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Wednesday, October 28, 2026
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गौवंश तस्करी के मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार, 3.39 लाख का सामान जब्त

बेमेतरा- 02 अक्टूबर 2026

साजा पुलिस ने गौवंश तस्करी के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 4 गौवंश, एक पिकअप वाहन और 2 मोटरसाइकिलें, कुल करीब 3 लाख 39 हजार रुपये का सामान जब्त किया गया है।

पुलिस के मुताबिक 30 सितंबर को सूचना मिली थी कि 4 भैंसों को पिकअप वाहन से मध्यप्रदेश स्थित कत्लखाने ले जाया जा रहा है। वाहन के आगे दो मोटरसाइकिलों से कुछ लोग पायलेटिंग कर रहे थे।

सूचना पर कार्रवाई करते हुए साजा पुलिस ने वाहन को रोककर जांच की। पूछताछ में मवेशियों के संबंध में वैधानिक दस्तावेज नहीं मिले। मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस ने सभी 7 आरोपियों को 30 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया।

अजय चंद्राकर के बयान पर विकास उपाध्याय का पलटवार, बोले- कुंठित मानसिकता से कर रहे बयानबाजी

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रायपुर – 02 अक्टूबर 2026

विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक
“अजय चंद्राकर जी कुंठित मानसिकता से बयानबाजी कर रहे हैं। अपनी ही पार्टी में मंत्री पद न मिलने की कुंठा निकाल रहे हैं।”

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर द्वारा यूथ कांग्रेस चुनाव में फर्जी वोटिंग और चंदे के जरिए सदस्यता देने के आरोप लगाते हुए CBI जांच की मांग पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने अजय चंद्राकर के बयान को कुंठित मानसिकता से प्रेरित बताया है। विकास उपाध्याय ने कहा कि अजय चंद्राकर जी यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर CBI जांच की मांग कर रहे हैं, तो अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले में भी CBI जांच की मांग क्यों नहीं करते?

उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे के मामले में SIT जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आ चुकी है, उस पर भाजपा के नेता चुप क्यों हैं।

विकास उपाध्याय ने आगे कहा कि अजय चंद्राकर जी ऐसे बयान देकर शायद अपने ही संगठन में अपनी राजनीतिक उपयोगिता साबित करना चाहते हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अजय चंद्राकर जी को मंत्री पद मिलने वाला नहीं है, इसलिए वे इस तरह के बयान देकर अपनी कुंठा निकाल रहे हैं।

गौरतलब है कि अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया था कि यूथ कांग्रेस में चंदे के जरिए सदस्यता दी जा रही है और चुनाव में फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

– मासिक खपत के आंकड़ों में नहीं हुई वृद्धि, 43 लाख परिसरों में लग चुके स्मार्ट मीटर
– 1.10 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित, प्रतिदिन 500 से अधिक नए प्लांट लग रहे
– स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता और ऊर्जा बचत को बढ़ावा

रायपुर –  छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की पारदर्शी निगरानी संभव हो रही है, वहीं पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा का लाभ लेकर बिजली बिल में कमी के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 47 लाख से अधिक उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 41.40 लाख, 200 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की संख्या 6.85 लाख तथा 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.71 लाख थी। वर्ष 2026-27 में क्रमशः इनकी संख्या 42.40 लाख, 7.34 लाख और 2.56 लाख है। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में मासिक खपत में अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है, यह सामान्य वार्षिक ग्रोथ के अनुसार ही है। खपत की वृद्धि स्मार्ट मीटर और गैर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं में एक ही अनुपात में है। 

स्मार्ट मीटर से खपत में कोई अवांछित वृद्धि नहीं: मई 2025 से जुलाई 2026 तक के विभिन्न महीनों के आंकड़ों एवं विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं की बिजली खपत में किसी भी प्रकार की अवांछित वृद्धि नहीं हुई है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक विद्युत बिल आने की शिकायत है, तो उसके परिसर में चेक मीटर लगाने का भी प्रावधान है।

स्मार्ट मीटर लगाने का प्रावधान:-

स्मार्ट मीटर लगाने हेतु छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई 2022 को डी.पी.आर. स्वीकृत किया गया, इसका टेंडर 11 अप्रैल 2023 को प्रकाशित किया गया। मई 2023 में कंपनियों को प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का एल.ओ.ए. जारी किया गया। वर्तमान में लगभग 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 7,780 उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया गया है। इन सभी परिसरों में चेक मीटर और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत का अंतर निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही पाया गया है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियम 2026 के अनुसार सभी उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है।

उपभोक्ताओं को मिल रही ऊर्जा राहत: घरेलू क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। प्रदेश में लगभग 15 लाख बीपीएल (एलपीएस) श्रेणी के उपभोक्ता हैं, जिन्हें 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। 31 से 100 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत अतिरिक्त छूट/सहायता भी दी जा रही है।

