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दिल्ली में बाढ़: प्राकृतिक प्रकोप यमुना खतरे के निशान से ऊपर

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नई दिल्ली, 3 सितम्बर 2025

देश की राजधानी इन दिनों पानी-पानी है। यमुना नदी ने एक बार फिर खतरे का निशान पार कर लिया है और कई इलाकों में नावों से रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहे हैं। गलियों में पानी भर चुका है, निचले इलाकों में लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं, और प्रशासन की सभी तैयारियों की असल परीक्षा अब हो रही है।

📉 खतरे के निशान से ऊपर यमुना
यमुना का जलस्तर 206 मीटर से ऊपर पहुँच गया है, जबकि खतरे की सीमा 205.75 मीटर मानी जाती है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते नदी का प्रवाह बेकाबू हो गया।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। करीब 60 से ज़्यादा नावें राहत कार्य में जुटी हैं, और 5 लाख से अधिक सैंडबैग तैनात किए गए हैं।

🧍‍♂️ आम आदमी बेहाल
पूर्वी दिल्ली, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, लोहे का पुल और यमुना खादर के आसपास के इलाके सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। कई लोग अपने घरों की छतों पर शरण लिए हुए हैं। तंबुओं में रह रहे लोगों के पास न बिजली है, न पर्याप्त पानी।

🛥️ प्रशासन की कोशिशें और चुनौतियां
दिल्ली सरकार और नगर निगम ने दावा किया है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और सभी विभाग अलर्ट पर हैं। NDMC और PWD की टीमें पंपिंग मशीनों से जल निकासी कर रही हैं, जबकि नियंत्रण कक्ष (Control Room) 24×7 सक्रिय है।
परंतु सवाल यह है कि क्या यह तैयारी समय रहते पूरी की गई थी?

⚠️ प्रशासनिक लापरवाही या पुरानी योजनाओं की असफलता?
2023 की बाढ़ के बाद सरकार ने ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने और यमुना फ्लडप्लेन की सीमा तय करने की बात कही थी, लेकिन आज भी फ्लड जोन में झुग्गियाँ, दुकानें और निर्माण कार्य देखने को मिलते हैं। National Green Tribunal (NGT) ने साफ निर्देश दिए थे कि यमुना के बाढ़ क्षेत्र में कोई भी निर्माण न हो — लेकिन ज़मीनी हालात कुछ और कहते हैं।

🔍 मानसून में बारिश से
“बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन उसके प्रभाव को कम करना पूरी तरह इंसानी प्रबंधन पर निर्भर करता है। समय पर जल निकासी व्यवस्था और उचित योजना हो, तो नुकसान काफी हद तक टाला जा सकता है।”

📌 निष्कर्ष
दिल्ली की बाढ़ एक चेतावनी है — न केवल प्रकृति से, बल्कि हमारे सिस्टम की कमज़ोरियों से भी। जहां एक ओर जलवायु परिवर्तन और मानसून की असमानता जैसे प्राकृतिक कारण हैं, वहीं दूसरी ओर नगर नियोजन, नाला सफाई, और फ्लडप्लेन प्रबंधन में कोताही ने हालात को गंभीर बना दिया।
अब यह जरूरी है कि इस आपदा को सिर्फ “प्राकृतिक घटना” कहकर टालने के बजाय, प्रशासनिक जिम्मेदारियों की भी खुली समीक्षा हो।

रिपोर्टर:खबर सूत्र
सम्पादक: janchoupal36 news desk
स्थान: नई दिल्ली।

शिक्षक दिवस पर:_राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार

2024-25 हेतु 64 शिक्षक चयनित

रायपुर, 03 सितम्बर 2025(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य एवं सेवाओं के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार वर्ष 2024-25 हेतु प्रदेशभर से कुल 64 शिक्षकों का चयन किया गया है। इन सभी शिक्षकों को आगामी 5 सितम्बर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार चयनित शिक्षकों में प्राचार्य, प्रधान पाठक, व्याख्याता, सहायक शिक्षक (एल.बी.) सहित विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं।

