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Wednesday, October 28, 2026
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महंगाई का असर, दूध के दाम में 3 रुपये तक बढ़ोतरी,जानिए घर पहुंच और दुकानों पर कितना हुआ रेट

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  Indore News: अक्टूबर की शुरुआत इंदौर के लोगों के लिए महंगाई के लिहाज से राहत भरी नहीं रही। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद अब दूध की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। दूध विक्रेता संघ ने घर पहुंच दूध के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि दुकानों पर खुले दूध की कीमत भी तय की गई है। दूसरी ओर, कुछ डेयरी और दुकानों पर दूध 70 रुपये प्रति लीटर तक बिकने की जानकारी सामने आई है।

घर पहुंच दूध अब 65 रुपये प्रति लीटर

दूध विक्रेता संघ के मुताबिक, घर पहुंच दूध की कीमत 63 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। इसमें दूध की कीमत के साथ डिलीवरी चार्ज भी शामिल है। वहीं, दुकानों पर खुले दूध का रेट 68 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में निजी डेयरी और दुकानों पर दूध 70 रुपये प्रति लीटर तक बेचे जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अलग-अलग स्थानों पर दूध की कीमत में अंतर देखने को मिल रहा है।

किसान 70 रुपये खरीद मूल्य की मांग पर अड़े

दूध के दाम बढ़ने के बावजूद दूध किसान संघ इसे पर्याप्त नहीं मान रहा है। किसानों की मांग है कि उन्हें दूध के लिए 70 रुपये प्रति लीटर का खरीद मूल्य दिया जाए। किसानों का कहना है कि पशुओं के चारे, खल-चापड़ और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है।

किसानों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में दूध की सप्लाई रोकने को लेकर फैसला लेने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में दूध की कीमत को लेकर किसान और उपभोक्ता दोनों अपनी-अपनी समस्याएं सामने रख रहे हैं।

दूध विक्रेता संघ ने बताई कीमत बढ़ाने की वजह

इंदौर दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भरत मथुरावाला के अनुसार, पहले घर पहुंच दूध की कीमत 63 रुपये प्रति लीटर थी। इसमें 62 रुपये दूध की कीमत और 1 रुपये डिलीवरी चार्ज शामिल था। अब दूध की कीमत 64 रुपये और डिलीवरी चार्ज 1 रुपये मिलाकर उपभोक्ता को कुल 65 रुपये प्रति लीटर देना होगा।उन्होंने बताया कि दुकानों पर खुले दूध की कीमत 68 रुपये प्रति लीटर रखी गई है। उनके मुताबिक संघ पिछले 38 वर्षों से काम कर रहा है और उसका उद्देश्य किसानों को उत्पादन लागत के अनुसार भुगतान दिलाने के साथ उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डालना है।

फैट के आधार पर किसानों को किया जाता है भुगतान

मथुरावाला के मुताबिक किसानों को दूध में फैट की मात्रा के आधार पर भुगतान किया जाता है। पहले किसानों को 8 रुपये 90 पैसे प्रति फैट के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 9 रुपये 23 पैसे प्रति फैट किया गया है।

त्योहारों से पहले बढ़ सकती है लोगों की चिंता

इंदौर में दूध के अलग-अलग रेट सामने आने से उपभोक्ताओं के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि दूध रोजमर्रा की जरूरत है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। त्योहारों के दौरान दूध और इससे तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने पर खर्च और बढ़ने की चिंता भी लोगों में है।

ATM से पैसे निकालने पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क? जानिए BSBD खाताधारकों के लिए क्या है नियम

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SBI ATM Withdrawal Charges Increase:  अगर आपका खाता भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI में है, तो ATM से कैश निकालने से जुड़े एक नियम को लेकर जानकारी सामने आई है। यह बदलाव सभी SBI ग्राहकों पर लागू नहीं होता, बल्कि Basic Savings Bank Deposit यानी BSBD खाताधारकों से जुड़ा है। SBI के आधिकारिक सेवा शुल्क दस्तावेज के मुताबिक BSBD खातों में हर महीने चार कैश निकासी तक शुल्क नहीं लिया जाता। इसके बाद होने वाली निकासी पर 15 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन और लागू GST का शुल्क है।

किन SBI ग्राहकों पर लागू है यह नियम?