सूर्यघर योजना से बिजली बिल में कमी: पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ मिल रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य अथवा अपेक्षाकृत काफी कम हुआ है। योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सोलर प्लांट की लागत राशि की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6 प्रतिशत से भी कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब तक पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश के लाभार्थी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 661 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 225 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 35 हजार से अधिक सोलर उपभोक्ताओं के बिल जीरो आ रहें हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 60 हजार से अधिक लाभार्थी उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं।

पीएम सूर्यघर योजना के प्रति बढ़ते रुझान के चलते प्रदेश में अब प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता जो 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वे भी तेजी से सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाकर योजना की सब्सिडी के साथ मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अनेक उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट लगने से उनके बिजली बिल में कमी आई है और वे निचले वाले स्लैब में शिफ्ट हुए हैं। इससे 200 यूनिट और 400 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।

इस प्रकार राज्य सरकार विद्युत उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण और ऊर्जा सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता बढ़ाने तथा सेवाओं को अधिक सुविधायुक्त बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश में मासिक खपतवार घरेलू उपभोक्ता विवरण निम्नानुसार हैः-

मासिक खपत यूनिट

200 से कम

200 – 400

400 से अधिक

उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2025 – 26

41.4

6.85

2.71

उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2026 – 27

42.4

7.34

2.56

निष्कर्षः- 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ता पी.एम. सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगा कर 400 यूनिट से कम खपत के दायरे में शामिल हुए हैं एवं 200 से 400 यूनिट वाले स्लैब के उपभोक्ता 200 से कम यूनिट वाले स्लैब में आ गए हैं।

Police Transfer : रायपुर ग्रामीण पुलिस में बड़ा फेरबदल, 3 थानों के प्रभारी बदले

रायपुर। रायपुर जिला ग्रामीण पुलिस में तबादला आदेश जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता सिन्हा ने तीन थानों के प्रभारियों में बदलाव किया है। जारी आदेश के मुताबिक राखी, खरोरा और माना थाना के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है।तबादला आदेश के अनुसार प्रेमप्रकाश अवधिया को राखी थाना प्रभारी से हटाकर खरोरा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं विद्याभूषण भारद्वाज को खरोरा से स्थानांतरित कर माना थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। SI दीपक कुमार साहू को राखी थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं माना थाना प्रभारी रहे SI जितेन्द्र डहरिया को पुलिस लाइन अटैच किया गया है। सभी अधिकारियों को नवीन पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

देखें लिस्ट –

राज्यपाल डेका ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन किए अर्पित

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इन महान विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना बनी श्रमिक परिवार का सहारा, बच्चों की पढ़ाई की राह हुई आसान

रायपुर- मेहनत-मजदूरी से परिवार चलाने वाले श्रमिकों के लिए बच्चों की अच्छी शिक्षा का खर्च कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो, इसके लिए श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना सहारा बन रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बचरवार निवासी निर्माण श्रमिक  राजेश कुमार पाण्डेय का परिवार भी इस योजना से लाभान्वित हो रहा है। उनके दो बच्चों को छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिला है।

 राजेश कुमार पाण्डेय निर्माण श्रमिक के रूप में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी में घर की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उनकी इच्छा थी कि आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बनें और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

ऐसे समय में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना ने परिवार को आर्थिक संबल दिया। योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययन के लिए निर्धारित वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।  पाण्डेय के दो बच्चों को इसका लाभ मिलने से उनकी शिक्षा से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में परिवार को मदद मिली है।

 पाण्डेय बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई उनके लिए हमेशा प्राथमिकता रही है। आमदनी सीमित होने के कारण शिक्षा से जुड़े खर्चों की चिंता बनी रहती थी, लेकिन छात्रवृत्ति मिलने से यह आर्थिक दबाव कुछ कम हुआ है। अब वे बच्चों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने और उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए अधिक विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

योजना का लाभ मिलने पर  राजेश पाण्डेय ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवार अपनी मेहनत से परिवार की जरूरतें पूरी करते हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च कई बार उनके लिए कठिन हो जाता है। ऐसे में छात्रवृत्ति के रूप में मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके जैसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग है।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा से जुड़े रहने और आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ग्राम बचरवार के  राजेश पाण्डेय के परिवार की कहानी बताती है कि ऐसी सहायता सीमित आय वाले श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में उपयोगी साबित हो रही है।

‘महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार’- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें।