चयनित जिलों के प्रमुख नाम
रायपुर : प्रधान पाठक गोपाल राम यादव, सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती कामिनी साहू
धमतरी : प्रधान पाठक श्रीमती किरण साहू, सहायक शिक्षक एल.बी. कु. प्रीति शांडिल्य ।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ : प्रधान पाठक श्रीमती प्रियंका गोस्वामी, व्याख्याता एल.बी. श्री समय लाल काठे
राजनांदगांव : प्राचार्य डॉ. शोभा श्रीवास्तव, प्रधान पाठक श्री मुन्हेलाल लिल्हारे ।
दंतेवाड़ा : प्रधान अध्यापक श्रीमती सुमन जॉर्ज, सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती सुनीता अजीत।
कबीरधाम : व्याख्याता श्री रमेश कुमार चंद्रवंशी, व्याख्याता श्रीमती कामिनी जोशी

सरगुजा : शिक्षक श्रीमती बंदना महथा, व्याख्याता श्रीमती अनिता मंदिलवार ।
नारायणपुर : शिक्षक एल.बी. श्री उमेश कुमार सलाम, प्रधान अध्यापक सुश्री सविता यादव ।
जशपुर : प्रधान पाठक श्रीमती सरिता नायक, प्रधान पाठक श्री प्रवीण कुमार पाठक ।

कोरिया : व्याख्याता/प्रभारी प्राचार्य श्री अमित लाल गुप्ता, जेल शिक्षक श्रीमती विवेक सिद्धकी
(इसी प्रकार शेष जिलों के चयनित शिक्षकों में भी अनेक नाम शामिल किए गए हैं, जिनकी संख्या कुल 64 है।)

सम्मान समारोह
चयनित शिक्षकों को राज्यपाल द्वारा राजभवन रायपुर में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार न केवल शिक्षकों की मेहनत और समर्पण को मान्यता देता है, बल्कि शिक्षा जगत में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरणा भी प्रदान करता है।




बेमेतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: PACL घोटाले का फरार डायरेक्टर गिरफ्तार

रकम दोगुना होने का प्रलोभन देकर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने वाला बेमेतरा एवं बेरला के प्रकरण में फरार आरोपी डायरेक्टर गिरफ्तार।

बेमेतरा/बेरला/छत्तीसगढ़ _02/09/2025
(समाचार पुलिस पीआरओ)

कार्यवाही
जिला बेमेतरा पुलिस ने निवेशकों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले PACL लिमिटेड कंपनी के फरार डायरेक्टर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया गया।

रकम दोगुना करने का लालच देकर निवेशकों से ठगी
मामला थाना बेरला का है, जहां प्रार्थी योगेंद्र साहू (उम्र 34, निवासी पतोरा, जिला बेमेतरा) एवं अन्य निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि PACL लिमिटेड कंपनी के संचालकों—सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, त्रिलोचन सिंह, निर्मल सिंह भंगु, सुब्रत भट्टाचार्य, सिकंदर सिंह ढिल्लन और उनके सहयोगियों ने अभिकर्ताओं के माध्यम से रकम दोगुना करने का लालच देकर लोगों से भारी निवेश करवाया और बाद में कंपनी बंद कर फरार हो गए।

शिकायत पर धाराएं
इस शिकायत पर थाना बेरला में धारा 420, 409, 120 (बी), 34 भादवि, धारा 3,4 ईनामी चिट एवं धन परिसंचय योजना (प्रतिबंध) अधिनियम 1978 तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