यह व्यवस्था सामान्य SBI सेविंग्स अकाउंट के बजाय BSBD खातों के लिए है। ऐसे खाताधारकों को हर महीने चार निकासी तक शुल्क-मुक्त सुविधा मिलती है। SBI के दस्तावेज के अनुसार यह सीमा केवल SBI ATM तक सीमित नहीं है। इसमें अन्य बैंकों के ATM, माइक्रो ATM और कुछ अन्य कैश निकासी माध्यम भी शामिल हैं।

चार निकासी के बाद कितना लगेगा चार्ज?

BSBD खाताधारक अगर महीने में चार मुफ्त निकासी की सीमा पार करते हैं, तो पांचवीं और उसके बाद की पात्र कैश निकासी पर 15 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन का शुल्क लगता है। इसके अलावा GST भी लागू होता है। SBI के उपलब्ध आधिकारिक शुल्क दस्तावेज में इस शुल्क को चार मुफ्त निकासी के बाद लागू बताया गया है।

क्या डिजिटल पेमेंट पर भी लगेगा शुल्क?

BSBD खाताधारकों के लिए चार मुफ्त निकासी की सीमा कैश निकालने से संबंधित है। SBI के आधिकारिक दस्तावेज में इन चार मुफ्त निकासी की गणना से डिजिटल ट्रांजैक्शन को अलग रखा गया है। यानी डिजिटल लेनदेन को इस ATM कैश निकासी सीमा में शामिल नहीं किया जाता।

BSBD खाताधारक इस बात का रखें ध्यान

अगर आप BSBD अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं और महीने में कई बार कैश निकालते हैं, तो निकासी की संख्या पर नजर रखना जरूरी है। चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद अतिरिक्त कैश निकासी पर शुल्क लग सकता है। SBI के आधिकारिक रिकॉर्ड में यह चार निकासी की व्यवस्था पहले से दर्ज है, इसलिए इसे सभी SBI ग्राहकों पर लागू होने वाले किसी नए ATM चार्ज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई की आहट, अगले 2-3 दिन में बदल सकता है मौसम , जानिए रायपुर समेत प्रदेश में कैसा रहेगा हाल

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। सितंबर के खत्म होने के साथ ही मानसून की वापसी के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। इसके साथ ही राज्य में धीरे-धीरे शुष्क मौसम का दौर शुरू होने की संभावना है।

बारिश के बाद अब बढ़ने लगी दिन की गर्मी

बुधवार को छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।वहीं, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इससे साफ है कि प्रदेश में अब दिन के समय गर्मी और रात में हल्की ठंडक का असर महसूस होने लगा है।

रायपुर में भी साफ रहेगा आसमान

राजधानी रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक यहां भी बारिश के बीच का अंतराल बढ़ सकता है। एक अक्टूबर को राजधानी में आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है।रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मानसून की विदाई के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा और तापमान के मिजाज में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में दिन गर्म और रात अपेक्षाकृत ठंडी रहने का सिलसिला बढ़ सकता है।

धमतरी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मकान में चल रहे देह व्यापार का खुलासा, 15 लोग पकड़े गए, दो के नाबालिग होने की सूचना

 धमतरी : शहर से लगे श्यामतराई गांव में पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर एक मकान में दबिश देकर 15 लोगों को पकड़ा है। इनमें 9 युवक और 6 युवतियां शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में दो नाबालिग भी बताए जा रहे हैं। मामले में एक महिला दलाल और उसका सहयोगी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा

मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के श्यामतराई गांव का है। पुलिस को पिछले कुछ समय से इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संबंधित मकान पर निगरानी रखी। इसके बाद देर रात टीम ने वहां दबिश दी।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 15 लोगों को पकड़ा और सभी को थाने लाया गया। पुलिस अब पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।

दूसरे शहरों से युवतियों को बुलाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, मकान में दूसरे शहरों से युवतियों को बुलाकर देह व्यापार कराया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि मकान पर लंबे समय से बाहरी लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। इसी वजह से स्थानीय लोगों को गतिविधियों पर संदेह था और पहले भी शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है।

महिला दलाल और सहयोगी मौके से फरार

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़ी एक महिला दलाल और उसका सहयोगी मौके से निकलने में कामयाब रहे। दोनों की तलाश के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। महिला के खिलाफ पहले भी शिकायतें होने की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

