डिजिटल डेस्क:07/03/2026
नेपाल में हुए संसदीय चुनावों में पूर्व रैपर और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है। अभी तक के रुझानों में RSP 96 सीटों पर आगे चल रही है, जो नेपाल की पुरानी और स्थापित पार्टियों के लिए बड़ा झटका है।
खबर सूत्रों की माने तो सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बालेन शाह खुद पूर्वी नेपाल के झापा में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हजारों वोटों से पीछे छोड़ चुके हैं। अगर मौजूदा रुझान नतीजों में बदलते हैं तो बालेन शाह नेपाल के नए प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
इस जीत के पीछे सबसे बड़ा कारण है Gen-Z युवाओं का समर्थन। पिछले साल नेपाल में युवाओं ने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किए थे, जिसने ओली सरकार को गिरा दिया था। उन्हीं प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव हुआ है। बालेन शाह ने युवाओं की नब्ज पकड़ी, सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल किया और भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति का वादा किया।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं जिनमें 165 सीटें सीधे चुनाव से और 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व से भरी जाती हैं। वोटों की गिनती अभी जारी है।
यह नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।विश्लेषकों का मानना है कि बालेन शाह की लोकप्रियता के पीछे उनका काठमांडू के मेयर के रूप में काम और युवाओं के साथ सीधा संवाद बड़ी वजह है।इस नतीजे ने नेपाल की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है कि जनता खासकर युवा मतदाता अब पारंपरिक नेताओं से आगे बढ़कर नए चेहरों को मौका दे रहे हैं।
कुछ पुराने दिग्गज नेताओं ने भी अपनी सीटें बचाई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने रुकुम ईस्ट सीट से लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की है, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ अभी भी बरकरार मानी जा रही है।