पंजाब से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने विवेचना के दौरान पहले ही मुख्य संचालकों—सुखदेव सिंह, त्रिलोचन सिंह, निर्मल सिंह भंगु, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य और सिकंदर सिंह ढिल्लन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया था।
ताज़ा कार्रवाई में आरोपी नरेंद्र सिंह मेहता (उम्र 68, निवासी गोविंद वेली, रूपनगर, पंजाब) को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी न्यायालय में पेश
आरोपी को माननीय जे.एम.एफ.सी. न्यायालय, रूपनगर में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर बेमेतरा लाया गया और आज (02.09.2025) थाना बेरला के अपराध में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस टीम का योगदान
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन और अति. पुलिस अधीक्षक ज्योति सिंह तथा एसडीओपी बेमेतरा मनोज तिर्की एवं एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में गठित टीम ने अहम भूमिका निभाई।

पुलिस टीम में निरीक्षक मयंक मिश्रा, थाना बेरला प्रभारी निरीक्षक कृष्ण कांत सिंह, उप निरीक्षक राकेश साहू, ओंकार प्रसाद साहू, सहायक उप निरीक्षक संतोष ध्रुवे, दिनेश चंद शर्मा, प्रधान आरक्षक दिनेश मंडावी, शिवराज सिंह, आरक्षक मोतीलाल जायसवाल, संतोष धीवर समेत अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।

आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि PACL घोटाले के अन्य डायरेक्टर्स और फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।

रायपुर : छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर रोकथाम के लिए सख्त कार्रवाई, कई जिलों में छापे

रायपुर, 01 सितंबर 2025।(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

छत्तीसगढ़ सरकार ने नशीली दवाओं के अवैध व्यापार और दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है। औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्रदेशभर में छापेमार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं जब्त कीं और आरोपियों को हिरासत में लिया।

कबीरधाम व रायपुर में बड़ी बरामदगी

पंडरिया (जिला कबीरधाम) में प्रतिबंधित औषधियों की अवैध बिक्री की सूचना पर कार्रवाई की गई। छापेमारी में 200 स्ट्रिप नशीली दवाएं जब्त की गईं।
वहीं राजधानी रायपुर में पुलिस ने कोडीन फॉस्फेट युक्त प्रतिबंधित औषधियों की बिक्री रोकने के लिए दबिश दी। इस दौरान 120 नग प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं और दो लोगों को हिरासत में लिया गया। दोनों मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

गरियाबंद में मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई
गरियाबंद जिले के कोपरा स्थित चन्दन मेडिकल स्टोर में छापेमारी के दौरान बिक्री रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। दुकान संचालक पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 व नियमावली 1945 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

महासमुंद में नशामुक्त अभियान
नगर पालिका महासमुंद में मेडिकल संचालकों की बैठक आयोजित हुई। इसमें “नशामुक्त महासमुंद” अभियान पर चर्चा की गई और सभी दवा विक्रेताओं ने समाज को नशे से बचाने के लिए प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि नशे के आदी लोग अक्सर दवाइयों का दुरुपयोग करते हैं, जिससे अपराध और सामाजिक अव्यवस्था बढ़ती है।

जागरूकता अभियान : स्कूलों व टाउन हॉल में कार्यक्रम
औषधि विभाग ने जनजागरूकता की मुहिम भी तेज की है।
बेमेतरा जिला मुख्यालय टाउन हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर नशे के दुष्प्रभावों पर कार्यक्रम हुआ।

कोंडागांव, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर व राजनांदगांव के शासकीय विद्यालयों में भी छात्रों को नशे की लत से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
एम्स रायपुर की दवाओं का निरीक्षण
राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन और सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) की टीम ने एम्स रायपुर के सेंट्रल फार्मेसी स्टोर का संयुक्त निरीक्षण किया।

निरीक्षण में हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड, पुणे की कुछ दवाओं के विधिक सैंपल लिए गए। इन सैंपल्स को परीक्षण और विश्लेषण हेतु भेजा गया है ताकि दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित हो सके।

निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं पर रोकथाम के लिए प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो रहा है। एक ओर जहां अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर समाज को जागरूक कर नशामुक्त वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है।


डिप्टी कलेक्टर के ऊपर FIR, लगे गंभीर आरोप, जमानत याचिका खारिज

बीजापुर /बालोद:_प्रविष्टि तिथि : 02 सितम्बर 2025(खबर सूत्र)