नाबालिगों की मौजूदगी से मामला और गंभीर

पुलिस कार्रवाई में दो नाबालिगों के भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। उनकी उम्र और भूमिका की पुलिस जांच कर रही है। नाबालिगों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, मकान में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों को लेकर लोगों में नाराजगी थी। उनका दावा है कि धमतरी के अलावा अन्य इलाकों से भी युवक और युवतियों का यहां आना-जाना होता था। ग्रामीणों ने इस संबंध में पुलिस और प्रशासन से शिकायत करने की बात कही है।फिलहाल पुलिस पकड़े गए बालिग आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई कर रही है। साथ ही फरार महिला और उसके सहयोगी की तलाश के साथ पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।

कोरबा गैंगरेप केस में बड़ा फैसला, कोर्ट ने दो आरोपियों को सुनाई 20-20 साल की सजा, DNA रिपोर्ट बनी अहम कड़ी

 कोरबा :  लेमरू थाना क्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में गवाहों के बयान, पुलिस जांच, चिकित्सकीय साक्ष्यों के साथ एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण माना। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने शुरुआत में घटना से इनकार किया था, लेकिन बाद में वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद उसने अपना बयान बदलते हुए घटना की जानकारी दी।

एक ही गांव के रहने वाले थे आरोपी और पीड़िता

अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी के अनुसार, दोनों आरोपी और पीड़िता एक ही गांव के निवासी थे। पीड़िता गांव में अकेली रहती थी। अभियोजन के मुताबिक, रात के समय दोनों आरोपी कथित तौर पर उसके घर में जबरन दाखिल हुए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने के बाद दोनों वहां से चले गए।

अगले दिन थाने पहुंची पीड़िता

घटना के अगले दिन पीड़िता ने लेमरू थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 332(B), 351(3) और 70(1) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों के डीएनए नमूनों सहित मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए।

कोर्ट में पहले घटना से किया था इनकार

मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अदालत में कहा कि उसके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन ने डीएनए रिपोर्ट आने तक सुनवाई में उससे जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार करने का अनुरोध किया।

बाद में एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई। रिपोर्ट में घटना से संबंधित वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आने के बाद अदालत ने पीड़िता को दोबारा बुलाकर उसका बयान दर्ज किया।

डर और दबाव के कारण पहले बयान बदलने की बात

दूसरी बार बयान दर्ज होने के दौरान पीड़िता ने दुष्कर्म की घटना की पुष्टि की। उसने बताया कि डर और दबाव के कारण उसने पहले अदालत में घटना से इनकार किया था। इसके बाद अभियोजन की ओर से गवाहों के बयान, पुलिस जांच, चिकित्सकीय साक्ष्य और फोरेंसिक रिपोर्ट को अदालत के सामने रखा गया।

दोनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा

फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हसरुहान मंझवार और अजय सिंह को दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मामले में डीएनए और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को अभियोजन की ओर से अहम आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कांकेर में सेवा संकल्प अभियान का अनोखा नजारा, ग्रामीणों के मांदरी नृत्य में शामिल हुए कलेक्टर कुंदन कुमार

 कांकेर :  सेवा संकल्प अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में जिला स्तरीय शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम मोदे में आयोजित शिविर के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। इस दौरान ऐसा मौका भी आया, जब कलेक्टर कुंदन कुमार ग्रामीण युवाओं के साथ मांदरी नृत्य में शामिल हो गए।

मांदरी नृत्य से हुआ कलेक्टर का स्वागत

ग्राम मोदे में आयोजित जिला स्तरीय शिविर में ग्रामीणों ने बाजे-गाजे के साथ कलेक्टर कुंदन कुमार का स्वागत किया। आदिवासी अंचल की पारंपरिक पहचान माने जाने वाले मांदरी नृत्य की प्रस्तुति ग्रामीण युवाओं ने दी। युवाओं को पारंपरिक अंदाज में नृत्य करते देख कलेक्टर भी काफी उत्साहित नजर आए।

ग्रामीण युवाओं के साथ नृत्य करने लगे कलेक्टर

नृत्य की प्रस्तुति के बीच कलेक्टर कुंदन कुमार खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने ग्रामीण युवाओं के साथ मांदरी नृत्य में कदम मिलाया और उनके साथ पारंपरिक नृत्य किया। कलेक्टर को अपने बीच नृत्य करते देख ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला।