मुख्यमंत्री साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

Police Transfer: 21 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला, DGP ने जारी किया आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला हुआ है। इस संबंध में DGP अरुण देव गौतम ने आदेश जारी किया है। जारी अलग-अलग आदेशों में पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के अनुसार अधिकारियों-कर्मचारियों को नई पदस्थापना दी गई है। इस ट्रांसफर लिस्ट में 15 पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 5 अधिकारियों को स4सी, पुलिस मुख्यालय रायपुर में पदस्थ किया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों के पूर्व जारी तबादला आदेश में संशोधन किया गया है, जबकि एक आरक्षक को उसकी मूल पदस्थापना इकाई में वापस भेजा गया है।

इन पुलिस अधिकारियों का हुआ तबादला

सिद्धार्थ मिश्रा — महासमुंद से मानव अधिकार आयोग, रायपुर
बृजेश सिन्हा — मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से सूरजपुर
अनिल शर्मा — खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से रायगढ़
सनीप कुमार रात्रे — गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से बिलासपुर
समीर शर्मा — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से सुकमा
रजनीश कौशिक — बीजापुर से जीआरपी, रायपुर
आनंद शुक्ला — बीजापुर से कांकेर
यमुनेश्वर जोशी — नारायणपुर से बस्तर
शिवेंद्र कुमार राजपूत — नारायणपुर से कांकेर
कपिल देव पांडेय — सामान्य शाखा, पुलिस मुख्यालय से बेमेतरा
योगेश वर्मा — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से बीजापुर
आशीष कुमार गौतम — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से बीजापुर
देवेंद्र कुमार — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से दंतेवाड़ा
विष्णु प्रताप सिंह चौहान — मानव अधिकार आयोग, रायपुर से महासमुंद
वीरेंद्र मनहर (उप निरीक्षक) — राजनांदगांव से अअवि., पुलिस मुख्यालय, रायपुर

इन 5 अधिकारियों को स4सी में किया गया पदस्थ

विमलेश दुबे — निरीक्षक, बीजापुर से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
रूपेन्द्र देवांगन — निरीक्षक, अअवि., पुलिस मुख्यालय, रायपुर से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
राजश्री मौर्य — निरीक्षक, रायपुर नगरीय से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
सत्यम साहू — निरीक्षक, कोरबा से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
हृदय शंकर पटेल — अवर निरीक्षक, एसआईए, रायपुर से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर

संशोधित स्थानांतरण

संग्राम सिंह — निरीक्षक, राजनांदगांव से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का पूर्व स्थानांतरण संशोधित, अब कबीरधाम पदस्थ
आदित्य प्रताप सिंह — आरक्षक, जांजगीर-चांपा से वापस मूल पदस्थापना इकाई रायपुर

देखिये आदेश की कॉपी-

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी :- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर / अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा में सियान सेवा महाकुंभ आयोजित किया गया। समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वरिष्ठजनों को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनसे संवाद किया। कार्यक्रम में 4 हजार से अधिक वरिष्ठजन लाभान्वित हुए।

महाकुंभ में नई सियान आशीष सेवा योजना के अंतर्गत 80 वर्ष से अधिक आयु के 1810 वरिष्ठ नागरिकों को सम्पूर्ण भारत में निशुल्क यात्रा के लिए बस पास प्रदान किए गए। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार 2 हजार छड़ियां, एक हजार श्रवण यंत्र और 20 ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। बस पास से वरिष्ठजनों को यात्रा में सुविधा मिलेगी, जबकि सहायक उपकरण उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों को सुगम बनाएंगे।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठजन हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीवन अनुभव के संवाहक हैं। उन्होंने अपने परिश्रम से परिवार और समाज को मजबूत आधार दिया है। उनका सम्मान करने के साथ उनके अनुभव को समाज के विकास में भी स्थान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “वरिष्ठजन केवल कल की विरासत नहीं हैं, बल्कि आज के विकास के सहभागी हैं।” विकसित भारत के संकल्प और नवा अंजोर-अंजोर 2047 की सोच में वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का वृद्धजन कल्याण का संकल्प पेंशन तक सीमित नहीं है। वरिष्ठजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा, देखभाल, आवागमन, सामाजिक सहभागिता और गरिमापूर्ण जीवन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 400 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लिए 450 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वर्तमान में प्रदेश के 15,90,080 वरिष्ठजन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर पात्र हितग्राही तक सहायता समय पर, पारदर्शिता के साथ और सम्मानपूर्वक पहुंचे।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इसके माध्यम से अब तक 2 लाख 55 हजार 845 वरिष्ठजनों को आध्यात्मिक यात्रा का लाभ मिला है। तीर्थयात्रा कई वरिष्ठजनों की जीवनभर की इच्छा होती है और यह योजना उन्हें उस इच्छा को पूरा करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि सियान आशीष सेवा योजना के बस पास भी वरिष्ठजनों की यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मंत्री राजवाड़े ने सियान हेल्पलाइन 155326 की जानकारी देते हुए कहा कि आवश्यकता के समय वरिष्ठजनों को सहायता और भरोसा मिलना चाहिए। उन्होंने वृद्धाश्रमों, अटल वयो अभ्युदय योजना, प्रशामक देखरेख गृह और सियान गुड़ी जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग का प्रयास वरिष्ठजनों को सुरक्षित, आत्मीय और सम्मानपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। उनका ध्यान ऐसे समाज के निर्माण पर है, जहां वरिष्ठजन स्वस्थ और सक्रिय रहें तथा परिवार और समुदाय से जुड़े रहें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि वरिष्ठजनों के जीवन में आई सुविधा और उनके चेहरे की मुस्कान से आंकी जानी चाहिए। उन्होंने सभी से सुरक्षा, सहभागिता और गरिमा के तीन संकल्प लेने का आह्वान किया। श्रीमती राजवाड़े ने कहा, “आपका अनुभव हमारी शक्ति है, आपकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी है और आपकी सहभागिता विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान है।”