बालोद जिले में पदस्थ महिला आरक्षक ने बीजापुर के डिप्टी कलेक्टर पर दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में जिला न्यायालय में डिप्टी कलेक्टर की जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए खारिज कर दिया।

कोर्ट में सुनवाई
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने दलील दी कि पीड़िता द्वारा झूठे मामले में फंसाने और ब्लैकमेलिंग की कोशिश की गई है। वहीं, पीड़िता ने अदालत के सामने अपनी आपबीती सुनाई और बैंक स्टेटमेंट समेत कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी की जमानत अर्जी नामंजूर कर दी।

पीड़िता की शिकायत में आरोप
वर्ष 2017 में दोनों की आईटीआई के दौरान मुलाकात हुई थी, जो आगे चलकर प्रेम संबंधों में बदल गई।
शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

2017 में पहली बार गर्भधारण होने पर आरोपी ने जबरन दवा खिलाकर गर्भपात कराया।पढ़ाई के दौरान पीड़िता ने आरोपी को आर्थिक सहयोग भी दिया।
2024 में आरोपी ने कार खरीदी और पीड़िता को अंडमान घुमाने ले गया, जहां भी शारीरिक संबंध बनाए।

2024 और 2025 में क्रमशः दूसरी और तीसरी बार गर्भपात कराया गया।शादी का झांसा देते हुए आरोपी ने पीड़िता से करीब ₹3.30 लाख रुपये भी ऐंठे।

शादी से इंकार और मामला दर्ज
आरोपी द्वारा शादी से इंकार करने और दूरी बनाने के बाद पीड़िता ने मानसिक व शारीरिक पीड़ा से व्यथित होकर डौंडी थाना में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया
बालोद एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपी एक शासकीय अधिकारी है और पिछले एक साल से महिला को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण कर रहा था। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पृष्ठभूमि
डिप्टी कलेक्टर डेढ़ साल तक बीजापुर के भोपालपटनम जनपद सीईओ के पद पर पदस्थ रहे हैं और उस दौरान वे कई कारणों से सुर्खियों में बने रहे थे।
👉 यह मामला प्रशासनिक सेवा से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोपों का है, इसलिए इसकी जांच और न्यायालयीन कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


“राष्ट्रीय महत्व की उपलब्धि” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मैसूर में AIISH के हीरक जयंती समारोह में की शिरकत

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प्रविष्टि तिथि: 02 सितंबर 2025, प्रातः 9:36 बजे | स्रोत: पीआईबी तिरुवनंतपुरम

मैसूर (कर्नाटक)। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को अखिल भारतीय वाणी एवं श्रवण संस्थान (AIISH), मैसूर के हीरक जयंती समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव और मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा तथा वाक् एवं श्रवण अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान के हीरक जयंती समारोह में शामिल होना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि संचार विकारों के निदान और उपचार में संस्थान का योगदान पूरे देश और समाज के लिए प्रेरणादायक है। राष्ट्रपति ने संस्थान से जुड़े सभी पूर्व निदेशकों, संकाय सदस्यों, प्रशासकों और छात्रों को उनकी निष्ठा और कार्यों के लिए बधाई दी।

AIISH की भूमिका और उपलब्धियां

1965 में स्थापित AIISH, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है। यह संस्थान वाक् एवं श्रवण विकारों के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास, नैदानिक सेवाओं, प्रशिक्षण, अनुसंधान, जन शिक्षा और पुनर्वास के लिए देश ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया का अग्रणी केंद्र माना जाता है।

संस्थान में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टोरल स्तर तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही रोगियों और उनके परिवारों को परामर्श एवं पुनर्वास सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। वर्तमान में AIISH को दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।
विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव वी. हेक्काली शिमोमी, भारत सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, संस्थान के संकाय सदस्य, शोधार्थी और छात्र भी मौजूद थे।


सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नौकरी और प्रमोशन बचाने के लिए अब TET पास करना अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को निर्देश दिया है कि अब टीचिंग सर्विस से जुड़े सभी शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET पास करना जरूरी होगा।

नई दिल्ली, 1 सितंबर 2025

सुप्रीम कोर्ट ने आज शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़े एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि अब टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना हर शिक्षक के लिए जरूरी होगा। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

🔹 किन शिक्षकों पर लागू होगा आदेश?
सेवानिवृत्ति तक केवल 5 साल सेवा शेष वाले शिक्षक अपनी नौकरी पर बने रहेंगे भले ही TET पास न किया हो।
लेकिन अगर प्रमोशन चाहते हैं, तो TET पास करना अनिवार्य होगा।जिनकी सेवा में 5 साल से अधिक बचे हैं उन्हें अगले दो साल में TET पास करना होगा।
ऐसा न करने पर उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट लेना होगा।
यदि पात्रता अनुसार सेवा अवधि पूरी हो चुकी है तो उन्हें टर्मिनल बेनिफिट्स भी मिलेंगे।

🔹 अल्पसंख्यक संस्थानों पर क्या असर?
सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल कि क्या TET अल्पसंख्यक (Minority) शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगा, अभी लंबित रखा है। यह मुद्दा मुख्य न्यायाधीश (CJI) के समक्ष बड़ी संवैधानिक पीठ को भेज दिया गया है।

🔹 फैसले की पृष्ठभूमि
शिक्षा का अधिकार (RTE Act, 2009) बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की गारंटी देता है।
कोर्ट का मानना है कि गुणवत्ता वाले शिक्षक ही शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठा सकते हैं।इसलिए न्यूनतम योग्यता के रूप में TET को अब अटल मानक घोषित कर दिया गया है।

🔹 असर और महत्व
यह फैसला देशभर के लाखों शिक्षकों पर सीधा असर डालेगा।
जो शिक्षक पहले से कार्यरत हैं, उन्हें अब स्पष्ट समयसीमा में योग्यता साबित करनी होगी।नए उम्मीदवारों और प्रमोशन चाहने वालों के लिए भी अब TET पास किए बिना कोई विकल्प नहीं बचा है।
शिक्षा के स्तर को मज़बूत करने की दिशा में यह कदम क्रांतिकारी माना जा रहा है।

गुम मोबाइल लौटे मालिकों के पास,पुलिस की बड़ी कामयाबी

CEIR पोर्टल से बेमेतरा पुलिस ने गुम मोबाइल लौटाए।मोबाइल मालिकों ने जताया पुलिस के प्रति आभार।

बेमेतरा, 01 सितंबर 2025।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन और थाना नवागढ़ पुलिस की तत्परता से गुम हुए मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए। CEIR पोर्टल (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से चलाए गए अभियान में 10 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.90 लाख रुपये है।मोबाइल वापसी कार्यक्रम के दौरान स्वामियों के चेहरों पर मुस्कान और संतोष साफ झलक रहा था। लोगों ने पुलिस के इस प्रयास की खुलकर सराहना की और आभार व्यक्त किया।

कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग (भा.पु.से.) और एसएसपी बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन में अभियान चलाया गया।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा मनोज तिर्की एवं डीएसपी राजेश कुमार झा के मार्गदर्शन में शिकायतों का विश्लेषण किया गया।
CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और गुम मोबाइल रिपोर्ट के आधार पर खोजबीन कर थाना नवागढ़ क्षेत्र से मोबाइल बरामद किए गए।

मोबाइल वापसी की प्रक्रिया
थाना प्रभारी नवागढ़ उप निरीक्षक अलील चंद और उनकी टीम ने सत्यापन उपरांत मोबाइल संबंधित प्रार्थियों को सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत नजदीकी थाना, साइबर सेल या CEIR पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर अवश्य दर्ज करें, ताकि शीघ्र बरामदगी संभव हो।