शिविर में बना उत्साह का माहौल

कलेक्टर के ग्रामीणों के साथ नृत्य में शामिल होने से शिविर का माहौल और खुशनुमा हो गया। इस दौरान ग्रामीणों के साथ मौजूद प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविर में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच इस तरह का सहज संवाद भी देखने को मिला।

दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के गर्भसमापन की मांग मंजूर, हाईकोर्ट ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज के दिए निर्देश

 बिलासपुर :  दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई नाबालिग पीड़िता के गर्भसमापन की मांग को हाईकोर्ट ने मंजूरी दे दी है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को पीड़िता को तत्काल रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दिए हैं। गर्भसमापन की प्रक्रिया विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की निगरानी में कानून के अनुसार पूरी करने को कहा गया है।

मार्च 2025 में हुआ था कथित यौन हमला

पीड़िता ने अपने प्राकृतिक संरक्षक के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि मार्च 2025 में नाबालिग के साथ कथित यौन हमला हुआ था। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 के तहत मामला दर्ज किया गया।मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की गर्भावस्था और उसके स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति को देखते हुए अदालत ने मेडिकल बोर्ड से विस्तृत जांच कराई।

31 सप्ताह 6 दिन की थी गर्भावस्था

हाईकोर्ट ने 23 सितंबर को मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता की जांच कराने का निर्देश दिया था। 25 सितंबर को प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि गर्भावस्था 31 सप्ताह 6 दिन की है। रिपोर्ट के अनुसार भ्रूण जीवित है और सामान्य रूप से विकास कर रहा है।मेडिकल बोर्ड ने यह भी बताया कि गर्भावस्था के इस चरण में गर्भसमापन कराने पर रक्तस्राव, संक्रमण और अन्य चिकित्सकीय जटिलताओं का खतरा रहता है। हालांकि विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता में यह प्रक्रिया की जा सकती है।

धमतरी के बजाय रायपुर में इलाज की व्यवस्था

मेडिकल बोर्ड ने धमतरी अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की उपलब्धता नहीं होने की बात भी बताई। इसी वजह से पीड़िता को बेहतर और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा वाले संस्थान में उपचार कराने की सिफारिश की गई।हाईकोर्ट ने इसी आधार पर पीड़िता को रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी करेगी।

पीड़िता की गरिमा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोर्ट की टिप्पणी

अदालत ने कहा कि दुष्कर्म से उत्पन्न गर्भावस्था के मामलों में मानसिक पीड़ा को कानून गंभीर चोट के तौर पर देखता है। कोर्ट के अनुसार, नाबालिग को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर करना उसकी गरिमा, निजता, शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन संबंधी अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।हाईकोर्ट ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

रायपुर अस्पताल को जरूरी इंतजाम के निर्देश

हाईकोर्ट ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है। इनमें एंबुलेंस, पर्याप्त रक्त की व्यवस्था, नवजात शिशु की देखभाल और मनोवैज्ञानिक सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं।अदालत ने जांच से संबंधित भ्रूण के जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने को कहा गया है।

जल विवाद पर दिल्ली में आज अहम बैठक, अमित शाह की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच होगी चर्चा; CM साय भी रहेंगे मौजूद

 छत्तीसगढ़ :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दिल्ली दौरे पर हैं। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच जल विवाद को लेकर महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल होंगे। दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जल से जुड़े मुद्दे पर बैठक में समाधान के रास्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

अमित शाह की अध्यक्षता में दोनों राज्यों के CM होंगे आमने-सामने

दिल्ली में होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ दोनों राज्यों से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रह सकते हैं। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।बैठक का मुख्य मुद्दा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच जल बंटवारे से जुड़ा विवाद है। दोनों राज्यों में एक ही राजनीतिक दल की सरकार होने के कारण बातचीत के जरिए समाधान तलाशने पर जोर दिया जा रहा है।

CM विष्णुदेव साय ने क्या कहा

दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जल विवाद को लेकर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच चर्चा होगी।मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों ने केंद्रीय जल आयोग यानी CWC को लिखकर अपनी सहमति दी है कि जनहित में जो भी फैसला होगा, दोनों राज्य उसे स्वीकार करेंगे।

जनहित में समाधान निकालने पर जोर

मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि बैठक में विवाद के समाधान के लिए सहमति बनाने पर जोर रहेगा। दोनों राज्यों की ओर से CWC को दिए गए पत्र के बाद अब दिल्ली में होने वाली चर्चा को इस मामले में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में जल संसाधनों के इस्तेमाल और दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की दिशा पर विचार किया जाएगा।