*रायपुर जिला प्रशासन की विशेष पहल*

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रायपुर जिला प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट सियान आशीष सेवा’ और ‘प्रोजेक्ट सियान श्रम सम्मान’ की शुरुआत की। प्रोजेक्ट सियान आशीष सेवा के तहत जिले के 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को देशभर में यात्रा के लिए निःशुल्क बस पास उपलब्ध कराने की पहल की गई है।

प्रोजेक्ट सियान श्रम सम्मान के अंतर्गत श्रम विभाग में लंबे समय से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संबंधित योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत 60 वरिष्ठ श्रमिकों को लाभ प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। पात्र निर्माण श्रमिकों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 1500 रुपये मासिक पेंशन तथा तीन वर्ष से पंजीकृत 59 से 60 वर्ष आयु के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता का प्रावधान है। रायपुर जिले की इस पहल का उद्देश्य पात्र वरिष्ठ श्रमिकों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास तथा विधायक पुरंदर मिश्रा एवं मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, संचालक गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठजन भी मौजूद थे।

रायपुर में आज दुकानों पर नहीं होगा UPI से भुगतान, व्यापारी संघों ने गांधी जयंती पर किया कैश लेन-देन का ऐलान ,जानिए क्या है वजह

रायपुर :  2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के मौके पर कुछ व्यापारी संगठनों ने डिजिटल पेमेंट के बजाय नकद लेन-देन करने का फैसला किया है। राजधानी के महादेव घाट रोड व्यापारी कल्याण संघ के साथ मोहबा बाजार व्यापारी संघ भी इस पहल का समर्थन कर रहा है। दोनों संगठनों की ओर से दुकानदारों से 2 अक्टूबर को UPI भुगतान स्वीकार नहीं करने और केवल कैश में कारोबार करने की अपील की गई है।

दुकानों पर लगाए जा रहे नो UPI डे के पोस्टर

मोहबा बाजार व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने विज्ञप्ति जारी कर व्यापारियों और आम लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। संघ ने ग्राहकों से कहा है कि 2 अक्टूबर को खरीदारी के लिए नकद राशि लेकर आएं और कैश में भुगतान कर अभियान का समर्थन करें।वहीं महादेव घाट रोड व्यापारी कल्याण संघ से जुड़े दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर संघ की ओर से जारी पोस्टर भी लगाए हैं। इन पोस्टरों के जरिए ग्राहकों को पहले ही जानकारी दी जा रही है कि गांधी जयंती के दिन दुकानों पर सिर्फ नकद कारोबार किया जाएगा।

व्यापारी संगठनों की बैठक में भी सामने आया समर्थन

दक्षिण-एशियाई और प्रवासी व्यापारी संघ से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में सदस्यों ने इसे सांकेतिक विरोध के तौर पर समर्थन दिया।बैठक में अध्यक्ष विमल बाफना, राम चौरसिया, विनोद जोशी, राजकुमार अग्रवाल, प्रशांत भागवत, वैभव सालुंखे, ईश्वर सिंह, विनोद जैन और मोहन पटेल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

UPI पर MDR को लेकर व्यापारियों की आपत्ति

व्यापारी संगठनों की नाराजगी UPI से जुड़े संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट यानी P2M UPI लेन-देन में 2,000 रुपए से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान बताया गया है।वहीं 75,000 रुपए या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपए तक सीमित रहने की बात कही गई है। यह राशि ग्राहक से अलग से वसूलने के बजाय मर्चेंट की जिम्मेदारी होने की जानकारी दी गई है।

आज खरीदारी से पहले कैश रखना होगा जरूरी

रायपुर के जिन बाजारों में व्यापारी संघों ने नो UPI डे का समर्थन किया है, वहां ग्राहकों को खरीदारी के दौरान डिजिटल भुगतान के बजाय नकद राशि का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में इन बाजारों में जाने वाले लोगों के लिए खरीदारी से पहले पर्याप्त कैश साथ रखना उपयोगी रहेगा।