नागरिकों का आभार
मोबाइल मालिकों ने बताया कि उन्होंने अपने फोन वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। ऐसे में पुलिस की पहल से मोबाइल लौटने पर वे बेहद खुश हैं।

टीम की सराहनीय भूमिका
अभियान में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी अलील चंद सहित सायबर सेल व थाना नवागढ़ की पूरी टीम – मोहित चेलक, लोकेश सिंह, अजय बंजारे, गोपाल ध्रुव, अशोक तिर्की, राज आडिल, ओंकार निर्मलकर, राजेंद्र साहू, राहुल दुबे, विजय लहरें, रवि चंद्रवंश, कैलाश पाटिल, विनोद सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा।

बलरामपुर-रामानुजगंज में अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई, 14 ट्रैक्टर जब्त

एनजीटी आदेश उल्लंघन पर प्रशासन सख्त, 100 से अधिक श्रमिक हटाए गए

मुख्य खबर (Body Text):
रायपुर,01/09/2025।(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

मुख्य बिंदु (Highlights/बुलेट्स):
गलफुल्ला नदी से हो रहा था अवैध रेत उत्खनन
राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई
14 ट्रैक्टर जब्त कर डीपाडीह पुलिस चौकी में रखा गया
100 से अधिक श्रमिक मौके से हटाए गए
15 जून से 15 अक्टूबर तक रेत खनन पूर्णतः प्रतिबंधित

अवैध रेत उत्खनन पर रोकथाम के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। इसी कड़ी में बलरामपुर-रामनुजगंज जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के डीपाडीह कला क्षेत्र में गलफुल्ला नदी से हो रहे अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई की गई।

सूचना मिलने पर राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, जहाँ 14 ट्रैक्टर रेत से भरे मिले और करीब 100 से अधिक श्रमिक उत्खनन में लगे हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। थाना प्रभारी ने संयम बरतते हुए श्रमिकों की भीड़ को शांतिपूर्वक हटाया और फिर नायब तहसीलदार की मौजूदगी में सभी ट्रैक्टर जब्त कर पुलिस चौकी डीपाडीह में जमा किए गए।

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कुसमी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के संयुक्त प्रयास से जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के आदेशानुसार 15 जून से 15 अक्टूबर 2025 तक नदियों से रेत खनन पूर्णतः प्रतिबंधित है। इस अवधि में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।

गैस कालाबाजारी पर, बलौदाबाजार खाद्य विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

माँ महामाया एचपी गैस एजेंसी से 6.33 लाख रुपये मूल्य के अवैध सिलेंडर जब्त

रायपुर, 31 अगस्त 2025।(छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

जिले में घरेलू गैस सिलेण्डरों की कालाबाजारी और वितरण में गड़बड़ी की लगातार मिल रही शिकायतों पर खाद्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देश पर गठित टीम ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के माँ महामाया एचपी गैस एजेंसी, करमदा में छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान एजेंसी परिसर में अवैध रूप से संग्रहित 233 गैस सिलेण्डर मिले, जिनकी कुल कीमत लगभग 6,33,536 रुपये आँकी गई।

एजेंसी संचालक और प्रबंधक पर कार्रवाई
खाद्य विभाग ने बताया कि एजेंसी संचालक सुनीता अग्रवाल और प्रबंधक तामेश वर्मा के विरुद्ध द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के तहत कार्यवाही की जा रही है। दोनों को नोटिस जारी किया जाएगा।

छापेमारी दल
जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा के मार्गदर्शन और सहायक खाद्य अधिकारी विजय कुमार किरण के नेतृत्व में यह छापेमारी की गई। टीम में लक्ष्मण कश्यप, खाद्य निरीक्षक कमलनारायण साहू और शीतलेश यादव शामिल रहे।

आगे भी सख्ती जारी रहेगी
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेण्डर का अवैध भण्डारण और कालाबाजारी करने वालों पर आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि जनता को किसी भी स्थिति में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।