताया गया कि दुर्गा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि मायके वालों को इस दावे पर संदेह हुआ और उन्होंने मामले की जांच की मांग की।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा

दुर्गा के भाई विदेशी निर्मलकर ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन को दहेज के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि 1 लाख 65 हजार रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर दुर्गा के साथ मारपीट की जाती थी।घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आत्महत्या के बजाय हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।

पूछताछ में बयानों में सामने आया विरोधाभास

पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने दुर्गा के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, ससुराल पक्ष के लोगों के बयानों में अंतर सामने आया। इसके बाद उनसे कड़ाई से पूछताछ की गई।पुलिस का दावा है कि पूछताछ में 26 सितंबर को दहेज और पारिवारिक विवाद को लेकर दुर्गा के साथ मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई। आरोप है कि इसी दौरान उसके गले में पट्टा डालकर खींचा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद शव को फंदे पर लटकाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, महिला की मौत के बाद आरोपियों ने मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। आरोप है कि शव को कमरे में साड़ी के सहारे फंदे पर लटका दिया गया।पड़ोसियों ने दुर्गा को फंदे पर लटका देखा तो उसे नीचे उतारा और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी और सिम्स में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पति, देवर और सास जेल भेजे गए

पुलिस ने मामले में दुर्गा के पति रोहित निर्मलकर, देवर मोहित निर्मलकर और सास ठगिया निर्मलकर को आरोपी बनाया है। तीनों के खिलाफ BNS की धारा 80, 238 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे भी घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और आरोपों की जांच कर रही है।

एक का दृढ़ निश्चय और एक की मजबूरी: चोर की असफलता संत की सफलता

0

प्रेरक कथा- 30/09/2026

एक की सफलता दूसरे की मजबूरी तो नहीं।
सफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप कितनी बार असफल हुए, बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि आप में पुनः प्रयास करने का कितना दृढ़ निश्चय है। निरंतर प्रयास और अटूट विश्वास ही सफलता की कुंजी है।

एक बार एक संत महाराज किसी कार्यवश एक अनजान कस्बे में पहुंचे। रात ढल चुकी थी, इसलिए वे विश्राम के लिए पास के एक मंदिर में गए। लेकिन मंदिर के पुजारी ने शर्त रख दी—”महाराज, इस कस्बे से किसी ऐसे व्यक्ति को ले आइए जो आपकी पहचान की पुष्टि कर सके, तभी आपको रुकने की अनुमति मिलेगी।”

उस अनजान शहर में संत को कौन जानता? वे अन्य मंदिरों और धर्मशालाओं में भी गए, लेकिन हर जगह यही शर्त सामने आई। संत महाराज परेशान होकर सड़क किनारे खड़े सोच में पड़ गए।

तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला, “महाराज, मैं आपकी समस्या समझ रहा हूँ। मैं आपकी गवाही दे सकता था, लेकिन मैं इस कस्बे का कुख्यात चोर हूँ। मेरी गवाही से आपकी समस्या बढ़ ही जाएगी। यदि आपको आपत्ति न हो, तो आप आज रात मेरे गरीब खाने पर विश्राम कर सकते हैं।”

संत महाराज असमंजस में पड़ गए—”एक चोर का घर? कोई देखेगा तो क्या कहेगा?” लेकिन कोई अन्य उपाय न देख, मजबूरी में उन्होंने मन को समझाया कि बस आज रात की ही तो बात है, कल कोई और व्यवस्था कर लेंगे।

घर पहुँचाकर चोर संत की सेवा-सत्कार करने के बाद अपने काम—यानी चोरी करने निकल गया। सुबह जब वह लौटा, तो उसके चेहरे पर एक अद्भुत प्रसन्नता थी। उसने संत से कहा, “महाराज! आज तो कोई दांव नहीं लग सका, लेकिन कोई बात नहीं, कल जरूर लगेगा!”
चोर का व्यवहार बेहद विनम्र और आत्मीय था।

देखते ही देखते संत महाराज उसके यहाँ पूरे एक महीने तक रुक गए। चोर रोज रात को निकलता और सुबह खाली हाथ लौटता, लेकिन हर सुबह उसके चेहरे पर वही मुस्कान और विश्वास होता—”आज नहीं तो कल, सफलता जरूर मिलेगी।” अंततः, एक महीने की निरंतर कोशिश के बाद उसे एक बड़ा अवसर मिल ही गया।

संत महाराज यह देखकर स्तब्ध रह गए। उन्होंने सोचा—”एक चोर होकर भी यह अपने काम के प्रति कितना दृढ़निश्चयी है! रोज़ खाली हाथ लौटने के बाद भी इसका विश्वास नहीं डगमगाता। जबकि हम ईश्वर भक्ति या जीवन के भले कार्यों में ज़रा सी असफलता मिलते ही निराश हो जाते हैं।”

संत को उस चोर से जीवन की सबसे बड़ी सीख मिल चुकी थी।