निर्माणाधीन मकान में 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या से खुला राज, 17 वर्षीय नाबालिग पुलिस की अभिरक्षा में

 सूरजपुर :  निर्माणाधीन मकान की निगरानी कर रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच के बाद नाबालिग की भूमिका सामने आने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक और नाबालिग युवती के बीच विवाद के बाद यह वारदात हुई। पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी को अभिरक्षा में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।

महुआपारा में निर्माणाधीन मकान से मिला था शव

मामला सूरजपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के महुआपारा का है। पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर को एक निर्माणाधीन मकान में 65 वर्षीय सीताराम गोंड का शव बरामद हुआ था। वह मूल रूप से केतका क्षेत्र का रहने वाला था और निर्माणाधीन मकान की रखवाली करता था।शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की।

नाबालिग के साथ रहने की बात जांच में आई सामने

पुलिस जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि नाबालिग युवती मृतक के साथ रहती थी। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस का दावा है कि मृतक ने युवती के साथ उसकी इच्छा के खिलाफ संबंध बनाए, जिसके बाद वह आक्रोशित हो गई।

जांच के अनुसार, इसके बाद युवती ने कथित तौर पर ब्लेड से बुजुर्ग की गर्दन पर हमला किया और फिर सिर पर सब्बल से वार किया। गंभीर चोटों के कारण बुजुर्ग की मौत हो गई।

पूछताछ के बाद सामने आई नाबालिग की भूमिका

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से मामले की पड़ताल की। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को नाबालिग की भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

पुलिस ने बताया कि जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।

हत्या से जुड़े साक्ष्यों की जांच जारी

पुलिस मामले में घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं और साक्ष्यों की जांच कर रही है। सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच पूरी करते हुए नाबालिग को अभिरक्षा में लिया है और उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।

मामले में आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जा रही है।

भाजपा कोर कमेटी की बैठक में 66 सीटों पर मंथन, कम अंतर वाली सीटों को लेकर भी बनी रणनीति

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 भोपाल : भाजपा की कोर कमेटी की करीब तीन घंटे चली बैठक समाप्त हो गई। बैठक में संगठन की स्थिति, सरकार और संगठन के बीच तालमेल, आगामी चुनावों की तैयारियों और पार्टी के सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक के बाद बताया कि यह कोर कमेटी की दूसरी बैठक थी, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

आगामी चुनावों को लेकर 66 विधानसभा सीटों पर खास नजर

बैठक में उन 66 विधानसभा सीटों पर विशेष चर्चा हुई, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत नहीं मिली थी। पार्टी इन क्षेत्रों में संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन करेगी और बूथ से लेकर मंडल तथा विधानसभा स्तर तक गतिविधियों को मजबूत करने पर काम करेगी।इन सीटों पर संगठन को सक्रिय करने के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने के विकल्प पर भी चर्चा हुई। पार्टी का फोकस ऐसे क्षेत्रों में संगठन की मौजूदगी और स्थानीय स्तर पर गतिविधियों को बढ़ाने पर रहेगा।

5 हजार से कम वोटों से जीती सीटों की भी होगी समीक्षा

भाजपा ने उन विधानसभा क्षेत्रों को भी चर्चा के दायरे में रखा, जहां पिछले चुनाव में जीत का अंतर 5 हजार या उससे कम वोट रहा था। इन सीटों पर संगठन की स्थिति और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा कर आगे की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।बैठक में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय बनाने से जुड़े सुझाव रखे।

सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर भी हुई चर्चा

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के मुताबिक, बैठक में पार्टी के कामकाज और संगठन की आगामी दिशा को लेकर नेताओं ने अपने विचार साझा किए। आने वाले समय की चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर भी जोर दिया गया।उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़े कुछ ऐसे विषय हैं, जिन पर सभी नेताओं को मिलकर काम करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

भाजपा कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव, सह प्रभारी रेखा वर्मा, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी, कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रहलाद पटेल समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी ने हाल ही में मध्य प्रदेश में यह जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह तेलंगाना में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

बैठक से पहले दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया नमन

कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने से पहले प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे। माल्यार्पण के बाद बिप्लब कुमार देव पार्टी नेताओं के साथ कोर कमेटी की बैठक में शामिल हुए।